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आज से मनरेगा की जगह VB-G RAM G लागू:100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी, दिहाड़ी ₹299 से बढ़कर ₹327 हुई

केंद्र सरकार बुधवार से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 (VB-G RAM G) लागू कर रही है। इसके तहत अब साल में 100 की जगह 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। वहीं, देशभर में औसत दिहाड़ी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है। यानी औसतन 28.6 रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपए दिए गए हैं, ताकि मजदूरी समय पर मिल सके और काम चलते रहें। इस कानून का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में होगा। इस दौरान ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बांटे जाएंगे और लोगों को योजना की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार ने पूरी तैयारी कर ली हैं। VB-G RAM G योजना की 3 जरूरी बातें… पूर्वोत्तर राज्यों में 90% खर्च केंद्र सरकार देगी MGNREGA की जगह आया VB-G RAM G —————–

भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में इजराइली दूतावास का कर्मचारी लिफ्ट में फंसा, पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला

दिल्ली के वसंत विहार स्थित एक बिल्डिंग में मंगलवार दोपहर इजराइली दूतावास का कर्मचारी लिफ्ट में फंस गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 12:20 बजे घटना की सूचना मिली थी। दमकल विभाग ने तीन गाड़ियां मौके पर भेजीं। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने लिफ्ट में फंसे कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट बीच में रुक गई थी, जिससे कर्मचारी कुछ देर तक अंदर फंसा रहा। घटना में उसे कोई चोट नहीं आई और मेडिकल सहायता की जरूरत भी नहीं पड़ी। आज की अन्य बड़ी खबरें… मराठी थिएटर की दिग्गज निर्देशक विजय मेहता का निधन, 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली मराठी थिएटर को नई पहचान देने वाली सीनियर डायरेक्टर, अभिनेत्री और रंगकर्मी विजय मेहता का मंगलवार रात निधन हो गया। वह 92 साल की थीं। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उन्होंने दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। एक्टर विजय केंकरे ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विजय मेहता का निधन रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। केंकरे ने उन्हें अपना गुरु बताते हुए कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। विजय मेहता ने नाटककार विजय तेंदुलकर, अभिनेता डॉ. श्रीराम लागू और रंगकर्मी अरविंद देशपांडे के साथ मिलकर चर्चित थिएटर ग्रुप ‘रंगायन’ की स्थापना की थी। मराठी थिएटर में उनके योगदान को मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने ‘एक शून्य बाजीराव’, ‘बैरिस्टर’, ‘हमीदाबाईची कोठी’, ‘पुरुष’, ‘महासागर’ और ‘शकुंतल’ जैसे चर्चित नाटकों का निर्देशन किया। विजय मेहता ने हिंदी की समानांतर सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘राव साहेब’ (1986) और ‘पेस्टनजी’ (1988) का निर्देशन किया। एक्टर के तौर पर वह 1984 में गोविंद निहलानी की फिल्म ‘पार्टी’ में भी नजर आई थीं। कलकत्ता हाईकोर्ट बोला- पति की उम्र ज्यादा होने पर भी महिला को IVF से नहीं रोका जा सकता; 49 साल की महिला को इलाज देने का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई महिला उम्र और स्वास्थ्य के लिहाज से IVF करा सकती है, तो सिर्फ पति की उम्र ज्यादा होने की वजह से उसे इलाज से मना नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने 49 साल की महिला को IVF की सुविधा देने का आदेश दिया है। मामला एक ऐसे दंपती का है, जो 2014 से संतान के लिए प्रयास कर रहा है। अस्पताल ने IVF करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि पति की उम्र 57 साल है। जबकि ART कानून के तहत पुरुषों के लिए अधिकतम उम्र 55 साल तय है। महिला की उम्र 49 साल है। कोर्ट ने कहा कि IVF में महिला ही गर्भ धारण करती है और बच्चे को जन्म देती है। इसलिए सिर्फ पति की उम्र के आधार पर महिला को इलाज से नहीं रोका जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि कानून का मकसद तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोकना है, इलाज की जरूरत वाली महिला को उससे दूर रखना नहीं। इसके बाद कोर्ट ने अस्पताल को दंपती का IVF इलाज करने का निर्देश दिया।

गुजरात HC बोला- मैरिज सर्टिफिकेट से शादी नहीं मानी जाएगी:हिंदू विवाह के लिए रस्में जरूरी, सात फेरे के बिना सिर्फ रजिस्ट्रेशन काफी नहीं

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट बन जाने से हिंदू विवाह नहीं माना जा सकता। शादी उसी स्थिति में मानी जाएगी, जब हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तय रीति-रिवाज पूरे किए गए हों। जिन समुदायों में सात फेरे की परंपरा है, वहां उनके बिना विवाह पूरा नहीं माना जाएगा। जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने कहा कि मैरिज सर्टिफिकेट केवल पहले से हुई शादी का रिकॉर्ड होता है। वह अपने आप किसी विवाह को मान्यता नहीं देता। मामला ब्रिटेन में रहने वाले एक व्यक्ति की अपील से जुड़ा है। उसका आरोप है कि अहमदाबाद की एक महिला ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे डॉक्यूमेंट्स पर साइन लेकर फर्जी तरीके से मैरिज सर्टिफिकेट बना लिया। दोनों के बीच कभी शादी नहीं हुई। महिला ने भी माना- शादी की रस्में नहीं हुईं सुनवाई के दौरान महिला ने फैमिली कोर्ट में माना कि शादी की कोई रस्म नहीं हुई थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि दोनों कभी पति-पत्नी की तरह साथ नहीं रहे। इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर व्यक्ति की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश रद्द करते हुए कहा कि जब शादी की जरूरी रस्में ही नहीं हुईं, तो सिर्फ रजिस्ट्रेशन के आधार पर उसे हिंदू विवाह नहीं माना जा सकता। कोर्ट बोला- शादी सिर्फ कानूनी औपचारिकता नहीं ——————- ये खबर भी पढ़ें… गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं: अत्याचार साबित करने को मारपीट के ठोस सबूत चाहिए; पति को आरोपों से बरी किया गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान पुलिस के 100 पुलिस निरीक्षकों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा पोस्टिंग अजमेर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में की, सतपाल सिंह का तबादला निरस्त

राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के ट्रांसफर किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी ट्रांसफर संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सूची के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा रेंज के अलावा सीआईडी-सीबी, सीआईडी-सीबी सतर्कता शाखा, सीआईडी-सीबी सिविल राइट्स, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, राजस्थान पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण निदेशालय, पीटीएस भरतपुर, पीटीएस जोधपुर, पीटीएस खैरवाड़ा, पीटीएस बीकानेर, एजीटीएफ, लीगल सेल, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, एससीआरबी तथा राजस्थान राज्य महिला आयोग सहित कई इकाइयों में कार्यरत निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में रोहिताश, मेघना त्रिपाठी, हेमलता शर्मा, तुलसीराम, नरेंद्र सिंह, सुनील ताडा, मोहन सिंह, मुकेश चौधरी, छोटीलाल मीणा, रामेश्वरी, जगदीश सिंह, मुकेश चंद, करतार सिंह, प्रहलाद चंद, दिग्विजय सिंह, मुरारीलाल मीणा, सुमेर सिंह, हरिमन मीणा, हीरालाल, अजीत कुमार, कुसुमलता, तेजपाल सैनी, बच्चू सिंह, युधिष्ठिर, कंचन कुमारी, मांगेलाल, हरलाल, दयाराम मीणा, सुरेंद्र यादव, चौथमल बलाई, लक्ष्मीनारायण, कमल पुरी गोस्वामी, सत्यवीर, बशीलाल, महेंद्र सिंह, केशर, चंद्रवीर, अवधेश सांदू, महेश श्रीमाली, सुरेंद्र कुमार राणा, ज्ञानचंद, गंभीर सिंह, रामभरोसी मीणा, हरीसिंह मीणा, मदनलाल, हरेंद्र सिंह सौदा, आनंद यादव, मोहम्मद रफीक, माधोसिंह, दीप सिंह, प्रवीण राजपुरोहित, मिठूलाल मेघवाल, दलबीर सिंह, नेहरीलाल गुर्जर, हिमांशु सिंह राजावत, भीमसेन कौशिक, सुखवीर सिंह, प्रेमचंद, प्रदीप सिंह, विकांत शर्मा, विक्रम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, गौरव प्रधान, सुधीर कुमार उपाध्याय, कमल किशोर, लीला कुमारी, चंपाराम मेघवाल, सुरेश कुमार सोनी, भारत सिंह, अमित कुमार, शिवदास, महीराम बिश्नोई, बेगराज मीणा, रमेशचंद मीणा, राजेश कुमार, संगीता बंजारा, सुरेशचंद मेघवाल, राजेश शर्मा, शैफाली सांखला, सरोज कुमारी, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार गंगवानी, भरत सिंह, धर्मसिंह, अर्चना मीणा, रामकेश मीणा, भवानी सिंह राजावत, गीता कुमारी, संजू रानी, उर्मिला कुमारी, अशोक, नेकीराम, शेषकरण बारहट, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार शर्मा, अशोक कुमार सैनी, मनीषा, रूपनारायण तथा हरिसिंह देपावत समेत कुल 100 निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा सबसे पदस्थापन अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर तथा सीआईडी-सीबी में किए गए हैं। कई अधिकारियों को एटीएस-एसओजी, जीआरपी, एसीबी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रकरण अथवा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय ने 19 जून 2026 को जारी आदेश संख्या 1521 के तहत क्रम संख्या-3 पर अंकित पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से पुलिस आयुक्तालय जयपुर किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया है। सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडेंट और संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें। कुछ समय पहले भी हुए थे ट्रांसफर उस समय जयपुर के पुलिस आयुक्तालय और JDA में भी कई अहम बदलाव देखने को मिला था। रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को जेडीए में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए एसीपी भी लगाए गए। जबकि बीते मई महीने में 19 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए गए। उस समय दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर ग्रामीण और झुंझुनू सहित कई जिलों के थाना प्रभारियों व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ था। मुख्य तबादले: कौन कहां गया यहां देखें सूची

बस ड्राइवर को हार्टअटैक आया, सूझबूझ से बचा गया जिंदगियां:हालत बिगड़ते ही साइड में रोकी, फिर हो गया बेसुध, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

नदबई में मंगलवार रात राजस्थान रोडवेज के एक बस ड्राइवर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ड्राइवर ने आखिरी समय में भी सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सुरक्षित सड़क किनारे खड़ा कर दिया, जिससे बस में सवार दो यात्रियों की जान बच गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद ड्राइवर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जयपुर के रामगढ़ निवासी वंशीधर पुत्र गिरधारीलाल राजस्थान रोडवेज के वैशाली नगर डिपो में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार को वह निर्धारित समय के अनुसार जयपुर से नदबई के लिए रोडवेज बस लेकर रवाना हुए थे। पूरे सफर के दौरान बस का संचालन सामान्य रूप से होता रहा, लेकिन नदबई शहर पहुंचने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। चक्कर आते ही बस को सुरक्षित किनारे लगाया प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, जैसे ही बस नदबई के कुम्हेर रोड तिराहे के पास पहुंची, ड्राइवर को अचानक चक्कर आने लगे। इसके बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा और बस को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित तरीके से सड़क किनारे खड़ा कर दिया। ड्राइवर की हालत गंभीर होते ही यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें नदबई के राजकीय जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत राजकीय जिला अस्पताल में डॉक्टर्स ने ड्राइवर की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टर्स ने मौत का कारण हार्ट अटैक माना है। ड्राइवर के निधन की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मचारियों में शोक का माहौल बन गया। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाया, परिजनों को दी सूचना घटना की जानकारी मिलने पर नदबई थाने के एएसआई राजेश कुमार अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई। एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों को सूचना भेज दी गई है। उनके नदबई पहुंचने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

जयपुर के इंद्रा-मार्केट में कपड़े की दुकान में लगी आग:एसी में शॉर्ट सर्किट के चलते हुआ हादसा, आसपास अफरा तफरी मची

जयपुर में इंद्रा मार्केट में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक कपड़े की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फायर-ब्रिगेड की टीम ने समय रहते पाया काबू थानाधिकारी (SHO) राजेश गौतम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आग विकराल रूप नहीं ले सकी और आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने राहत की सांस ली।

राजस्थान पुलिस में 100 इंस्पेक्टर के तबादले:एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने जारी किए ट्रांसफर आदेश; देखें पूरी लिस्ट

राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। ये स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर तत्काल प्रभाव से किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार निरीक्षकों को पुलिस आयुक्तालय जयपुर, जोधपुर, विभिन्न रेंज, सीआईडी-सीबी, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में सबसे अधिक अधिकारियों की पोस्टिंग अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर और सीआईडी-सीबी में की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के प्रकरण या राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 (CCA Rule-16) के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 19 जून को जारी आदेश के तहत सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से जयपुर पुलिस आयुक्तालय किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। यहां देखें सूची

सबरीमाला गोल्ड केस-पूर्व TDB चीफ के खिलाफ सबूत मिले:केरल हाईकोर्ट ने SIT को नया केस दर्ज करने की मंजूरी दी

केरल के सबरीमाला मंदिर के गोल्ड चोरी मामले में एसआईटी ने दावा किया है कि जांच में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष पीएस प्रशांत के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी ने कहा कि उसके पास कई अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों की भूमिका से जुड़े पर्याप्त सबूत हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में आपराधिक धोखेबाजी, जालसाजी और साजिश जैसे गंभीर अपराध बनते हैं। केरल हाईकोर्ट के जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस केवी जयकुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि एसआईटी इस मामले में नया केस दर्ज कर सकती है। SIT चाहे तो 2025 की गोल्ड प्लेटिंग को लेकर अलग से नया मामला दर्ज कर सकती है। या फिर अपनी जांच निष्कर्षों को 2019 में सोने के गायब होने से जुड़े पहले से चल रहे मामले में जोड़ सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि कुछ अन्य अधिकारियों और पूर्व बोर्ड सदस्यों की भूमिका की जांच अभी जारी है। अगर उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो एसआईटी उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। पहले पूरा मामला जानिए सबरीमाला मंदिर से जुड़े इस मामले में आरोप है कि मंदिर के गर्भगृह और द्वारपालक मूर्तियों पर लगी सोने की परत वाले तांबे के प्लेट्स से सोना निकाला गया और उसे हड़प लिया गया। इस मामले की जांच के लिए बनी केरल सरकार की SIT ने पाया कि देवस्वोम बोर्ड के अधिकारियों ने बिना सही अनुमति ये प्लेट्स बाहर दीं और इसमें कारोबारी व अन्य लोगों की मिलीभगत थी। प्रशांत ने अपने ऊपर लगे आरोप खारिज किए पूर्व टीडीबी अध्यक्ष पीएस प्रशांत ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि 2025 की गोल्ड प्लेटिंग में उनके खिलाफ कोई सीधा आरोप नहीं है, सिर्फ अदालत की अनुमति नहीं लेने की बात कही गई है। पी.एस. प्रशांत का कहना है कि प्रतिमाओं को दोबारा गोल्ड प्लेटिंग के लिए भेजने में सभी नियमों का पालन किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बोर्ड को 2019 में कथित सोने की हेराफेरी की कोई जानकारी नहीं थी। SIT की जांच में खुलासा- बचा हुआ सोना अभी भी उन्नीकृष्णन पोट्टी के पास अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी इस केस में मुख्य आरोपी मंदिर के पूर्व पुजारी नंबूदरी उन्नीकृष्णन पोट्टी, सोना व्यापारी डी मणि और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके साथ ही 9 अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मामले के 3 मुख्य किरदार मंदिर से 500 करोड़ का सोना चोरी होने का दावा SIT का कहना है कि इसमें देवस्वोम अधिकारियों की गंभीर लापरवाही और अनधिकृत तरीके से प्लेट्स सौंपने के मामले सामने आए हैं। SIT ने हाईकोर्ट को बताया है कि यह एक संगठित साजिश थी, जिसमें मंदिर की अन्य सोने से मढ़ी वस्तुओं को भी हटाकर सोना निकालने की योजना थी। ED अब यह जांच करेगी कि क्या इस प्रक्रिया से ‘अपराध की आय’ बनी है और जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्तियां भी अटैच की जा सकती हैं। इससे पहले गोल्ड स्कैम मामले में SIT को अहम जानकारी देने वाले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने दावा करते हुए कहा था- ‘मंदिर के सोने की चोरी में TDB बोर्ड के पुराने अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। मेरा अनुमान है कि गायब संपत्तियों की कीमत लगभग 500 करोड़ हो सकती है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… 2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी, 5-8 घंटे का सफर 30 मिनट में पूरा होगा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला:3 साल सेवा देने के बाद बिना कारण हटाए, बहाल करने और बोनस अंक देने की मांग

सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। SK मेडिकल कॉलेज और उससे अटैच SK हाॅस्पिटल और जनाना हॉस्पिटल में हटाए गए नर्सिंग संविदाकर्मियों ने आक्रोश जताया। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले संविदा नर्सिंगकर्मियों ने तुरंत प्लेसमेंट बहाल करने और अगली भर्तियों में एक्सपीरियंस के बोनस देने की भी मांग की है। नर्सिंग संविदाकर्मी मंगलवार देर शाम मोमबत्ती हाथों में लेकर कल्याण सर्किल पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए। संघर्ष समिति के रामनिवास चाहर ने बताया कि 3 साल पहले राजस्थान सरकार ने सरकारी हॉस्पिटलों में प्लेसमेंट और संविदा के आधार पर नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति दी थी। अब बिना कारण बताए इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन कर नर्सिंग संविदाकर्मियों की सेवा बहाल करने और अगली सरकारी नर्सिंग ऑफिसर की भर्तियों में एक्सपीरियंस के आधार पर 10 या 20 बोनस अंक देने की मांग की गई है। पहले देखें प्रदर्शन की ये PHOTOS आत्महत्या करने वाले संविदाकर्मी के परिजन को मिले 1 करोड़ मुआवजा राजेश कुमार बाटड़ ने बताया- नर्सिंग संविदाकर्मियों ने जयपुर में आहत होकर आत्महत्या करने वाले जयपुर के नर्सिंग संविदाकर्मी दीपक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि कैंडल मार्च के जरिए राज्य सरकार को जगाने की‌ कोशिश की है। अगर समय रहते सरकार मांगों को नहीं मानती है तो संपूर्ण राजस्थान में नर्सिंग कर्मियों का चल रहा धरना प्रदर्शन उग्र आंदोलन के रूप में तेज होगा। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में नर्सिंग संविदाकर्मी शामिल हुए।

PM मोदी ने सचिवों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक:कहा- विभागीय दीवारें तोड़ें, योजनाओं का असर जमीन पर दिखना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सेवा तीर्थ में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के लोगों के जीवन पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय के लिए पीएम गतिशक्ति (PM GatiShakti) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर जोर दिया। बैठक में दो प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। पहला, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए विनियमन में सुधार और अन्य सुधार’, जबकि दूसरा विषय ‘आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना’ था। बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने इन दोनों विषयों के अनुरूप उठाए जा रहे प्रमुख कदमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के प्रयासों, विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों और शासन एवं सेवा वितरण को बेहतर बनाने की भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की। विभागीय सीमाओं से बाहर निकलकर काम करना चाहिए: पीएम पीएम ने कहा- सभी विभागों को ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण अपनाते हुए विभागीय सीमाओं (साइलो) से बाहर निकलकर काम करना चाहिए। मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वित योजना से सरकारी कामकाज अधिक प्रभावी होगा। पीएम ने गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी बल दिया और कहा कि यह विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा बेहतर और तथ्य आधारित निर्णय लेने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी योजनाओं की सफलता का आकलन केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से किया जाना चाहिए। सरकारी कार्यों, जन-केंद्रित मामलों में ढिलाई न हो: पीएम पीएम ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बैठक में उन्होंने सचिवों को गवर्नेंस और इंप्लीमेंटेशन पर ध्यान केंद्रित रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सरकारी कार्यों, खास तौर पर जन-केंद्रित पहलों में कोई ढिलाई या देरी न हो। पीएम मोदी ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ व्यवस्थागत बदलाव लेकर आई है और नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाया है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने संरचनात्मक सुधारों पर अपडेट दिया। यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में रेलवे सहित कई मंत्रालयों में ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है, जिसमें इन्हें लागू करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है। —————
ये खबर भी पढ़ें… मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ बैठक साढ़े 4 घंटे चली:कहा- मंत्री तेजी से फैसले लें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार रात को दिल्ली के सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के प्रदर्शन और आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई। पीएम ने कहा- ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का लक्ष्य और वादा है। पूरी खबर पढ़ें…