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संगठित महिला शक्ति राष्ट्र निर्माण में मुख्य भूमिका निभा सकती है: पाटिल

भास्कर न्यूज| बारां
कैट वुमन विंग बारां के शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन से किया। स्वागत में दिव्या सुलेखा जैन ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। पूर्व अध्यक्ष चंदा ठाकुरिया ने पिछले वर्ष की गतिविधियों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के जलगांव से राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता पाटिल मुख्य अतिथि रही। कोटा की अध्यक्ष नीलम विजय विशिष्ट अतिथि व संस्थापिका सुमन गोयल उपस्थित रही। चंदा ठाकुरिया एवं चारु गुप्ता के नेतृत्व में मुख्य अतिथि संगीता पाटिल, सुधीरा शर्मा, सुमन गोयल का स्वागत किया। कैट यूथ विंग के निशांत सेठी, अंशुल ने अतिथियों का साफा एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता पाटिल ने कहा कि महिला उद्यमियों को संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ते हुए व्यापार, समाजसेवा और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि नीलम विजय ने संगठन की मजबूती और महिला नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं सुधीरा शर्मा ने बेटियों एवं महिलाओं से सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। संस्थापिका सुमन गोयल ने महिला उद्य​िमयों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर होने जाने वाले स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी। संचालन अंशिका अग्रवाल एवं हर्षित ठाकुरिया ने किया। इस दौरान अध्यक्ष चारु गुप्ता, सचिव जिनेशा पतिरा सहित लगभग 30 सदस्यीय कार्यकारिणी को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शपथ दिलाई। नीलम विजय ने सभी का पिन लगाकर अभिनंदन किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष चारु गुप्ता ने आगामी कैट एग्जिबिशन के पोस्टर का विमोचन अतिथियों से करवाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 15 अगस्त को होने जा रही भारतीय व्यापार महोत्सव एग्जिबिशन में सभी सदस्यों को आमंत्रित किया।

नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को बताए जनसंख्या नियंत्रण के कानूनी उपाय

भास्कर न्यूज| जैसलमेर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत शनिवार को राजकीय गर्ल्स नर्सिंग कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल शिप्रा शांडिल्य ने छात्राओं को विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, शिक्षा तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस वर्ष 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की पहल पर शुरू किया गया। यह 1990 से पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की मुख्य थीम “युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साकार करना—आज और भविष्य के लिए” है। अधिवक्ता शिप्रा शांडिल्य ने कहा कि बढ़ती आबादी के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।

टांचा गांव के सीनियर स्कूल परिसर में पौधरोपण किया

छीपाबड़ौद| हरियालो राजस्थान एवं वृक्ष कुंज अभियान के तहत टांचा गांव स्थित सीनियर स्कूल परिसर में शनिवार को पौधरोपण किया गया। इस मौके पर प्रशासक रामगोपाल नागर, ग्राम विकास अधिकारी राजमल चक्रधारी, पंचायत सहायक त्रिलोकचंद प्रजापत, संस्था प्रधान शिवप्रसाद नागर, गिरिराज शर्मा, विनोद चौहान एवं स्कूल के स्टाफकर्मी उपस्थित थे। वहीं बालाजी की डूंगरी पर भी अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

काल्पा जागीर में हुआ ब्लॉक स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम

छीपाबड़ौद| पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियालो राजस्थान एवं वृक्ष कुंज अभियान के तहत शनिवार को उपखंड क्षेत्र के काल्पा जागीर में ब्लॉक स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण और नियमित देखभाल की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाया जाए। कार्यक्रम में एसडीएम अभिमन्यु सिंह कुंतल, प्रधान नरेश कुमार मीणा, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर, सारथल थानाधिकारी धर्मपाल यादव, पंचायत समिति सदस्य मांगीलाल मीणा, प्रधानाचार्य नरेंद्र संत सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद थे।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना:5 अगस्त तक बैंक लोन के जरिए कर सकेंगे आवेदन, किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा

केंद्र सरकार की दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना के तहत राजस्थान में फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देने के लिए दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयों (दाल मिल) की स्थापना की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दलहन प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाना है। लाभार्थी योजना के लिए 5 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। ये संस्था-संगठन कर सकेंगे आवेदन बैंक ऋण लेना अनिवार्य, झाड़ोल-कोटड़ा बेल्ट को बड़ी राहत इस योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य किया गया है। इससे आधुनिक दाल मिलों की स्थापना को गति मिलेगी और राज्य में प्रसंस्करण का एक मजबूत नेटवर्क विकसित होगा। उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल झाड़ोल और कोटड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तुअर और उड़द जैसी दलहन फसलों की खेती होती है। अभी यहां कई गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) दलहन का संग्रहण और प्रोसेसिंग कर बाजार में बेच रहे हैं। इस क्षेत्र में नई दाल मिलें स्थापित होने से स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बता दें कि राजस्थान देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां मूंग, उड़द, चना और तुअर की बड़े पैमाने पर खेती होती है। नई दाल मिलें स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण बढ़ेगा, परिवहन लागत घटेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सुंदलक स्कूल में ईएलसी पुनर्गठन कुमकुम अध्यक्ष, हर्षिता उपाध्यक्ष

बारां| राज्य निर्वाचन विभाग, जिला निर्वाचन अधिकारी और शिक्षा विभाग के निर्देश पर स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ईएलसी का पुनर्गठन किया जा रहा है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुंदलक में स्वीप कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थियों के बीच पोस्टर प्रतियोगिता कराई। कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया से ईएलसी कार्यकारिणी चुनी। कुमकुम मीणा को अध्यक्ष चुना गया। हर्षिता मीणा उपाध्यक्ष बनीं। 18 सक्रिय कार्यकारिणी सदस्यों का भी चयन हुआ। कक्षा 9 से 12 के सभी विद्यार्थियों को ईएलसी का सदस्य घोषित किया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य दलेर मेहरा ने मतदान का महत्व बताया। समय-समय पर होने वाली निर्वाचन प्रक्रिया में आसपास, परिवार, गांव में लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित करने की बात कही। ईएलसी प्रभारी अमित भार्गव ने मतदान का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि युवाओं का जोश और आत्मविश्वास लोकतंत्र को गति देता है। 17 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए साल की चार आधार तिथियां बताईं। 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर। घर बैठे नाम जुड़वाने की प्रक्रिया भी समझाई। ईसीआई नेट ऐप, वोटर हेल्पलाइन ऐप, निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर फॉर्म 6 से पंजीयन की जानकारी दी। विद्यार्थियों से कहा, अपने संपर्क में आने वाले 17 और 18 प्लस के नए मतदाताओं को ऑनलाइन आवेदन की जानकारी दें। नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए प्रेरित करें। ईएलसी की सहायक प्रभारी मंजू राठौर ने शिविरा कैलेंडर के अनुसार सत्र में होने वाली स्वीप गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में व्याख्याता अनीता मीणा, कल्पना शर्मा, नवल किशोर शर्मा, लक्ष्मी नारायण पहाड़िया, मालती धनवारिया, रुखसाना अंसारी, संदीप कुमार मीणा और विद्यार्थी मौजूद रहे।

मोहनकाली बालाजी धाम में हुआ जागरण

पचलंगी | कस्बे के सिरोही सड़क मार्ग पर स्थित मोहनकाली बालाजी धाम में जन सहयोग से एक दिवसीय विशेष धार्मिक आयोजन में भजनों की प्रस्तुति दी गई। वहीं श्रद्धालुओं को पंगत प्रसादी का वितरण किया गया। शनिवार सुबह बालाजी महाराज व शिव परिवार की प्रतिमाओं पर फूल-मालाओं से झांकी सजाई गई। हनुमान चालीसा व सुंदरकांड पाठ का वाचन किया गया। वहीं दोपहर में बालाजी महाराज की प्रतिमा को सिंदूर का चोला पहनाया गया। इस दौरान पुष्कर म्हासी एंड पार्टी द्वारा बालाजी महाराज के भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में नानुराम, फुलचंद कुड़ी, मोहरी लाल यादव, गुलाब चंद शर्मा, महाराम कुड़ी, देवाराम, बाबुलाल, छितरमल आदि शामिल हुए।

मानसून में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, विभाग ने दी सलाह

छीपाबड़ौद| कस्बे सहित उपखंड क्षेत्र में मानसून की शुरूआत के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए चिकित्सा विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, सर्पदंश होने पर पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी है। चिकित्सा विभाग के अनुसार बारिश में बिलों और निचले स्थानों में पानी भर जाता है। इससे सांप और दूसरे जहरीले जीव बाहर निकल आते हैं। खेतों, घरों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग इनके संपर्क में आ सकते हैं। ऐसे में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ सकती हैं। चिकित्सा विभाग के अनुसार सर्पदंश के बाद पहले 30 मिनट से एक घंटा सबसे अहम होता है। इस दौरान पीड़ित को नजदीकी पीएचसी, सीएचसी या जिला अस्पताल पहुंचा दिया जाए। समय पर इलाज मिल जाए तो जान बचाई जा सकती है। झाड़-फूंक, टोटके, अंधविश्वास में समय बर्बाद नहीं करें।

हलवाई संघ के चुनाव अधिकारी नियुक्त

भरतपुर | भरतपुर जिला हलवाई मजदूर सोसायटी की कार्यकारिणी की बैठक में आगामी चुनावों के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए। बैठक में संरक्षक मंडल के रामेश्वर दयाल सिंघल, मोतीलाल हलवाई तथा अध्यक्ष मोहन सिंह एवं महासचिव रामकुमार वर्मा, उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, साहब सिंह, सचिव कल्ला कश्यप, पुष्पेन्द्र हलवाई एवं सलाहकार प्रदीप शर्मा, कोषाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह, विशाल कश्यप, संगठन मंत्री अजय कश्यप तथा नत्थी सिंह डागुर प्रचार मंत्री, राम निवास, महेश चंद अग्रवाल ओडीटर, दीपचंद मित्तल व गिर्राज सिंह की उपस्थिति में चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी गुलाब सिंह कुंतल एडवोकेट एवं आरके सिंह एडवोकेट को नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

अंता-मांगरोल के लिए नहर में पानी छोड़ने की मांग उठी

भास्कर न्यूज | बारां अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने मानसून की बेरूखी, बारिश में हो रही देरी को देखते हुए कोटा के संभागीय आयुक्त सीएडी को पत्र भेजा है। पत्र में चंबल की दांयी मुख्य नहर में तुरंत सिंचाई पानी प्रवाहित करने की मांग की है। विधायक भाया ने लिखा है कि बारां जिले के अंता विधानसभा क्षेत्र में अंता, मांगरोल तहसील के हजारों किसानों ने धान, सोयाबीन, मक्का सहित खरीफ फसलों की बुवाई समय पर कर दी। अपेक्षित बारिश नहीं हुई। फसलों के विकास पर संकट है। खेतों की नमी लगातार घट रही है। किसानों की मेहनत, आजीविका पर असर की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि चंबल की दांयी मुख्य नहर इस इलाके में सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। समय रहते नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो हजारों किसानों की फसलें प्रभावित होंगी। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। विधायक ने सीएडी प्रशासन से कहा है कि किसानों की स्थिति, क्षेत्र की जरूरत को गंभीरता से लिया जाए। दांयी मुख्य नहर में जल्द पर्याप्त मात्रा में सिंचाई पानी छोड़ने के निर्देश जारी किए जाएं। इससे अंता, मांगरोल के किसानों की खरीफ फसल सुरक्षित रहेगी। किसानों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन संवेदनशीलता, प्राथमिकता के आधार पर जल्द सकारात्मक फैसला ले। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। फसलों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।