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ऋषभदेव में उपाध्याय शुभमसागरजी का मंगल प्रवेश:धर्मसभा में बोले- जिनवाणी दर्पण की तरह, इससे आत्मा को देखें

उदयपुर जिले के ऋषभदेव में रविवार को प्राकृतज्ञान केसरी आचार्य सुनीलसागर महाराज के शिष्य उपाध्याय शुभमसागरजी महाराज और कवि मुनि सक्षमसागर महाराज का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। संतों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उमड़े। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की, पैर धोए और अर्घ्य अर्पित कर संतों की अगवानी की। मुनि संघ का विहार अशोक मार्बल कंपनी से शुरू होकर नेशनल हाईवे-48 के रास्ते घाटी दरवाजा पहुंचा। यहां समाज के लोगों ने विधि-विधान से मुनि संघ का स्वागत किया। महिला मंडल की सदस्यों ने सिर पर कलश रखकर मंगल नृत्य किया। जैसे ही मुनि संघ ने कस्बे में प्रवेश किया, बैंड-बाजों की धुन और जय-जय गुरुदेव के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद घाटी दरवाजा से शोभायात्रा शुरू हुई। यह यात्रा ऋषभदेव चौराहा रोड, पुलिस चौकी, कीकाभाई धर्मशाला रोड, हॉस्पिटल रोड, पाटूना चौक, नेहरू बाजार, सदर बाजार और जौहरी बाजार होते हुए ऋषभ चौक स्थित ऋषभदेव निज मंदिर पहुंची। यहां मुनि श्री ने भगवान आदिनाथ के दर्शन और वंदना की। इसके बाद शोभायात्रा कांच के मंदिर पहुंची, जहां एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। सबसे आगे सफेद घोड़े चल रहे थे इस शोभायात्रा में सबसे आगे सफेद घोड़े चल रहे थे, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाएं पारंपरिक पोशाक में और पुरुष सफेद कपड़ों में शामिल हुए। युवा रंग-बिरंगे कपड़ों में भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। संतों के स्वागत के लिए पूरे कस्बे को दुल्हन की तरह सजाया गया था। अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए थे। जैसे हम कांच में अपना चेहरा देखते हैं कांच के मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उपाध्याय शुभमसागर महाराज ने कहा कि जिनवाणी एक दर्पण यानी कांच की तरह है। चातुर्मास का यह समय खुद के भीतर झांकने और आत्मचिंतन करने का सबसे अच्छा अवसर है। जैसे हम कांच में अपना चेहरा देखते हैं, वैसे ही जिनवाणी के जरिए हमें अपनी आत्मा को देखना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि हमारी आत्मा किन बंधनों में जकड़ी हुई है और उन बंधनों से मुक्त होने का सही रास्ता क्या है। उन्होंने सभी को धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की सीख दी। इस मौके पर पुलक मंच परिवार, तरुण क्रांति मंच, आदिनाथ एकता मंच, अखिल भारतीय युवा परिषद, वसु निधि क्लब, नव मंडल, दिगम्बर जैन हुमड़ समाज, दिगम्बर जैन नागदा समाज, दिगम्बर जैन तीर्थ रक्षा समिति, दिगम्बर जैन विद्यालय, एम-24 पाठशाला और महावीर जिनालय समिति सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस धार्मिक महोत्सव में ऋषभदेव के अलावा अहमदाबाद, उदयपुर, खेरवाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

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