नगर निकाय के पूर्व कमिश्नर से ठगी की कोशिश:ठग ने CI बनकर दी धमकी, 75 हजार का फर्जी मैसेज भेजा
अजमेर में साइबर ठगों ने नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन ठगी की कोशिश की। ठग ने पुलिस थाना प्रभारी की प्रोफाइल फोटो लगाकर कॉल किया और खुद को थाना प्रभारी बताकर धमकाने लगा। ठग ने पहले खुद को सरकारी स्कूल का टीचर बताकर टाइल्स का ऑर्डर दिया गनीमत रही कि पूर्व कमिश्नर ठगों की मंशा को भाप गए और उनके झांसे में नहीं आए। ऐसे में ठग वारदात करने में सफल नहीं हो सके। नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर नारायण लाल मीणा ने बताया- मेरा जनाना रोड पर लक्ष्मी एन्टरप्राइजेज के नाम से टाइल्स-सेनेट्री का शो-रूम है। लोहागल स्कूल से मास्टर जी के नाम से एक कॉल आया। उसने कहा कि हमें पन्द्रह पेटी टाइल्स की जरूरत है आप भिजवा देना। ठग ने ऑर्डर की रकम पूछी तो मैने साढ़े सात हजार बता दी। थोड़ी देर बाद पहले 1 रुपए और बाद में 75 हजार रुपए जमा का मैसेज मिला। ठग ने कहा कि गलती से 75 हजार भेज दिए। आप साढे़ 7 हजार काट कर बाकी पैसे वापस ट्रांसफर कर दें। मैंने कहा कि मैनेजप के आने पर पैसे रिटर्न कर देंगे, लेकिन इसके तुरन्त बाद एक कॉल आया, जिसने खुद को सदर थाने का प्रभारी दलबीर बताया। इसमें प्रोफाइल पर पुलिस ड्रेस में फोटो भी लगी थी। तुरन्त पुलिस का फोन आने व अजमेर में कोई सदर थाना नहीं होने से शक हुआ। इस दौरान ठग ने पुलिस अफसर बनकर धमकाया। लेकिन बदतमीजी करने पर उसे डांट भी दिया।
पूर्व कमिश्नर ने ठगों की चाल समझते हुए पैसे ट्रांसफर नहीं किए। बाद में उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)

