उदयपुर में मॉडिफाई की स्लीपर-लग्जरी 4 बसों को किया सीज:बलीचा चौराहे पर विधिक प्राधिकरण-परिवहन विभाग ने की जांच; 6 बसों पर लगाई पेनल्टी
उदयपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। जांच में नियमों की पालना नहीं करने पर टीम ने 4 बसों को सीज कर दिया। साथ ही 6 अन्य बसों का चालान काटा गया और बस संचालकों पर कुल 85 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई। शहर के बालीचा चौराहे पर सोमवार को यह कार्रवाई की गई। इस दौरान बिना परमिट, अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रही और अनधिकृत रूप से मॉडिफाई की स्लीपर और लग्जरी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह पूरी कार्रवाई जिला एवं सेशन न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देश पर हुई। टीम ने मौके पर 10 लग्जरी और स्लीपर बसों को रोककर उनके कागजात और बस की बनावट की बारीकी से जांच की। गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बालीचा चौराहे पर हुई औचक कार्रवाई के दौरान न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारी खुद सड़क पर डटे रहे। स्लीपर बसों के कोच की हुई जांच इस मौके पर अपर जिला न्यायाधीश और प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, परिवहन निरीक्षक राजेंद्र दन्तसुलिया और तेजपाल मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में बसों के अंदर जाकर स्लीपर कोच की बनावट और परमिट की पूरी जांच की गई। जांच में सामने आया कि कई बस संचालक मोटर वाहन अधिनियम 1988 और सुरक्षा मानक AIS-119 के नियमों को ताक पर रखकर बसें चला रहे थे। कई ट्रैवल एजेंसियों ने ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में बसों के अंदरूनी ढांचे में मनमाने और गैर-कानूनी बदलाव कर रखे थे। गलत बदलाव से होते हादसे जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड ने बताया- बसों में किए जाने वाले इस तरह के अनधिकृत बदलाव सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह बनते हैं। ऐसे बदलावों से कई बार बड़े हादसे होते हैं और यात्रियों की जान चली जाती है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी बस संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।

