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कटारिया बोले-उदयपुर कमिश्नर फंसा तो बाल भी बांका नहीं हुआ:अफसरों से कहा- गलत काम करने वालों को ठोकिए; चाहे वोट मिले या न मिले

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा- उदयपुर में नगर निगम के तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर (अप्रैल 2022 में) 272 अवैध भूखंडों में फंसे, लेकिन उनका बाल भी बांका नहीं हुआ। विधानसभा में कार्रवाई की बात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कटारिया ने उदयपुर में गुरुवार दोपहर को एक कार्यक्रम में यह कहा। वहीं कटारिया ने कहा- राजस्थान में नगर निकायों में इस समय प्रशासनिक लोग लगे हैं। ऐसे में यह अच्छा मौका है, गलत काम करने वालों को ठोकिए। किसी तरह की ढील की जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों और नियमों को ताक पर रखकर काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का संदेश दिया। कटारिया ने कहा- इस समय नगर निगम में नेताओं की दखलंदाजी नहीं होने से अधिकारियों को अच्छे से कार्रवाई का मौका मिला है। सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने, सड़क सीमाओं में अतिक्रमण हटाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उनका संदेश था कि इस समय नेताओं की दखलंदाज़ी नहीं है ऐसे में सरकारी जमीनों को कब्जों से मुक्त कराना और सड़कों की सीमा में दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई हो रही है। कटारिया ने कहा- हम जनप्रतिनिधि हैं। कोई काम के लिए आएगा तो हम आपको कहेंगे। जरूरी नहीं है कि हमारे सब काम सही होंगे। सही हो तो करना, नहीं तो मत करना। कई काम गलत भी आ सकते हैं। हम उसे ना नहीं कह सकते। गलत काम में हम इन्वॉल्व नहीं थे, न होंगे। चाहे वोट मिले या न मिले। कई बार सिफारिश करनी पड़ती है, गलत काम हो तो न करें गुलाब चंद कटारिया ने कहा- जनप्रतिनिधियों के पास लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। कई बार सिफारिश भी करनी पड़ती है, लेकिन अंतिम निर्णय अधिकारियों को विवेक से लेना चाहिए। उन्होंने कहा- यदि कोई काम नियमों के अनुसार सही है तो उसे करें। अन्यथा साफ मना कर दें। कटारिया ने कहा- हम गलत कामों में न पहले शामिल हुए और न कभी होंगे। कटारिया ने कहा- उदयपुर में ही करीब एक हजार करोड़ रुपए की सरकारी संपत्ति पर लोगों ने कब्जा जमा रखा था। इसे मुक्त कराकर सरकार के नाम दर्ज कराया गया। ऐसी कार्रवाई को जनता भी पसंद करती है। तत्कालीन निगम कमिश्नर फंसा तो फाइल पर कार्रवाई नहीं कर रहे उदयपुर में नगर निगम के 272 भूखंडों के मामले को लेकर गुलाब चंद कटारिया ने कहा- उसमें कुछ बाकी नहीं रहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फाइल जाकर कहीं दब जाती है, रोज उसको उठाने कौन जाए। उदयपुर में भूकंप आना स्वीकार है, लेकिन स्वाभिमान से जिंदा रहना यहां की आदत है। गहलोत ने कहा तो मैंने ताली बजाई गुलाब चंद कटारिया ने कहा- उदयपुर के पानी के प्राेजेक्ट देवास थर्ड और फोर्थ के लिए मैंने बहुत कोशिश की। हर बार विधानसभा में सवाल लगाता था। विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़प्पन है कि साल 2023 के बजट में उन्होंने देवास थर्ड और फोर्थ की स्वीकृति दी। गहलोत ने कहा था- आज तो कटारियाजी ताली बजाओ तो मैंने बजाई, क्योंकि उदयपुर के हित में कोई काम हो रहा था, इसमें राज​नीति क्यों। पुलिस को दी नई पेट्रोलिंग बाइक-कार उदयपुर में पुलिस लाइन परिसर में होंडा इंडिया फाउंडेशन की ओर से उदयपुर पुलिस को 25 नई पेट्रोलिंग बाइक और एक कार दी गई। इसे गुलाब चंद कटारिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रताप नहीं होते तो भामाशाह नहीं होता गुलाब चंद कटारिया ने कहा- देश में कई लोग दानी हैं, लेकिन भामाशाह ऐसा दानी था, जिसने महाराणा प्रताप के जीवन को देखा। अगर महाराणा प्रताप नहीं होते तो भामाशाह नहीं होते। भामाशाह ने अपनी सारी संपत्ति प्रताप के सामने रख दी और कहा कि मेवाड़ को बचाने के लिए और इस संकट के समय मेरी ये दौलत समर्पित है। भारत का हर व्यक्ति भामाशाह है। हर व्यक्ति के सामने प्रताप की तस्वीर हो तो भामाशाह सामने​ मिल जाएगा। उस समय हमने भामाशाह जयंती पर भामाशाह सम्मान शुरू किया। कटारिया ने कहा- मैं जब शिक्षा मंत्री था, तब बड़ी बेटियों को​ बैठाने के लिए दरी पट्टी नहीं थी। मैंने प्रयत्न किया कि यह शुरुआत करनी होगी और तब मैंने शुरुआत की। मेरे समय में सरकारी स्कूलों में दान देने वालों के सम्मान करने के लिए मैंने दानदाताओं को भामाशाह सम्मान देना शुरू किया। इस बेड़े में 51 गाड़ियां हुई कार्यक्रम में उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव और एसपी डॉ. अमृता दुहन ने स्वागत किया। उदयपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने कहा- उदयपुर में एआई ट्रैफिक सिस्टम को लेकर डीएमएफटी फंड से पांच करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। एसपी ने बताया- इससे पहले भी 25 गाड़िया होंडा की ओर से उदयपुर की दी और अब कुल 50 दोपहिया वाहन और एक कार इस बेड़े में हो गई है, जो शहर की सुरक्षा और टूरिस्ट साइट पर इन बाइक के जरिए राउंड करती है।
यह खबर भी पढ़ें… उदयपुर MLA ने 272 प्लॉट-घोटाले पर सदन में मांगा जवाब:कहा- 15 महीनों में 1 भी कर्मचारी नहीं पकड़ा, मंत्री जी बताओं कब होगी कार्रवाई? उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में 272 प्लॉट घोटाले पर सदन में फरवरी 2026 को जवाब मांगा था। उन्होंने पूछा था कि मंत्री के आश्वासन के 15 महीने बाद भी एक भी कर्मचारी क्यों नहीं पकड़ा गया। आखिर अब तक कोई भी सरकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं पकड़ा गया? (पूरी खबर पढ़ें)

जोधपुर में बिना फायर एनओसी पर स्कूल, कोचिंग, हॉस्टल-रेस्टोरेंट सील:कार्रवाई के विरोध में स्कूल संचालक पहुंचे नगर निगम; कहा- नहीं खुले तो स्टूडेंट्स की पढ़ाई होगी प्रभावित

जोधपुर शहर में बिना फायर सेफ्टी एनओसी के चल रहे होटल, स्कूल और ​कोचिंग इंस्टीट्यू के खिलाफ सील की कार्रवाई लगातार जारी है। शहर के 7 स्कूल और कोचिंग को गुरुवार को सील किया गया। टीम जब भदावासिया स्थित आरएसएम विद्याश्रम स्कूल पहुंची तो स्टाफ के साथ विवाद हो गया। करीब आधे घंटे की समझाइश के बाद स्टाफ माना और सील की कार्रवाई की गई। इसके बाद टीम ने भदवासिया स्थित सुनीता ग्लोबल स्कूल में भी सील की कार्रवाई की। साथ ही टीम ने तक्षशिला, बॉस कोचिंग, जोधपुर गेस्ट हाउस और मान मनवार रेस्टॉरेंट को सील किया गया। इधर, कार्रवाई के बाद स्कूल संचालक नगर निगम पहुंचे और विरोध किया। उन्होंने कहा- टीम ने भेदभावपूर्वक कार्रवाई की। यदि समय पर स्कूल नहीं खुले तो स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित होगी। बता दें कि बुधवार को भी फायर ब्रिगेड टीम की ओर से शहर के होटल, शोरूम और शॉपिंग मॉल को फायर सेफ्टी एनओसी को लेकर सील की कार्रवाई की गई थी। शहर में 7 स्कूल और कोचिंग सील लखनऊ हादसे के बाद नगर निगम की टीम शहर में​ बिना फायर सेफ्टी एनओसी चल रहे स्कूल और को​चिंग को सील कर रही है। चीफ फायर ऑफिसर जय सिंह के नेतृत्व में टीम पहले आरएसएम स्कूल पहुंची। यहां सील की कार्रवाई करने गई तो यहां मौजूद स्टाफ ने इसका विरोध किया। अधिकारियों ने बताया- स्टाफ से लगातार समझाइश की गई। करीब आधे घंटे बाद स्कूल का स्टाफ बाहर आया। इसके बाद यहां गेट पर ताला लगाया गया। इसके बाद टीम भदवासिया स्थित सुनीता ग्लोबल स्कूल पहुंची, जहां फायर सेफ्टी एनओसी नहीं थी। सीएफओ जयसिंह ने बताया- इसे लेकर पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी एनओसी नहीं ली गई। आखिर में इस स्कूल को भी सील किया। बिना फायर सेफ्टी के चल रहे थे कोचिंग, बच्चों को घर भेजा टीम शाम करीब 4 बजे पावटा स्थित मानजी का हत्था पहुंची। यहां स्थित पांच कोचिंग सेंटर को फायर सेफ्टी एनओसी नहीं होने के नोटिस जारी किए थे। सीएफओ ने बताया- यहां 5 से 6 कोचिंग सेंटर ऐसे थे, जो बिना फायर एनओसी चल रहे थे। इन सभी कोचिंग सेंटर को सील किया गया। स्कूल संचालकों बोले- तीन साल पुराने नोटिस पर कार्रवाई स्कूलों को सील की कार्रवाई के बाद निजी स्कूलों के संचालक नगर निगम पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया और जय सिंह यहां पहुंचे और स्कूल संचालकों के साथ बैठक ली। बैठक में स्कूल संचालकों ने कहा- टीम ने तीन साल पुराने नोटिस पर कार्रवाई की है।
यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में होटल, शोरूम और नर्सिंग इंस्टीट्यूट सील:बिना फायर NOC चल रहे संस्थानों पर चला निगम का डंडा; अधिकारी बोले- कार्रवाई जारी रहेगी जोधपुर में बिना फायर एनओसी (NOC) और सुरक्षा मानकों के संचालित की जा रही व्यावसायिक इमारतों पर नगर निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)

4.60 लाख हड़पने वाले आरोपी को जमानत:लोन ट्रांसफर का झांसा देकर हड़पे थे रुपए, 16 जून को किया था गिरफ्तार

लोन ट्रांसफर का झांसा देकर रुपए हड़पने के मामले में आरोपी देवेंद्र सिंह झाला को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-4 ने गुरुवार को जमानत दे दी। आरोपी की पैरवी करने वाले एडवोकेट डॉ.श्यामसिंह राजपुरोहित ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ जिस अपराध का केस दर्ज है उसमें आरोपित धाराएं प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा ट्रायल योग्य होने और पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने के कारण आरोपी को जमानत देने का निवेदन किया था। इन तर्कों पर सहमत होकर कोर्ट ने जमानत दी है। बता दें, आरोपी गोगुंदा हाल रेबारियों का गुड़ा निवासी देवेन्द्र सिंह झाला को प्रतापनगर थाना पुलिस ने 14 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। कलड़वास निवासी कैलाश वेद ने 17 अप्रैल को रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि उनके मकान पर 12 लाख का लोन चल रहा है। उन्होंने 18 किश्तें जमा करवा दी और कोरोनाकाल के दौरान किश्तें जमा नहीं करवा पाए। ऐसे में बैंक ने बिना उन्हें सूचना दिए मकान पर ताला लगा दिया। वहां गार्ड देवेन्द्र सिंह झाला को बैठा दिया। गार्ड ने अपने साथी जितेन्द्र सिंह को बैंक मैनेजर बताकर पीड़ित को लोन ट्रांसफर कराने का झांसा दिया। फिर दोनों ने फर्जी ईमेल भेजकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 4 लाख 59 हजार 850 रुपए हड़प लिए। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने धमकियां दीं। इसी मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।

जोधपुर में ठाकुरजी मंदिर के आगे जमीन को लेकर विवाद:ग्रामीणों ने लगाया भू-माफियाओं से मिलीभगत का आरोप, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

जोधपुर के पाल बालाजी के पास ठाकुरजी मंदिर के सामने स्थित जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जमीन भगवान के नाम की है, जिस पर भू-माफियाओं के साथ मिलकर पुलिस जमीन पर कब्जा करवा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। आक्रोशित ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर गुरुवार को कमिश्नर ऑफिस और कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां विरोध प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर कलेक्ट्रट हुए रवाना ग्रामीणों ने सबसे पहले पुलिस कमिश्नर शरत कविराज को ज्ञापन दिया। इस दौरान एडवोकेट मोतीसिंह राजपुरोहित, भाजपा नेता धन्नाराम चौधरी, श्रवण चौधरी, संपत पुनिया आदि शामिल रहे। इसके बाद सभी जिला कलक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। जहां जिला कलक्टर आलोक रंजन को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। एक दिन पहले हुए थे आमने-सामने बता दें कि ठाकुरजी के मंदिर के आगे की करीब 80 बीघा भूमि के मालिकाना हक को लेकर ग्रामीण और अपना हक जताने वाला पक्ष आमने-सामने है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि भगवान के नाम की है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि उनका उस पर मालिकाना हक है। इसी को लेकर दूसरे पक्ष की ओर से पुलिस जाब्ते के साथ बुधवार को मौके पर पहुंचने पर विवाद हो गया था। आरएसी के जवानों मौके पर स्थिति को संभाला हालांकि, मौके पर RAC ओर पुलिस के जवान मौजूद रहने से स्थिति नहीं बिगड़ी। बाद में पटवारी को बुलाया गया। उसने जांच के बाद जमीन पर किसका हक है, इसकी जानकारी देने की बात कही है। तब तक के लिए मौके पर RAC के जवान तैनात किए गए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

सलूंबर में कांग्रेस की युवा बैठक:शिक्षा नीति और रोजगार पर सरकार को घेरा; पेपर लीक का मुद्दा उठाया

सलूंबर जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन में गुरुवार को युवा बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज, युवाओं की आवाज’ का प्रसारण और रिकॉर्डेड संदेश दिखाया गया। बैठक में युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिला। मंच पर आकर उन्होंने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, बढ़ती बेरोजगारी और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे। युवाओं ने बेहतर शिक्षा और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया। पेपर लीक और परीक्षा परिणामों में अनियमितता पर चिंता जताई कार्यक्रम के बाद जिला प्रभारी दिनेश श्रीमाली ने राहुल गांधी के कोटा कार्यक्रम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र और युवा आज शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों का सामना कर रहे हैं। श्रीमाली ने नीट परीक्षा सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों और सीबीएसई परिणामों में कथित अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त की। श्रीमाली ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियां छात्रों और युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ रहा है। कांग्रेस पार्टी ने छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ने तथा शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लगातार उठाने का संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित युवाओं ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम का समापन युवाओं के हितों की रक्षा और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने के संकल्प के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में एनएसयूआई के युवा कार्यकर्ता, कांग्रेस के जिला कार्यकर्ता और पदाधिकारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

BJP कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प:आपात काल की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन

देश में आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव, नागरिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंधों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले ‘लोकतंत्र सेनानियों’ के योगदान को याद किया गया। भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे कठिन दौर बताया। उन्होंने कहा कि उस समय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अभूतपूर्व दबाव था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई थी और नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे। मेघवाल ने जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए इन ऐतिहासिक घटनाओं को याद रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी ‘लोकतंत्र सेनानियों’ के त्याग और बलिदान को नमन किया। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. भारत भूषण शर्मा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक था। उन्होंने बताया कि उस दौर में अनेक राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक नेताओं और पत्रकारों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। डॉ. शर्मा ने नई पीढ़ी को उस कालखंड की जानकारी होने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें। जिला प्रवक्ता आशीष पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि यह जनता की भागीदारी, अधिकारों की सुरक्षा और संवैधानिक मूल्यों का आधार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और इस संबंध में जन जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में भाजपा नेता अमित चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी कृष्ण तायल, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रदीप कड़वा और ओबीसी मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता जसप्रीत सिंह जेपी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने ‘लोकतंत्र सेनानियों’ के संघर्ष को प्रेरणादायी बताते हुए उनके योगदान को याद किया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष बलराज सिंह मान, गुरदास बराड़, महामंत्री नरेश पुरोहित, सहसंयोजक महेश शर्मा, सोशल मीडिया संयोजक प्रवीण कटारिया, आईटी संयोजक पारस मिड्ढा, पार्षद हिमांशु महर्षि, साहिल बलाड़िया, अंकप्रीत सिद्धू, अपारजोत सिंह बराड़, संजय शर्मा, पारितोष सारस्वत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र की मजबूती, संविधान के प्रति आस्था और राष्ट्रहित में कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

अतिरिक्त निदेशक ने वार्डों में जाकर लिया फीडबैक:धौलपुर जिला व एमसीएच अस्पताल की व्यवस्थाएं परखीं

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर के अतिरिक्त निदेशक एवं धौलपुर जिला प्रभारी डॉ. हरिशंकर ने गुरुवार को जिला अस्पताल और एमसीएच अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों का दौरा कर मरीजों से इलाज संबंधी जानकारी ली, सफाई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा बाद में चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक लेकर चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। वार्डों में पहुंचकर मरीजों से ली जानकारी निरीक्षण के दौरान डॉ. हरिशंकर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और भर्ती मरीजों से उनके इलाज, सुविधाओं तथा अस्पताल में मिल रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया। सफाई व्यवस्था पर रहा विशेष फोकस अतिरिक्त निदेशक ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए सफाई कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सफाई मशीन के संचालन और उसके उपयोग की भी जानकारी प्राप्त की तथा साफ-सफाई व्यवस्था को निरंतर प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक निरीक्षण के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अस्पताल प्रबंधन, इलाज व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। गुणवत्तापूर्ण इलाज और अनुशासन पर जोर डॉ. हरिशंकर ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए तथा अस्पतालों में साफ-सफाई और अनुशासन की व्यवस्था हर हाल में बनाए रखी जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। व्यवस्थाओं पर जताया संतोष निरीक्षण के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सहित अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद डॉ. हरिशंकर ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही।

दौसा से युवक का किडनैप, एक किमी दूर मिला:नाकाबंदी से घबराकर बस डिपो के पास छोड़ भागे बदमाश; पढ़ें जिले की अन्य खबरें

दौसा शहर में गुरुवार को युवक के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 20 मिनट में युवक को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस के अनुसार सुबह करीब 11:40 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि डोवठा मिष्ठान भंडार के पास से एक युवक का अपहरण कर लिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर तत्काल जिलेभर में नाकाबंदी करवाई गई। थाना इंचार्ज भगवान सहाय के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश शुरू की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते अपहरणकर्ता युवक को बस डिपो के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को सकुशल अपने कब्जे में लिया। दस्तयाब युवक की पहचान पंकज बैरवा (21) निवासी लाका, थाना सिकंदरा के रूप में हुई है। फिलहाल घटनाक्रम को लेकर परिजनों की ओर से पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जिला अस्पताल में सीपीआर की ट्रेनिंग दौसा जिला अस्पताल के ट्रॉमा एवं आपातकालीन विभाग में गुरुवार को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) विषय पर ट्रेनिंग आयोजित किया गई। कार्यक्रम में अस्पताल में कार्यरत स्टाफ, नर्सिंग छात्र-छात्राओं, एंबुलेंस चालकों एवं सहायक कर्मचारियों को सीपीआर की तकनीकों की ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षक डॉ. महेंद्र मीणा ने सीपीआर के महत्व एवं आपातकालीन परिस्थितियों में इसके प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है। इस दौरान डमी मॉडल के माध्यम से सीपीआर की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र वर्मा, उप नियंत्रक डॉ. चैन सिंह मीणा, डॉ. राजकुमारी बजाज, डॉ. रामावतार मीणा, इमरजेंसी प्रभारी डॉ. महेंद्र कुमार मीणा, भवानी शंकर शर्मा, विनोद कानखेडिया, रेणु वर्मा, सत्यनारायण मीणा, ललित लोदवाल, ज्योति शर्मा एवं नरेश सैनी सहित विभिन्न वार्डों के कर्मचारी उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र में हुई किसान गोष्ठी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) दौसा एवं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में “किण्वित जैविक खाद (इफओएम) से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन” विषय पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधार, जैविक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीएल जाट ने कहा कि स्वस्थ मृदा ही टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि का आधार है तथा मृदा संरक्षण के लिए जैविक उपायों को अपनाना समय की आवश्यकता है। परियोजना सह-समन्वयक डॉ. कपिला शेखावत ने किण्वित जैविक खाद की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मृदा की उर्वरता बढ़ाने, सूक्ष्मजीव गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह एवं डॉ. स्मृति रंजन पधान ने जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में एफओएम की प्रभावी भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवेन्द्र कुमार मीणा ने किया। गोष्ठी में 155 से अधिक किसानों एवं 25 से अधिक कृषि आदान विक्रेताओं ने सहभागिता कर विषय विशेषज्ञों से संवाद किया तथा अपने अनुभव बताए। कार्यक्रम के आयोजन में संस्थान के निदेशक तथा संयुक्त निदेशक (शोध एवं प्रसार) के मार्गदर्शन के साथ परियोजना के सह-अन्वेषकों डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. सुभाष बाबू, डॉ. प्रवीण उपाध्याय, डॉ. ऋषि राज, डॉ. विशाल त्यागी, डॉ. मोना नगरगड़े, विवेक राठौर, आशीष गोयल, अमन शर्मा, रामेश्वर पांडे एवं कालूराम सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों की समीक्षा जिला परिषद के सीईओ बिरदीचंद गंगवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पौधारोपण स्थलों का चयन पूरी योजना के साथ किया जाए तथा समय रहते गड्ढों की खुदाई, फेंसिंग एवं सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने अभी तक पौधों की बुकिंग नहीं कराई है, वे शीघ्र वन विभाग अथवा अन्य नर्सरियों से पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए बुकिंग की प्रक्रिया पूर्ण करें। अभियान के तहत जिले में इस मानसून सत्र के दौरान 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सीकर में बदला मौसम, शाम को छाए काले बादल:दिनभर गर्मी के बाद धूल भरी हवाएं चलीं, अगले 24 घंटे में आंधी-बारिश के आसार

सीकर में आज सुबह से ही मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिला। सुबह बादल छाए, फिर दोपहर में धूप निकली। शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली और आसमान में काले बादल छा गए। दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि धूलभरी हवाओं ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान आंधी और बारिश की संभावना है। प्री मानसून की वजह से सीकर समेत शेखावाटी अंचल के मौसम में रोजाना बदलाव हो रहा है। 3 दिन पहले हुई बारिश के बाद आज सीकर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। आज दिनभर उमस बनी रही। धूल भरी हवाओं से टू व्हीलर राइडर्स को हुई परेशानी सीकर में गुरुवार शाम को धूल भरी हवाएं चलने से टू व्हीलर राइडर्स को थोड़ी परेशानी हुई। आज सुबह से ही जिला मुख्यालय पर उमस बढ़ी हुई रही। नए वेदर सिस्टम की वजह से पिछले 7 दिन से सीकर के तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। बादलों की वजह से आज सुबह से धूप कमजोर रही। दोपहर में तीखी धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। आज दिन में उमस से लोग प्रभावित नजर आए। अब अगले 3 दिन तक मौसम में बदलाव जारी रहेंगे। आज दिन का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री दर्ज सीकर जिले के फतेहपुर में कृषि अनुसंधान केंद्र पर स्थित मौसम केंद्र पर आज दिन का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री और आज सुबह का न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि इससे पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज किया गया था। सीकर में अगले 3-4 दिन तक बादलों की आवाजाही रहेगी। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, नए वेदर सिस्टम के असर से फिलहाल सीकर के तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। सीकर में बारिश और धूल भरी हवाओं के कारण सुबह-शाम के तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। 28 जून तक बादलवाही रहेगी और बीच-बीच में बारिश की भी संभावना है।

दुष्कर्म-आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग:परिजनों ने सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने से नाराज

करौली के मंडरायल थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई या सीआईडी से जांच कराने, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला गत माह हुई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़ा है। मृतका के परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतका के पति ने बताया कि 26 मई की रात उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय वह केरल में मजदूरी कर रहा था। 27 मई को पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर वह गांव पहुंचा था। पति का आरोप है कि घटना वाली रात लांगरा थाना क्षेत्र निवासी एक युवक उनकी पत्नी को जबरन घर से ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जब वह घर लौट रही थी, तब रास्ते में मंडरायल थाना क्षेत्र निवासी कुछ लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद महिला को गंभीर हालत में छोड़ दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई और उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद मंडरायल थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने पुलिस से दुष्कर्म के संबंध में मेडिकल जांच कराने की मांग की, लेकिन पुलिस ने केवल आत्महत्या के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मर्ग दर्ज कर लिया और उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की। मृतका के पति के अनुसार बाद में तथ्यों की जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने 18 जून को जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद चार नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण एवं दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में परिजनों का आरोप है कि पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद जांच की गति धीमी है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पुलिस पर मामले में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है।

मृतका के पति सहित दर्जनों लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रीति मीणा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मामले की सीआईडी या सीबीआई से जांच कराने, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।