LDC भर्ती नकल मामले में आरोपियों को मिली जमानत:बोले- पुलिस ने FIR से पहले ही मारपीट की, कान का पर्दा फाड़ दिया
जैसलमेर के चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी पदमसिंह और मनु कंवर को जमानत दे दी है। कोर्ट ने पदमसिंह को एक लाख रुपए के निजी बांड और पचास-पचास हजार रुपए की दो जमानतों पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान आरोपियों की ओर से पुलिस पर एफआईआर से पहले अवैध हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए, जिस पर अदालत ने मेडिकल जांच कराने के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस पर लगा कान का पर्दा फाड़ने का आरोप आरोपियों के वकील कंवराज सिंह राठौड़ की ने अदालत में पुलिस पर प्रार्थना पत्र पेश कर गंभीर आरोप लगाए कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से पहले ही पदमसिंह को अवैध हिरासत में रखा और उसे बुरी तरह टॉर्चर किया। इस मारपीट के कारण पदमसिंह के कान का पर्दा फट गया और उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जवाहिर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) को तुरंत एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। इस बोर्ड में नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया। पदमसिंह को जेल से अस्पताल लाकर उसकी चोटों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है, जिसकी सीलबंद रिपोर्ट जल्द ही कोर्ट में पेश की जाएगी। इससे पहले महिला आरोपी मनु कंवर को भी अदालत ने इसी तरह की शर्तों पर जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। महिला आरोपी का आरोप: टॉर्चर से बिगड़ी तबीयत दूसरी तरफ, महिला आरोपी मनु कंवर ने भी पुलिस पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। मनु कंवर के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने एफआईआर से पहले ही महिला को हिरासत में लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। वकील के अनुसार, मनु कंवर गर्भवती थी और पुलिस के टॉर्चर व धक्के के कारण वह गिर गई, जिससे उसकी तबीयत बेहद खराब हो गई और ब्लीडिंग होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने किया विरोध, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित सरकारी वकील और पुलिस टीम ने इन सभी आरोपों को झूठा बताते हुए आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराने का विरोध किया। पुलिस का कहना था कि आरोपियों के शरीर पर कोई चोट नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए आरोपी के वकील ने दलील दी कि कानून में हर आरोपी के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा का अधिकार है। जब महिला को ब्लीडिंग हो रही है, तो महिला डॉक्टरों की टीम से उसके सैंपल लेकर गर्भपात और चोटों की पूरी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की तीखी बहस सुनने के बाद महिला आरोपी के मेडिकल टेस्ट कराने के आवेदन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। एलडीसी नकल कांड: क्या था मुख्य मामला? 5 जुलाई 2026 को जैसलमेर के रामगढ़ रोड स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर एलडीसी भर्ती परीक्षा चल रही थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान केंद्र पर तैनात रिलीवर पदमसिंह ने महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को नकल कराने के लिए प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर निकाला और उसे हल करवाकर वापस अंदर पहुंचाया। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी कैमरा ठीक 9 मिनट के लिए बंद या गायब कर दिया गया था। इसी 9 मिनट के खेल में पर्चा बाहर भेजा गया और वापस टेबल पर रख दिया गया। …. ये खबरें भी पढ़ें… LDC भर्ती- पेपर फाइल में छिपाकर ले गया था टीचर:कैंडिडेट्स ने हंगामा किया तो बोले- तुम्हें भी बता देंगे, शोर मत मचाओ जैसलमेर में LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टीचर की ओर से महिला अभ्यर्थी को नकल कराने का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया।(पूरी खबर पढ़ें)

