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एमएसजे में नए प्राचार्य ने संभाला पदभार

भरतपुर| वनस्पति शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ.संजय कुमार ने महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को कार्यभार संभाल लिया है। डॉ. संजय ने राजस्थान सरकार उच्च शिक्षा ग्रुप-3 विभाग के शासन उप सचिव के आदेशानुसार प्राचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। डॉ. संजय कुमार इससे पूर्व राजकीय महाविद्यालय पहाड़ी में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। मीडिया प्रभारी डॉ.अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि डॉ.संजय कुमार इससे पूर्व भी महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग में 27 वर्षों तक संकाय सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं।

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की आरटीआई रिपोर्ट में खुलासा:सुविवि को मिली चंपा बाग की 1255 करोड़ की जमीन, भूमाफियाओं ने बसा दी कॉलोनियां

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की आरटीआई रिपोर्ट ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (सुविवि) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच के गठजोड़ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। विश्वविद्यालय के भविष्य के लिए वर्ष 1981 में अवाप्ति अधीन की गई चंपा बाग और निरंजनी अखाड़ा की 14.5900 हेक्टेयर (1,56,988.4 वर्गफीट) जमीन पर रसूखदारों ने अवैध कॉलोनियां, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट और बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दीं। जून 2025 की उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की न्यूनतम आवासीय नीलामी दर 8,000 रुपए प्रति वर्गफीट के आधार पर इस घोटाले से विश्वविद्यालय को 12,55,90,72,000 रुपए (करीब 1,255.90 करोड़ रुपए) की भारी-भरकम चपत लगी है। ये जानकारियां आरटीआई में सुविवि के पूर्व छात्र व एडवोकेट शक्ति सिंह भाटी को मिली हैं। इस घोटाले और घोर लापरवाही के सामने आने के बाद निधि अंकेक्षण विभाग ने कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और निजी हित धारकों को फायदा पहुंचाने के आरोप में सुविवि के तत्कालीन तीन भू-सम्पदा अधिकारियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई कराने के लिए संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को मामला भेजा है। कोर्ट के आदेश के बाद भी 5 महीने तक दबाई अवाप्ति की फाइल राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कई स्थगन आदेशों को खारिज करते हुए जमीन पर विश्वविद्यालय का मालिकाना हक पूरी तरह बहाल कर दिया था। इसके बावजूद सुविवि के लापरवाह अधिकारी अवाप्ति की अगली प्रक्रिया के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजने की फाइल 5 महीने से अधिक (18 दिसंबर 2024 से 24 मई 2025 तक) कुलपति कार्यालय में दबाकर बैठे रहे। ऑडिट दल के कड़े हस्तक्षेप के बाद जून 2025 में जिला कलेक्टर को पत्र भेजा गया, लेकिन तब तक भू-माफियाओं को अवैध निर्माण और डिस्ट्रेस सेल का पूरा मौका मिल चुका था। सुविवि प्रशासन इस विवादित भूमि को जिला प्रशासन से अवाप्त कराने के लिए कानूनी दांवपेंच खेलता आ रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने प्रदेश सरकार को रिपोर्ट भेजकर अवाप्ति राशि करीब 693.33 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि के चलते हाथ खड़े कर दिए हैं। अब सुविवि के पास कोर्ट-सरकार से इस भूमि को वापस लेने के अलावा दूसरा कोई विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है। स्टे के दौरान भी तन गए रिसॉर्ट्स, होटल्स और रेस्त्रां: अंकेक्षण रिपोर्ट के अनुसार चंपा बाग की अवाप्ति अधिसूचना प्रभावी होने के बावजूद भू-माफियाओं ने कानून की धज्जियां उड़ाकर अवैध कॉलोनियां काट दीं। वर्ष 2014 की कई सेल डीड में साफ लिखा गया कि जमीन सुविवि के अवाप्ति चक्र में है, यदि अधिग्रहित हुई तो विक्रेता की जिम्मेदारी नहीं होगी। इसे डिस्ट्रेस सेल दिखाकर स्टांप ड्यूटी की चोरी की गई। स्थगन आदेशों के दौरान भी चम्पाबाग का परकोटा ढहाया गया और वहां धड़ल्ले से अवैध सड़कें निकाली गईं। इसी भूमि पर बिना किसी भू-उपयोग परिवर्तन (कन्वर्जन) के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती रहीं। हद तो तब हो गई जब मास्टर प्लान की 60 फीट सड़क सीमा में आ रहे पक्के निर्माण के बदले तत्कालीन यूआईटी (अब यूडीए) ने 1,98,52,000 रुपए का मुआवजा भी बांट दिया। कानून तोड़ने वालों पर नरमी न बरतें: ऑडिट रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के कनीज़ अहमद बनाम साबुद्दीन मामले का हवाला देते हुए कहा है कि जानबूझकर कानून तोड़ने वालों पर नरमी न बरती जाए और न अवैध निर्माण रेगुलराइज हो। विभाग ने निर्देश दिया है कि अवाप्ति प्रक्रिया को तुरंत लॉजिकल एंड तक पहुंचाया जाए, अन्यथा समय बीतने पर यह अवाप्ति स्वतः निरस्त हो जाएगी। साथ ही यूडीए, नगर निगम और उप-पंजीयक कार्यालय को पत्र लिखकर इस भूमि की रजिस्ट्री, पट्टा वितरण व नामांतरण पर रोक लगाने को कहा गया है।

चप्पल उतारकर चोरी की; तिसाया के रघुनाथजी मंदिर में दो छत्र और एक मुकुट ले गया चोर

भास्कर न्यूज| बारां सदर थानाक्षेत्र में तिसाया स्थित भगवान रघुनाथजी मंदिर में शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे चोरी की वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर से दो छत्र एवं एक मुकुट चोरी कर ले गया। खास बात यह रही कि चोर ने वारदात से पहले अपने चप्पल उतारे और उसके बाद मंदिर में प्रवेश किया। जाते समय जल्दबाजी में चप्पल और गमछा वहीं छोड़ गया। मंदर में देव प्रतिमाओं पर तीन छत्र लगे हुए थे। जिनमें से दो छत्र और मुकुट चुरा ले गया। जबकि एक छत्र को वहीं छोड़ गया। सुब​ह उसके चप्पल भी मंदिर की सीढियों के नीचे खुले मिले। गमछा भी वहीं पड़ा मिला। जिससे उसकी पहचान से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

प्रदेश में केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था:ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने की राह आसान; राजस्थान में डीपीएड की 3200 नई सीटों को सरकार की मंजूरी

राजस्थान में ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शारीरिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा (डीपीएड) की सीटों में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने प्रदेश में करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कई नए संस्थानों में डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकेगा। वर्तमान में राजस्थान में डीपीएड पाठ्यक्रम केवल दो संस्थानों में संचालित हो रहा है। इनमें राजकीय शारीरिक शिक्षा कॉलेज, जोधपुर और प्रतापगढ़ का एक निजी संस्थान शामिल है। दोनों संस्थानों में 50-50 सीटें हैं। यानी पूरे प्रदेश में अभी केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था है। पोर्टल खुला; 52 संस्थानों ने आवेदन भी किया राज्य सरकार का कहना है कि सालों बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नए संस्थानों के लिए आवेदन का पोर्टल खोला है। इसके बाद राजस्थान से 52 संस्थानों ने डीपीएड शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इनमें कुछ संस्थानों ने 50 तो कुछ ने 100 सीटों की मांग की है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। आवेदन करने वाले सभी संस्थानों का अब राज्य सरकार की ओर से भौतिक सत्यापन (फिजिकल वैरिफिकेशन) कराया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। तीन अधिकारियों की टीम प्रत्येक संस्थान का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण में एनसीटीई के निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलने पर ही राज्य सरकार एनओसी जारी करेगी। इसके बाद संबंधित संस्थान को डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। प्रदेश में खाली हैं 2500 पीटीआई पद शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में थर्ड ग्रेड पीटीआई के करीब 2500 पद रिक्त हैं। सरकार का मानना है कि डीपीएड संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ने से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे, जिससे स्कूलों में रिक्त पदों को भरने में भी आसानी होगी। नए संस्थानों में अगले साल से शुरू होगा डिप्लोमा शिक्षा विभाग के अनुसार जोधपुर के सरकारी कॉलेज में इस वर्ष प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। वहीं नए संस्थानों में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले शैक्षणिक सत्र से डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकेगा। डीपीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए किसी भी संस्थान का राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से एनओसी जारी होने के बाद ही इस डिप्लोमा को सरकारी नौकरियों के लिए वैध माना जाएगा।

आरपीएससी परीक्षा के लिए 7 दिन दौड़ेंगी 4 स्पेशल ट्रेनें: बारां व झालावाड़ के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

भास्कर न्यूज| बारां राजस्थान लोक सेवा आयोग की वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने 12 से 18 जुलाई तक प्रतिदिन दो जोड़ी परीक्षा स्पेशल अनारक्षित ट्रेनों के संचालन का निर्णय किया है। इन ट्रेनों के संचालन से बारां, अटरू, अंता, छबड़ा, झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र कोटा तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 09803/09804 अकलेरा-कोटा-अकलेरा तथा गाड़ी संख्या 09802/09801 छबड़ा गुगोर-सोगरिया-छबड़ा गुगोर के बीच विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। सभी ट्रेनें अनारक्षित श्रेणी की होंगी। जिले के छबड़ा गुगोर से चलने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेन सुबह 4:30 बजे रवाना होकर बारां स्टेशन पर सुबह 5:30 बजे, अंता पर 6:03 बजे आएगी। यहां से सुबह 7:30 बजे सोगरिया पहुंचेगी। वहीं वापसी में सोगरिया से शाम 7:15 बजे रवाना होकर बारां रात 8:26 बजे पहुंचेगी। रात 10 बजे छबड़ा गुगोर पहुंचेगी। अकलेरा-कोटा स्पेशल ट्रेन सुबह 3:05 बजे अकलेरा से रवाना होकर सुबह 6:25 बजे कोटा पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रात 8:30 बजे कोटा से चलकर रात 12:25 बजे अकलेरा पहुंचेगी। प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टाफ रहेगा रेल प्रशासन ने बताया कि परीक्षा अवधि में भीड़ प्रबंधन के लिए प्रमुख स्टेशनों पर टिकट जांच कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल के अतिरिक्त जवान तैनात किए जाएंगे। अभ्यर्थियों से टिकट लेकर यात्रा करने और परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का उपयोग करने की अपील की गई है।

मध्यप्रदेश की बारिश ने भर दी परवन की झोली, तीनों एनीकटों पर चली चादर

सकतपुर| जिले में भले ही अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है लेकिन मध्यप्रदेश की जोरदार बारिश से परवन और पार्वती नदी में पानी की अच्छी आवक हो गई है। परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से शेरगढ़ पिकअप वियर के बाद शनिवार को बलदेवपुरा-गोरड़ी और मायथा एनीकट लबालब भर गए है। तीनों एनीकट के ओवरफ्लो होकर चादर चलने लगी ​है। इनमें शेरगढ़ पिकअप वियर से किसानों को नहरी तंत्र के जरिए सिंचाई का पानी मिलता है। जबकि मायथा से अडानी बिजली पावर प्लांट को पानी की आपूर्ति होती ​है। मायथा और बलदेवपुरा से किसान खेतों की सिंचाई भी करते है और भू जलस्तर में भी बढोत्तरी ​हुई ​है। बारां जिले में मानसून में 1 जून से 11 जुलाई तक औसतन 145 मिमी बारिश होती है। वहीं पिछले साल इस दौरान 527.93 मिमी बारिश होने से अधिकांश बांध व तालाब लबालब हो गए थे। वहीं इस साल 1 जून से 11 जुलाई तक 187.5 मिमी औसत बारिश हो चुकी है। यानी 42.5 मिमी बारिश औसत से अधिक हुई है। अब तक औसत से 42.5 मिमी ज्यादा बारिश

कार्रवाई से पहले लीक हो जाती है सूचना:कागजों में नो-वेंडिंग जोन; दिन में अतिक्रमण हटा रहे, शाम तक सड़कों पर ठेलों का कब्जा

शहर की मुख्य सड़कों पर घोषित नो-वेंडिंग जोन केवल कागजों में हैं। निगम टीमें दिन में अतिक्रमण हटाती हैं, लेकिन शाम होते-होते सड़कें फिर ठेलों-थड़ियों से भर जाती हैं। आरोप है कि कार्रवाई से पहले ही सूचना लीक हो जाती है, जिससे अतिक्रमण करने वाले कुछ समय के लिए हट जाते हैं और अभियान खत्म होते ही दोबारा सड़क घेर लेते हैं। नतीजा- करोड़ों रुपए खर्च कर चौड़ी की गई सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। 100 फीट चौड़ी सड़कों पर दो-दो लेन तक ठेले लगने से वाहनों के लिए केवल 30 से 40 फीट जगह बचती है। निगम का दावा बनाम हकीकत निगम का दावा है कि सतर्कता शाखा प्रतिदिन सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही है। हर दिन 8 कैंटर सामान जब्त किया जाता है और 24 हजार रुपए कैरिंग चार्ज भी वसूला जाता है। फिर भी प्रमुख सड़कों पर अस्थायी अतिक्रमण है। लालकोठी सब्जी मंडी अंडरपास >अंडरपास के प्रवेश द्वार पर सुबह से रात तक थड़ी-ठेलों का जमावड़ा रहता है। निगम कार्रवाई करता है, पर कुछ समय बाद फिर अतिक्रमण हो जाता है। इससे रोज जाम की स्थिति रहती है। टोंक रोड, एसएमएस टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल के सामने दोनों तरफ शाम के समय 20 से 30 फीट तक ठेले लगते हैं। मेडिकल कॉलेज के सामने 1 किमी लंबी सर्विस लेन पर अतिक्रमण रहता है। जेके लोन अस्पताल के सामने भी यही स्थिति है। न्यू सांगानेर रोड मानसरोवर-न्यू सांगानेर रोड एसएफएस चौराहे से मेट्रो स्टेशन तक 7 किमी में दोनों तरफ फिर ठेलों का बाजार सज जाता है। सांगानेर सांगानेर चौरडिय़ा पेट्रोल पंप से सवाई माधोपुर पुलिया तक 1 किमी में फल-सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। सुबह से रात तक कई बार जाम की स्थिति बनती है। गांधीनगर मोड़ गांधीनगर मोड़ नगर निगम कार्यालय से विधानसभा की ओर जाने वाली 80 और 60 फीट चौड़ी कनेक्टिंग सड़कों पर दोनों तरफ ठेले लग रहे हैं, जबकि यह क्षेत्र नो-वेंडिंग जोन घोषित है। गोपालपुरा से दुर्गापुरा गोपालपुरा पुलिया से जयपुरिया अस्पताल मोड़ तक 200 मीटर हिस्से में 50 ठेले सड़क की एक लेन घेर लेते हैं। यहां बसों का ठहराव भी होने से सड़क और संकरी हो जाती है। दिन में कई बार जाम लगता है।
परकोटा क्षेत्र; परकोटा क्षेत्र चौड़ा रास्ता दिन में अतिक्रमण मुक्त दिखाई देता है, लेकिन शाम होते ही सड़क पर फिर ठेले लग जाते हैं। रामगंज चौपड़ से घाटगेट रोड, चारदरवाजा, सुभाष चौक, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़ और जौहरी बाजार स्थित सब्जी मंडी के सामने भी अस्थायी अतिक्रमण रहता है।

बामनवास में सिसोदिया, बौंली में राजेश नए ईओ

भास्कर न्यूज | सवाईमाधोपुर स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेशभर में नगर पालिका अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसका असर सवाईमाधोपुर जिले में भी दिखा है। बामनवास, वजीरपुर और बौंली नगर पालिका में नए अधिशासी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी कमलेन्द्र प्रताप सिंह सिसोदिया को बामनवास नगर पालिका का नया ईओ लगाया गया है। बामनवास में वे संतोष कुमार मीणा का स्थान लेंगे। टोंक नगर परिषद में राजस्व अधिकारी राजेश कुमार मीणा को बौंली नगर पालिका का जिम्मा सौंपा गया है। बौंली में वे बृजेश कुमार मीणा के स्थान पर पदस्थापित होंगे। सपोटरा से आरओ दीपक चौहान को वजीरपुर का ईओ लगाया गया है। नगर परिषद सवाईमाधोपुर में राजस्व अधिकारी चन्द्रकला वर्मा को लाखेरी नगर पालिका का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है। वजीरपुर नगर पालिका के कर निर्धारक श्रीनारायण गुप्ता को नौगांव नगर पालिका का ईओ बनाया गया है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर द्वारा जारी आदेश में सभी अधिकारियों को तुरंत कार्यमुक्त होने, नए स्थान पर जॉइनिंग देने, पालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

पूर्ण गणवेश प्रतियोगिता में बंधन प्रथम रहे

छीपाबड़ौद| कस्बे में स्थित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों में अनुशासन, स्वच्छता, स्कूल के प्रति आत्मीयता की भावना विकसित करने के लिए शनिवार को पूर्ण गणवेश प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक मंडल ने गणवेश की स्वच्छता, सुसज्जित रूप, अनुशासन, समयपालन, समग्र व्यक्तित्व के आधार पर मूल्यांकन किया। प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने कहा कि पूर्ण गणवेश अनुशासन, समानता, संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोज पूर्ण और साफ गणवेश में स्कूल आने की बात कही। शनिवारीय कार्यक्रम प्रमुख भारतीय सिरोहिया ने बताया कि कक्षा 6 से 10 तक बंधन सहरिया ने पहला, रविकांत गौतम ने दूसरा, गौरव कुशवाह ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेता विद्या​र्थियों को सोमवार की वंदना सभा में पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता के बाद प्रतिभागियों को आगे भी अनुशासन रखने, स्कूल की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया।

कुंजेड़ सीएचसी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए

सकतपुर| राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान वृक्ष कुंज अभियान के तहत शनिवार को कुंजेड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधरोपण किया। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. केशवराज नागर के निर्देश पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. हिमांशु ने अस्पताल परिसर में कई प्रजातियों के पौधे लगवाए। डॉ. हिमांशु ने कहा कि पौधरोपण औपचारिकता नहीं है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम है। हर व्यक्ति एक पौधा लगाए। नियमित देखभाल करे। इस मौके पर नर्सिंगकर्मी हेमराज, हनुमान सिंह सहित अन्य स्टाफकर्मी मौजूद थे।