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जालोर के रिद्धम ने नीट में हासिल की 1079वीं रैंक:प्रवीण को 1187वीं और लक्षित को 17085वीं रैंक मिली

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। इसमें जालोर जिले के तीन स्टूडेंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। जालोर शहर के रिद्धम मेहता ने ऑल इंडिया 1079वीं रैंक हासिल की, जबकि भूतेल गांव के प्रवीण कुमार खीचड़ को 1187वीं और रेवतड़ा गांव के लक्षित कुमार को 17085वीं रैंक मिली। तीनों स्टूडेंट्स की सफलता से परिवारों और उनके गांवों में खुशी का माहौल है। जालोर के रिद्धम मेहता ने हासिल की 1079वीं रैंक जालोर शहर के 19 साल के रिद्धम मेहता ने NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया स्तर पर 1079वीं रैंक हासिल की है। यह जालोर जिले की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। रिद्धम पिछले दो साल से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनकी मेहनत का परिणाम अब इस सफलता के रूप में सामने आया है। रेवतड़ा के लक्षित कुमार को मिली 17085वीं रैंक जालोर जिले के रेवतड़ा गांव निवासी लक्षित कुमार ने भी NEET परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 17085वीं रैंक हासिल की है। लक्षित की सफलता के बाद गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। दूसरे प्रयास में प्रवीण ने हासिल की सफलता चितलवाना क्षेत्र के भूतेल गांव निवासी किसान जगदीश कुमार के बेटे प्रवीण कुमार खीचड़ ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया 1187वीं रैंक प्राप्त की है। प्रवीण कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने मिठाई खिलाकर खुशी जताई। चाय बेचने वाले के बेटे ने नीट में 570वीं रेंक हासिल जालोर के केशवना गांव निवासी पुष्पेंद्र सेन(20) पुत्र महेंद्र सेन (सोलंकी) का नीट में 570वीं रैंक हासिल किया हैं। इसके पिता पुपेन्द्र सेन के पिता केशवना की केशवना में चाय की होटल चलाते हैं। पुष्पेंद्र सेन पिछले तीन साल से तैयारी कर रहे है एक साल से शिखर में रहकर तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 16-17 घंटे तक पढ़ाई करते थे। जालोर के सांचौर निवासी किसान का बेटा अरविंद चौहान (20)पुत्र मुलाराम चौहान ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया में 5221 वीं रेंक हालिक की है और अरविंद चौहान 2 साल से तैयारी कर रहा था। दूसरे प्रयास में फिर सफलता मिली हैं।

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