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जोधपुर में भैरूजी चौराहे की पुलिया पर भरा पानी,बस फंसी,VIDEO:करीब 10 यात्री आधे घंटे तक फंसे रहे, धक्का देकर बाहर निकाला; सड़कें भी डूबी

जोधपुर शहर में सुबह से ही मौसम बदला हुआ है। सुबह करीब 11 बजे अचानक बादल छाए और अंधेरा हो गया। इसके बाद आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। शहर के भैरूजी चौराहे की खतरनाक पुलिया पर पानी भर गया। इस पानी के बीच में सवारियों से भरी एक बस फंस गई। बस में करीब 10 यात्री सवार थे। सभी करीब आधे घंटे तक बीच पानी में फंसे रहे। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से बस को धक्का देकर बाहर निकाला। फोटो में देखें पूरा घटनाक्रम… पहले फंसी पिकअप, ट्रैक्टर से बाहर निकाला लोग रोकते रहे लेकिन नहीं माना ड्राइवर पानी में बस उतारता ड्राइवर बस को निकालने के लिए ट्रैक्टर बुलाया लेकिन रस्सा टूटा लोगों ने धक्का देकर बाहर निकाला

भैरूजी चौराहे पर की बैरिकेडिंग, पिकअप फंसी थी, फिर भी बस उतारी दरअसल, सुबह से ही शहर में बारिश का दौर चल रहा है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। ऐसे में खतरनाक पुलिया पर भी पानी भर गया। ऐसे में गाड़ियों को वहां जाने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए ताकि लोग वहां नहीं जा सके। ऐसे में एक पिकअप ड्राइवर ने खतरनाक पुलिया पर पिकअप उतार ​दी। इसके बाद वह फंस गया, हालांकि ट्रैक्टर की मदद से उसे निकाला। इतने में सिटी बस ड्राइवर आया और पिकअप फंसे होने के बाद भी उसे पानी में उतार दिया। इस दौरान लोगों ने उसे रोकने की भी कोशिश की, लेकिन नहीं माना। पानी में उतरते ही यात्रियों से भरी बस खतरनाक पुलिया के बीच फंस गई। ट्रैक्टर को बुलाया लेकिन रस्सा टूट गया, धक्का देकर बाहर निकाला इस पर कंडक्टर बार-बार बस को बाहर निकालने की गुहार लगाता रहा। वहां मौजूद लोगों ने ट्रैक्टर बुलाया। लेकिन, जब रस्सा बांधकर बस को बाहर निकालने का प्रयास किया तो रस्सा टूट गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने धक्का दिया और बड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला। इस दौरान सिटी बस में मौजूद यात्री करीब आधे घंटे तक खतरनाक पुलिया के बीच पानी में फंसे रहे। यहां पढ़ें बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स शहर की सड़कों पर भरा पानी: शहर में बारिश के चलते जलभराव की स्थिति हो गई। प्रतापनगर में सड़कों पर पानी जमा हो गया और कारों के टायर तक डूब गए। शहर में एक घंटे हुई तेज बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। ऐसे में कारों के टायर तक डूब गए। ग्रामीण इलाकों में भी बारिश:शहर के आस-पास सटे ग्रामीण इलाकों लूणी और डांगियावास में भी तेज बारिश के चलते स्कूल, स्टेशन और हाईवे पर पानी भर गया। लूणी रेलवे स्टेशन पर यात्री बारिश से बचने के लिए टीन शेड के नीचे खड़े हो गए। मौसम विभाग का अलर्ट:पिछले दिनों लगातार बदल रहे मौसम और बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अनुमान है कि अगले 24 घंटे में मानसून जोधपुर में एंट्री कर सकता है। आगे क्या: इस पूरे सप्ताह आंधी-बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर शहर में पूरा सप्ताह आंधी-बारिश का दौर चलेगा। विभाग के अनुसार 12 जुलाई तक ​आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। देखिए, जोधपुर शहर में बारिश की PHOTOS

सतीश पूनिया बोले-'दिल्ली जाओ,कुर्सी बचाओ' यह कांग्रेस में होता है:मैं कार्यकर्ताओं से कहता हूं- जो ऊंट रखेगा उसे टिकट मिलेगा

राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा- दिल्ली जाने का मतलब पैरवी करना होता है। योजनाओं का रिव्यू कर बजट लाना होता है। यह कांग्रेस में होता है कि ‘दिल्ली जाओ, कांग्रेस बचाओ’। पूर्व सीएम अशोक गहलोत को लेकर भी पूनिया ने कहा- रिफाइनरी के काम को लेकर उन्हें कंजूसी न करके इसकी तारीफ करनी चाहिए। मीडिया ने जब ऊंटों के संरक्षण को लेकर सवाल किया गया, तो वे बोले- मैं कार्यकर्ताओं से मजाक में कहता हूं कि जो ऊंट रखेगा, उसे टिकट मिलेगा। नई जिम्मेदारी मिलने पर पूनिया ने कहा- मैंने भी सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम किया था, समय के साथ मेरी भूमिका बदलती रही। जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने सोमवार को ये बातें कहीं। राहुल गांधी और गहलोत किसी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं मीडिया ने सवाल पूछा कि सीएम बार-बार दिल्ली जाते हैं और विपक्ष बयान देता है कि कुछ बदलने वाला है। इस पर पूनिया ने कहा- दिल्ली जाने का मतलब योजनाओं का रिव्यू कर उनका बजट लाना और प्रदेश के लिए पैरवी करना होता है। पूनिया ने आगे कहा- सीएम ने भी कहा था कि जब भी मैं दिल्ली जाता हूं, कुछ न कुछ लेकर आता हूं और वे लेकर भी आए। यह कांग्रेस में जरूर होता है कि ‘दिल्ली जाओ, कुर्सी बचाओ’। यह बीजेपी में नहीं होता। परिसीमन को लेकर पूनिया ने कहा- यह सब एक सिस्टम का हिस्सा है। लेकिन राहुल गांधी, कांग्रेस और अशोक गहलोत किसी भी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं हैं। लोग घोषणा और भाषण नहीं, परिणाम देखते हैं मीडिया ने सतीश पूनिया से रिफाइनरी के क्रेडिट लेने को लेकर सवाल किया गया, तो पूनिया ने कहा- लोग घोषणा और भाषण नहीं, परिणाम देखते हैं। 2013 में जब उनकी विदाई तय हो चुकी थी, तब सोनिया गांधी को बुलाकर इसकी शुरुआत की गई थी। राजस्थान में एक मिजाज रहा है कि केंद्र और राज्य में एक सरकार नहीं रही। केंद्र में मोदी की सरकार थी और राज्य में गहलोत की सरकार थी, तो गहलोत सरकार में जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा- गहलोत ने केंद्र सरकार की योजनाओं को विफल किया। रिफाइनरी की घोषणा भले ही गहलोत ने की हो, लेकिन उसे धरातल पर लाने का काम बीजेपी ने किया है। अशोक गहलोत को इस काम की प्रशंसा करनी चाहिए। ऐसी कई योजनाएं और बातें हैं, जिन पर उन्हें उदारता रखते हुए तारीफ करने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए। पूनिया बोले- प्रदेश में ऊंट संरक्षण पर चल रहा है रिसर्च दरअसल, सतीश पूनिया रविवार को बीकानेर गए थे। यहां वे नेशनल केमल रिसर्च सेंटर भी गए थे। पूनिया ने बताया- हम किताबों में पढ़ते हैं कि ऊंट रेगिस्तान का जहाज है। जहां भी राजस्थान की बात होती है, वहां ऊंट जरूर होता है। बीकानेर का राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र (नेशनल केमल रिसर्च सेंटर) ऊंटों की प्रजाति और संरक्षण के लिए काम कर रहा है। ऊंट के प्रोडक्ट्स जैसे दूध और आइसक्रीम बन रहे हैं। एक रिसर्च चल रही है कि रायका और रेबारी समाज के लोग जो ऊंट चराते हैं, उनमें डायबिटीज नहीं होती। इस रिसर्च को लेकर टीम काम कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि कार्यकर्ताओं को ऊंट बचाने के लिए क्या मैसेज देंगे, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- मैं कार्यकर्ताओं को मजाक में यही कहता हूं कि जो ऊंट रखेगा, उसे टिकट मिलेगा।

वक्फ बोर्ड में 2 हिंदू सदस्य, मुस्लिमों का प्रदर्शन:कहा-हमने कभी अयोध्या-मथुरा की कमेटियों में जगह नहीं मांगी; सारंग बोले-धर्म के चश्मे से न देखें

देश में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के विरोध में सोमवार को भोपाल के बुधवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इन दो हिंदू सदस्यों की वक्फ बोर्ड में नियुक्ति अब जानिए मुस्लिम संगठन क्यों कर रहे फैसले का विरोध? ‘बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति उचित नहीं’ ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि वक्फ मुस्लिम समाज की धार्मिक और सामाजिक संस्था है, जहां लोग अपनी संपत्ति अल्लाह की रजा के लिए वक्फ करते हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के प्रबंधन में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति उचित नहीं है। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का गठन दो दिन पहले हुआ है, जिसमें पहली बार दो गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों को शामिल किया गया है। कमेटी इसी नियुक्ति का विरोध कर रही है। जल्दबाजी में वक्फ बोर्ड के गठन का आरोप शमशुल हसन ने अयोध्या, सोमनाथ और मथुरा की धार्मिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि जब मुस्लिम समाज ने कभी उन संस्थाओं के प्रबंधन में प्रतिनिधित्व की मांग नहीं की, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की जरूरत क्यों महसूस की गई। शमशुल हसन ने आरोप लगाया कि नए कानून के लागू होने के तुरंत बाद जल्दबाजी में वक्फ बोर्ड का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि नए सदस्यों की नियुक्ति करनी थी, तो मुस्लिम समाज के योग्य और अनुभवी लोगों, जैसे सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। कांग्रेस विधायक बोले- मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल करने के मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसी क्या आवश्यकता पड़ी थी, जो सनव्वर पटेल को इतनी जल्दबाजी करनी पड़ी। मध्य प्रदेश शासन ने एक और गलती की है। दो अन्य समाज के लोगों को रखने का प्रावधान है, शासन ने तीन रख दिए। आयुक्त भी अन्य कास्ट के हैं। तानाशाही नहीं चलेगी, मनमानी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता मुख्यमंत्री मोहन यादव के पोस्टर लेकर पहुंचे। उन्होंने वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को सरकार का हस्तक्षेप बताया। प्रदर्शनकारियों ने “वक्फ बोर्ड में तानाशाही नहीं चलेगी”, “मनमानी नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए और नए वक्फ बोर्ड के गठन पर पुनर्विचार की मांग की। अयोध्या समेत अन्य मंदिरों से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया गया और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी हुई। सरकार से आदेश वापस लेने की मांग उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां धार्मिक आस्था और समाज की अमानत हैं, इसलिए इनके प्रबंधन में ऐसे लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जिन पर समुदाय को विश्वास हो। उनका दावा था कि इस फैसले से मुस्लिम समाज में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आदेश वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक रूप दिया जाएगा। कानून के दूरगामी और सकारात्मक नतीजे आएंगे: सारंग प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि वक्फ कानून-2026 लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जो खुशी और गर्व की बात है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि इस कानून के दूरगामी और सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सारंग ने कहा कि वक्फ बोर्ड को मस्जिद प्रबंधन समिति से जोड़कर देखना गलत है। वक्फ बोर्ड का दायरा केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी जिम्मेदारियां अधिक व्यापक हैं। ‘फैसले से वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी’ वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने का श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच ने स्वागत किया है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि इस फैसले से वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। इंदौर के मालपानी और राघौगढ़ के भार्गव बने सदस्य मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार का दावा है कि वह वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के प्रावधानों के तहत बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। नए बोर्ड में 10 सदस्य हैं। इससे पहले वक्फ अधिनियम-1995 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य केवल मुस्लिम समुदाय से ही होते थे। केंद्र सरकार ने पिछले साल लागू किया था वक्फ संशोधन कानून सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे थे। अदालत ने पूछा कि यदि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जा सकता है, तो क्या भविष्य में मुसलमानों को भी हिन्दू धार्मिक ट्रस्टों के प्रबंधन में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी? मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति संजय कुमार और केवी विश्वनाथन भी शामिल थे, ने संशोधित कानून के विभिन्न प्रावधानों पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। पीठ ने ‘वक्फ बाय यूजर’ की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई संपत्ति लंबे समय से धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए उपयोग में रही है, तो उसे औपचारिक दस्तावेजों के अभाव में भी वक्फ संपत्ति माना जा सकता है।

बीकानेर में नवजात के बाद मां की भी मौत:पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी थी तबीयत

बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में रविवार की रात एक और प्रसूता की मौत हो गई। नापासर के कुचौर की रहने वाली लीला(27), पत्नी रेखाराम की जनाना अस्पताल की ओटी में 3 जुलाई को सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद उनके नवजात शिशु की मौत हो गई थी, जिसके बाद रविवार की रात महिला ने भी ट्रोमा आईसीयू में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फिलहाल महिला के इलाज की फाइल लेने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ. बी.सी. घीया ने बताया- प्रसव के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से प्रसूता की हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल ट्रॉमा आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया। डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद बिगड़ती गई प्रसूता की तबीयत
कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा ने बताया- लीला को प्रसव पीड़ा होने पर पीबीएम हॉस्पिटल लाया गया था। 3 जुलाई को जनाना अस्पताल की ओटी में उनकी सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। ऑपरेशन के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद लीला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजन पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर एकत्रित हो गए। घटना की सूचना मिलने पर कांग्रेस नेता रामनिवास कूकना भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कूकना ने बताया कि मामले को लेकर प्रशासन से बातचीत की जा रही है। बता दें कि पिछले एक महीने में पीबीएम हॉस्पिटल में लीला समेत 3 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। ऐसे में हॉस्पिटल में इलाज की व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों की चिंताएं बढ़ गई है। फिलहाल मामले को लेकर हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सिलसिलेवार पढ़िए- एक महीने में हुआ घटनाक्रम ………………………… पीबीएम हॉस्पिटल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती:PM मोदी बोले- आर्टिकल 370 हटाना उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि; अमित शाह पैतृक घर जाकर श्रद्धांजलि देंगे

भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सोमवार को 125वीं जयंती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाना उनके बलिदान को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि थी। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया और इसी आंदोलन के दौरान 1953 में श्रीनगर में हिरासत के दौरान उनका निधन हो गया। प्रधानमंत्री ने अखबारों में प्रकाशित अपने लेख में लिखा कि डॉ. मुखर्जी ने हमेशा ‘इंडिया फर्स्ट’ और भारतीय मूल्यों को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने ऐसे संस्थानों और व्यवस्थाओं की नींव रखी, जो अपने समय से आगे की सोच को दिखाती थीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को एक दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल जाएंगे। अमित शाह सबसे पहले कोलकाता के ईको पार्क पहुंचेंगे। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वह भवानीपुर स्थित मुखर्जी के पैतृक आवास जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर PM के लेख में 5 बड़ी बातें… —————–

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती:PM मोदी बोले- आर्टिकल 370 हटाना उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि; शाह ने पैतृक घर जाकर श्रद्धांजलि दी

भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सोमवार को 125वीं जयंती है। इस मौके पर PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2019 में कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35A हटाना उनके बलिदान को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि थी। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया और इसी आंदोलन के दौरान 1953 में श्रीनगर में हिरासत के दौरान उनका निधन हो गया। मोदी ने अखबारों में प्रकाशित अपने लेख और वीडियो मैसेज में कहा कि डॉ. मुखर्जी ने हमेशा ‘इंडिया फर्स्ट’ और भारतीय मूल्यों को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने ऐसे संस्थानों और व्यवस्थाओं की नींव रखी, जो अपने समय से आगे की सोच को दिखाती थीं। अमित शाह ने डॉ. मुखर्जी और उनके पिता को श्रद्धांजलि दी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कोलकाता के ईको पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण के लिए भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। यह कार्यक्रम भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। इससे पहले अमित शाह ने कोलकाता के भवानीपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास का दौरा किया। वहां उन्होंने डॉ. मुखर्जी और उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर PM के लेख और वीडियो की 5 बड़ी बातें… —————–

'क्या ताजमहल तेजो महालय मंदिर था':इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र-ASI से मांगा जवाब; सर्वे कमिश्नर नियुक्त करने की मांग पर सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को ताजमहल में तेजो महालय मंदिर होने पर सुनवाई की। इसका सर्वे करने के लिए एडवोकेट कमीशन नियुक्त करने की मांग पर केंद्र सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) से जवाब मांगा। पूछा, क्या ताजमहल तेजो महालय मंदिर था? जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने इस पर केंद्र और ASI को अपने काउंटर-एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया। दरअसल, ताजमहल को लेकर पिछले कुछ सालों से यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह मकबरा है या मंदिर? ताजमहल के बारे में दावा किया जाता है कि इसके परिसर में लॉर्ड श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर है। अब जानिए पूरा मामला यह विवाद 2015 में आगरा में दायर एक सिविल मुकदमे से जुड़ा है। उस मुकदमे में हरि शंकर जैन और अन्य भक्तों ने दावा किया था कि ताजमहल असल में ‘तेजो महालय’ था। यह भगवान शिव को समर्पित एक हिंदू मंदिर था। जिसे बाद में मुगल बादशाह शाहजहां के शासनकाल में मुमताज महल के मकबरे में बदल दिया गया था। उन्होंने इस बात की घोषणा करने, हिंदुओं को स्मारक के अंदर दर्शन, पूजा और आरती करने की अनुमति देने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ताजमहल का निरीक्षण करना जरूरी है। जिससे उनके दावे का समर्थन करने वाले वास्तुशिल्प और संरचनात्मक विशेषताओं का दस्तावेजीकरण हासिल किए जा सकें। एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की थी ताजमहल ASI के नियंत्रण में एक संरक्षित स्मारक है। इसलिए याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे उन हिस्सों तक स्वतंत्र रूप से नहीं पहुंच सकते या उनकी तस्वीरें नहीं ले सकते। जिन पर वे ट्रायल कोर्ट के सामने भरोसा करना चाहते हैं। इसी वजह से याचिकाकर्ताओं ने साल-2017 में एक अर्जी दायर की थी। इसमें ताजमहल का निरीक्षण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने और ट्रायल कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई थी। जुलाई- 2019 में खारिज कर दी गई थी अर्जी ट्रायल कोर्ट ने जुलाई- 2019 में यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी थी कि कमिश्नर नियुक्त करने का कोई औचित्य नहीं है। इसी मुकदमे के ट्रायल के दौरान परिसर के सर्वेक्षण के लिए एडवोकेट कमीशन नियुक्त करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। दोनों अदालतों (सिविल जज सीनियर डिवीजन और अपर जिला जज) ने इस पर कोई भी आदेश देने से मना कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। यह याचिका भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय जरिए हरिशंकर जैन समेत 5 अन्य भक्तों की ओर से संयुक्त रूप से की गई है। याचिका में भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और दो अन्य को विपक्षी बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि स्मारक की भौतिक विशेषताओं, वास्तुशिल्प गुणों और अन्य दृश्य पहलुओं को केवल मौखिक सबूतों से प्रभावी ढंग से साबित नहीं किया जा सकता। अब ताजमहल के बारे में पढ़िए… एपिग्राफिका इंडिका में बटेश्वर शिलालेख के अनुसार, राजा परमाल देव ने फिटकरी के समान सफेद रंग का शिवजी का मंदिर 1194 ईस्वी में बनवाया था। ताज गार्डेन, जिसका मूल नाम चारबाग है। इसके निर्माण का वर्णन बाबर ने अपनी पुस्तक बाबरनामा में किया है। बाबर ने अपनी पुस्तक में ताजमहल के नीचे कुओं के निर्माण का भी वर्णन किया है। हुमायूंनामा में भी ताजमहल का उल्लेख है। आगरा गजेटियर, ASI बुलेटिन और रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के जनरल के अनुसार, ताजमहल का शिल्पकार विवादित है। कब-कब विवाद सामने आया? आगे स्लाइड में जानिए-
————————— ये खबर भी पढ़ें… शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी होगा:1.60 लाख होमगार्ड्स का कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट से 28 प्रस्ताव पास
लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में सोमवार सुबह 10 बजे कैबिनेट बैठक हुई। इसमें 28 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें तीन प्रमुख प्रस्ताव हैं। पहला- यूपी के होमगार्ड्स और उनके परिवार के लिए अब 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर…

स्कूल बस से भिड़ी लोक परिवहन की बस:पीछे से आकर टकराई, बच्चों को बैठाने सड़क किनारे रुकी थी बाल-वाहिनी; बड़ा हादसा टला

झुंझुनूं मंडावा मोड़ से चूरू बाईपास जाने वाले मार्ग पर आज सुबह सड़क हादसा हो गया। गांधी नगर के सामने बच्चों से भरी एक स्कूल बस को पीछे से आ रही तेज रफ्तार लोक परिवहन बस ने जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया और सभी बच्चे सुरक्षित हैं। घटना आज सुबह करीब 7:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, टैगोर स्कूल की बस बच्चों को बैठाने के लिए सड़क किनारे रुकी थी। तभी सगीरा सर्किल की ओर से आ रही लोक परिवहन बस बेकाबू होकर स्कूल बस से पीछे से भिड़ गई। देखें मौके की तस्वीरें… महिला गंभीर घायल हादसे के समय सड़क किनारे साफ-सफाई का काम कर रही एक महिला बस की चपेट में आ गई। इस दुर्घटना में महिला के सिर में गंभीर चोट आई है। शम्मी पत्नी जगदीश निवासी तारानगर घायल हो गई। सिर और पैर में चोट आई है। वहीं, लोक परिवहन बस में सवार यात्रियों को मामूली झटके लगे, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई। बच्चे सहमे टक्कर के बाद स्कूल बस में सवार बच्चे डर गए और वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत अस्पताल पहुंचे। स्कूल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बच्चों को सुरक्षित निकाल कर दूसरी बस के जरिए स्कूल भेजा। घायलों का उपचार जारी प्राथमिक जानकारी के अनुसार बस में सवार एक बच्चे को हल्की चोट आई है, जिसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाकर उपचार दिया गया। एहतियात के तौर पर कुछ अन्य बच्चों को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सफाईकर्मी महिला का गंभीर स्थिति में अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि लोक परिवहन बस का चालक समय पर ब्रेक नहीं लगा सका और हादसा हो गया।

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के न्यूयॉर्क में सीप्लेन की हार्ड लैंडिंग, 8 लोग सवार थे; 2 घायल

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक सीप्लेन ने ईस्ट रिवर में हार्ड लैंडिंग की। विमान में 8 लोग सवार थे। हादसे में 2 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 12 बजे सीप्लेन ने पानी में जोरदार लैंडिंग की। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से किनारे तक खींचकर लाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में विमान एक तरफ झुका हुआ नजर आया, जबकि उसका एक पंख पानी में डूबा हुआ था। घटना के बाद पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… फ्रांस के लालिक म्यूजियम में 40 करोड़ रुपए की चोरी, नकाबपोश बदमाश 20 क्रिस्टल ज्वेलरी लेकर फरार फ्रांस के लालिक म्यूजियम से रविवार तड़के करीब 40 लाख यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) के आभूषण चोरी हो गए। घटना जर्मनी सीमा से सटे विंगन-सुर-मोडेर कस्बे की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 बजे कई नकाबपोश बदमाश संग्रहालय का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने छह डिस्प्ले केस तोड़े और करीब 20 क्रिस्टल आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण क्रिस्टल के बने थे और उनमें कीमती रत्न नहीं जड़े थे। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन्हें पिघलाकर या दोबारा बेच पाना आसान नहीं होगा। लालिक म्यूजियम की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की कला को समर्पित है। संग्रहालय में 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। चोरी के बाद संग्रहालय को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स के आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हुए थे। उनकी कीमत करीब 8.8 करोड़ यूरो आंकी गई थी। इसी दौरान डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से 15 लाख यूरो कीमत के छह दुर्लभ सोने के नगेट भी चोरी हुए थे। श्रीलंका के नेगोम्बो जेल में बलवा: 25 की मौत, 100 से ज्यादा घायल श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बाहरी इलाके नेगोम्बो स्थित एक जेल में हुई हिंसक झड़प में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मृतकों में चार जेलकर्मी और 15 कैदी शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेगोम्बो अस्पताल की निदेशक पुष्पा गमलाथ ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि अस्पताल में चार जेलकर्मियों और 15 कैदियों के शव लाए गए हैं। पुलिस और स्थानीय मीडिया के मुताबिक, राजधानी कोलंबो से करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित नेगोम्बो जेल में रविवार को हिंसा शुरू हुई, जो सोमवार तक जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों और घायलों में कैदी और जेल अधिकारी दोनों शामिल हैं। श्रीलंका पुलिस के प्रवक्ता चंदना हेराथ ने जेल के अंदर झड़प और लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने घटना के कारण या अन्य विवरण साझा नहीं किए। ब्रिटेन में विदेशी फंडिंग पर शिकंजा:चुनावी उम्मीदवारों को हर बड़े चंदे का स्रोत बताना होगा ब्रिटेन ने सोमवार को विदेशी राजनीतिक चंदे पर नियम और सख्त कर दिए। सरकार का कहना है कि इसका मकसद विदेशी पैसे के जरिए चुनावों को प्रभावित होने से रोकना और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह जानकारी ब्रिटिश सरकार के बयान में दी गई है। नए नियमों के तहत अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उम्मीदवार घोषित होने से पहले मिले 2,230 पाउंड से अधिक के सभी चंदों की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी साबित करना होगा कि यह रकम वैध स्रोतों से आई है। हाउसिंग मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि विदेशी दानदाताओं के लिए कड़े मानक लागू कर और उम्मीदवारों से फंडिंग का स्रोत साबित कराने की व्यवस्था कर सरकार चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा कर रही है। नियमों के मुताबिक विदेश से आकर ब्रिटेन में बसे लोग अब तभी एक लाख पाउंड या उससे अधिक का राजनीतिक चंदा दे सकेंगे, जब वे कम से कम एक साल तक स्थायी रूप से ब्रिटेन में रह चुके हों। इसके अलावा कंपनियों से मिलने वाले राजनीतिक चंदे का आकलन अब उनके राजस्व के बजाय कर चुकाने के बाद हुए वास्तविक मुनाफे के आधार पर किया जाएगा। ये नए नियम मार्च में घोषित प्रावधानों के बाद लागू किए गए हैं। तब सरकार ने विदेश में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों के राजनीतिक चंदे की सीमा एक लाख पाउंड प्रति वर्ष तय की थी। लोगो विवाद में मॉली टी पर भारी पड़ा लुई वितों: चीनी अदालत ने $15 लाख हर्जाना और माफी का आदेश दिया चीन की लोकप्रिय बबल टी चेन मॉली टी को फ्रांसीसी लग्जरी ब्रांड लुई वितों (Louis Vuitton) के ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में 1.03 करोड़ युआन (करीब 11 लाख पाउंड या 15 लाख डॉलर) हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने माना कि कंपनी का लोगो लुई वितों के मशहूर चार-पंखुड़ी वाले मोनोग्राम ट्रेडमार्क की नकल करता है। इस फैसले के बाद चीन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। चाइना डेली के अनुसार, शंघाई के पूर्व में स्थित सूझोउ की अदालत ने गुरुवार को मॉली टी को विवादित लोगो का इस्तेमाल तुरंत बंद करने, सार्वजनिक माफी मांगने और लुई वितों को 1.03 करोड़ युआन का हर्जाना देने का आदेश दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मॉली टी और उससे जुड़ी कंपनियों ने कई ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किए थे, लेकिन चीन के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रशासन ने अधिकांश आवेदन खारिज कर दिए। केवल “मॉली टी” नाम वाले चीनी अक्षरों का ट्रेडमार्क ही पंजीकृत हो सका। इस मामले से जुड़ा एक हैशटैग चीनी सोशल मीडिया पर 40 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पर हजारों टिप्पणियां आई हैं। कई यूजर्स ने मॉली टी का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी लग्जरी ब्रांडों के कई डिजाइन भी चीनी कलाकृतियों से प्रेरित रहे हैं। वीबो पर एक यूजर ने लिखा कि वह समर्थन जताने के लिए रोज मॉली टी पिएगा। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अदालत के फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि लुई वितों ने संबंधित ट्रेडमार्क पहले ही पंजीकृत करा रखा है, इसलिए कानून के मुताबिक उसकी सुरक्षा का अधिकार उसी के पास है। ‌‌BBC ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए मॉली टी और लुई वितों दोनों से संपर्क किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से कोई बयान नहीं आया। NATO सम्मेलन से पहले रूस का बड़ा हमला:कीव में 9 की मौत यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने एक सप्ताह में दूसरी बार बड़ा मिसाइल हमला किया है। सोमवार तड़के हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कम से कम पांच बच्चे शामिल हैं। यह हमला तुर्किये में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात होने की उम्मीद है। रविवार को हमले से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि खुफिया जानकारी के अनुसार रूस कीव पर एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। वहीं रूस का कहना है कि उसने हाल में रूसी क्षेत्र के बिजलीघरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों के जवाब में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। NATO बैठक से पहले जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों की आपूर्ति में देरी नहीं करने की अपील की। चीन ने प्रशांत महासागर में पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया चीन ने सोमवार को प्रशांत महासागर में पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) का दुर्लभ परीक्षण किया। इस कदम पर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने चिंता जताते हुए कहा कि इससे दक्षिण प्रशांत क्षेत्र की शांति और स्थिरता प्रभावित हो सकती है। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नौसेना के प्रवक्ता सीनियर कैप्टन वांग शुएमेंग ने बताया कि नौसेना की एक पनडुब्बी से डमी वॉरहेड वाली रणनीतिक मिसाइल दागी गई, जो प्रशांत महासागर के निर्धारित क्षेत्र में सटीकता से गिरी। चीन ने यह नहीं बताया कि किस प्रकार की मिसाइल का परीक्षण किया गया। PLA नौसेना के पास फिलहाल JL-2 और JL-3 नाम की दो प्रकार की पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार JL-3 की मारक क्षमता इतनी है कि वह चीन के तट या दक्षिण चीन सागर से छोड़े जाने पर भी अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंच सकती है। चीन के पास जिन क्लास (टाइप-094) परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के छह पोत हैं, जिन्हें उसकी मुख्य रणनीतिक पनडुब्बी माना जाता है। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि यह मिसाइल दक्षिण प्रशांत परमाणु-मुक्त क्षेत्र के समुद्री हिस्से में दागी गई। यह क्षेत्र 1986 की रारोटोंगा संधि के तहत बनाया गया था, जिसके प्रोटोकॉल पर चीन ने भी 1987 में हस्ताक्षर किए थे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इस परीक्षण को क्षेत्र के लिए अस्थिर करने वाला कदम बताया। चीन के बड़े अंडरग्राउंड चर्च के संस्थापक रिहा:अमेरिका पहुंचकर परिवार से मिले चीन के सबसे प्रमुख अंडरग्राउंड (गैर-पंजीकृत) चर्चों में से एक जियोन चर्च के संस्थापक पादरी एज्रा जिन को जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहाई के बाद वे अमेरिका पहुंच गए, जहां उनका परिवार से पुनर्मिलन हुआ। उनकी बेटी ग्रेस जिन ड्रेक्सल ने इसकी पुष्टि की है। एज्रा जिन उन दर्जनों चर्च सदस्यों में शामिल थे, जिन्हें पिछले साल चीन में गैर-पंजीकृत चर्चों के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। ग्रेस जिन ड्रेक्सल के अनुसार, मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने एज्रा जिन का मामला उठाया था। इसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी। परिवार की ओर से जारी बयान में ड्रेक्सल ने कहा, “हम बेहद खुश हैं और इसे ईश्वर का चमत्कार मानते हैं। हम राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके प्रशासन का भी धन्यवाद करते हैं। शी जिनपिंग के सीधे हस्तक्षेप के बिना यह संभव नहीं हो पाता।” एज्रा जिन ने 2007 में बीजिंग में जियोन चर्च की स्थापना की थी। 2018 में चीन ने गैर-पंजीकृत चर्चों के खिलाफ कार्रवाई तेज की, जिसके बाद वे अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए। हालांकि, चर्च के सदस्यों पर कार्रवाई जारी रहने के कारण वे बाद में चीन लौट आए। इसके बाद चीनी अधिकारियों ने उन्हें देश छोड़ने से रोक दिया। पिछले साल अक्टूबर में परिवार का उनसे संपर्क टूट गया था। उनकी बेटी, जो अमेरिकी सीनेट में स्टाफ सदस्य हैं, ने ट्रम्प प्रशासन से अपने पिता की रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की थी।

उदयपुर में दिन और रात के तापमान में कमी आई:दोपहर बाद रुक-रुक कर हल्की बारिश, कल भी ऑरेंज अलर्ट, जानिए इस हफ्ते कैसा रहेगा मौसम

उदयपुर में मानसून की एंट्री के बाद से रोजाना रुक-रुक कर बारिश हो रही है। एक दिन पहले रविवार शाम को जिले में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने भी मानसून की सबसे ज्यादा एक्टिविटी वाले जिलों में उदयपुर को शामिल किया है। उदयपुर में आज दोपहर बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम दिनभर बदलता रहा सुबह बादल छाए हुए थे। उसके बाद धूप निकली और इसके बाद फिर बादलों ने डेरा डाला। शाम साढ़े चार बजे बाद शहर में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई। इस बीच आज उदयपुर का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री से. रहा। उदयपुर में दिन और रात, दोनों के तापमान में कमी आई है। न्यूनतम तापमान में अधिक गिरावट दर्ज होने से सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत अधिक ठंडा महसूस हुआ, जबकि दिन का तापमान भी रविवार की तुलना में 1.2 डिग्री से. कम रहा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने मंगलवार को उदयपुर जिले में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां पर तेज बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम एक्सपर्ट भूगोल विषय के सहायक आचार्य डॉ. आर.एस.देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के सिस्टम की वजह से मानसून को अच्छी नमी मिल रही है। इसके चलते पूर्वी तट से लगे क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी भाग में वर्षा होगी। मेवाड के अधिकांश हिस्सों में तीन से चार दिनों तक बादल छाए रहने के साथ भारी बारिश की संभावना है। तापमान स्थिर बना रहेगा। उमस वाली गर्मी महसूस होगी
इधर बीते चौबीस घंटे में उदयपुर शहर में सर्वाधिक करीब डेढ़ इंच और बागोलिया बांध और स्वरूपसागर पर एक-एक इंच बारिश हुई है। उदयपुर में आज सुबह 8 बजे तक पिछले चौबीस घंटे की बारिश (मिलीमीटर में) पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में)