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'मां नहीं आएगी तब तक खाना नहीं खाऊंगी':नवजात भाई लगातार रो रहा; पिता बोले- पत्नी की हॉस्पिटल की लापरवाही से मौत, कहां से लाऊं

भीलवाड़ा शहर का मंगलपुरा इलाका। यहां रहने वाले मनीष के घर के बाहर तक रोने की आवाज आ रही हैं। आवाज दो मासूमों की है। एक ही उनकी चार साल की बेटी और दूसरा है हफ्तेभर पहले जन्म उनका बेटा। मनीष बताते हैं.. दोनों ही बच्चे कुछ नहीं खा रहे और लगातार रोए जा रहे हैं, उनकी आंखें सूज गई हैं, लेकिन रोना बंद नहीं हो रहा है। दोनों केवल अपनी मां की गोद में जाना चाहते हैं। लेकिन मनीष की पत्नी ईशा की सिजेरियन डिलीवरी के तीन दिन बाद (8 जुलाई) भीलवाड़ा के सरकारी हॉस्पिटल में मौत हो चुकी है। ये हालात केवल मनीष के घर के ही नहीं हैं, ऐसे चार और नवजात हैं, जिन्होंने आंखें खोली तो मां का साथ छूट गया। इन बच्चों के परिवारों का आरोप है भीलवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी हॉस्पिटल की लापरवाही से कारण ये मौतें हुई हैं। सबसे पहले देखिए ये 2 तस्वीरें… बेटी की जिद…पिता लाचार महसूस कर रहे ईशा की 4 साल की बेटी ने रो-रो कर आंखें सुजा ली हैं। कहती है- मां नहीं आएगी तो खाना नहीं खाऊंगी। बेटी की जिद के आगे पिता खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। मनीष नम आंखों से कहते हैं कि बेटी को कैसे समझाऊं, मासूम बेटे के लिए क्या करूं की कि वो चुप हो जाए, कुछ समझ नहीं आ रहा। क्रिटिकल कंडीशन में हमने ईशा को बचाने को कहा था मनीष ने बताया- मंगलपुरा से 5 जुलाई को हमने ईशा को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने बोला था कि ईशा की सिजेरियन डिलीवरी होगी। इसकी कंडीशन थोड़ी क्रिटिकल है। कोशिश मां और बच्चे दोनों को बचाने की रहेगी। डिलीवरी के समय परिस्थिति बिगड़ी तो हमने ईशा को बचाने के लिए सहमति दे दी थी। ऑपरेशन के बाद मां और बेटा दोनों स्वस्थ थे। अगले ही दिन 6 जुलाई की शाम से ईशा की तबीयत बिगड़ने लगी। 7 जुलाई को उसकी हालत और बिगड़ गई और 8 जुलाई को शाम करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। मनीष का आरोप है कि- 2 दिन ईशा ने जिंदगी की जंग लड़ी। अगर हॉस्पिटल में डॉक्टर सही से उसका इलाज करते है, जल्दी-जल्दी आते तो ईशा सकती थी। डॉक्टर-स्टाफ ने की लापरवाही- मनीष मनीष ने आरोप लगाया कि 6 से 8 जुलाई तक ईशा को जब सबसे ज्यादा डॉक्टरी देखभाल की जरूरत थी। उस समय हॉस्पिटल में किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। हमने स्टाफ से काफी मिन्नतें की। कहा- उसका ध्यान रखें, उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही है। उसकी बॉडी में लगातार कई चेंज हो रहे थे लेकिन, डॉक्टर्स को पता ही नहीं लग सका कि, उसे क्या हुआ? पिता बोले- मेरी एडवाइजर थी ईशा ईशा के पिता रामेश्वर पांडे कहते हैं- न मेरे भाई है, न मेरे बेटा है। मैंने अपनी दोनों बेटियों को बेटा समझ कर पाला-पोसा और बड़ा किया। ईशा और नेहा दोनों बहनें आपस में एक साथ रहें। इसलिए मैंने इनकी मंगलपुरा में एक ही परिवार के 2 भाइयों से शादी की। मेरी बड़ी बेटी ईशा मेरी एडवाइजर भी थी, हर सुख में दुख में वो मुझे समझती थी। घर परिवार में कोई भी समस्या होती थी तो मैं उसी से पूछ कर उस काम को करता था। अब इस पड़ाव में बेटी को खोना एक बाप से पूछो कि उसके दिल पर क्या बीतती होगी। छोटी बहन बोली- बेटे को लेकर ईशा की बहुत प्लानिंग थी ईशा की छोटी बहन नेहा की शादी भी इसी घर में मनीष के छोटे भाई से हुई है। नेहा कहती हैं- मेरी बहन मेरी दोस्त से बढ़कर थी, बचपन से हम लोग साथ में रहे एक दूसरे के सुख-दुख को बांटे। बाद में भी हम लोग अलग न हो इसीलिए पापा ने एक ही परिवार में हमारी शादी की। ईशा मेरी बड़ी बहन भी थी ईशा मेरी जेठानी भी थी और मेरी सबसे अच्छी दोस्त भी थी। 6 जुलाई को जब उसको बेटा हुआ तो वो काफी खुश थी। बच्चे के जन्म को लेकर कई प्रोग्राम करने की प्लानिंग उसके दिमाग में थी। 1 अगस्त को ईशा का बर्थडे नेहा ने कहा- 1 अगस्त को उसका बर्थडे था तो उसने सोचा था उसी दिन पूरे परिवार को बुलाकर अपने बेटे का नामकरण संस्कार करूंगी। लेकिन, डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मेरी बहन की मौत हो गई। जब उसकी तबीयत बिगड़ रही थी तो हमने डॉक्टर को कई बार रिक्वेस्ट करते हुए कहा था कि उसका ध्यान रखें। अगर उसे कहीं बाहर ले जाना हो तो हम उसे बाहर ले जाएं, लेकिन किसी ने उसका ध्यान नहीं रखा। एक स्त्री रोग, 4 प्रसूताओं की मौत अस्पताल की ओर से जारी प्रारंभिक जांच में सामने आया है फेरी देवी स्त्री रोग मरीज थीं गर्भवती नहीं थीं। 30 जून को भर्ती हुई थीं, ऑपरेशन 1 जुलाई को हुआ। 7 जुलाई को उनकी मौत हो गई। मौत का कारण मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक) माना गया। शिमला गुर्जर प्रसूता थीं और 5 जुलाई को भर्ती हुई थी। उनका ऑपरेशन नहीं हुआ। 7 जुलाई को मौत हो गई। यह रेफर केस था। इसमें गंभीर एनीमिया समेत अन्य रोगों को मौत का कारण बताया है। ईशा पांडे भी प्रसूता थी, 5 जुलाई को उन्हें अस्पताल लाया गया था। 6 जुलाई को ऑपरेशन हुआ। 8 जुलाई को मौत हो गई। अस्पताल ने मौत का कारण पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म बताया है। दिव्या सेन भी प्रसूता के रूप में 7 जुलाई को अस्पताल में भर्ती हुई थी। ऑपरेशन भी 7 जुलाई को ही हुआ। उनकी मौत 2 दिन बाद 9 जुलाई को हुई। यह एक रेफर केस था। मौत का कारण है ब्लड प्रेशर और अन्य कारण माने गए हैं। संगीता जीनगर भी प्रेगनेंसी में अस्पताल में 9 जुलाई को भर्ती हुई थीं। 9 जुलाई को ही ऑपरेशन हुआ और अगले दिन 10 जुलाई को मौत हुई। हैवी ब्लीडिंग को मौत का कारण माना है। …. ये खबर भी पढ़िए… मां दुनिया में नहीं, बकरी का दूध पी रहा नवजात:परिजन बोले- वह दर्द से तड़प रही थी, नॉर्मल डिलीवरी करवाना चाहते थे डॉक्टर बांसवाड़ा में 4 प्रसूताओं की मौत के बाद राज्य सरकार से आई टीम अस्पताल में जांच में जुटी है। 3 प्रसूताओं के परिजन उन्हें ले गए। पूरी खबर पढ़े… डॉक्टर बोले- प्रसूताएं सीरियस थीं,एक को हार्टअटैक आया:परिजनों का आरोप- पोस्टमॉर्टम किए बिना शव सौंपा, खून चढ़ाया ही नहीं भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) में 6 दिन में 5 और बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में 4 दिन में 4 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन सभी प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…

उदयपुर में 99 सेंटर्स सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती एग्जाम:पहली पारी में जीके और दूसरी पारी सोशल साइंस का पेपर, 17 जुलाई तक होंगे एग्जाम

आरपीएससी की सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती एग्जाम आज से शुरू हो गए। रविवार को पहले दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक पेपर चल रहा है। पहली पारी के एग्जाम के लिए सुबह 9 बजे तक अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। एडमिट कार्ड और मूल आधार कार्ड से मेचिंग के बाद मेटल डिटेक्टर से भी जांच हुई। इसके बाद अभ्यर्थी को अंदर जाने दिया गया। पहली पारी में सामान्य ज्ञान (जीके ग्रुप ए) का पेपर चल रहा है। सुबह 9 बजे सभी सेंटर्स पर कड़ी सुरक्षा के बीच पेपर पहुंचे। रविवार को दूसरी पारी का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। दूसरा पेपर सोशल साइंस का है। दोनों पारियों के लिए 21,504 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। इसके लिए उदयपुर में कुल 99 निजी और सरकारी स्कूल में सेंटर्स बनाए गए है। 6 दिन यानि 17 जुलाई तक रोजाना 2 पारियों में यह एग्जाम होंगे। पूरी परीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों के एग्जाम सोमवार को है। जब जीके ग्रुप-बी और हिंदी विषय की परीक्षा में रिकॉर्ड 29,488 अभ्यर्थी बैठेंगे। परीक्षा के लिए शहर में कुल 99 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 43 सरकारी और 56 निजी विद्यालय शामिल हैं। उड़नदस्तों की निगरानी के लिए 17 सतर्कता दल और 33 उपसमन्वयक तैनात किए गए हैं। एग्जाम को लेकर आयोग की ओर से सख्त नियम लागू किए गए हैं। सेंटर्स पर पर वैध एडमिट कार्ड और ओरिजनल आईडी लाना अनिवार्य किया गया है, जिसके बिना एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही केंद्र के भीतर मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह बैन है। हर सेंटर्स पर परीक्षा कक्ष में केवल 24 अभ्यर्थियों के बैठने की क्षमता तय की गई है, जहां दो वीक्षकों की तैनाती रहेगी।
6 दिनों तक रोजाना सुबह 10 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक एग्जाम होंगे। 13 जुलाई को सामान्य ज्ञान ग्रुप बी और हिंदी विषय की परीक्षा होगी, जिसमें सबसे अधिक 29,488 अभ्यर्थी बैठेंगे। 14 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामान्य ज्ञान ग्रुप सी तथा विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान के लिए 29,376 और विज्ञान के लिए 19,488 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। 15 जुलाई को केवल सुबह की पारी में 10 से दोपहर 12:30 बजे तक संस्कृत विषय की परीक्षा होगी, जिसमें 9,912 परीक्षार्थी भाग लेंगे। 16 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामान्य ज्ञान ग्रुप डी तथा गणित विषय की परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान के लिए 10,608 और गणित के लिए 5,232 अभ्यर्थी बैठेंगे। परीक्षा के अंतिम दिन 17 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक अंग्रेजी और दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक उर्दू विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें अंग्रेजी विषय के लिए 5,160 और उर्दू के लिए 216 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा: महिला कैंडिडेट्स की चेन-चूड़ी-बिछिया तक उतरवाई:लास्ट मिनट पर भागते नजर आए अभ्यर्थी, 1 घंटे पहले बंद हुए गेट

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा कोटा के 67 केंद्रों पर हो रही है। 9 बजे गेट बंद कर दिए गए। इस दौरान 2 अभ्यर्थियों ने लास्ट मिनट पर भागकर एंट्री ली। वहीं 3 लेयर जांच के बाद ही कैंडिडेट्स को प्रवेश दिया गया। उद्योग नगर थाने के एएसआई गिर्राज मीणा ने बताया कि हर अभ्यर्थी की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी धातु की वस्तु, गले में पहनी चेन, हाथों के कड़े, चूड़ियां, बिछिया और मेटल वाले सामान को बाहर ही उतरवाया गया। जींस के बड़े मेटल बटन जैसी वस्तुओं पर भी विशेष निगरानी रखी गई। पूरी प्रक्रिया के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया और सुबह 10 बजे निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले जिला कलेक्ट्रेट से पुलिस सुरक्षा के बीच प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। उद्योग नगर स्थित इंदिरा गांधी क्षेत्र के परीक्षा केंद्र पर सुबह 9 बजे निर्धारित समय पर मुख्य गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने से ठीक पहले स्कूल स्टाफ ने आवाज लगाकर बाहर मौजूद अभ्यर्थियों को बुलाया। इसी दौरान दो अभ्यर्थी दौड़ते हुए पहुंचे और समय रहते प्रवेश मिला। सबसे पहले पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन जांच की। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र सहित सभी दस्तावेजों का वैरिफिकेशन किया। जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। कोटा में 67 परीक्षा केंद्रों में 41 सरकारी और 26 निजी विद्यालय शामिल हैं। परीक्षा दो पारियों में हो रही है। पहली पारी सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान (ग्रुप-ए) और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामाजिक विज्ञान विषय की रही। दोनों पारियों में कुल 36 हजार 336 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

पेड़ से लटका मिला युवक का शव:एक दिन पहले ही निकला था घर से, मौत के कारणों की जांच जारी

झुंझुनूं के सदर थाना क्षेत्र के भूरासर गांव में रविवार सुबह एक युवक का शव जोहड़ के पास एक जाल के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान 20 साल के राजकुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शनिवार से घर से निकला हुआ था युवक मृतक के भाई सुनील ने बताया कि राजकुमार शनिवार को घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। रविवार सुबह करीब 6 बजे उसकी मां और भाई सुनील उसे ढूंढते हुए गांव के जोहड़ की तरफ पहुंचे। मां और भाई ने देखा शव परिजनों ने जोहड़ के पास जाल के पेड़ पर राजकुमार का शव फंदे से लटका देखा। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उनके शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। मजदूरी करता था राजकुमार परिजनों के अनुसार राजकुमार मजदूरी का काम करता था और स्वभाव से शांत था। परिवार ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी, जिसको लेकर घर के लोग चिंतित रहते थे। राजकुमार पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता महेंद्र भी मजदूरी करते हैं। पुलिस ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का जायजा लेकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को नीचे उतरवाकर बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मौत के कारणों की जांच जारी सदर थाना पुलिस के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। मामले की जांच की जा रही है।

राजस्थान का पहला हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर अब नहीं कर सकेगा प्रैक्टिस:चलती गाड़ी मे भी कर देता था भ्रूण-लिंग जांच, 5 बार गिरफ्तार भी हुआ

भ्रूण-लिंग जांच के मामले में कई बार पकड़ा जा चुका डॉक्टर मोहम्मद इम्तियाज अब राजस्थान में प्रैक्टिस नहीं कर पाएगा। राजस्थान मेडिकल कौंसिल ने उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। पीसीपीएनडीटी सेल ने 5 बार इम्तियाज को गिरफ्तार किया था। पकड़े जाने के बावजूद भी वह अवैध भ्रूण लिंग जांच का गिरोह चलाता रहा। करीब 7 साल पहले जोधपुर पुलिस ने इम्तियाज को हिस्ट्रीशीटर घोषित किया था। डॉक्टर की हिस्ट्रीशीट खोलने का ये पहला मामला था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… घर में कर रहा था जांच: डॉ. मोहम्मद इम्तियाज पहली बार साल अक्टूबर 2016 में अवैध भ्रूण-लिंग जांच करते हुए पकड़ा गया था। उस समय वह बालेसर (जोधपुर) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का प्रभारी था। डॉ. इम्तियाज को अपने साथी भैरोंसिंह के घर जांच करते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में वो जेल में भी रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2016 को सस्पेंड कर दिया गया था। साथियों के साथ फिर गिरफ्तार: सात महीने बाद फिर से इस धंधे में शामिल हो गया। मई 2017 में डॉ. इम्तियाजअपने दलाल साथियों के जरिए भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा गया। इस मामले में भी उसे गिरफ्तार किया था। चलती गाड़ी में कर रहा था टेस्ट: जनवरी 2018 में सेल को सूचना मिली थी कि झुंझुनूं की गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। टीम ने गर्भवती डिकॉय महिला व सहयोगी को भेजा। जोधपुर पहुंचने पर टीम और डिकाय गर्भवती महिला स्टेशन पहुंचे तो दलाल अपनी गाड़ी में बैठाकर गर्भवती को ले गया। चलती गाड़ी में उसकी जांच की गई। इसके बाद सेल की टीम ने डॉ.इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास पोर्टेबल मशीन और 15 हजार रुपए भी मिले। दलाल साथी के साथ जांच करते पकड़ा: आरोपी एक बार फिर 9 सितंबर, 2018 को पीसीपीएनडीटी सेल ने डिकॉय ऑपरेशन करते हुए पकड़ा गया। डॉ.इम्तियाज अपने दलाल साथी के साथ एक मकान में गर्भवती का अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा। इसके बाद साल 2022 में भी डॉ. इम्तियाज के खिलाफ एक और मामला सामने आया था। इस तरह कैंसिल हुआ रजिस्ट्रेशन राजस्थान मेडिकल कौंसिल की 136वीं जनरल बॉडी मीटिंग में 30 जून को डॉ.मोहम्मद इम्तियाज का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया गया है। मानवाधिकार आयोग, नेशनल मेडिकल कमीशन और पीसीपीएनडीटी सेल द्वारा मिली शिकायतों के आधार पर ये कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पीनल एंड एथिकल कमेटी में हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर्स की कमेटी होती है। कमेटी वादी और परिवादी दोनों पक्षों को सुनने के साथ ही गवाह-सबूत की जानकारी लेने के बाद निर्णय लेती है। पीएनएल एथिकल कमेटी की अनुशंसा पर जनरल बॉडी निर्णय लेती है। उन्होंने बताया कि अब डॉ.मोहम्मद इम्तियाज राजस्थान में प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। पहली बार खोली गई थी हिस्ट्रीशीट लगातार भ्रूण लिंग जांच को लेकर कुख्यात हो चुके डॉ. इम्तियाज को जोधपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर भी घोषित कर दिया था। चार मामले दर्ज होने के बावजूद वो अवैध भ्रूण-लिंग जांच में शामिल रहा। ऐसे मामलों को देखते हुए 7 साल पहले जोधपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया था।

30 सेकंड में बाइक चुरा कर ले गए बदमाश,VIDEO:लॉक तोड़ा, साथी को बिठाकर फरार हो गए; पुलिस पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप

कोटा शहर में बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र की मस्जिद गली का है, जहां शनिवार सुबह महज 30 सेकंड में घर के बाहर खड़ी बाइक चोरी हो गई। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें एक युवक बाइक का लॉक तोड़कर फरार होता दिखाई दे रहा है। कुछ दूरी पर उसका साथी पहले से मौजूद था, जिसे बाइक पर बैठाकर दोनों मौके से निकल गए। बाइक मालिक प्रमोद चौरसिया ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे वह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने बाइक घर के बाहर खड़ी करके वह कुछ देर के लिए ऊपर अपने मकान पर चले गए। उनके मकान के नीचे दुकान और ऊपर निवास है। इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और कुछ ही सेकंड में बाइक का लॉक तोड़कर चोरी कर ली। पीड़ित का आरोप है कि चोरी की जानकारी मिलने पर वह भीमगंजमंडी थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत तुरंत दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाई और तीन दिन बाद शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। इससे पीड़ित परिवार में नाराजगी है।

ट्रांसफर बेन के बाद शिक्षा विभाग में 2 हजार तबादले:10 जुलाई तक ई-हस्ताक्षर से जारी हुई लिस्ट, अब डायरेक्टर ने हाथ से किए हस्ताक्षर

राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई से तबादलों पर रोक लगाने के बावजूद शिक्षा विभाग में इसके बाद भी ट्रांसफर का दौर जारी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 1 हजार 987 प्रिंसिपल, लेक्चरर, ग्रेड सेकंड टीचर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के तबादलों की नई सूची जारी की है। खास बात यह है कि 10 जुलाई तक जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-हस्ताक्षर थे, जबकि रविवार को सामने आई सूची में उनके हाथ से किए गए हस्ताक्षर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी शिक्षा विभाग में तबादले जारी रह सकते हैं। 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के हुए ट्रांसफर शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई ट्रांसफर सूची में 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों और अधिकारियों के करीब डेढ़ हजार ट्रांसफर भी किए गए हैं। बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी हुए तबादले नई सूची में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी बड़ी संख्या में तबादले किए गए हैं। एक ही सूची में लाइब्रेरियन और बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के 278 ट्रांसफर शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों की अलग-अलग सूचियों में 408 और 237 ट्रांसफर किए गए हैं। पहले जारी तबादलों में भी किया बदलाव शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई से पहले जिन प्रिंसिपल और लेक्चरर के ट्रांसफर किए थे, उनमें भी बदलाव किया है। सात प्रिंसिपल से जुड़ी नई सूची जारी की गई है। इसमें छह प्रिंसिपल का तबादला किया गया है, जबकि एक प्रिंसिपल के मामले में केवल स्कूल बदला गया है। आने वाले दिनों में और सूची आने की संभावना माना जा रहा है कि आने वाले समय में भी 10 जुलाई की तारीख वाले आदेश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे आदेश भी हाथ से हस्ताक्षर करके जारी किए जाने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद इन सूचियों के जारी होने की चर्चा भी चल रही है।

हाईकोर्ट ने 2015 भर्ती के लेक्चरर्स की पुरानी-लिस्ट रद्द की:पुरानी लिस्ट से बने उप प्रिंसिपल भी हटेंगे, 4 महीने में नई सूची बनाने के आदेश

राज्य के सबसे बड़े शिक्षा विभाग में 2015 की स्कूल व्याख्याता भर्ती से जुड़े लंबे समय से चल रहे वरिष्ठता विवाद पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति इन्द्रजीत सिंह और रवि चिरानिया की खंडपीठ ने 8 जुलाई को सुनाए फैसले में राज्य सरकार की ओर से 21 नवंबर 2022 को जारी अंतर वरिष्ठता (इंटर-से सीनियरिटी) सूची को अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया है। इसी सूची के आधार पर हुई उप प्रिंसिपल पद की पदोन्नतियां भी रद्द कर दी गई हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार माह के भीतर नई वरिष्ठता सूची तैयार कर 2021 सेवा नियमों के तहत पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का असर टोंक समेत प्रदेशभर के सैकड़ों व्याख्याताओं पर पड़ेगा। संयुक्त मेरिट के आधार पर बनेगी नई सूची अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि 2015 भर्ती के सभी चयनित अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट के आधार पर नई वरिष्ठता सूची तैयार की जाए। इसके बाद 2021 सेवा नियमों के अनुसार उप प्रिंसिपल सहित उच्च पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया फिर से पूरी की जाए। मेरिट ही होगी वरिष्ठता का आधार हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि एक ही विज्ञापन और एक ही चयन प्रक्रिया से चयनित अभ्यर्थियों की वरिष्ठता केवल मेरिट के आधार पर तय होगी। परिणाम घोषित होने या नियुक्ति आदेश अलग-अलग तारीखों पर जारी होने का असर वरिष्ठता पर नहीं पड़ सकता। खंडपीठ ने कहा कि प्रशासनिक सुविधा के नाम पर कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को ज्यादा मेरिट वाले अभ्यर्थियों से वरिष्ठ बनाना संविधान के समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है। हाईकोर्ट के फैसले की प्रमुख बातें 21 नवंबर 2022 को जारी अंतर वरिष्ठता सूची को निरस्त कर दिया गया है। इसी सूची के आधार पर हुई उप प्रिंसिपल पदोन्नतियां भी रद्द कर दी गई हैं। वर्ष 2015 भर्ती के सभी चयनित अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट के आधार पर नई वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। 2021 सेवा नियमों के तहत उप प्रिंसिपल और अन्य उच्च पदों पर नई पदोन्नति की जाएगी। पूरी प्रक्रिया चार माह में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 2018 भर्ती का भी दिया हवाला अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राज्य सरकार भविष्य में चयन सूची और नियुक्तियां “वन गो” में जारी करने की नीति अपना चुकी है, ताकि वरिष्ठता विवाद पैदा नहीं हों। जब 2018 की भर्ती में यही व्यवस्था लागू की गई थी तो 2015 भर्ती में अलग व्यवस्था अपनाने का कोई औचित्य नहीं था। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर प्रदेशभर में बड़ी संख्या में 2015 भर्ती के व्याख्याताओं और इसी वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नत हुए उप प्रिंसिपलों पर पड़ेगा। अब शिक्षा विभाग को वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से करनी होगी। रेसटा प्रदेशाध्यक्ष ने जांच की मांग उठाई शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि शिक्षा विभाग को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ के फैसले की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2012-13 की वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदों की पदोन्नति के लिए बनाई गई वरिष्ठता सूची की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्र 2011-12 और 2013-14 से 2025-26 तक की वरिष्ठता सूची में मेरिट तय करने के लिए एक नियम अपनाया गया, जबकि सत्र 2012-13 की वरिष्ठता सूची में अलग नियम लागू किया गया था।

देर रात ट्रेन की चपेट में आए तीन ऊंट, मौत:ट्रेक पार करते समय हुआ हादसा; सूर्यनगरी 40 मिनट और वंदे भारत एक घंटे लेट रही

पाली जिले के बोमादड़ा के निकट शनिवार रात सूर्यनगरी ट्रेन की चपेट में आने से तीन ऊंटों की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते रेलवे ट्रेक कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रेक को क्लीयर कराया, जिसके बाद ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया गया। इस दौरान सूर्यनगरी और वंदे भारत ट्रेन देरी से चली, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेक पार करते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार पाली जिले के बोमादड़ा और राजकियावास रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार रात रेलवे ट्रेक पार कर रहे तीन ऊंट सूर्यनगरी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि तीनों ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई। आरपीएफ ने ट्रेक कराया क्लीयर घटना की सूचना मिलने पर आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। टीम ने मृत ऊंटों को ट्रेक से हटाकर रेलवे लाइन को क्लीयर कराया। इसके बाद सूर्यनगरी ट्रेन और वंदे भारत ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। दोनों ट्रेनें देरी से पहुंचीं हादसे के कारण सूर्यनगरी ट्रेन करीब 40 मिनट देरी से चली, जबकि वंदे भारत ट्रेन करीब एक घंटे लेट हो गई। वंदे भारत ट्रेन का पाली रेलवे स्टेशन पहुंचने का निर्धारित समय रात 9:29 बजे था, लेकिन ट्रेन रात करीब 10:30 बजे पाली पहुंची। ट्रेनें देरी से चलने के कारण यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।

सवाई माधोपुर में 13 सीआई और 13 एसआई के तबादले:सुशीला मीणा बने गंगापुर सिटी के थानाधिकारी, रुक्मणी गुर्जर को महिला थाना में लगाया

सवाई माधोपुर जिले में शनिवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। जिले के थानाधिकारियों और चौकी प्रभारियों के तबादले कर दिए गए हैं। जारी लिस्ट में 13 सीआई और 13 एसआई को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस संबंध में एसपी ज्येष्ठा मैत्रयी ने आदेश जारी किए हैं। तबादलों के बाद जिले के कई थानों और चौकियों में नए अधिकारी कार्यभार संभालेंगे। 13 सीआई को मिली नई जिम्मेदारी जारी आदेश के अनुसार मांगेलाल को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद मलारना डूंगर थानाधिकारी लगाया गया है। सुशीला मीणा को मित्रपुरा थानाधिकारी से सदर गंगापुर सिटी थानाधिकारी बनाया गया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट की प्रभारी रुक्मणी गुर्जर को महिला थाना सवाई माधोपुर की जिम्मेदारी दी गई है। भोजाराम जाट को महिला थाना से बाटोदा थानाधिकारी लगाया गया है। बाटोदा थानाधिकारी जगदीश चंद्र को साइबर थाना भेजा गया है। अजीत कुमार को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद चौथ का बरवाड़ा थानाधिकारी लगाया गया है। रवांजना डूंगर थानाधिकारी दिलीप वर्मा को कुण्डेरा थानाधिकारी बनाया गया है। हरिमन मीणा को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद बामनवास थानाधिकारी लगाया गया है। बी कलां थानाधिकारी मदरूप राम को उदेई मोड थानाधिकारी बनाया गया है। बामनवास थानाधिकारी कैलाश चंद शर्मा को मित्रपुरा थानाधिकारी लगाया गया है। सूरवाल थानाधिकारी बनी सिंह को बी कलां की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुसुमलता मीणा को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद अपराध सहायक लगाया गया है। वहीं वजीरपुर थानाधिकारी राजवीर मीणा को पुलिस लाइन भेजा गया है। 13 एसआई भी इधर से उधर किए गए तबादला सूची में एसआई श्याम सुंदर को रवांजना डूंगर के साथ डीएसटी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। मुंशीलाल मीणा को पुलिस लाइन से सूरवाल थानाधिकारी लगाया गया है। राजवीर सिंह को वजीरपुर थानाधिकारी और सीताराम मीणा को पीलोदा थानाधिकारी बनाया गया है। भागवत सिंह को शिवाड़ चौकी प्रभारी और भीम सिंह को गणेशधाम चौकी प्रभारी लगाया गया है। ओमप्रकाश और रणधीर सिंह को खिरनी चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। राजेंद्र गिरी को पुलिस लाइन में आरआई (संचित निरीक्षक) लगाया गया है। ओमप्रकाश गंगासहाय को भाडौती चौकी प्रभारी बनाया गया है। सुमेर सिंह को यातायात शाखा प्रभारी सवाई माधोपुर और मानसिंह को यातायात शाखा प्रभारी गंगापुर सिटी लगाया गया है। टीनू सोगरवाल को एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट और कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। वहीं रमेश चंद को एसपी कार्यालय में डीएसबी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।