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लेक्रोज खिलाड़ियों से मिले केंद्रीय जनजाति मंत्री:उदयपुर दौरे पर आए दुर्गादास; इराक में चोट लगने पर भी जीता था स्वर्ण पदक

केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री दुर्गादास उइके सोमवार को उदयपुर दौरे पर रहे। उन्होंने लेक्रोज के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और राष्ट्रीय प्रशिक्षक नीरज बत्रा से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा- इराक के खिलाफ मुकाबले के दौरान चेहरे पर गंभीर चोट लगने और 9 टांके आने के बावजूद मोहनलाल ने हार नहीं मानी। चिकित्सकीय जोखिम के बावजूद उन्होंने पाकिस्तान के विरुद्ध महत्वपूर्ण मुकाबले में मैदान पर उतरकर साहस का परिचय दिया। साथ ही सर्वाधिक गोल कर भारत की ऐतिहासिक जीत का मार्ग दिखाया। इन्होंने भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा- राजस्थान आज भारत में लेक्रोज का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। विशेष रूप से उदयपुर के जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा- राज्य सरकार जल्द ही लेक्रोज को खेल नीति में शामिल कर खिलाड़ियों को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का काम करेगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने खिलाड़ियों को लक्ष्य ओलंपिक की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा- केंद्र सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़ और पुष्कर तेली ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उदयपुर में धंसी सड़क, गड्ढे में उतरी ईवी कार:लंबा जाम लगा, मेयर के घर के आगे छोड़े गए नाले का असर; इस रोड पर 3 साल में तीसरी घटना

उदयपुर शहर में दुर्गा नर्सरी चौराहे पर सोमवार शाम को सड़क धंसने से एक इलेक्ट्रिक कार (ईवी) गड्ढे में उतर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार का आधा भाग सड़क पर आधा नाले के अंदर था। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा नर्सरी चौराहा पर जिस जगह हादसा हुआ, इस मेन रोड पर पिछले तीन साल के अंदर तीसरी घटना है। सबसे बड़ी बात यह है कि निवर्तमान मेयर के घर के पास तक नाला बना रखा है, लेकिन उसे आगे 50 मीटर और बना देते तो ये पूरा एरिया कवर हो जाता। आरोप है कि मेयर के घर से आगे नाला छोड़े जाने के कारण सड़क बार-बार धंस रही है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। नाले के ऊपर सड़क धंसी, ईवी कार पहिए उतरे सोमवार शाम करीब 7 बजे उदयपुर के दुर्गा नर्सरी चौराहा पर यह सड़क धंसी। कुम्हारों का भट्टा से दुर्गा नर्सरी चौराहा से पहले सीधे अशोक नगर की तरफ टर्न लेने वाली जगह पर यह घटना हुई। जहां पहले गुड्डू कचोरी की शॉप हुआ करती थी, उसके बाहर नाले के ऊपर की सड़क धंस गई। इस बीच इस सड़क पर गुजर रही एक ईवी कार के आगे के पहिए सड़क में उतर गए। शोर मचते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस बीच कार सवार बाहर निकला और बाद में चौराहा से यातायात पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस टीम ने सबसे पहले बैरिकेड्स लगाकर उस रास्ते की तरफ जाने वाले वाहनों को रोका। कार को क्रेन के जरिए बाहर निकाला गया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि इस दौरान दुपहिया वाहन अंदर गिरते तो बड़ा हादसा हो जाता। लोगों ने कहा कि यहां पर पूर्व में हादसे हुए फिर भी नगर निगम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सूचना मिलने पर यातायात पुलिस सीआई आदर्श कुमार, नगर निगम के अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल, नगर निगम के सीआई मांगीलाल डांगी मौके पर पहुंचे। सीआई आदर्श कुमार ने टीम से सबसे पहले जहां सड़क धंसी, वहां पर बैरिकेड्स लगवाए, ताकि कोई वाहन उस तरफ नहीं जाए। फिर भीड़ के बीच लगे जाम को टीम ने खुलवाया। मौके पर आए अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल ने बताया कि यहां तक नाले का टेंडर हो चुका है और जल्द काम शुरू होने वाला है। मेयर के घर से 50 मीटर का टुकड़ा ले लेते तो ये नहीं होता इधर, वहां दुकानदारों और लोगों ने बताया कि अशोकनगर से दुर्गा नर्सरी रोड की तरफ नाले निर्माण का काम किया गया। यहां पर निवर्तमान मेयर जीएस टांक के घर के बाहर तक तो नाला बना दिया गया, लेकिन इसके आगे करीब 50 मीटर का टुकड़ा छोड़ दिया गया। लोगों ने बताया कि ये टुकड़ा भी कवर कर देते तो आज यह घटना नहीं होती, जिसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा था। अब इसी रोड पहले हुए हादसे के बारे में जाने उदयपुर की ये खबरें भी पढ़े… उदयपुर के उबेश्वर में दिखा दुर्लभ ‘लौडांकिया सांप:30 साल बाद फिर दिखा दुर्लभ वाइन स्नेक, जानिए क्या है खासियत रोपवे में फंसे यात्री, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू:रस्से और चेयर के जरिए सुरक्षित उतारा, नीमचमाता रोपवे पर किया मॉक ड्रिल UCC जनसुनवाई में हंगामा, कांग्रेस ने किया बहिष्कार:कहा- ये सिर्फ औपचारिकता, आदिवासी युवा नेता पर भड़के सांसद मन्नालाल रावत कुल्हाड़ी से लेपर्ड के नाखून काटकर भागा आरोपी गिरफ्तार:वन विभाग की टीम ने घर पर दबिश देकर दबोचा; रिमांड पर भेजा

पाली के डिस्ट्रिक्ट क्लब में बॉक्स क्रिकेट एरिना शुरू:रूफ टॉप रेस्टोरेंट का कलेक्टर ने किया शिलान्यास

पाली शहर के डिस्ट्रिक्ट क्लब में सोमवार शाम को विकास कार्यों और नई सुविधाओं की शुरुआत के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला कलेक्टर एवं क्लब अध्यक्ष डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने नवनिर्मित बॉक्स क्रिकेट एरिना का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रस्तावित रूफटॉप रेस्टोरेंट का शिलान्यास (भूमि पूजन) और डिस्ट्रिक्ट क्लब के ब्रोशर का विमोचन भी किया गया। समारोह में जिला कलेक्टर गोस्वामी ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट क्लब केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि क्लब में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं सदस्यों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएंगी और नई पीढ़ी को खेल एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। क्लब सचिव पुनीत मुथा ने अतिथियों और सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सदस्यों की जरूरतों के अनुरूप नए विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर बजरंग सिंह चौहान, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, एसीबी के एएसपी देरावर सिंह सोढ़ा, क्लब के पूर्व सचिव सुरेंद्र पारख, राजेंद्र सुराणा, क्लब के डायरेक्टर विवेक मेहता, राजेश पाटनेचा, सुमित कवाड़, लवकेश कोठारी, हर्ष लोढ़ा, प्रशांत मुथा, ऋषि बोहरा, विमल मूंदड़ा, अंकित पारख, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपालसिंह कुम्पावत, शेरसिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

सांवलिया सेठ के भंडार से निकले 10.11 करोड़ रुपए:पहले चरण की गिनती पूरी, अंतिम दिन होगी सोने-चांदी की भेंट की तौल

मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी के मौके पर सोमवार को भंडार खोला गया। पहले ही राउंड में दानपात्र से निकली राशि की काउंटिंग 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए तक पहुंच गई। पूरे दिन बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने मिलकर काउंटिंग की। अब मंगलवार को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं होगी। इसके बाद 15 जुलाई, बुधवार को बाकी राशि की काउंटिंग का काम आगे बढ़ेगा। अभी चेक, ऑनलाइन मिले दान और सोने-चांदी के चढ़ावे का हिसाब भी बाकी है, जिसे आखिरी दिन पूरा किया जाएगा। सुबह आरती के बाद शुरू हुई काउंटिंग श्री सांवलियाजी मंदिर में तय परंपरा के अनुसार चतुर्दशी पर भंडार खोला गया। दिन की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। बाद में राजभोग आरती की गई। इसके बाद दानपात्र खोले गए और उनमें से निकली राशि की काउंटिंग शुरू की गई। बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने पूरे दिन मिलकर नोटों और सिक्कों की गिनती की। शाम तक पहले राउंड की काउंटिंग पूरी होने पर कुल 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए सामने आए। पहले ही दिन 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की काउंटिंग होने से श्रद्धालुओं में भी चर्चा का विषय बना रहा। मंगलवार को नहीं होगी काउंटिंग मंदिर मंडल के अनुसार मंगलवार को अमावस्या होने की वजह से भंडार की काउंटिंग नहीं की जाएगी। इस दिन मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी। इसलिए काउंटिंग का काम एक दिन के लिए रोका जाएगा। अब अगला राउंड 15 जुलाई, बुधवार को होगा। उसी दिन फिर से दानपात्र में निकली बाकी राशि की काउंटिंग शुरू की जाएगी। काउंटिंग पूरी होने के बाद ही इस बार भंडार में कुल कितना दान आया, इसकी अंतिम तस्वीर सामने आएगी। अभी चेक, ऑनलाइन दान और चढ़ावे का हिसाब बाकी पहले राउंड में सिर्फ दानपात्र से निकली नकद राशि की काउंटिंग की गई है। इसके अलावा मंदिर को श्रद्धालुओं की ओर से चेक और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी संख्या में दान मिलता है। वहीं सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती चढ़ावे भी अलग से जमा होते हैं। इन सभी की काउंटिंग और वजन का काम आखिरी दिन किया जाएगा। इसके बाद मंदिर मंडल भंडार का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। हर महीने होने वाली इस काउंटिंग पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे मेवाड़ की नजर रहती है, क्योंकि सांवलियाजी मंदिर देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं।

जयपुर में कल 4 घंटे बिजली रहेगी बंद:सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा शटडाउन, गोविंददेवजी मंदिर समेत ये इलाके होंगे प्रभावित

जयपुर में बिजली उपभोक्ताओं को कल (मंगलवार) चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत रखरखाव और तकनीकी कार्यों के चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित शटडाउन किया जाएगा। इस दौरान गोविंददेवजी मंदिर क्षेत्र सहित शहर के 30 से अधिक इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने की अपील की है। ये इलाके होंगे प्रभावित… चौक, चांदनी चौक, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, आतिश मार्केट, शार्दुल सिंह की नाल, चीनी की बुर्ज, गोविन्द देवजी मंदिर, प्रकाश बैंड, जनता मार्केट, सब्जी मंडी ग्लोब ट्रांसपोर्ट, रामप्रकाश सिनेमा, खवास जी का रास्ता, बक्सी हेमराज की गली, कामा हाउस, बादल महल, बड़ी चौपड़, माणक चौक, फूटा खुर्रा, फूलो का खंदा, जगन्नाथ शाह का रास्ता, रामगंज बाजार, द पैलेस स्कूल, सिटी पैलेस, लाडली जी, धाभाई जी का खुर्रा, गांधी पथ, गुरु जम्भेश्वर नगर ए और आसपास का प्रभावित क्षेत्र ।

कार में नाबालिग के साथ रेप:मासूम को बेहोशी की हालत में फेंक कर फरार हुआ; आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

बाड़मेर में एक नाबालिग लड़की को कार में सुनसान जगह ले जाकर दरिंदगी करने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को बेहोशी की हालत में वहीं छोड़कर फरार हो गया। इस दौरान गिरने से पीड़िता के सिर पर गंभीर चोट भी आई है। पुलिस ने पॉक्सो और रेप का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में शुरू कर दी है। घटना 11 जुलाई की शाम की है। ASP नितेश आर्य के अनुसार, 16 साल की नाबालिग पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान पड़ोसी गांव का एक युवक ईको कार लेकर वहां पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ बिठा लिया। रेप के बाद पीड़िता को फेंककर फरार हुआ
आरोपी नाबालिग को एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद जब पीड़िता बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे वहीं फेंक कर मौके से फरार हो गया। इस दौरान नाबालिग के सिर में गंभीर चोट आई। कुछ घंटों बाद जब उसे होश आया, तो उसने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। परिजनों ने लहूलुहान और घायल स्थिति में उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महिला अपराध अनुसंधान सेल के एएसपी मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के शुरुआती बयान दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा और इसके साथ ही अदालत में भी बयान दर्ज कराए जाएंगे। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

सरकार तय करेगी हवाई किराया, रेगुलेट करने के नियम तैयार:सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 2 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी; त्योहारों पर मनमाना किराया लेती हैं एयरलाइंस

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों में हवाई किराया तय करने के नियम सौंपने को कहा है। त्योहारों के समय एयरलाइंस कंपनियों की ओर से मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने को लेकर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, नियम संसद में पेश हों या न हो, लेकिन सरकार को अगले दो हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी ‘सीलबंद लिफाफे’ में कोर्ट में जमा करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी। दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों इससे पहले सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी, जिसकी सुनवाई 15 मई को हुई थी। उनकी मांग थी कि, देश में मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाया जाए, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए।
30 अप्रैल की सुनवाई में सरकार को फटकार लगाई थी इससे पहले 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक पिटीशन पर एफिडेविट फाइल न करने के लिए केंद्र की खिंचाई की थी, जिसमें भारत में प्राइवेट एयरलाइन्स के हवाई किराए और सहायक चार्ज में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र से एक एफिडेविट के साथ एक एप्लिकेशन फाइल करने को कहा था, जिसमें यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एफिडेविट फाइल क्यों नहीं किया गया है। इसके लिए और समय क्यों मांगा गया है। हवाई किराए पर पहले भी फटकार लगा चुका सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी 2026: त्योहारों में हवाई किराया बढ़ाने पर जवाब मांगा था- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस के हवाई किराए बढ़ाने को लेकर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। वरना, हम 32 पिटीशन पर विचार नहीं करते। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 17 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, DGCA और AERA से हवाई किराए की मनमानी पर जवाब मांगा- सुप्रीम कोर्ट ने देश में हवाई जहाज के किराए और एक्स्ट्रा टैक्स में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा। पढ़ें पूरी खबर… एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड: फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

वैश्विक रेस में पिछड़ा उदयपुर, जयपुर टॉप-10 में शामिल:दो साल पहले जो शहर एशिया में नंबर-1 था, अब दुनिया में 12वें और एशिया में 8वें स्थान पर खिसका

ग्लोबल टूरिज्म के मंच पर राजस्थान के दो सबसे खूबसूरत शहरों उदयपुर और जयपुर को रैंक मिली है। अमेरिकी ट्रैवल मैगजीन ‘ट्रैवल + लीजर’ के प्रतिष्ठित वर्ल्ड्स बेस्ट अवॉर्ड्स-2026 की ताजा रैंकिंग में लेकसिटी उदयपुर को बड़ा झटका लगा है। पिंकसिटी जयपुर ने एशिया के टॉप शहरों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए 10वां स्थान हासिल किया है। उदयपुर 2024 में दुनिया का दूसरा सबसे खूबसूरत और एशिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बना था, वह इस बार बड़ी गिरावट के साथ दुनिया में 12वें स्थान पर फिसल गया है। वहीं, एशिया के बेस्ट शहरों की लिस्ट में उदयपुर अब खिसककर 8वें पायदान पर आ गया है। इस वैश्विक सर्वे में दुनिया भर के 6 लाख 61 हजार से अधिक पाठकों ने ऑनलाइन वोटिंग और रिव्यू के जरिए भाग लिया। यह चयन मुख्य रूप से शहरों की कला-संस्कृति, ऐतिहासिक बनावट, स्थानीय लोगों का पर्यटकों के प्रति दोस्ताना व्यवहार, वर्ल्ड क्लास होटल, खान-पान और बेहतरीन शॉपिंग के अनुभवों के आधार पर किया जाता है। उदयपुर का स्कोर इस बार 89.91 रहा। ‘ओवर टूरिज्म’ के कारण घटी लेकसिटी की रैंकिंग होटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, लेकसिटी की रैंकिंग घटने की सबसे बड़ी वजह शहर पर बढ़ता ‘ओवर टूरिज्म’ का दबाव रहा। पर्यटन सीजन में क्षमता से ज्यादा सैलानियों के आने से ट्रैफिक, जाम और पार्किंग की बड़ी समस्याएं खड़ी हुईं। साथ ही झीलों के आसपास बढ़ते अतिक्रमण, साफ-सफाई की कमी और बुनियादी पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की धीमी रफ्तार ने उदयपुर की रैंकिंग को नीचे धकेल दिया। जयपुर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का भी दर्जा दूसरी तरफ, पिंक सिटी जयपुर ने सैलानियों को अपनी बेहतरीन व्यवस्थाओं से खासा प्रभावित किया है। जयपुर के टॉप-10 में बने रहने की सबसे बड़ी वजह इसकी शानदार और व्यवस्थित टाउन प्लानिंग रही, जिसके कारण इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा भी मिला हुआ है। पर्यटकों को जयपुर की सड़कों और शाही माहौल ने किया आकर्षित दिल्ली और मुंबई की व्यस्त भूलभुलैया के मुकाबले पर्यटकों को जयपुर की सड़कें और यहां का शाही माहौल ज्यादा आरामदायक लगा। इसके अलावा जयपुर का हस्तशिल्प, रत्न-आभूषणों का बाजार और कपड़ा उद्योग पूरी दुनिया के खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जयपुर के शाही होटलों ने पूरी लिस्ट पर जमाया कब्जा होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की बात करें तो राजस्थान के इन दोनों शहरों ने भारत की लाज बचाए रखी है। भारत के सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट्स की लिस्ट में उदयपुर के ‘द लीला पैलेस’ ने 97.91 अंकों के साथ देश में दूसरा स्थान और वैश्विक स्तर पर 88वीं रैंक हासिल की। वहीं जयपुर के शाही होटलों ने तो पूरी लिस्ट पर कब्जा जमा लिया। ‘रामबाग पैलेस’ देश का तीसरा सबसे बेहतरीन रिसॉर्ट महाराजाओं के पूर्व महल ‘रामबाग पैलेस जयपुर’ को देश का तीसरा सबसे बेहतरीन रिसॉर्ट चुना गया। अरावली की वादियों के बीच स्थित ‘द ओबेरॉय राजविलास’ चौथे और आलीशान ‘द लीला पैलेस जयपुर’ पांचवें पायदान पर रहे। इनके अलावा ऐतिहासिक ‘द राज पैलेस’ और 18 एकड़ में फैले ‘जय महल पैलेस’ ने भी जयपुर की मेहमाननवाजी को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाया है। दुनिया के टॉप-10 शहरों में ‘सैन मिगुएल डी अलेंदे’ का पहला स्थान दुनिया के टॉप-10 शहरों में इस बार मेक्सिको के ‘सैन मिगुएल डी अलेंदे’ ने दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद जापान का क्योटो दूसरे, थाईलैंड का चियांग माई तीसरे, वियतनाम का होई अन चौथे और मेक्सिको का ओक्साका पांचवें स्थान पर रहा। दुनिया के बाकी टॉप शहरों में थाईलैंड का बैंकॉक छठे, इजराइल का जेरूसलम सातवें, कंबोडिया का सिएम रीप आठवें, मेक्सिको सिटी नौवें और जापान का टोक्यो दसवें स्थान पर काबिज रहे।

लोहावट से परीक्षा केंद्र फलोदी ट्रांसफर करने का विरोध:स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन, बोले-35 किलोमीटर आने-जाने में होगी परेशानी

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा लोहावट के एक निजी महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र फलोदी ट्रांसफर करने के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने उपखंड मुख्यालय पर तहसीलदार के माध्यम से कुलगुरु को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा केंद्र को पुनः लोहावट में बहाल करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। लोहावट से हटाकर फलोदी किया परीक्षा केंद्र ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटी की उड़नदस्ता टीम परीक्षा निरीक्षण के लिए कॉलेज पहुंची थी। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि निरीक्षण के दौरान कोई नकल सामग्री या परीक्षा संबंधी अनियमितता नहीं पाई गई। हालांकि, टीम के सदस्य प्रोफेसर गौरव जैन पर कथित रूप से सामूहिक नकल का प्रकरण बनाकर यूनिवर्सिटी को भेजने का आरोप है, जिसके आधार पर परीक्षा केंद्र लोहावट से हटाकर फलोदी कर दिया गया। 35 किलोमीटर दूर होने से स्टूडेंट्स को परेशानी छात्र-छात्राओं का कहना है कि परीक्षा केंद्र 35 किलोमीटर दूर स्थानांतरित होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शन में शामिल छात्रा कोमल ने बताया कि कई परीक्षार्थी पहले से ही दूरदराज के क्षेत्रों से लोहावट परीक्षा देने आते थे। अब उन्हें और अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे। कॉलेज प्रबंधन ने कुलगुरु प्रो. पी.के. शर्मा को दिए ज्ञापन में प्रोफेसर गौरव जैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रबंधन का कहना है कि भूगोल की प्रायोगिक परीक्षा के दौरान प्रोफेसर जैन ने कथित रूप से विद्यार्थियों से परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर धनराशि की मांग की थी। महाविद्यालय के अनुसार, छात्रों को पैसे न देने की सलाह देने के बाद प्रोफेसर ने महाविद्यालय के प्रति द्वेषपूर्ण रवैया अपनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। निष्पक्ष जांच की मांग स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि उसने पूरे परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई नहीं देती। प्रबंधन ने कुलगुरु से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने एक बार फिर परीक्षा केंद्र को पुनः लोहावट में बहाल करने की मांग दोहराई है।

राजस्थान में सितंबर-नवंबर के बीच हो सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव:हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक कराने को कहा था; सरकार ने मांगा समय

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच होंगे। इसके संकेत हाईकोर्ट में सरकार की ओर से लगाए गए चुनाव टालने के प्रार्थना पत्र में मिलते हैं। सरकार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने प्रार्थना पत्र में ओबीसी आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के साथ हुए पत्राचार की डिटेल देते हुए कोर्ट से चुनाव टालने की मांग की है। सरकार ने कहा कि अभी तक ओबीसी आयोग से राजनीतिक आरक्षण की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत है। ऐसे में उनके राजनीतिक आरक्षण का निर्धारण किए बिना चुनाव कराना उचित नहीं होगा। इसलिए चुनाव कराने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। चुनाव प्रक्रिया में 90 दिन का समय लगेगा सरकार ने निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतीराज विभाग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा- राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि सरकार से आरक्षण अनुसार जानकारी मिलने के बाद निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। आयोग ने नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में कराने के लिए 40 दिन और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने के लिए 50 दिन का समय मांगा है। सरकार के इस जवाब से पता चलता है कि अगर सरकार 31 अगस्त तक आरक्षणवार विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देती है तो आयोग सितंबर से नवंबर तक पंचायत-निकाय चुनाव करा लेगा। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय-पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं, ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था। 14 जुलाई को अवमानना याचिका पर सुनवाई सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कोर्ट की तय समय सीमा में चुनाव नहीं कराने पर याचिकाकर्ता पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने दोनों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। इस पर मंगलवार को जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ सुनवाई करेगी। … ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में 31 जुलाई तक नहीं होंगे निकाय-पंचायत चुनाव:आयोग ने कहा- 90 दिन का समय लगेगा, जानें- ओबीसी आयोग कब सौंपेगा रिपोर्ट