उदयपुर में कॉन्स्टेबल ने किया सुसाइड:साथी पुलिसकर्मी कमरे पर पहुंचे तो शव फंदे से लटका था, 2 महीने पहले हुई थी शादी
उदयपुर जिले में कॉन्स्टेबल ने सुसाइड कर लिया। कॉन्स्टेबल ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए छुट्टी मांगी थी। इसके बाद रविवार को दिनभर थाने के जवानों ने कॉन्स्टेबल कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं हुई तो थाने से जाब्ता कॉन्स्टेबल के कमरे पर पहुंचा। कमरा अंदर से बंद था। पुलिसकर्मियों ने खिड़की से झांककर देखा तो कॉन्स्टेबल मनोज का शव फंदे से लटक हुआ था। मामला जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर ओगणा थाना क्षेत्र का है। नयागांव क्षेत्र के सरेरा गांव निवासी कॉन्स्टेबल मनोज कुमार मीणा (28) ने ओगणा के मुख्य बाजार में किराए से रूम ले रखा था। कॉन्स्टेबल मनोज ओगणा थाने में 5 साल से तैनात थे। करीब 2 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। मनोज की पत्नी गांव में रहती है। वे कमरे पर अकेले रहते थे। सुसाइड के कारणों का पता नहीं लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तबीयत ठीक नहीं होने का कहकर मांगा था रेस्ट एएसआई नारायण लाल ने बताया- कॉन्स्टेबल मनोज ने शनिवार को कहा था कि तबीयत ठीक नहीं है। थाने से उन्हें नाइट में रेस्ट दिया गया था। इसके बाद रविवार सुबह 7 बजे हमारे एक जवान ने तबीयत पूछने के लिए कॉल किया था। साथ ही ड्यूटी लगाने के लिए पूछा था। तब भी कॉन्स्टेबल मनोज ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। थाने के जवानों ने देखा तो फंदे से लटके मिले थाने के स्टाफ ने दोपहर में मनोज को कई बार कॉल लगाए, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। फिर दो जवान उनके घर गए तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। दो जवान वापस थाने आ गए। इसके बाद फिर शाम 6 बजे सीआई सहित पूरा जाब्ता कॉन्स्टेबल मनोज के कमरे पर पहुंचे। खिड़की से झांककर देखा तो मनोज का शव फंदे पर लटका हुआ था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया और शव को उतरवाकर झाड़ोल हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट कराया। मनोज कुमार की ड्यूटी करीब एक सप्ताह से उदयपुर शहर में लगी थी। वे दो दिन पहले ही वापस थाने पर लौटे थे। यहां उनकी ड्यूटी टीचर भर्ती एग्जाम और रथयात्रा में लगी थी।

