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जजेज करेंगे बसों की जांच, हादसों के बाद लिया फैसला:नियमों की अनदेखी पर बस होगी जब्त; राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण चलाएगा अभियान

प्रदेश में बस अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं और प्रशासन की सुस्ती के बाद जजेज एक बार फिर फील्ड में उतरकर बसों की जांच करेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेश की निजी और सरकारी बसों की जांच को लेकर एक महीने का अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जयपुर सहित प्रदेश के प्रमुख 12 शहरों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) बसों की जांच करेंगे। यह अभियान मंगलवार से शुरू हुआ। इसके पहले चरण में जजेज लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच करेंगे। जांच के दौरान बसों में नियमों की अनदेखी मिलने पर बसों के चालान और जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। इस दौरान जजेज के साथ परिवहन अधिकारियों की टीम भी मौजूद रहेगी। दौसा बस हादसे के बाद निर्णय अभियान को लेकर सोमवार को रालसा के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने अभियान में शामिल जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिवों के साथ चर्चा हुई थी। अत्री ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के फलौदी सड़क हादसे को लेकर दर्ज याचिका में विस्तृत दिशा-निर्देश दे रखे हैं। वहीं हाल ही दौसा जिले में बस हादसा हुआ। ऐसे में प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष और हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने मामले में गंभीरता दिखाई और उनके निर्देश पर अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई बस नियम के खिलाफ चलती मिली तो मौके पर बस को जब्त करवाया जाए। उसकी सवारियों को मुआवजा दिलाने के लिए स्थायी लोक अदालत में केस दायर करवाने के लिए सवारियों को जागरूक करके कागजी प्रक्रिया पूरी करवाई जाए। एसओजी में भी मामला दर्ज इस दौरान वीसी से जुडे़ न्यायिक अधिकारी नवीन किलानया ने कहा- नगालैंड और आसपास के राज्यों में पंजीकृत बसें राज्य में चल रही हैं। इसे लेकर एसओजी में भी मामला दर्ज है। इस पर राज्य प्राधिकरण के सदस्य सचिव अत्री ने कहा कि एसओजी में कार्रवाई नहीं हो रही है तो उसे भी गंभीरता से देखा जाएगा। उन्होंने जिला प्राधिकरणों के सचिवों से कहा कि यदि लोक परिवहन (निजी) की बसों में भी नियमों की पालना नहीं हो रही है तो अभियान के दूसरे चरण में उनकी भी जांच की जाए।

शेयर मार्केट में कमाई का झांसा देने वाले 4-ठग गिरफ्तार:मोबाइल, कैश और लग्जरी कारें जब्त; टोंक में DST और साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई

शेयर मार्केट में ऑनलाइन निवेश कर लाखों रुपए कमाने का झांसा देने वाले चार साइबर ठगों को टोंक डीएसटी और साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में विकास मीणा, छोटूलाल मीणा, भीमसिंह मीणा और खुशीराम मीणा हैं। आरोपी टोंक और सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों से 14,610 रुपए, चार मोबाइल और दो लग्जरी कारें भी जब्त की गई हैं। आरोपियों के खिलाफ साइबर पोर्टल पर 49 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी आमजन को रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी चार्ज और जॉब के नाम पर ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस टीम ने कार्रवाई एसपी रोशन मीणा के निर्देशन में की। पुलिस ने बताया कि आरोपी आमजन को शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए मनी डबल करने का लालच देकर शेयर मार्केट के डीमैट अकाउंट हैंडल करते थे। टिप देकर ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर पैसे ऐंठते थे। पैसे लेने के बाद झांसे में आए लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी चार्ज और अन्य फीस के नाम पर रुपए वसूलते थे। इसके अलावा जॉब दिलाने के नाम पर भी पैसे लेते थे। आरोपी मोबाइल फोन में कई फर्जी मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर ऑनलाइन साइबर ठगी को अंजाम देते थे। वे लोगों को मुनाफे का लालच देकर म्यूल बैंक खातों से अनुचित लाभ प्राप्त कर ठगी करते शेथे। इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने विकास(25) पुत्र ग्यारसीलाल मीणा निवासी खोहल्या, पुलिस थाना बनेठा, जिला टोंक, छोटूलाल(26) पुत्र शंकरलाल मीणा निवासी खोहल्या, पुलिस थाना बनेठा, जिला टोंक, भीम सिंह(25) पुत्र सीताराम मीणा निवासी भूखा, पुलिस थाना मलारना डूंगर, जिला सवाई माधोपुर, हाल प्लॉट नंबर 17, मीणा कॉलोनी, पुलिस थाना मानटाउन, जिला सवाई माधोपुर और खुशीराम(24) पुत्र ओमप्रकाश मीणा निवासी बेलनगंज, बाबई, पुलिस थाना इंद्रगढ़, जिला बूंदी को गिरफ्तार किया है।

लीक पेपर पढ़कर परीक्षा दी, एक अभ्यर्थी गिरफ्तार:एग्जाम से पहले वित्त भवन में कर्मचारी मौसा ने दिया पेपर; लिखित परीक्षा में हुआ था पास

उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी राजस्थान ने एक आरोपी को 3 जुलाई को गिरफ्तार किया। आरोपी भवानी शर्मा (28) पुत्र इंद्रचंद शर्मा निवासी ओम विहार कॉलोनी जिला कोटपूतली-बहरोड़ पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जांच में सामने आया कि आरोपी भवानी ने परीक्षा से पहले तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक कराए प्रश्न-उत्तर पढ़कर लिखित परीक्षा दी थी। गिरफ्तार आरोपी भवानी को कोर्ट में मंगलवार को पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया- पुलिस थाना एसओजी में दर्ज मामले की जांच के दौरान जानकारी मिली कि SI भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा से पहले भवानी शर्मा को उसके रिश्ते में मौसा संदीप कुमार लाटा ने लीक प्रश्न-उत्तर पढ़वाए थे। संदीप कुमार लाटा वित्त भवन जयपुर स्थित कोष और लेखा विभाग में सहायक लेखाधिकारी प्रथम के पद पर कार्यरत थे। जांच के अनुसार- संदीप कुमार लाटा को तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले लीक प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराए थे, जिन्हें उसने भवानी शर्मा को पढ़ाया। लिखित परीक्षा में अच्छे मॉर्क्स आए, फिटनेस टेस्ट में फेल जांच में यह भी सामने आया कि लीक प्रश्नों की मदद से भवानी शर्मा ने लिखित परीक्षा में हिंदी विषय में 200 में 178.13 अंक और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में 165.14 अंक प्राप्त किए थे। हालांकि वह फिटनेस टेस्ट में फेल हो गया था। इस कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका। एसओजी के अनुसार- भवानी शर्मा लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। अब तक 150 आरोपी गिरफ्तार महानिरीक्षक पुलिस (एसओजी) अजयपाल लांबा, उपमहानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने 3 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद 7 जुलाई को उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। एसओजी ने बताया- SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में अब तक 150 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह खबर भी पढ़ें… एसआई भर्ती री-एग्जाम: 2021 के सभी कैंडिडेट्स दे सकेंगे परीक्षा:आवेदन अपडेट करना जरूरी, ओटीपी वैरिफिकेशन नहीं किया तो रिजेक्ट होगा फॉर्म राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 की री-एग्जाम में आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स को शामिल होने का मौका दिया है। 2021 की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थी फिर एग्जाम दे पाएंगे। (पूरी खबर पढ़ें)

निगम कमिश्नर को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश:कोर्ट ने पूछा- जमीन के रखवाले होने के नाते इतने समय से कार्रवाई क्यों नहीं की

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम के ढीले रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने 15 साल की देरी के एक मामले में नगर निगम कमिश्नर को 20 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने किरण और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सख्त रुख अपनाया। याचिकाकर्ताओं के वकील ऋषि सोनी ने कोर्ट को बताया कि साल 2011 में नगर निगम की एक संपत्ति के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी। पूरी रकम जमा कराने के बावजूद, उन्हें पिछले 15 सालों से न तो जमीन का कब्जा दिया गया और न ही रजिस्ट्री की गई। कोर्ट ने कहा- ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की नगर निगम के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि जमीन पर अवैध कब्जा हो गया है। उन्होंने हाल ही में 5 जुलाई 2026 को अखबार में एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए पूछा कि जमीन के रखवाले होने के नाते एक दशक से अधिक समय तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। कोर्ट ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों के नाम मांगे हाईकोर्ट ने नगर निगम को साल 2011 से लेकर अब तक पद पर रहे उन सभी अधिकारियों के नाम सौंपने का निर्देश दिया है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। कमिश्नर को अब कोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि इन लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नामजद कार्रवाई क्यों न की जाए और उनके खिलाफ कड़े अनुशासनात्मक कदम क्यों न उठाए जाएं।

लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन, VIDEO:इंदौर में लोग बोले- अक्सर ऐसा ही होता है; रेल विभाग ने बैठाई जांच

इंदौर-महू के बीच चल रही डेमू ट्रेन से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इसमें ट्रेन रुकी हुई है जबकि लोको पायलट ट्रेक के किनारे बनी एक दुकान पर खड़ा है। वह दुकान से समोसे खरीदता है, फिर इंजन की तरफ बढ़ता है। लोको पायलट के इंजन में चढ़ने के बाद ट्रेन आगे बढ़ जाती है। वीडियो राऊ के रंगवासा रोड इलाके का बताया जा रहा है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन यहां अक्सर कुछ मिनटों के लिए रुकती है। लोको पायलट ट्रेन से उतरकर पास की दुकान से समोसे खरीदता है। इसके बाद ही ट्रेन यहां से रवाना होती है। रेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है। अधिकारी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। इसे सीनियर अफसरों को भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। अगर यह साबित होता है कि लोको पायलट ने बिना अधिकृत कारण, सिग्नल या परिचालन संबंधी जरूरत के ट्रेन रोकी और निजी काम के लिए केबिन से बाहर निकला, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 4 तस्वीरों में देखिए, पूरा घटनाक्रम ये खबर भी पढ़ें… मुरैना ट्रेन हादसे का वीडियो, लोग कटते दिखे खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने से आग लगने की अफवाह ने 4 जानें ले लीं। मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। इनको पोस्टमॉर्टम के लिए पोटली में समेटना पड़ा। हादसे का वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

सलूम्बर में मानसून सक्रिय, सेमारी में 55 मिमी बारिश:चार दिन से जारी बारिश से खरीफ बुवाई ने पकड़ी रफ्तार

सलूम्बर जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन और खेती-किसानी दोनों में नई उम्मीद जगाई है। मंगलवार को भी दिनभर मौसम का मिजाज बदला रहा, कहीं सुबह तो कहीं दोपहर में बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और उमस बनी रही। मंगलवार को सुबह और शाम हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार, सेमारी में सर्वाधिक 55 मिमी वर्षा दर्ज की गई (सुबह 24 मिमी और शाम 31 मिमी)। इसके अतिरिक्त, सलूम्बर में 9.5 मिमी, झल्लारा में 13 मिमी, लसाड़िया में 18 मिमी और सारड़ा में 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तापमान में विशेष गिरावट नहीं बारिश के बावजूद तापमान में विशेष गिरावट नहीं आई, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से दिनभर उमस बनी रही। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई ने गति पकड़ ली है। किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में जुट गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस बारिश को सीजन की सबसे राहतभरी शुरुआत माना जा रहा है। मानसून की सक्रियता से जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है, जिससे किसानों और आमजन दोनों में खुशी का माहौल है।

जोधपुर में घोड़ी पर बिठाकर थानाधिकारी को विदाई दी:डीजे पर जमकर नाचे साथी पुलिसकर्मी, CID में हुआ है ट्रांसफर

जोधपुर के नागौरी गेट थाने से अधिकारी को अनोखी विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मी डीजे की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। थाना अधिकारी शेफाली सांखला को घोड़ी पर बैठाकर विदा किया। दरअसल, नागौरी गेट थाना अधिकारी शेफाली सांखला का हाल ही में सीआईडी-सीबी में तबादला हुआ है। थाने से रिलीव होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें यादगार अंदाज में विदाई दी। इस अनोखी विदाई का वीडियो सामने आने के बाद लोग भी तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोग इसे पुलिसकर्मियों और उनके अधिकारी के बीच बेहतर कार्य संबंध और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं।

हैदराबाद से पकड़ा ब्रोमो केमिकल का सप्लायर:राजस्थान के तस्करों से करता था ठगी; हवाला से लेता था रकम

ANTF टीम ने ब्रोमो केमिकल के मुख्य सप्लायर आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सप्लायर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सप्लायर ने सांचौर और बाड़मेर के तस्करों के साथ ठगी करते हुए ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी से ड्रम भरवाए और ब्रोमो के स्टीकर लगाकर टैंकर में लोड करवाए। इसका वीडियो बनाकर टैंकर को सांचौर रवाना किया। जबकि यही वीडियो पुलिस को भेजकर टैंकर भी पकड़वा दिए। इसके बाद तस्करों से 6.50 लाख रुपए हवाले के जरिए हड़प लिए थे। आईजी विकास कुमार ने बताया- मई 2026 में ब्रोमो केमिकल ले जाते हुए एक टैंकर को नेशनल हाईवे-68 पर सांचौर से धोरीमना स्थित महादेव हाईवे होटल के पास पकड़ा गया था। मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य सप्लायर फरार चल रहा था। चार राज्यों में काट रहा था फरारी, हैदराबाद से पकड़ा
आईजी ने बताया कि ब्रोमो का मुख्य सप्लायर मांगीलाल पुत्र मोहनलाल, निवासी सेड़वा, हाल किराएदार, राजेश यादव के मकान में, पिलर नंबर 173, एसपीआर गार्डन के पीछे, उपरपल्ली, हैदराबाद में रह रहा था। वह काफी समय से फरार चल रहा था। आरोपी मांगीलाल तमिलनाडु, महाराष्ट्र, केरल और आंध्र प्रदेश में फरारी काटता रहा। सूचना पर टीम हैदराबाद पहुंची और कड़ी निगरानी के बाद उसे पकड़ लिया। मांगीलाल को हैदराबाद से पकड़कर राजस्थान लाया गया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि सांचौर और बाड़मेर के तस्करों ने आसपास ब्रोमो केमिकल की तलाश की, लेकिन राजस्थान में नहीं मिला। इसके बाद सांचौर के तस्करों ने हैदराबाद में अपने दोस्त मांगीलाल से संपर्क किया। उन्होंने ब्रोमो केमिकल की सप्लाई के लिए महंगे दामों का ऑफर दिया। मांगीलाल ने हैदराबाद में ब्रोमो केमिकल जुटाने की कोशिश की, लेकिन केमिकल नहीं मिला। सांचौर के तस्करों के साथ की ठगी
मांगीलाल और सांचौर के तस्करों के बीच 6.50 लाख रुपए में ब्रोमो केमिकल पहुंचाने की डील हुई। हवाले के जरिए रुपए ले लिए गए। लेकिन ब्रोमो केमिकल नहीं मिलने और तस्करों के दबाव के चलते उसने योजना बनाई। ड्रमों में ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी भरवाकर बिना नंबर वाले टैंकर में लोड करवाकर रवाना कर दिया। माल रवाना करते ही पुलिस को सूचना दे दी। इससे ड्रम पकड़ लिए गए। तस्करों तक माल भी नहीं पहुंचा और उसकी पोल भी नहीं खुली। आरोपी मांगीलाल ने 3,750 रुपए के पीओपी के कट्टे खरीदे। पीओपी को ड्रमों में भरकर उन पर ब्रोमो के स्टीकर चिपका दिए। लोडिंग के दौरान एक वीडियो भी बनवाया। तस्करों से हवाले से रुपए मंगवाए
आरोपी मांगीलाल ने सांचौर के तस्करों से 6.50 लाख रुपए मंगवाने के लिए सांचौर और हैदराबाद के हवाला कारोबारियों से संपर्क किया। वहां नोटों के सीरियल नंबर दिखाकर हैदराबाद से रुपए उठाए, जिससे तस्करों के सामने ठगी का भेद न खुले, इसलिए पुलिस से पकड़वाया आरोपी मांगीलाल ने ब्रोमो केमिकल की जगह पीओपी से ड्रम भरवाते हुए वीडियो बनवाया। यह वीडियो योजना के अनुसार पुलिस के मुखबिर को भेजा और सूचना दी कि हैदराबाद से सांचौर आ रहा एक टैंकर अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहा है।

महंत के साथ मारपीट करने वाली महिला गिरफ्तार:बेटे और भतीजे को भी पीटा था; संत पर कपड़े फाड़ने का लगाया था आरोप

सीकर में नेछवा थाना इलाके में मंदिर के महंत से मारपीट करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जमीनी विवाद को लेकर आरोपी महिला ने एक वीडियो भी बनाया था। इसमें वह महंत पर कपड़े फाड़ने के आरोप लगा रही थी। फिलहाल पुलिस महिला आरोपी से पूछताछ कर रही है। नेछवा थाना SHO कैलाशचंद यादव ने बताया- आरोपी महिला (24) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस थाने पर जानकीनाथ मंदिर के महंत रामप्रनाचार्य ने मुकदमा दर्ज करवाया है की मंदिर की जमीन गांव में नई बाईपास पर स्थित है। इसकी देखरेख के लिए वह रोजाना जाते थे। 4 जुलाई को सुबह करीब 10 बजे वह अपने रुटीन के अनुसार बेटे गोविंद के साथ वहां पर गए। एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे बैठे थे। महंत के बेटे और भतीजे को पीटा इसी दौरान महिला अपने पिता और भाई के साथ आई। महिला और उसके भाई ने पकड़कर नीचे गिरा दिया। कपड़े फाड़कर मारपीट करना शुरू कर दिया। दोनों ने महंत के बेटे गोविंद का हाथ तोड़ दिया। जमकर मारपीट की। इलाज के लिए गोविंद को सीकर रैफर किया गया। आरोपियों ने महंत के भतीजे प्रकाश पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया। घटना का वीडियो भी सामने आया इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें आरोपी महिला एक युवक को अपना मोबाइल देकर महंत की तरफ जाती हुई दिख रही है। फिर खुद ही चिल्लाने लगती है कि कपड़े फाड़ दिए। ऐसे में अब पुलिस ने महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बता दें कि मंदिर के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर महिला के पिता ने कोर्ट में दावा किया हुआ है कि यह जमीन उनके हिस्से की है। इस दावे के आधार पर उन्हें जमीन पर स्टे मिला है। लेकिन मंदिर महंत यहां आने की बात से गुस्सा होकर महिला ने मंदिर महंत को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी।

पांचना बांध विवाद ने पकड़ा तूल, जिलेभर में चक्काजाम:प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप, रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बाधित रहा

करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी निकासी का विवाद अब बड़े आंदोलन में बदल गया है। मंगलवार को जिलेभर में किसानों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे करौली, हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया। रोडवेज बसों का संचालन भी पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। यह आंदोलन पांचना बांध से नहरों में छोड़े गए पानी के कमांड क्षेत्र तक न पहुंचने के विरोध में शुरू हुआ है। कुड़गांव-सपोटरा सड़क मार्ग पर मंडावरा गांव और मांच गांव के समीप किसानों ने चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि पानी की निकासी से उनके क्षेत्र के हित प्रभावित होंगे। सूचना मिलने पर थाना अधिकारी मंजू फौजदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण करौली जिला मुख्यालय से हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर जाने वाले सभी प्रमुख मार्ग बाधित रहे। यातायात ठप होने से रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया, जिससे निजी वाहनों और यात्रियों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार शाम को करौली-हिंडौन मार्ग पर स्थित गुडला गांव में भी गुडला पांचना संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि उनकी समिति ने सभी शर्तों का पालन किया है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके सदस्यों और समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों का नहर के पानी से कोई सीधा संबंध नहीं है, वहां भी जाम लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। समिति ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिले के विभिन्न हिस्सों में धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जारी हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रशासन किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।