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रेलमगरा में सबसे ज्यादा 241, राजसमंद मुख्यालय पर सबसे कम 32 मिमी बारिश हुई

भास्कर न्यूज | राजसमंद राजसमंद जिले में इस बार मानसून करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंचा, लेकिन सक्रिय होने के कुछ ही दिन बाद बारिश का दौर थम गया। पिछले पांच दिनों से जिले के अधिकांश हिस्सों में उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई है। नतीजतन आषाढ़ में वैशाख जैसी तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार सुबह बादलों की आवाजाही रही, लेकिन कुछ ही देर बाद तेज धूप निकल आई। दिनभर उमस और गर्मी का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक जिले में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन अच्छी बारिश के आसार फिलहाल कम हैं। बारिश में आए इस अंतराल से खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। बुवाई के बाद फसलों के बेहतर विकास के लिए लगातार नमी जरूरी है। एक जून से 11 जुलाई तक जिले में औसतन 117 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 241 मिमी वर्षा रेलमगरा में हुई, जबकि राजसमंद मुख्यालय पर महज 32 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जिले में सबसे कम है। इसके अलावा देवगढ़ 228 मिमी, नाथद्वारा 140 मिमी, गढ़बोर 130 मिमी, देलवाड़ा 117 मिमी, गिलूंड 113 मिमी, खमनोर 110 मिमी, भीम 102 मिमी, कुंभलगढ़ 98 मिमी, आमेट 87 मिमी, सरदारगढ़ 83 मिमी और कुंवारिया 39 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से उमस बनी रही। मानसून की शुरुआती बारिश के बाद कई दिनों तक वर्षा नहीं होने पर सबसे अधिक असर खरीफ फसलों पर पड़ता है। इस समय मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग और बाजरा जैसी फसलें अंकुरण और शुरुआती वृद्धि की अवस्था में हैं, जिन्हें नियमित नमी की जरूरत होती है। लगातार धूप और उमस से मिट्टी की नमी तेजी से कम होती है, जिससे पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जिन किसानों के पास सुविधा है, वे हल्की सिंचाई कर खेतों में नमी बनाए रखें। डॉ. जगदीश चौधरी, एमपीयूएटी, उदयपुर

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