ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रिटेन में भीषण गर्मी:AC वाले दफ्तरों में स्टाफ की मौजूदगी 75% तक बढ़ी, AC ऑफिस की भी डिमांड बढ़ी

ब्रिटेन में साल की तीसरी भीषण गर्मी के बीच कर्मचारी घर की उमस में काम करने के बजाय एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40° डिग्री के पार चला गया है। पारंपरिक ब्रिटिश घर गर्मी को रोकने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, जिसके कारण लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बजाय एसी लगे दफ्तरों में जाकर काम करना पसंद कर रहे हैं। दफ्तरों में उपस्थिति कोविड के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस दिलाने वाली ‘एडॉप्ट वर्कस्पेस’ ने भी कहा कि गर्म मौसम में उनके साथ जुड़े कई सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां एसी ऑफिस की डिमांड दोहरे अंकों में बढ़ी है। गौरतलब है कि लंदन में प्रदूषण रोकने के लिए स्थानीय काउंसिलों ने घरों में एसी न लगाने और लगे हुए एसी हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एसी के बजाय पंखे चलाएं और खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें। तीन साल में एसी वाले घरों की संख्या दोगुनी ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) वाले घरों की संख्या तीन वर्षों में दोगुनी होकर 40 लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर से काम करने के चलन और बढ़ती भीषण गर्मी के कारण पोर्टेबल पंखों और एसी की मांग में सालाना 79% का उछाल आया है। इन 40 लाख घरों में से 19 लाख में स्थायी एसी इकाइयां लगी हैं। लंदन की फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनी ‘ऑफिस स्पेस इन टाउन’ के मुताबिक ‘रेड अलर्ट’ वाले गर्म दिनों में उनके दफ्तरों में मौजूदगी 75% बढ़ गई। कंपनी के अनुसार लोग घरों में गर्मी से परेशान हैं इसलिए ठंडी जगह चुन रहे हैं, ताकि आराम से काम कर सकें और उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।

स्कूल के बाहर खड़ी-स्कूटी से 20 सेकंड में मोबाइल चोरी:डिक्की लॉक करना भूल गई थी छात्रा; पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी

जोधपुर में एक बदमाश स्कूल के बाहर खड़ी स्कूटी से मोबाइल चुराकर फरार हो गया। बदमाश ने महज 20 सेकंड में इस वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में बदमाश इधर-उधर देखते हुए स्कूटी के पास आता है और फिर मोबाइल उठाकर तुरंत फरार हो जाता है। रातानाडा थाना पुलिस शिकायत मिलने के बाद आरोपी की तलाश में जुट गई है। पीड़ित भारत जैन ने रातानाडा थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 11वीं कक्षा में सेंट पैट्रिक विद्या भवन स्कूल में पढ़ती है। हमेशा की तरह शनिवार को भी वह स्कूटी से स्कूल गई थी। संभवतः वह स्कूटी की डिक्की लॉक करना भूल गई थी और डिक्की के अंदर ही उसका मोबाइल रखा हुआ था। जब वह दोपहर 11:30 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद वापस लौटी, तो उसे डिक्की से मोबाइल गायब मिला। इसके बाद जब स्कूल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, तब पता चला कि सुबह करीब 10:30 बजे एक चोर डिक्की खोलकर मोबाइल चुरा ले गया था। मैंने रातानाडा थाना पहुंचकर रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस फुटेज के आधार पर चोर का पता करने में जुटी हुई है। पहले देखिए, चोरी से जुड़ी 2 PHOTOS…

टॉप-10-कंपनियों में से 4 की वैल्यू ₹93 हजार करोड़ बढ़ी:HDFC बैंक टॉप गेनर, वैल्यू ₹35,808 करोड़ बढ़ी; रिलायंस-एयरटेल का मार्केट कैप भी बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट कैप में कुल 92,995.48 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक और टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल सबसे आगे रहे। दूसरी ओर, बाकी छह कंपनियों को बाजार की सुस्ती के कारण नुकसान उठाना पड़ा और उनकी वैल्यूएशन में सामूहिक रूप से 49,294.13 करोड़ रुपए की गिरावट आई। चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले चार हफ्तों से चली आ रही लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। पूरे हफ्ते के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25% गिरकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 63.95 अंक या 0.26% की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। HDFC बैंक और भारती एयरटेल सहित 4 कंपनियों को फायदा टॉप-10 कंपनियों की लिस्ट में जिन चार कंपनियों ने अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) शामिल हैं। वैल्यूएशन के मामले में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। बैंक का मार्केट कैप 35,808.09 करोड़ रुपए बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को मार्केट में रही थी तेजी शुक्रवार यानी 10 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था।

ट्विशा शर्मा के स्किन टिश्यू जिम बेल्ट पर मिले:दिल्ली AIIMS ने 11 पेज की फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंपी

भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर स्किन टिश्यू मिलने और बेल्ट के निशानों का गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क से मेल खाने की बात सामने आई है। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 11 पेज की अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। रिपोर्ट की अनुपालन प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम करने के साथ घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था। बताया जा रहा है कि हिस्टोपैथोलॉजिकल और अन्य लैब जांच में जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू की पुष्टि हुई है। साथ ही बेल्ट पर मौजूद निशानों और ट्विशा की गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता पाई गई है। रिपोर्ट तैयार करने से पहले विशेषज्ञों ने करीब एक महीने तक विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षण और फॉरेंसिक विश्लेषण किए। रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं, CBI करेगी जांच में इस्तेमाल दिल्ली AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट की सामग्री पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने सभी संभावित पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर निष्कर्ष तैयार किए हैं। कोर्ट के निर्देशों के चलते रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ था दूसरा पोस्टमॉर्टम 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। शुरुआती जांच और पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद परिजन ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद दिल्ली AIIMSसे दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने और बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए गए। दूसरा पोस्टमॉर्टम क्यों कराना पड़ा? पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल की गई जिम बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी। इसी कारण मौत के कारण और इस्तेमाल हुई सामग्री को लेकर कई सवाल बने रहे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। अब यह अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई की जांच में अहम वैज्ञानिक साक्ष्य मानी जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही कोर्ट में पेशी बता दें कि गिरिबाला सिंह फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल के महिला बंदी वार्ड में बंद हैं, जबकि समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल के ‘बी’ खंड स्थित बिल्डिंग सेंटर में न्यायिक हिरासत में है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर 2 जून को जेल भेजा गया था, तब से उनकी हर सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई जा रही है। केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्विशा केस- CBI ने 80kg की डमी फंदे पर लटकाई:सास-पति के सामने सीन रीक्रिएट, अबॉर्शन की सलाह देने वाली डॉक्टर से पूछताछ होगी ट्विशा केस-CBI के सवालों से घबराईं पूर्व जज गिरिबाला सिंह:एंग्जाइटी-घबराहट की शिकायत की; सीसीटीवी, बॉडी पर चोटों के निशान को लेकर जवाब तलब

फीफा वर्ल्ड कप का नया स्टार:पेरू में 559 नवजातों के नाम हालेंड के नाम पर, 91 बच्चों का पूरा नाम ही ‘अर्लिंग हालेंड’

फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम इस ‘गोल मशीन’ के नाम पर रख रहे हैं। पेरू की नेशनल आइडेंटिटी रजिस्ट्री के अनुसार, हाल ही में पैदा हुए सैकड़ों बच्चों का नाम इस 25 वर्षीय फुटबॉलर के नाम पर रखा गया है। 468 बच्चों का नाम या सरनेम ‘हालेंड’ रखा गया है। 91 नवजातों का पूरा नाम ‘अर्लिंग हालेंड’ दर्ज किया गया है। रजिस्ट्री के प्रवक्ता इवान टोरेस ने एक टीवी चैनल को बताया कि पेरू के लोग अक्सर फुटबॉल सितारों से प्रेरित होकर बच्चों के नाम रखते हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने और नॉर्वे के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद हालेंड के नाम पर बच्चों का नाम रखने का ग्राफ बढ़ा है। टोरेस ने कहा, ‘हालेंड अब पेरू के भी हैं।’ वर्ल्ड कप 2026 में हालेंड का जादू इस विश्व कप में नॉर्वे के इस खिलाड़ी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अब तक सिर्फ 4 मैचों में 7 गोल दागे हैं। ब्राजील के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में उनके दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। अन्य फुटबॉलर्स का भी रहा है जलवा पेरू में फुटबॉल सितारों के नाम पर बच्चों का नाम रखने का यह ट्रेंड नया नहीं है। संन्यास ले चुके ब्राजील के नेमार इसमें सबसे आगे हैं। फुटबॉलर- नाम नेमार- 33809 मेसी- 3402 यमाल- 1241 रोनाल्डो- 1185

आंध्र के अनंतपुर में खेल गरीबी से निकलने का जरिया:स्पोर्ट्स विलेज ने इंटरनेशनल खिलाड़ी दिए, 350 से ज्यादा प्लेयर्स को सरकारी नौकरियां मिलीं

आंध्र प्रदेश का अनंतपुर जिला अपनी भौगोलिक चुनौतियों, सूखी जमीन और लगातार पड़ने वाले सूखे के लिए जाना जाता है। यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन अनियमित बारिश और सीमित संसाधनों के कारण लोगों की आय और जीवन स्तर हमेशा संघर्षपूर्ण रहा है। रोजगार के अन्य विकल्पों की कमी ने युवाओं और महिलाओं के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन इसी बंजर और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच ‘रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट’ (आरडीटी) पूरे ग्रामीण समाज की दिशा बदल रहा है। 1969 में विसेंट और ऐनी फेरर द्वारा स्थापित इस संस्था ने स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ एक अनूठा प्रयोग किया—खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का हथियार बनाना। 70 के दशक में साधारण कबड्डी और क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरू हुआ यह सफर, साल 2000 में ‘अनंतपुर स्पोर्ट्स एकेडमी’ (एएसए) की स्थापना के साथ एक बड़े आंदोलन में बदल गया। आज यह अकादमी ‘एक्सेस, एजुकेट और एम्पावर’ (पहुंच, शिक्षा और सशक्तिकरण) के सिद्धांत पर काम करते हुए तीन स्तरों पर संचालित होती है। सबसे पहले, सुदूर गांवों में फैले 100 से ज्यादा ग्रासरूट सेंटर्स से प्रतिभाओं को खोजा जाता है। इसके बाद उन्हें बेहतर ग्राउंड, लाइब्रेरी और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं वाले 4 विशेष स्पोर्ट्स-एजुकेशन सेंटर्स तक लाया जाता है। जो खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, उन्हें ‘अनंतपुर स्पोर्ट्स विलेज’ (एएसवी) की एलीट रेजिडेंशियल एकेडमी में चुना जाता है। यहां उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और ट्रेनिंग का पूरा खर्च स्कॉलरशिप के जरिए उठाया जाता है। आर्चरी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, जूडो और टेनिस सहित कुल 10 खेलों में आज 16,400 से अधिक बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। इस पहल की सबसे बड़ी कामयाबी गांवों में लड़कियों को लेकर सोच बदलना है। ‘रूरल गर्ल्स एथलेटिक्स मीट’ और गर्ल्स स्पोर्ट्स लीग जैसी कोशिशों के कारण आज खेल कार्यक्रमों में 59% हिस्सेदारी लड़कियों की है। इसके अलावा, स्पेशल ओलंपिक्स और व्हीलचेयर टेनिस के जरिए दिव्यांग और बौद्धिक रूप से कमजोर बच्चों को भी मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। 1200 से अधिक युवाओं को कोचिंग और रेफरी की ट्रेनिंग दी गई है। लड़कियों के लिए फीमेल एथलीट लीडरशिप प्रोग्राम और बिजनेस वर्कशॉप चलाए जा रहे हैं। इस पूरी मेहनत का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। सालों में 2 लाख से ज्यादा ग्रामीण बच्चों को ट्रेनिंग मिल चुकी है, जिनमें से 2000 से अधिक बच्चे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। एम. जगदीश (सॉफ्टबॉल) और एम. अनुषा (फुटबॉल) जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का झंडा बुलंद किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि 350 से ज्यादा युवाओं ने खेलों के दम पर रेलवे, सेना और शिक्षा जैसे सरकारी विभागों में नौकरी हासिल की है। संध्या डी., लोलिता मैरी और भवानी जैसे नाम आज अपने परिवारों के लिए आय का स्थायी जरिया बन चुके हैं। दशकों पहले शुरू हुए गांव के छोटे टूर्नामेंट आज इस बात का सशक्त प्रमाण हैं कि अगर ग्रामीण विकास में खेलों को सही तरीके से पिरोया जाए, तो वह न केवल एक व्यक्ति की जिंदगी संवारता है, बल्कि पूरे समाज को सशक्त और आत्मविश्वास से भर देता है।

हत्या के आरोपियों का सिर मुंडवाकर फटे कपड़ों में घुमाया:लंगड़ाते हुए चले, हत्यारों को व्यापारी के घर लेकर पहुंची, क्राइम सीन रीक्रिएट कराया

अलवर शहर में बुजुर्ग व्यापारी की हत्या के दोनों आरोपियों की पुलिस ने परेड निकाली। दोनों हत्यारे फटे कपड़ों में लंगड़ाते हुए चल रहे थे और सिर मुंडा हुआ था। पुलिस रविवार सुबह दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई और वारदात का सीन रीक्रिएट कराया। आरोपियों को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोगों ने “अलवर पुलिस जिंदाबाद” के नारे लगाए और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। दरअसल, बुजुर्ग दिनेश अग्रवाल (80) अलवर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा और पूर्व CMHO डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। अजय अग्रवाल साल 2023 में कांग्रेस के टिकट पर अलवर शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब वे कांग्रेस में नहीं हैं। देखिए पुलिस की कार्रवाई के PHOTOS… पुलिस ने घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट किया कोतवाली थाना प्रभारी रमेश सैनी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर यह जाना गया कि वे किस रास्ते से घर में घुसे, हत्या और लूट की वारदात कैसे की और बाद में किस रास्ते से फरार हुए। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने 9 जुलाई की रात वारदात को अंजाम दिया था। प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद घर से हजारों रुपए की लूट की बात भी सामने आई है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी में जुटी हुई है। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन बहू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से एक किलोमीटर दूर स्कीम नंबर 4 में हमारे घर आते थे। जब गुरुवार (9 जुलाई) शाम वे खाना खाने नहीं पहुंचे तो करीब 7:30 बजे मेरे पति विकास ने उन्हें फोन किया। उनका लैंडलाइन नंबर बंद आया। इसके बाद मेरे पति वहां पहुंचे तो मेरे ससुर कमरे में चारपाई पर मृत पड़े मिले। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। — ये खबर भी पढ़ें… जीएसटी अफसर के घर को लूटने वाले लंगड़ाते हुए चले:पुलिस ने परेड निकाली, सीन रीक्रिएट कराया; शक नहीं हो इसलिए 5-6 बार कपड़े बदले अलवर की शालीमार सोसायटी में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई लूट के मामले में पुलिस ने चार बदमाशों को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों को मौका तस्दीक कराने के लिए घटना स्थल यानी जीएसटी अधिकारी के घर पर लेकर पहुंची। चारों आरोपी लंगड़ाते हुए चले। (पढ़िए पूरी खबर)

अयोध्या में श्रद्धालु घटे, होटल ऑक्यूपेंसी 25% ही बची:राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद हालात बदले, दुकानदारों की कमाई घटी

सुबह के दस बजे हैं… रामपथ पर स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार से रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे हैं। कोई रामधुन गा रहा है, तो कोई ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष कर रहा है। इस कतार में लगकर साफ हो जाता है कि रामलला के प्रति आस्था अटूट और अटल है, लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों द्वारा चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद यहां बहुत कुछ बदल गया है। रामपथ पर चंदन, माला की दुकान चलाने वाले एक युवक कहते हैं- श्रद्धालुओं की संख्या पहले की तुलना में 25% ही है। यहीं प्रसाद का ठेला लगाने वाले एक युवक ने बताया कि 10 दिन पहले तक रोज 4-5 हजार रु. तक बिक्री कर लेते थे। अब एक हजार भी मुश्किल है। नया घाट पर फूल-माला बेचने सूर्य प्रकाश की भी यही पीड़ा है, जो दिनभर में 1000 से 1500 रु. तक बिक्री करते थे। अब बमुश्किल 500 रु. कमा पाते हैं।’ ई-रिक्शा चलाने वाले अजय कहते हैं, अब रिक्शे का किराया और अपना खर्च भी नहीं निकल रहा है। सुबह नाश्ते के वक्त रामपथ पर एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट की सभी टेबल खाली मिलीं। मैनेजर ने बताया कि दस दिन से यही हाल है। वो इसके लिए चढ़ावा चोरी के साथ ही स्कूल खुलने और बारिश को भी जिम्मेदार बताते हैं। हालांकि ज्यादातर स्थानीय दुकानदारों, ऑटो, ई-रिक्शा और होटल वालों की मानें तो श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम हो गई है और चढ़ावा विवाद इसका बड़ा कारण है। पहले औसतन रोज एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु आते थे, वो आंकड़ा 60-70 हजार पर आ गया है। गुजरात से आए युवा सुमित कहते हैं, ‘मैं दूसरी बार आया हूं। तब दर्शन में चार घंटे लगे थे, इस बार एक घंटे में दर्शन हो गया।’ अयोध्या होटल्स एसो. के प्रवक्ता अरुण अग्रवाल कहते हैं, ‘अभी मिड-सेगमेंट होटलों की ऑक्यूपेंसी 25% बची है। इन्हीं के ग्राहक सबसे ज्यादा थे। अयोध्या के आसपास करीब 100 नए होटल बन रहे हैं। अगर धार्मिक पर्यटन की रफ्तार जल्द न बढ़ी तो निवेश पर भी असर पड़ेगा।’ एक ट्रैवल एजेंसी के संचालक ने बताया कि ज्यादातर श्रद्धालु आसपास के हैं, जिन्हें न होटल की जरूरत है न टैक्सी की। संतों का मत; कोई बोला- नया ट्रस्ट बनाएं, तो किसी ने इसे आस्था तोड़ने की साजिश बताया सिद्धपीठ श्री हनुमत निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण कहते हैं कि यह व्यवस्था की गलती है, संस्था की नहीं। इसकी आड़ में आस्था तोड़ने की सियासी साजिश चल रही है, लेकिन यह साजिश कभी सफल नहीं होगी। इसका पूरा सच जल्द सामने आ जाएगा। मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा- कुछ छोटे कर्मचारियों की चूक है, उन पर कार्रवाई हुई है। इसमें चंपत राय की कोई गलती नहीं है। हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास ने ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे भंग करने और अयोध्या के साधु-संतों का नया ट्रस्ट बनाने की मांग की। उन्होंने कहा, जरूरत पड़ी तो हम इसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। दंतधावन कुंड मंदिर के महंत विवेक आचारी ने ट्रस्ट में शंकराचार्यों और पीठाधीश्वरों को शामिल करने की बात कही। महंत जन्मेजय शरण ने अयोध्या के संतों को ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व की मांग उठाई। यूपी में 9 महीने बाद चुनाव… भाजपा का पूरा फोकस डैमेज कंट्रोल पर राजनीतिक परीक्षा यह विवाद चढ़ावा चोरी या जांच तक सीमित नहीं रहा। राम मंदिर भाजपा और संघ के लंबे वैचारिक आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीक रहा है। उसी मंदिर के ट्रस्ट पर सवाल उठे, तो विपक्ष को भाजपा को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। यूपी चुनाव में करीब नौ महीने बाकी हैं, इसलिए विवाद भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गया है। डैमेज कंट्रोल शुरुआती चुप्पी साधने के बाद भाजपा और संघ इसका जवाब दे रहे हैं। कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के जरिए लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि एसआईटी जांच जारी है, दोषियों पर कार्रवाई हो चुकी है और ट्रस्ट में बड़े सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। रणनीतिक विराम बंगाल के नतीजों के बाद जनगणना के चलते राजनीतिक हलकों में यूपी में समयपूर्व चुनावों की चर्चा थी। पर, ट्रस्ट विवाद के बाद भाजपा अभी इस विकल्प पर आगे बढ़ने के पक्ष में नहीं है। बिना इस राजनीतिक शोर के थमे चुनाव से नुकसान का डर है। घमासान सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी है। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, यह आस्था का मामला है। जांच में लीपापोती नहीं होने दी जाएगी। सपा इसे संसद के मानसून सत्र में भी उठाएगी।

यूरोप की सिलिकॉन वैली बना विलनियस:देश की आबादी 29 लाख, 6 यूनिकॉर्न काम कर रहीं; स्टार्टअप के मामले में दुनिया में 13वें नंबर पर

सुबह के करीब दस बजे हैं। लिथुआनिया की राजधानी विलनियस की साइबर सिटी में कांच की ऊंची इमारतों के बीच तेज कदमों से युवा प्रोफेशनल्स गुजर रहे हैं। एक तरफ नॉर्ड सिक्योरिटी जैसे दुनियाभर में मशहूर यूनिकॉर्न का दफ्तर है, तो कुछ ही कदम पर हॉस्टिंगर का। हॉस्टिंगर यानी एक ऐसा स्टार्टअप जिसके यूजर 150 से ज्यादा देशों में हैं। यहां फ्यूचर, एआई और स्टार्टअप जैसे शब्द हर बातचीत में सुनाई देते हैं। विलनियस को अब यूरोप की ‘सिलिकॉन वैली’ भी कहा जाने लगा है। यूरोप के इस छोटे से देश लिथुआनिया की आबादी मात्र 29 लाख के करीब है, लेकिन यहां हजारों स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आकार और आबादी में भले ही यह देश छोटा है, लेकिन सोच बड़ी और ग्लोबल है। यूनिकॉर्न लिथुआनिया की सीईओ गिन्तारे वेरबिकाइते बताती हैं कि आज विलनियस यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ती स्टार्टअप सिटी है। इस मामले में दुनिया में भी ये 13वें नंबर पर है। यहां कारोबार स्थानीय नहीं, वैश्विक सोच के साथ शुरू होता है। यहां के लोग कहते हैं कि जब हम कोई स्टार्टअप शुरू करते हैं तो उसे दुनिया की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाते हैं, क्योंकि हम सिर्फ लिथुआनिया तक सीमित रहना नहीं चाहते हैं। आबादी यानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से लिथुआनिया दुनिया के सबसे अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप वाले देशों में है। यहां विंटेड, नॉर्ड सिक्योरिटी, बीसीजी, फ्लो, कास्ट एआई और ऑक्सीलैब्स, छह यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। विंटेड ने यूनिकॉर्न बिल्ड करने का एक अलग मॉडल पेश किया है। उसने पुराने कपड़े खरीदने और बेचने का ऑनलाइन मॉडल शुरू किया और वो यहां की पहली यूनिकॉर्न बनी। इन्वेस्ट लिथुआनिया की स्ट्रैटजिस्ट डायना गिरडेनाइट कहती हैं कि बढ़ती स्किल्ड वर्कफोर्स, फाइनेंशियल इन्सेंटिव और सरकार की नीतियां जैसे प्रमुख कारण हैं, जिनके कारण लिथुआनिया स्टार्टअप पावरहाउस बन रहा है। सीखने-सिखाने का कल्चर, भारत इनका बड़ा बाजार चार कारण… लिथुआनिया कैसे बन रहा स्टार्टअप पावरहाउस 1. तेजी से बढ़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम देश में 300 से ज्यादा फिनटेक कंपनियां काम कर रही हैं। 2020 से 2025 के बीच स्टार्टअप इकोसिस्टम का मूल्य 5.9 गुना बढ़कर करीब 1.56 लाख करोड़ रु. हो गया। 2025 में स्टार्टअप्स ने करीब 2400 करोड़ रु. की वेंचर कैपिटल जुटाई। 2. वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा एक्सेल, जनरल कैटलिस्ट, इनसाइट पार्टनर जैसी विश्व की प्रमुख निवेशक कंपनियां, जिन्होंने फेसबुक, स्पाॅटिफाई, एयर बीएनबी जैसी कंपनियों में निवेश किया है, वे भी लिथुआनिया के स्टार्टअप्स में निवेश कर रही हैं। सार्वजनिक वाई-फाई स्पीड में लिथुआनिया पहले स्थान पर व साइबर सुरक्षा सूचकांक में छठे स्थान पर है। 3. एआई प्रतिभा से बनी मजबूत नींव देश में 77,600 से अधिक आईसीटी (सूचना और संचार तकनीक) विशेषज्ञ कार्यरत हैं। सरकार ने एआई विकास के लिए करीब 457 करोड़ रु. से अधिक का निवेश किया और 2018 में ही राष्ट्रीय एआई रणनीति लागू कर दी। 13 हजार छात्र आईसीटी की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर रीस्किलिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 4. कंपनी शुरू करना आसान यहां नई कंपनी का रजिस्ट्रेशन कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकारी प्रक्रियाएं सरल और ऑनलाइन होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों बचते हैं। कॉर्पोरेट प्रॉफिट टैक्स 0-16% के बीच, फ्री इकोनॉमिक जोन में पहले 10 वर्षों तक 0% टैक्स, RD प्रोत्साहन, पेटेंट बॉक्स, तेज लाइसेंसिंग प्रक्रिया, विश्वस्तरीय डिजिटल नेटवर्क और 2030 तक 100% रिन्यूएबल बिजली का लक्ष्य- ये तमाम ऐसे कारण हैं जिनके कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

तालाब में नहाते समय 6 डूबे, 4 भाई-बहनों की मौत:परिवार में अब केवल माता-पिता बचे; छुट्टियों के लिए आई भांजी भी हादसे का शिकार

डूंगरपुर के बड़ी गांव में वात्रक तालाब में नहाने पहुंचे 4 भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 3 सगे और एक उनकी फुफेरी बहन है। वहीं, 2 बच्चों को उनमें से एक के पिता ने बचा लिया। मृतकों में से एक लड़की गुजरात के पालनुपर की रहने वाली है। जबकि, तीन बड़ी गांव के ही निवासी हैं। तीनों की मौत के बाद परिवार में अब केवल माता-पिता बचे हैं। घटना रविवार सुबह 10 बजे की है। नहाते समय तालाब की गहराई में चले गए थे धम्बोला थाना पुलिस के अनुसार हादसे में बड़ी गांव के रहने वाले बाबूसिंह डामोर की बड़ी बेटी हिना (24), बेटा प्रतीक (20), छोटी बेटी इशिता (15) की मौत हो गई। बच्चों की फुफेरी बहन रौनक (20) पुत्री गौतम भाई परमार निवासी पालनपुर ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में राजवीर पुत्र कोहरा डामोर, जयसिंह पुत्र सुरेश डामोर को बचा लिया। दोनों घायल सीमलवाड़ा हॉस्पिटल में एडमिट हैं। 11 साल का जयसिंह नहाते समय गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। हिना, प्रतीक, रौनक और इशिता उसे बचाने के लिए गए। सभी ने एक दूसरे को पकड़ लिया। सभी पानी में डूबने लगे। बच्चों के चिल्लाने पर सबसे पहले जयसिंह के पिता सुरेश दौड़कर आए। बेटे जयसिंह को बाहर निकाला। फिर राजवीर को बाहर निकाला। तीसरी बार फिर एनिकट में कूदे लेकिन तब तक 4 भाई बहन डूब गए थे। अब देखिए- हादसे जुड़ी PHOTOS… परिवार के सभी बच्चों की मौत किसान बाबूसिंह डामोर के 2 बेटियां और एक बेटा ही थे। अब परिवार में कोई बच्चा नहीं है। बड़ी बेटी हिना गांव के ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। जबकि भाई प्रतीक ने 12वीं कक्षा पास करने के बाद फर्स्ट ईयर में एडमिशन के लिए आवेदन किया था। सबसे छोटी बहन इशिता 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। डामोर की भांजी रौनक 4 दिन पहले ही मामा के घर आई थी। वो भी मामा के बच्चों के साथ तालाब में नहाते हुए हादसे का शिकार हो गई। रौनक के परिवार के लोग सूचना के बाद पालनपुर से रवाना हो गए। पिता ने बेटे और उसके साथी को बचाया हादसे में बचे दो बच्चों जयसिंह और राजवीर को जयसिंह के पिता ने बचा लिया। जानकारी के अनुसार जयसिंह के पिता सुरेश सिंह तालाब के पास ही थे। वे बच्चों का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपने बेटे और राजवीर को पानी से बाहर खींचा। वे बाकी 4 और बच्चों को बचाते उससे पहले ही वे डूब गए। …. ये खबर भी पढ़िए… 8 फीट गहरे टैंक में डूबने से 2-मासूमों की मौत:घर के पास खेलते समय पानी में गिरीं, चप्पलों से हुई पहचान करीब 2 महीने पहले जयपुर के शिप्रापथ इलाके में दो मासूम बच्चियों की पानी के टैंक में डूबने से मौत हो गई थी। घटना जगन्नाथपुरी सेकेंड क्षेत्र की थी। पूरी खबर पढ़िए… अलवर में 10 फीट गहरे हौद में डूबे दो दोस्त,मौत:’बचाओ-बचाओ’ चिल्लाते रहे, नहाने के लिए उतरे थे, बाहर खड़े दोस्तों ने ग्रामीणों को बुलाया अलवर में खेत में बने 10 फीट गहरे फार्म पॉन्ड (हौद) में डूबने से दो मासूम दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। हौद में डूबते ही दोनों बच्चे ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाने लगे, जबकि बाहर खड़े उनके 4 अन्य साथी ग्रामीणों को बुलाने के लिए दौड़े। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनकी सांसें थम चुकी थी। पूरी खबर पढ़िए…