रूस ने शनिवार रात यूक्रेन पर युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे बड़े बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में से एक किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस संयुक्त हमले में 40 से अधिक विभिन्न प्रकार की मिसाइलें और 120 अटैक ड्रोन दागे गए। राजधानी कीव इस हमले का मुख्य निशाना रही। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने 40 से अधिक मिसाइलें और 120 अटैक ड्रोन लॉन्च किए। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 18 मिसाइलों और 108 ड्रोन सहित कुल 126 हवाई लक्ष्यों को मार गिराया या निष्क्रिय किया। यूक्रेन की आपातकालीन सेवा ने बताया कि हमले में कीव में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हुए हैं। इससे पहले रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने रविवार रात मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों पर 400 से अधिक ड्रोन से बड़ा हमला किया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन के अनुसार, रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन को राजधानी से काफी दूर ही नष्ट कर दिया, जबकि मॉस्को के करीब पहुंचे 85 ड्रोन भी मार गिराए गए। रूसी अधिकारियों का कहना है कि 11 से 18 जुलाई के बीच मॉस्को क्षेत्र की ओर कुल 1,892 ड्रोन भेजे गए थे। इनमें से अधिकांश को दूर ही रोक लिया गया, जबकि 207 ड्रोन राजधानी के नजदीक मार गिराए गए। इसी अवधि में एक रात में 370 से अधिक ड्रोन से भी हमला किया गया था। रूस ने यह भी दावा किया कि हालिया हमलों में ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ (Wildberries) के दो लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिनमें आठ लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की सूचना है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… यूक्रेन में सैनिकों की भर्ती पर बढ़ा विवाद: जबरन भर्ती के आरोप, भर्ती अधिकारियों पर हमले
रूस के साथ जारी युद्ध के पांचवें वर्ष में यूक्रेन सैनिकों की कमी से जूझ रहा है। सेना को नए जवानों की जरूरत है, लेकिन जबरन भर्ती के आरोपों और भर्ती अधिकारियों पर बढ़ते हमलों ने सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यूक्रेन के राष्ट्रीय पुलिस के अनुसार, अब तक भर्ती अधिकारियों पर 600 से अधिक हमले दर्ज किए जा चुके हैं। अप्रैल में कई अधिकारियों पर चाकू से हमला हुआ था, जबकि हाल ही में ल्वीव में एक भर्ती अभियान के दौरान भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ी पलट दी। पूर्व सैनिक वासिल क्रुपिच ने बताया कि भर्ती अभियान के दौरान दो लोगों का पीछा करते समय उन पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिससे उनकी पसली टूट गई और उन्हें छह सप्ताह अस्पताल में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि युद्ध लड़ने वाले सैनिकों पर अपने ही देश में हमला होना बेहद पीड़ादायक है। वहीं दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों के पास भर्ती प्रक्रिया में मारपीट, गैरकानूनी हिरासत और जबरन भर्ती की हजारों शिकायतें भी पहुंची हैं। ड्नीप्रो के एक विश्वविद्यालय प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि भर्ती दल ने उन्हें सड़क से जबरन बस में बैठाने की कोशिश की और विरोध करने पर पीटा। विश्लेषकों के अनुसार, लगातार युद्ध, भारी सैन्य नुकसान और युद्ध खत्म होने की अनिश्चितता के कारण लोग सेना में शामिल होने से बच रहे हैं। यूक्रेन में सड़कों से लोगों को पकड़कर भर्ती केंद्र ले जाने की प्रक्रिया को स्थानीय तौर पर ‘बसिफिकेशन’ कहा जाने लगा है, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया है। सरकार ने सैनिकों को बेहतर वेतन, निश्चित अवधि के अनुबंध और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे कदम शुरू किए थे, लेकिन पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव के पद छोड़ने के बाद ये सुधार अधूरे रह गए हैं।
जेडी वेंस अमेरिकी उपराष्ट्रपति रहते हुए चौथे बच्चे के पिता बने, 150 साल में पहली बार ऐसा हुआ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस के घर चौथे बच्चे का जन्म हुआ है। उनके बेटे एलेक नील वेंस का जन्म रविवार, 19 जुलाई की सुबह हुआ। जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वेंस ने लिखा, “उषा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। हमारे तीनों बच्चे अपने छोटे भाई से मिलकर बेहद खुश हैं।” इस बच्चे के जन्म के साथ अमेरिकी राजनीति में एक अनोखा इतिहास भी बना है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, 150 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार किसी मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म हुआ है। टाइम मैगजीन के अनुसार, इससे पहले ऐसा 1870 में हुआ था। उस समय राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति शायलर कोलफैक्स की पत्नी एलेन कोलफैक्स ने बेटे शायलर कोलफैक्स तृतीय को जन्म दिया था। बाद में वह इंडियाना के साउथ बेंड शहर के मेयर भी बने। मैगजीन के मुताबिक, 1870 से पहले उपराष्ट्रपतियों के परिवार में जन्म से जुड़े रिकॉर्ड पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। एलेक नील वेंस, जेडी और उषा वेंस की चौथी संतान हैं। उनसे पहले उनके तीन बच्चे इवान (9 वर्ष), विवेक (6 वर्ष) और मिराबेल (4 वर्ष) हैं। पेरू में दो भूकंप से 6 लोगों की मौत, 21 घायल; 48 मकान ढहे, राहत अभियान जारी
पेरू के मध्य पर्वतीय क्षेत्र में शनिवार रात आए दो भूकंपों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हो गए। भूकंप से दर्जनों मकान ढह गए और करीब 300 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव दल मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, पहला भूकंप 5.1 तीव्रता का था, जिसकी गहराई 24 किलोमीटर थी। इसके बाद 3.7 तीव्रता का दूसरा भूकंप 18 किलोमीटर की गहराई पर आया। दोनों झटकों का केंद्र राजधानी लीमा से लगभग 300 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। वहीं, यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने पहले भूकंप की तीव्रता 5.6 दर्ज की है। राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संस्थान के प्रमुख लुइस वास्केज़ ने बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार 48 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 18 अन्य क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शिविर और टेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र के अधिकांश मकान मिट्टी (एडोबी) की ईंटों से बने हैं, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ। पेरू प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां दुनिया की लगभग 85% भूकंपीय गतिविधियां होती हैं। इसी कारण देश में समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। ब्रिटेन में विपक्ष की मांग- पाकिस्तान की सहायता और वीजा पर लगे रोक ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पाकिस्तान द्वारा बाल यौन अपराधी शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार करने के बाद विपक्ष ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान ऐसे दोषियों को स्वीकार नहीं करता, तब तक उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता और नए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए। पाकिस्तान में जन्मा शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का प्रमुख सदस्य था। उसे बच्चियों से दुष्कर्म के 30 मामलों में दोषी ठहराया गया था। 22 साल की सजा में से 14 साल जेल काटने के बाद इस महीने उसे रिहा किया गया। ब्रिटेन ने 2016 में उसकी नागरिकता समाप्त कर दी थी, लेकिन 1971 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत मिले कानूनी संरक्षण के कारण सरकार उसे निर्वासित नहीं कर सकी। गृह सचिव शबाना महमूद ने कहा है कि ऐसे अत्यंत गंभीर मामलों में कानून में संशोधन किया जाएगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि अहमद ने दशकों पहले अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी और उसकी जिम्मेदारी अब ब्रिटेन की है, जहां उसका पालन-पोषण हुआ और उसने अपराध किए। इसी दौरान यह भी सामने आया कि ब्रिटेन ने अगले तीन वर्षों के लिए पाकिस्तान को 153 मिलियन पाउंड की विकास सहायता मंजूर की है। इस पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सहायता और वीजा दोनों तब तक रोके जाने चाहिए, जब तक पाकिस्तान शबीर अहमद जैसे दोषियों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं होता। हिटलर की तारीफ करना पड़ा भारी: जर्मन अदालत ने डच दक्षिणपंथी कार्यकर्ता को किया तलब
हिटलर से मिलती-जुलती शक्ल के कारण चर्चित डच दक्षिणपंथी कार्यकर्ता स्टीफन वाइकैम्प को जर्मनी की अदालत ने नफरत फैलाने के आरोप में तलब किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल म्यूनस्टर में आयोजित एक दक्षिणपंथी रैली के दौरान एडॉल्फ हिटलर का सार्वजनिक रूप से महिमामंडन किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वाइकैम्प ने एक यूट्यूबर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि “जर्मनी के प्रति मेरा प्यार एडॉल्फ हिटलर है।” उन्होंने हिटलर को “बेमिसाल विश्व चमत्कार” और “जीनियस” भी बताया था। इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। म्यूनस्टर जिला अदालत के अनुसार, मामले की पहली सुनवाई 24 जुलाई को होगी। यदि वाइकैम्प अदालत में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। डच मीडिया के अनुसार, वाइकैम्प के खिलाफ नीदरलैंड में भी कई कानूनी मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें सार्वजनिक रूप से नाजी सलामी देने जैसे आरोप भी शामिल हैं। नॉर्वे ने 2011 आतंकी हमले के 77 पीड़ितों की याद में बनाया नया स्मारक
नॉर्वे ने 22 जुलाई 2011 के आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 77 लोगों की स्मृति में नया राष्ट्रीय स्मारक स्थापित किया है। हमले की 15वीं बरसी से पहले रविवार को ओस्लो में इसका उद्घाटन किया गया। समारोह में पीड़ितों के परिजन, हमले से बचे लोग, सरकारी अधिकारी और नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन शामिल हुए। 22 जुलाई 2011 को दक्षिणपंथी चरमपंथी एंडर्स बेहरिंग ब्रेविक ने पहले ओस्लो में कार बम विस्फोट किया, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई। इसके बाद उसने उटोया द्वीप पर लेबर पार्टी के युवा शिविर में गोलीबारी कर 69 लोगों की हत्या कर दी। इस हमले में अधिकांश पीड़ित किशोर थे और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। ओस्लो के सरकारी क्षेत्र में बने ‘अपहोल्डिंग’ नामक इस स्मारक में 12 मीटर ऊंची पत्थर की मोज़ेक कला बनाई गई है, जिसमें उटोया द्वीप पर पाए जाने वाले एक छोटे पक्षी को दर्शाया गया है। स्मारक पर हमले में मारे गए सभी 77 लोगों के नाम अंकित किए गए हैं। हमले के दोषी एंडर्स बेहरिंग ब्रेविक को 2012 में 21 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। बाद में उसने पैरोल और जेल की परिस्थितियों को लेकर कई कानूनी चुनौतियां दीं, लेकिन 2022 में उसकी पैरोल याचिका और 2024 में अलग-थलग रखे जाने के खिलाफ दायर मुकदमा दोनों अदालत ने खारिज कर दिए।