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मुंडावर विधायक बोले-दलालों की SDM से 100 प्रतिशत सेटिंग:काम के लिए अधिकारियों का पैसा तय; बैठक में कुर्सी बांधकर और चक्की लेकर पहुंचे पार्षद

अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में आज मुंडावर विधायक ललित यादव ने अधिकारियों और एसडीएम सृष्टि जैन पर जमकर आरोप लगाए। विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। वहीं कांग्रेस के जिला पार्षद जगदीश जाटव बाइक के पीछे रस्सी से अपनी कुर्सी बांधकर बैठक में पहुंचे। निर्दलीय पार्षद और कांग्रेस समर्थित संदीप फौलादपुरिया पत्थर की बनी चक्की लेकर पहुंचे। दोनों पार्षदों ने इस तरह सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। एसडीएम ऑफिस में खुलेआम चल रहा दलाली का खेल मुंडावर विधायक ललित यादव भी जिला परिषद की बैठक में पहुंचे। बैठक खत्म होने के बाद विधायक ने अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा- बहुत सारे अधिकारियों ने यह तय कर रखा है कि इस काम का इतना पैसा लेंगे। जो अधिकारी पैसा नहीं लेते और ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें हटाने का काम किया जाता है। मेरे यहां से भी तहसीलदार समेत कई अधिकारियों को हटा दिया गया। मुंडावर एसडीएम सृष्टि जैन पर आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। मुंडावर विधायक ने कहा- वहां एक प्रधान पति भी हैं, जो कह देते हैं, वही काम करती हैं और वे धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। मेरी एक बात समझ नहीं आई कि एसडीएम पर कितना दबाव है कि वह एक वाया चैनल हैं। पूर्व विधायक का संपर्क प्रधान से है, प्रधान का संपर्क एसडीएम से है और एसडीएम का संपर्क जनता से है। वह जनता की गाढ़ी कमाई लूटने का काम करती हैं। वह प्रधान पति को माल देती हैं और वह ऊपर पहुंचाने का काम करता है। इस तरह यह पूरा भ्रष्टाचार का चक्र चल रहा है। जाटव बोले- कांग्रेस की सरकार में टीकाराम जूली होंगे मुख्यमंत्री बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के करीबी माने जाने वाले जिला पार्षद जगदीश जाटव कुर्सी लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई जिला प्रशासन की बैठक में जिला प्रमुख के लिए कुर्सी तक नहीं लगाई गई थी। उस दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा था कि जिनके नाम की नेम प्लेट के सामने कुर्सी नहीं है, वे बाहर जा सकते हैं। जबकि भाजपा जिला अध्यक्षों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। जाटव ने कहा- जब जिले के प्रथम नागरिक के लिए वहां कुर्सी नहीं लगाई गई, तो उन्हें आशंका थी कि जिला परिषद की बैठक में भी उनके लिए कुर्सी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि “सर्कस” चल रहा है। सरकार जनप्रतिनिधियों को दबाव में रखना चाहती है। जाटव ने टेबल बजाते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। दो साल बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी और टीकाराम जूली मुख्यमंत्री होंगे। जो अधिकारी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, उनका भी इलाज किया जाएगा। मंत्री उद्घाटन के बजाय लोगों की सुविधाओं पर दें ध्यान जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया पत्थर की चक्की लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा- कुछ दिन पहले शाहजहांपुर में चक्की का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंत्री को उद्घाटन के बजाय क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए था। शाहजहांपुर हॉस्पिटल में आज भी लैब, ट्रॉमा सेंटर और जनरेटर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। कस्बे में नगरपालिका, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, यूआईटी और वन विभाग के कार्यालय भी नहीं हैं। किसान आंदोलन के दौरान टूटी सड़कें पिछले पांच सालों से नहीं बन सकी हैं। वहीं सीमावर्ती गांव पलावा, बीजवाड़ और दाधिया में पुलिस चौकी की भी मांग लंबे समय से लंबित है।

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