बजरी खनन के विवाद में स्कॉर्पियो में उठाकर ले गए:मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी, दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज
भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र में चारागाह भूमि पर कथित अवैध बजरी खनन को लेकर विवाद बढ़ गया है। घोड़ासी खेड़ा और गांगा का खेड़ा गांव के लोगों ने एक-दूसरे पर मारपीट, धमकी और अपहरण जैसे आरोप लगाते हुए मांडल थाने में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के बाद घर से ले जाने का आरोप आरोप है कि चारागाह भूमि पर कथित अवैध बजरी खनन की शिकायत करने के बाद एक पक्ष के लोगों को घर से स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर दूसरे स्थान पर ले जाया गया। वहां उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। दोनों पक्षों ने दर्ज कराई रिपोर्ट मामले में सुखदेव गुर्जर और महावीर गुर्जर की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मांडल थाने में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना के बाद देर रात थाने के बाहर लोगों की भीड़ भी जुट गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अवैध मिट्टी खनन के लगाए आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि चारागाह भूमि से प्रतिदिन लाखों रुपए कीमत की मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। चारागाह भूमि को नुकसान होने की जताई चिंता ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन नहीं रोका गया तो चारागाह भूमि को भारी नुकसान होगा और भविष्य में विवाद और बढ़ सकते हैं। मारपीट की घटना के बाद ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि चारागाह भूमि पर लंबे समय से बड़े स्तर पर अवैध मिट्टी का दोहन हो रहा है और कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। पुलिस बोली- निष्पक्ष जांच होगी मांडल थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल।

