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नीति आयोग के CEO बने अनुराग जैन:अशोक बर्णवाल एमपी के कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त; नई नियुक्ति तक प्रभार संभालेंगे

मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) ने बुधवार शाम इसका आदेश जारी किया। वे पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो वर्ष तक इस पोस्ट पर रहेंगे। इस आदेश के बाद मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने सीनियर आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल (बैच 1991) को अस्थायी तौर पर राज्य का नया कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए की गई है। 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी अनुराग जैन को 3 अक्टूबर 2024 को मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। 2025 में रिटायरमेंट के बाद उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है। मध्य प्रदेश सरकार को 1 अक्टूबर से नए मुख्य सचिव की नियुक्ति करनी थी, लेकिन अब चयन प्रक्रिया जुलाई में ही पूरी किए जाने की संभावना है। राजौरा, गोविल और अग्रवाल की भी थी दावेदारी वर्तमान में मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसरों में मुख्य सचिव अनुराग जैन के बाद डॉ. राजेश कुमार राजौरा सबसे सीनियर हैं। इस लिहाज से मुख्य सचिव पद पर उनकी दावेदारी सबसे मजबूत थी। उनके अलावा केंद्र में पदस्थ मनोज गोविल, पंकज अग्रवाल भी इस लिस्ट में शामिल थे। इसी तरह अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी मनु श्रीवास्तव और नीरज मंडलोई के नाम भी चर्चा में था। ये खबर भी पढ़ें… अफसरों-नेताओं की लड़ाई केंद्र पहुंची; CS को चिट्‌ठी-अधिकारियों को व्यवहार सिखाइए मध्य प्रदेश में नेताओं और अफसरों के बीच टकराव की स्थिति है। विवाद केंद्र सरकार तक पहुंच गया। केंद्र सरकार के DoPT के डिप्टी सेक्रेटरी जीके रजनीश ने नेताओं के पक्ष में मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा- अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के साथ व्यवहार का तरीका सिखाइए। पढ़ें पूरी खबर…

RAS अफसर ने लिखा-बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो:इनको तो डिमांड करना भी नहीं आता; पेपरलीक करने वालों को 7 दिन में फांसी दी जाए

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में स्टूडेंट के विरोध प्रदर्शन पर RAS अफसर पंकज ओझा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। ओझा ने अपनी बेटी की तस्वीर लगाते हुए फेसबुक पोस्ट में लिखा- बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो। ओझा ने पोस्ट के साथ ही लिखा कि इसका संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा की यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। RAS अफसर पंकज ओझा ने लिखा- बच्चों के प्रोटेस्ट को बदनाम मत करो भाइयों, यही हमारे देश का अगला भविष्य हैं। हमारे बच्चे बहुत सीधे हैं, इनको तो बेचारों को डिमांड करना भी नहीं आता। ये केवल धर्मेंद्र प्रधान साहब के इस्तीफे से खुश होना चाहते हैं, जबकि इससे कुछ होगा नहीं। कोई और आ जाएगा, फिर वही होगा। मैं RAS की परीक्षा दे रहा था, तब भी हुए थे पेपरलीक ओझा ने लिखा- जब मैं RAS की परीक्षा दे रहा था। तब भी इसी प्रकार से पेपर आउट हुए थे। हमारे पूरे दो साल की मेहनत बेकार हो गई थी। तब हमने तत्कालीन अध्यक्ष से डेलिगेशन के रूप में जाकर बात की थी। ओझा ने लिखा- डिमांड यह होनी चाहिए कि ऐसा फुल प्रूफ सिस्टम हो कि कोई एग्जाम का पेपर आउट नहीं हो। कोई गड़बड़ करे तो 7 दिन के अंदर उसे फांसी दी जाए। इसमें जो शामिल हो, उन्हें भी फांसी दी जाए। साथ ही जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके पेरेंट्स को धनराशि दी जाए और उनके घर वालों को नौकरी दी जाए। ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए ओझा ने आगे लिखा- हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि बच्चों की मेहनत बेकार नहीं जाए। उनके टैलेंट और उनकी बुद्धिमत्ता का सही ढंग से मूल्यांकन हो और उनको उचित अवसर प्राप्त हो सके। तभी हम नवीन और अच्छे भारत का निर्माण कर सकेंगे। हमें अपने बच्चों को सड़कों पर नहीं, आसमान की उन ऊंचाइयों तक पहुंचाना है जहां से वे सारे जगत को अपनी प्रतिभा से रोशन कर सकें। डिस्कलेमर लिखा- पोस्ट का संबंध मेरी बेटी से, जो आहत है ओझा ने फेसबुक पोस्ट के साथ डिस्कलेमर में लिखा- इस पोस्ट का संबंध किसी पार्टी या किसी के समर्थन-विरोध से नहीं है। इस पोस्ट का संबंध मेरी छोटी प्यारी सी बेटी से है, जो इस सब से बहुत आहत है। चिंतित है। इसके बाप से भी इस पोस्ट का संबंध है, जो उसे अपनी जान से ज्यादा चाहता है। ये खबरें भी पढ़ें जयपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से पुलिस की धक्का-मुक्की:वाटर कैनन चलाई, एक महिला बेहोश हुई; भाजपा कार्यालय घेरने जा रहे थे जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे

जयपुर में बंदरों से डरकर छत से गिरी महिला, मौत:कपड़े सुखाने गई थी; पति ऑफिस के लिए निकले थे, हादसे की सुनकर अस्पताल पहुंचे

जयपुर में मकान की छत पर कपड़े सुखाने गई महिला बंदरों के झुंड से बचने के प्रयास में संतुलन खो बैठी और दो मंजिला मकान से नीचे गिर गई। गंभीर घायल महिला सुशीला (42) को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा रामगंज थाना क्षेत्र स्थित हीदा की मोरी के मंडी खटीकान इलाके में बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। परिजनों के अनुसार- सुशीला घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान छत पर मौजूद बंदरों का झुंड उनकी ओर लपटका। बंदरों से बचने के लिए सुशीला घबराकर पीछे हटीं, लेकिन संतुलन बिगड़ने से पहले दीवार से टकराईं। इसके बाद दो मंजिला मकान की छत से नीचे सड़क पर गिर गईं। गिरने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल सुशीला सड़क पर अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं। उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मोहल्ले में शोक हो गया। होमगार्ड में सिपाही हैं पति परिजनों ने बताया- सुशीला के पति गजेंद्र मल्होत्रा होमगार्ड में सिपाही हैं और नगर निगम में कार्यरत हैं। घटना से कुछ देर पहले वे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। गजेंद्र हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। दंपती के दो बच्चे हैं, जो स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के अनुसार- करीब एक महीने पहले गजेंद्र मल्होत्रा के पिता का निधन हुआ था। परिवार उस सदमे से अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब सुशीला की मौत ने परिवार को शोक में डुबो दिया। बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों में नाराजगी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके में बढ़ते बंदरों के आतंक पर चिंता जताई है। लोगों ने कहा- बंदरों के झुंड आए दिन परकोटा क्षेत्र में छतों और गलियों में उत्पात मचाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से बंदरों के आतंक पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इंपैक्ट फीचर:ICICI प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड की कहानी; 5 साल, 2 गुना ग्रोथ-राजीव अरोड़ा

ICICI प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड को लॉन्च हुए पांच साल हो गए हैं; इस दौरान इसकी NAV 10 से बढ़कर 20 हो गई है। एक फ्लेक्सीकैप फड होने के नाते, इसे लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में निवेश करने की आजादी है, और यह उन जगहों पर अपने पोर्टफोलियो मिक्स को बदलता रहता है जहां सबसे अच्छे मौके दिखते हैं। यह फंड ‘बॉटम-अप’, ‘हाई-कनविक्शन’ निवेश शैली अपनाता है, जो इसके बेंचमार्क के मुकाबले 60% से जयादा के ‘एक्टिव शेयर’ से पता चलता है। यह वीडियो फंड की मुख्य सोच, पांच सालों में इसके विकास और इक्विटी निवेशकों के लिए लंबे समय के निवेश के महत्व के बारे में बताता है। यह उन लोगों के लिए एक छोटा और आसान वीडियो है जो यह समझना चाहते हैं कि कैसे सोच-समझकर चुने गए स्टॉक्स ने समय के साथ लगातार वेल्थ बनाने में मदद की है। वीडियो में अल्फानॉमिक्स कैपिटल के फाउंडर राजीव अरोड़ा ने क्या कहा जानने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…

ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटेंगे:ED का जुर्माना रद्द; IPL का पैसा विदेश भेजने का केस; बोले- मैं लीग की भलाई चाहता था

IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें
मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।
भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं ललित मोदी ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने ED की सबसे अहम दलील ही खारिज कर दी, जिससे पूरे मामले का आधार बदल गया। उनके मुताबिक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी, न कि ‘कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन’। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ललित मोदी ने कहा, ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि वह BCCI की ओर से FEMA के तहत कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे और न ही उनके पास वह वित्तीय अधिकार थे, जिनका ED ने दावा किया था। इससे 2009 के दक्षिण अफ्रीका IPL से जुड़े सबसे बड़े कानूनी मामले का अंत हो गया। 2018 में लगा था 10.65 करोड़ रुपए का जुर्माना ED ने 2018 में ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्होंने इस आदेश के खिलाफ अलग-अलग अपील दायर की थीं। अब 16 जुलाई के फैसले में ट्रिब्यूनल ने उन आदेशों में बड़ा बदलाव करते हुए ललित मोदी समेत कई पक्षों को राहत दे दी। ट्रिब्यूनल के इस फैसले से 2010 में भारत छोड़ने के बाद ललित मोदी के सामने मौजूद सबसे बड़ी कानूनी बाधाओं में से एक खत्म हो गई है। हालांकि यह फैसला सिर्फ IPL 2009 के FEMA मामले तक सीमित है। ED ने ललित मोदी के खिलाफ कई दूसरी जांचें भी शुरू की थीं। ललित मोदी से जुड़े अन्य मामले 1. IPL ब्रॉडकास्ट राइट्स मामला जब 2008 में IPL शुरू हुआ, तब टीवी पर मैच दिखाने के अधिकार (ब्रॉडकास्ट राइट्स) वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (WSG) को दिए गए थे। WSG ने भारत में मैच दिखाने के अधिकार सोनी को दिए। 2009 में IPL के दूसरे सीजन से ठीक पहले ललित मोदी ने सोनी से करार रद्द कर दिया और बिना दोबारा टेंडर निकाले दोबारा WSG के साथ समझौता कर लिया। ED ने आरोप लगाया कि IPL के मीडिया और ब्रॉडकास्ट अधिकार देने की प्रक्रिया में FEMA और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ। इसमें WSG को 425 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया गया। इस मामले में बाद में विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। इस मामले में ललित मोदी को अभी कोई अंतिम कानूनी राहत नहीं मिली है। 2. BCCI की अनुशासनात्मक कार्रवाई 2010 में IPL से जुड़े कई विवाद सामने आने के बाद BCCI ने ललित मोदी को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की। जांच में BCCI ने आरोप लगाया कि ललित मोदी ने IPL चलाने के दौरान कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया। इनमें ब्रॉडकास्ट राइट्स, टीमों की बोली, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय फैसलों से जुड़े आरोप शामिल थे। करीब तीन साल तक जांच और सुनवाई चलने के बाद 2013 में BCCI की अनुशासन समिति ने ललित मोदी को सभी क्रिकेट गतिविधियों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया। लंदन के सबसे महंगे इलाके में रह रहे ललित मोदी ललित मोदी 2010 से लंदन में रह रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी मीनल मोदी और दोनों बच्चे आलिया और रुचिर भी थे। मीनल मोदी का 2018 में कैंसर से निधन हो गया। ललित मोदी का घर लंदन के बेलग्राविया-चेल्सी इलाके में है, जो शहर के सबसे महंगे इलाकों में गिना जाता है। यह इलाका विदेशी दूतावासों, लग्जरी ब्रांड्स और करोड़ों-करोड़ रुपये की संपत्तियों के लिए मशहूर है। ललित मोदी का जन्म दिल्ली के एक बड़े कारोबारी परिवार में हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 57 करोड़ डॉलर (करीब 4,555 करोड़ रुपए) है। वह अपने परिवार की कंपनी मोदी एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इस कंपनी की स्थापना उनके दादा गुजर मल मोदी ने 1933 में की थी। मोदी एंटरप्राइजेज का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इनमें फैशन, रसायन (केमिकल), हेल्थकेयर, रिटेल, सैलून, ट्रैवल, पर्सनल केयर, मनोरंजन और एफएमसीजी (रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान) शामिल हैं। समूह के प्रमुख ब्रांडों में केके मोदी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, मोदीकेयर, बीकन ट्रैवल्स, कलरबार, पान विलास पान मसाला, ईगो इटालियन रेस्तरां और गॉडफ्रे फिलिप्स शामिल हैं। ———————————-
यह खबर भी पढ़ें… पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान पर 17.52 लाख ठगी का आरोप:नवीन जिंदल से पहचान बताकर काम में पार्टनर बनाने ठेकेदार को फंसाया; FIR के आदेश
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान पर 17.52 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा है। जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट का काम दिलाने का झांसा देकर ठेकेदार से फ्रॉड किया गया। अब कोर्ट ने उन पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

NSUI ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का किया विरोध:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए भंग करने की मांग

बारां में एनएसयूआई ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने छात्रों पर लाठीचार्ज और हिरासत में लेने की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। ब्लॉक अध्यक्ष नितेश मीणा और जिला महासचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और हंगर स्ट्राइक के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें हिरासत में लेना गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष कशिश धाकड़ और जिला सचिव यशवंत कटारिया ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लेना भी गलत था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना कोई अपराध नहीं है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग भी उठाई। इस दौरान अनिरुद्ध मीणा, हरीश मीणा, अविनाश मीणा, कौशल सुमन, हर्षित नागर, सौरभ नागर सहित कई छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।

NEET पेपर लीक, फ्री ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन:किसानों ने पीएम-शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को चूरू में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) के विरोध में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया था। केंद्र सरकार के इशारे पर हुई इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं और महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसी क्रूरता के विरोध में बुधवार को देशभर में पुतले जलाकर प्रदर्शन किए गए। किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को तुरंत समाप्त करने और नीट धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले 20 से अधिक छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) को भी निरस्त करने की मांग की, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। किसान सभा जिलाध्यक्ष इंद्राज सिंह ने कहा कि यह फ्री ट्रेड डील देश के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देगी। किसान नेता कॉमरेड निर्मल प्रजापत ने केंद्र सरकार की दमनात्मक कार्रवाई और फ्री ट्रेड डील की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आने वाले समय में किसान मोर्चा के बैनर तले एक बड़े आंदोलन का आह्वान भी किया। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री कॉमरेड उमराव सहारण, परमेश्वरलाल, आयुष खीचड़, अनिल कुमार, विक्रम मेघवाल, शेराराम जाखड़, धर्मेंद्र भांभू, राजेंद्र बलारा, विकास शर्मा, विनोद स्वामी, रामकुमार खीचड़, रामस्वरूप मेघवाल, बेगराज मील और दीपाराम सहित कई किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

जोधपुर में 15 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:4 साल से पहचान छिपाकर काट रहा था फरारी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

जोधपुर ग्रामीण पुलिस की स्पेशल सेल ने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 15 हजार रुपए के इनामी बदमाश नरपत सिंह उर्फ नरपतराम बेनीवाल को जोधपुर से गिरफ्तार (दस्तयाब) किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर फरारी काट रहा था। तकनीकी इनपुट से ट्रैक हुई लोकेशन जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक पंकज ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है। एएसपी (ASP) भोपाल सिंह लखावत के सुपरविजन में स्पेशल सेल को इसे पकड़ने का टास्क सौंपा गया था। सहायक उप-निरीक्षक मनफूल के नेतृत्व में कांस्टेबल सेठाराम और किशोर दुकतावा ने तकनीकी डेटाबेस और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन जोधपुर में ट्रैक की। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ‘सुरते की बेरी दूदू’ (थाना सदर, बाड़मेर) निवासी नरपत बेनीवाल को दबोच लिया। आगे की जांच और पूछताछ के लिए आरोपी को बाड़मेर के सदर थाने को सौंप दिया गया है। दो जिलों से घोषित था इनाम, दर्ज हैं 6 गंभीर मामले पकड़ा गया बदमाश नरपत सिंह आदतन अपराधी है। उस पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और आरएनसी एक्ट के 6 गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर बाड़मेर सदर थाना पुलिस ने 10,000 रुपए और राजसमंद जिले के भीम थाने में दर्ज एक मामले में 5,000 रुपए का इनाम घोषित कर रखा था

आशा सहयोगिनियों ने विधायक खैरिया को सौंपा ज्ञापन:न्यूनतम मानदेय वृद्धि, पेंशन सहित कई मांगें उठाईं

किशनगढ़बास में कोटकासिम ब्लॉक की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधायक दीपचंद खैरिया को एक ज्ञापन सौंपा। विधायक खैरिया के निजी सहायक सुनील कान्त गोल्डी ने बताया कि ज्ञापन में न्यूनतम मासिक मानदेय में वृद्धि, सेवानिवृत्ति पर पेंशन और मुआवजे सहित लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है। आशा सहयोगिनियों ने राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर 26 हजार रुपए मासिक वेतन और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए का लाभ देने की मांग की है। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता से अधिक ऑनलाइन कार्य कराया जा रहा है। प्रतिदिन नए-नए मोबाइल ऐप पर काम करने से उनका कार्यभार बढ़ रहा है और उन्हें काम करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अनावश्यक ऑनलाइन ऐप आधारित कार्यों से राहत देने और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की है। यह ज्ञापन विधायक दीपचंद खैरिया को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया। ये रहे मौजूद इस अवसर पर कृष्णावती बबली, रीना देवी, सुमित्रा, मंजू, संतोष देवी, उर्मिला, सरिता कुमारी, बीना देवी, सुनीता देवी, नीलम, सरोज सहित दर्जनों आशा सहयोगिनी मौजूद रहीं।

हनुमानगढ़ के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी:आर्द्रता के कारण उमस बढ़ी, अगले चार दिन बारिश होने की संभावना

हनुमानगढ़ जिले में बुधवार दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। शाम करीब 4:30 बजे शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिली। हालांकि, बारिश के साथ हवा में नमी बढ़ने से उमस भी महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बूंदाबांदी से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन आर्द्रता बढ़ने के कारण अगले कुछ समय तक उमस बनी रहने की संभावना है। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रही। दोपहर तक गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन शाम होते-होते मौसम सुहावना हो गया। हल्की बारिश से सड़कों पर धूल बैठ गई और वातावरण में ठंडक महसूस की गई। यदि रात में भी बादल सक्रिय रहते हैं, तो न्यूनतम तापमान में भी कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार से शनिवार तक जिले में बादलों की गर्जना के साथ बारिश की संभावना है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। लोगों को खुले मैदानों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जुलाई से मौसम में कुछ बदलाव आएगा। 26, 27 और 28 जुलाई को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसम खरीफ फसलों, विशेषकर कपास, बाजरा और मूंग के लिए लाभदायक हो सकता है। हालांकि, किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव और बिजली कड़कने के दौरान कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने से जिले में बीच-बीच में बारिश का दौर बना रह सकता है।