सीकर में अब हॉस्टल-पीजी का रजिस्ट्रेशन जरूरी:स्टूडेंट के साथ मारपीट मामले में जिला जज ने लिया प्रसंज्ञान; इंस्पेक्शन में कई लापरवाही मिलीं
सीकर शहर में संचालित हॉस्टल और पीजी में अब फायर सेफ्टी,वेरीफिकेशन सहित तमाम व्यवस्थाएं करना जरूरी होगा। जिला जज रूपा गुप्ता ने इसकी पालना करवाने के लिए सीकर कलेक्टर,सीकर एसपी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और बाल कल्याण समिति को निर्देशित किया है। पिछले दिनों सीकर में संचालित एक हॉस्टल में स्टूडेंट के साथ हुई मारपीट की जमानत याचिका मामले में जिला जज के द्वारा प्रसंज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है। 15 दिन में पालना रिपोर्ट भी पेश करनी होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि जमानत से जुड़े एक मामले में जिला जज और विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष रूपा गुप्ता के द्वारा सीकर में संचालित हॉस्टल्स का इंस्पेक्शन करवाया गया। इसमें सामने आया कि हॉस्टल्स में फायर सेफ्टी से जुड़े उपकरण नहीं है। कई हॉस्टल तो ऐसी जगह संचालित है जहां पर आग जैसी कोई घटना होने पर फायर ब्रिगेड सहित अन्य इमरजेंसी वाहन ही नहीं पहुंच सकते। जो स्टूडेंट हॉस्टल में रहते हैं उनके माता और पिता के नंबर भी वहां पर नहीं दिए गए। ऐसे में इन अव्यवस्थाओं को देखते हुए जिला जज रूपा गुप्ता के द्वारा निर्देशित किया गया है कि सीकर में संचालित सभी हॉस्टल और पीजी का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। इसके अलावा उनमें सभी व्यवस्थाएं होना जरूरी है। उसके लिए जिला कलेक्टर,एसपी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और बाल कल्याण समिति को निर्देशित किया गया है। बता दें कि सीकर में पिछले दिनों एक प्राइवेट हॉस्टल में नाबालिग स्टूडेंट के साथ हॉस्टल स्टाफ के द्वारा ही मारपीट करने का मामला सामने आया था। मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जिला जज रूपा गुप्ता के द्वारा यह प्रसंज्ञान लिया गया है।

