4-माह की मासूम से दुष्कर्म,सजा सुनाते जज की आंखें नम:फैसले में कविता लिखी- अरे शर्म करो मर्द, समझो उस लड़की का दर्द
चार माह की मासूम से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जिला विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने आरोपी को आजीवन जेल की सजा सुनाई है। आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सोमवार को सजा सुनाते हुए जज की आंखें नम हो गई। उन्होंने फैसले में क्या यही है मर्द की पहचान….शर्म करो मर्द कविता की पंक्तियां भी लिखीं। कोर्ट ने पीड़ित के पुनर्वास के लिए 15 लाख की प्रतिकर राशि एफडी के रूप में बालिग होने तक जमा कराने तथा उस पर मिलने वाला मासिक ब्याज पीड़ित की माता को देने के आदेश दिए हैं। सबसे पहले जानिए- क्या है मामला 14 मार्च 2025 को पीड़िता के माता-पिता फैक्ट्री में मजदूरी पर गए थे और चार माह की बालिका कमरे में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी कमरे में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सरकारी एडवोकेट नरपत चौधरी ने सुनवाई में कई सबूत कोर्ट को दिए। कोर्ट ने मूलतः बिहार और वर्तमान में जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र निवासी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं- जज न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने 66 पेज के जजमेंट में कहा कि यह घटना समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक और अंतर्मन को झकझोर देने वाली है। उन्होंने लिखा कि- जिस देश में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है, वहां इस प्रकार की घटना अत्यंत पीड़ादायक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं है, क्योंकि पशु भी अपने स्वाभाविक नियमों के विपरीत ऐसा अमानवीय कृत्य नहीं करते। जज ने फैसले में कवियत्री हीना जैन की पंक्तियां लिखीं… महिला जज ने भी सजा सुनाते हुए कविता लिखी थी तीन महीने पहले टोंक में मूक-बधिर युवती से रेप करने वाले को महिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 1.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। स्पेशल जज (अनुसूचित जाति-जनजाति) आरती माहेश्वरी ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कविता भी लिखी थी।

