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सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन जीता:ज्वेरेव को चार सेट में हराया; युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी मैच देखने पहुंचे

वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ 24 वर्षीय सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने। वे ओपन एरा में विंबलडन पुरुष एकल खिताब बचाने वाले इतिहास के सिर्फ 10वें खिलाड़ी बन गए। 24 साल के सिनर ने पहली बार फाइनल खेल रहे में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीती। यह मैच 3 घंटे 46 मिनट तक चला। इसी के साथ सिनर ने करियर का 100वां ग्रैंड स्लैम मैच जीतने की अचीवमेंट भी हासिल की। चैंपियन बनने पर सिनर को 36 लाख पाउंड (करीब ₹42 करोड़) की इनामी राशि भी मिली। वे एटीपी रैंकिंग में नंबर-1 बने रहेंगे। उनके और नए नंबर-2 बनने वाले ज्वेरेव के बीच 4,970 अंकों का अंतर रहेगा। यह 5वां ग्रैंड स्लैम टाइटल, इस साल पहला यह सिनर के करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम और 2026 सीजन का पहला मेजर खिताब है। इससे पहले वे फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हारकर बाहर हो गए थे। हालांकि, उन्होंने ग्रास कोर्ट पर शानदार वापसी की। सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में हराने के बाद फाइनल में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया। पहला सेट गंवाया, फिर शानदार वापसी फाइनल का पहला सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचा, जहां ज्वेरेव ने बढ़त बना ली। फिर सिनर ने दूसरे सेट का टाई-ब्रेक जीतकर मुकाबले में बराबरी की। तीसरे और चौथे सेट में उन्होंने एक-एक बार ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और पूरे मैच में अपने खिलाफ मिले इकलौते ब्रेक प्वाइंट को भी बचा लिया। सिनर ने मुकाबले में 58 विनर्स लगाए और पहला चैंपियनशिप प्वाइंट भुनाते ही कोर्ट पर लेटकर जीत का जश्न मनाया। ज्वेरेव पर लगातार 10वीं जीत सिनर ने ज्वेरेव के खिलाफ लगातार 10वीं जीत दर्ज की। वहीं जर्मन खिलाड़ी का लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने के बावजूद दूसरा मेजर खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। यह सिनर का 2026 सीजन का छठा एटीपी खिताब है। इससे पहले वह रोम मास्टर्स जीतकर करियर गोल्डन मास्टर्स पूरा कर चुके हैं। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज, अभिषेक-वैभव मैच देखने पहुंचे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह, मौजूदा टीम के ओपनर अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी फाइनल मैच देखने पहुंचे। वैभव ने अपने इंस्टा में विंबलडन फाइनल की फोटो साझा की। ———————————————— विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप की यह खबर भी पढ़िए… 21 साल की लिंडा नोस्कोवा बनीं विंबलडन चैंपियन, कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में अपने ही देश की कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। पढ़ें पूरी खबर

हरियाणा-दरगाह पर चला बुलडोजर, रोतीं-चिल्लातीं रही महिलाएं, VIDEO:सेवादार के घर की दीवार भी तोड़ी; मंदिर के पुजारी को घसीट-घसीट कर मारा था

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के अढ़ोनी गांव में शिव मंदिर के पुजारी योगीराज गिरी (74) पर हुए हमले में शामिल आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को भारी फोर्स के साथ पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने इसकी शुरुआत पुजारी को मफलर डालकर घसीटने वाले दरगाह के सेवादार पंकज के घर से की। टीम ने उसके मकान की दीवार को तुड़वा दिया। इसके बाद टीम दरगाह पर भी बुलडोजर चलवाया। उधर, आरोपी पंकज की मां परमजीत ने इस कार्रवाई का विरोध किया। बोलीं कि पूरे गांव में अवैध कब्जे हैं। सभी कब्जे हटवाए जाएं। घर टूट गया है, वे कहां जाएंगे। हमारे छोटे-छोटे बच्चे भी है। जैसे हमारा तोड़ा जा रहा है, वैसे ही पूरे गांव में तोड़ों। बता दें कि 9 जुलाई की सुबह शिव मंदिर के पुजारी योगीराज पर हमला हुआ था। आरोप है कि दरगाह के सेवादार पंकज ने पहले पुजारी से मारपीट की। इसके बाद गले में परना डालकर उन्हें सड़क पर घसीटा। इस दौरान उनकी टांग टूट गई और शरीर पर कई चोटें आईं। गंभीर हालत में उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के कुछ PHOTOS… आरोपी के घर, दरगाह पर कार्रवाई कर लौटी टीम सरपंच परमजीत सिंह ने बताया कि पंचायत ने वर्ष 2023 में गांव के रास्तों पर किए गए अवैध कब्जों की शिकायत प्रशासन को दी थी। इसके बाद अधिकारियों ने रास्तों की निशानदेही कराई। जांच में कई जगह सरकारी रास्ते पर कब्जा मिला। दरगाह का आगे की तरफ करीब 3.4 फीट हिस्सा सरकारी रास्ते में बना हुआ है। इसी तरह मुख्य आरोपी पंकज के घर का एक कॉर्नर का करीब 7 फीट हिस्सा भी रास्ते में आ रहा था। प्रशासन इन दोनों जगहों के साथ अन्य अवैध कब्जों को हटवा दिया। आरोपी के मकान और दरगाह के अलावा 16 अन्य अवैध कब्जे भी शामिल है, जिन पर कार्रवाई होनी है। फिलहाल, टीम ने दोनों जगह पर ही कार्रवाई की है। आरोपी की मां बोलीं-बहू की कोई गलती नहीं उधर, इस कार्रवाई के दौरान आरोपी पंकज की मां परमजीत ने गांव के सरपंच परमजीत सिंह को भी खूब खरीखोटी सुनाई। पुजारी को घसीटने के सवाल पर बोलीं कि बेटे की पत्नी की कोई गलती नहीं है। उसको लगा कि दरगाह में सांप घुस रहा है। इसलिए पंकज ने उससे लाठी मंगवाई है। वह लाठी देने गई थी। बताया कि उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे है, जो अपनी मां के बिना नहीं रह सकते। मामले से जुड़ी खास बातें… प्रशासन की कार्रवाई से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:UAE का दावा- होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत; US ईरान की नाकेबंदी शुरू करेगा

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास और कीश पर धमाके हुए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ट्रम्प के आदेश के बाद मंगलवार शाम 8 बजे से ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी फिर से लागू की जाएगी। वहीं, यूएई (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा नाम के टैंकर पर हुए इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका संभालेगा। उन्होंने खुद को ‘गार्डियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट’ बताते हुए कहा कि इस काम का खर्च उठाने के लिए स्ट्रेट से गुजरने वाले हर कार्गो पर 20% टैक्स लिया जाएगा। ट्रम्प के इस ऐलान पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया। ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी अमेरिकी दखल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ओमान के पास जहाज पर हमला,1 भारतीय लापता: ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीय सवार थे। 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की। 2. अमेरिका बोला- ईरान के 300 ठिकानों पर हमला किया: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। 3. लेबनान पर इजराइल ने फिर हमले किए: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित कस्बे पर गोलीबारी की। फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 4. कुवैत के सीमा चौकियों को नुकसान: कुवैत की सेना ने रविवार को बताया कि हाल के हमलों में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है। 5. खुजेस्तान में वाटर प्रोजेक्ट पर हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

RGHS में कैंसर इलाज की नई गाइडलाइन:30 हजार से महंगी दवा पर मेडिकल बोर्ड की मंजूरी जरूरी, मरीज की जरूरत से तय होगा इलाज

RGHS में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए नई गाइडलाइन लागू कर दी गई है। अब डॉक्टर मरीजों को सीधे महंगी और ब्रांडेड दवाइयां नहीं दे पाएंगे। मरीज की जरूरत के हिसाब से किफायती इलाज चुना जाएगा। अगर मरीज को 30 हजार रुपए से ज्यादा कीमत की दवा, एक लाख रुपए से अधिक की सर्जरी के अलावा किसी खास थेरेपी की जरूरत है तो इसके लिए मेडिकल बोर्ड की मंजूरी लेनी होगी। इसके साथ ही RGHS पोर्टल पर जल्द कैंसर रेफरल मॉड्यूल भी शुरू किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी बनेगी। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- मरीजों के कैंसर के इलाज के लिए नए नियम क्या हैं? क्यों पड़ी नई गाइडलाइन की जरूरत? कैंसर का इलाज जटिल और महंगा होता है। इसमें इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, उन्नत रेडियोथेरेपी और जटिल सर्जरी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। अब तक एक समान प्रोटोकॉल नहीं होने से कई बार इलाज में देरी, अनावश्यक खर्च और संसाधनों के गलत इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती थीं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी ने प्रदेश के कैंसर विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऑन्कोलॉजी स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन तैयार की है। इनका उद्देश्य सभी अस्पतालों में एक समान व्यवस्था लागू करना और मरीजों को प्रभावी और किफायती इलाज उपलब्ध कराना है। इलाज कैसे तय होगा? सभी डॉक्टरों को इलाज के लिए NICE और ICMR की गाइडलाइंस का पालन करना होगा। यदि किसी बीमारी के लिए इन संस्थाओं की सिफारिश उपलब्ध नहीं है, तभी ESMO या NCCN जैसी अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस का सहारा लिया जा सकेगा। यदि कोई डॉक्टर निर्धारित प्रोटोकॉल से अलग उपचार लिखता है तो उसे लिखित रूप से कारण और उस इलाज की जरूरत के वैज्ञानिक प्रमाण देने होंगे। अब जानते हैं मेडिकल बोर्ड की मंजूरी कहां-कहां जरूरी होगी सर्जरी और दवाएं : सामान्य सर्जरी के लिए अलग मंजूरी की जरूरत नहीं। लेकिन एक लाख रुपए से अधिक लागत वाली सर्जरी के लिए RGHS के गठित मेडिकल बोर्ड की अनुमति जरूरी होगी। इसके अलावा जेनेरिक दवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। महंगी दवाओं के लिए मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति अनिवार्य होगी। कीमोथेरेपी : रेडियोथेरेपी में कैंसर को खत्म करने वाली या दर्द कम करने वाली रेडिएशन तकनीक का चुनाव डॉक्टर मरीज की स्थिति देखकर करेंगे। टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी : ये कैंसर का सबसे महंगा इलाज माना जाता है। यह इलाज मरीज को RGHS में तभी मिल पाएगा जब उसकी रिपोर्ट में संबंधित बायोमार्कर पॉजिटिव होगा। यदि एक साइकिल या एक माह में खर्च 30 हजार रुपए से अधिक है तो मेडिकल बोर्ड की मंजूरी अनिवार्य होगी। हार्मोनल थेरेपी : थेरेपी ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर में जेनेरिक दवाओं को प्राथमिकता। महंगी दवाओं के लिए मेडिकल बोर्ड की अनुमति लेनी होगी। कैंसर के इलाज में मेडिकल बोर्ड की क्या भूमिका होगी नई गाइडलाइन में मेडिकल बोर्ड की भूमिका अहम रहेगी। सामान्य इलाज के लिए किसी तरह की परमिशन की आवश्यकता नहीं है। लेकिन 30 हजार रुपए से अधिक लागत वाली दवा, एक लाख रुपए से अधिक लागत वाली सर्जरी या फिर कोई ऐसी तकनीक जो लिस्ट में शामिल नहीं है, उस इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड की परमिशन लेनी होगी। गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश हैं कि मेडिकल बोर्ड को भी 10 से 15 दिन के भीतर निर्णय लेना होगा, ताकि मरीज के इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो। इलाज की परमिशन के लिए मरीज को खुद बोर्ड के सामने उपस्थित होना होगा। हालांकि, ICU और वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों को इससे छूट रहेगी। मरीज की शारीरिक क्षमता के अनुसार मिलेगा इलाज कैंसर का मरीज कौन-कौन सी महंगी थेरेपी के लिए पात्र है, इसका निर्धारण ECOG (Eastern Cooperative Oncology Group) स्केल से किया गया है। ECOG एक अंतरराष्ट्रीय स्केल है, जिससे डॉक्टर यह आकलन करते हैं कि कैंसर मरीज शारीरिक रूप से कितना सक्रिय है और वह इलाज (जैसे कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी या टारगेटेड थेरेपी) सहन कर पाएगा या नहीं। ECOG 1: सभी आधुनिक और उच्च-लागत वाली थेरेपी के पात्र हैं। ECOG 2: मेडिकल बोर्ड केस-दर-केस निर्णय लेगा। ECOG 3: आक्रामक उपचार की बजाय पैलिएटिव केयर को प्राथमिकता। ECOG 4: सक्रिय कैंसर थेरेपी नहीं, केवल सहायक देखभाल। मरीजों को क्या फायदा होगा? नई व्यवस्था से महंगी ब्रांडेड दवाओं के बजाय प्रभावी और किफायती विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा। महंगे इलाज का फैसला अब किसी एक डॉक्टर के बजाय विशेषज्ञों का मेडिकल बोर्ड करेगा। इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और ट्रीटमेंट अधिक पारदर्शी बनेगा। इसके साथ ही RGHS पोर्टल पर कैंसर रेफरल मॉड्यूल शुरू होने जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कैंसर मरीजों को रेफर करना, मेडिकल बोर्ड की मंजूरी और उपचार की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। मरीज को पहले क्या इलाज दिया गया और अब आगे क्या होगा, इसकी जानकारी भी अपडेट रहेगी। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और मरीज अपने केस की स्थिति पोर्टल पर देख सकेंगे। कैंसर इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की मदद से तैयार हुई गाइडलाइन राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) के CEO हरजीलाल अटल ने बताया कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की मदद से यह गाइडलाइन तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि RGHS पोर्टल में बदलाव किए जा रहे हैं। मेडिकल बोर्ड के गठन से लेकर उसकी रिपोर्ट तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑफलाइन पत्राचार समाप्त होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय बचेगा। मरीज भी पोर्टल पर अपने केस की स्थिति देख सकेंगे। मामलों की रोजाना मॉनिटरिंग और साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी, ताकि समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित हो सके। —— यह खबर भी पढ़िए… RGHS में OPD जांच के लिए अब नए नियम:2 हजार रुपए तक की जांच के लिए मंजूरी जरूरी नहीं; जानें- और क्या बदलाव हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। RGHS के तहत OPD में रूटीन जांच को लेकर राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) ने नई गाइडलाइन जारी की है, जो 13 जुलाई यानी सोमवार से लागू हो जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

बैंकॉक के बार में आग, 27 मौतें:पार्टी कर रहे 60 से ज्यादा लोग घायल; जान बचाने के लिए लोग टॉयलेट में छिपे

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार देर रात एक बार में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हो गए। थाई अधिकारियों के मुताबिक आग लगने की वजह बिजली के सिस्टम में खराबी हो सकती है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आग लगने की वजह की जांच अभी जारी है। फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट ने कहा कि उन्हें रात 12 बजे आग लगने की सूचना मिली। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक इमारत का बड़ा हिस्सा जल चुका था। घटनास्थल पर मौजूद एक म्यूजीशियन ने बताया कि बिजली जाने से कुछ देर पहले मंच के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलता दिखाई दिया था। इसके बाद एक धमाके की आवाज आई और देखते ही देखते पूरे पब में धुआं भर गया। उन्होंने बताया कि कई लोग जान बचाने के लिए इमारत के पिछले हिस्से में मौजूद टॉयलेट में घुस गए, जहां पर दम घुटने से उनकी मौत हो गई। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सभी शव बरामद किए गए हैं। बार में आग से जुड़ी 5 तस्वीरें… आग पर आधे घंटे में काबू, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था रिपोर्ट्स के मुताबिक दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। यह बार बैंकॉक के चातुचक जिले में स्थित है। स्थानीय स्तर पर इसे रोंग बीयर ना लाट फ्राओ नाम से जाना जाता है। यह इलाके का लोकप्रिय रेस्तरां और मनोरंजन स्थल माना जाता है। आग बुझने के बाद की तस्वीरों में बार के बाहर बड़ी संख्या में बॉडी बैग रखे दिखाई दिए। पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया। अंदर का फर्नीचर, दीवारें और छत पूरी तरह काली पड़ चुकी थीं। छत के कुछ हिस्से भी उखड़ गए। गवर्नर बोले- सजावट से तेजी से फैली आग बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सित्तिपुंत ने कहा कि पब की छत पर लगी ज्वलनशील सजावट की वजह से आग तेजी से फैली हो सकती है। उन्होंने बताया कि इमारत के आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) के पास कुछ लोग बेहोश मिले हैं। इससे आशंका है कि बाहर निकलने का रास्ता किसी तरह बाधित था। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन बातों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मोटरसाइकिल चालक सुरिन जाइहार्न ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उसने जलते हुए पब से करीब पांच लोगों को बाहर निकलने में मदद की। उसने उनके शरीर पर लगी आग कपड़ों की मदद से बुझाई। सुरिन ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैंने कई लोगों को मरते देखा। जिन लोगों की मैंने मदद की, उनका क्या हुआ, मुझे नहीं पता।” फायर ब्रिगेड को सूचना देने वाले एक ड्राइवर ने थाई अखबार डेली न्यूज को बताया कि उसने दो लोगों को बचाने के लिए पब की खिड़कियां तोड़ दी थीं। थाईलैंड में पहले भी ऐसे हादसे हुए ———————————— ये खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला में फिर भूकंप के झटके, अब तक 1430 मौतें:करीब 3300 घायल, 51 हजार लापता; लोग खुद मलबा हटाकर अपनों को तलाश रहे दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के बाद स्थानीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर को एक और भूकंप आया। देश के उत्तरी तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी कराकास और माराके में भी झटके महसूस किए गए। पूरी खबर पढ़ें…

प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:'बणी-ठणी' क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? एपिसोड-1

बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया- अठारहवीं सदी में राजपूताना का एक कोना- किशनगढ़। यहां के राजा सावंत सिंह केवल शासक नहीं, कवि और कृष्ण भक्त भी थे। यही वजह थी कि जहां अन्य दरबारों में तलवारों की खनक थी, किशनगढ़ में कविता, संगीत और भक्ति का मीठा शोर गूंजता था। यहां के राजा सावंत सिंह खुद ‘नागरी दास’ के छद्म नाम से कविताएं लिखते थे। उनकी रचनाओं में शब्द नहीं, भक्ति बहती थी और शायद यही वजह थी कि उनका मन राजपाट से ज्यादा कविता और कृष्ण में रमता था। यही माहौल बणी- ठणी और किशनगढ़ कला शैली के लिए उपजाऊ जमीन साबित हुआ। बणी-ठणी को दिल्ली से खरीदा गया था कहा जाता है बणी- ठणी को राजा सावंत सिंह की सौतेली मां, बंकावतजी के लिए बहुत छोटी उम्र में उस समय के शाहजहानाबाद यानी आज की पुरानी दिल्ली से खरीदा गया था। जिसके बाद उसे संगीत और गायन का प्रशिक्षण दिया गया। समय के साथ बणी- ठणी न सिर्फ गायन और संगीत में निपुण हो गई, बल्कि कविता लेखन में भी पारंगत हो गई। बणी-ठणी राजा सावंत सिंह की पासवान थीं किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार की सदस्य मीनाक्षी देवी के अनुसार, बणी-ठणी महाराजा सावंत सिंह की पासवान थीं। वे बहुत अच्छा लिखती थीं। वे राजा के साथ इसलिए जुड़ीं क्योंकि दोनों साथ में कविताएं लिखते थे। उनकी कविताएं आज भी मंदिर में गाई जाती हैं।
नई आवाज का जादू उस शाम महल में एक नई आवाज सुनाई दी, उस आवाज में कृष्ण भक्ति की ऐसी गहराई थी कि पूरा दरबार भक्ति में सराबोर हो गया। सावंत सिंह भी इस आध्यात्मिक ऊर्जा को महसूस कर रहे थे। कौन है यह जिसकी आवाज में साक्षात सरस्वती का वास है? राजा ने जिज्ञासा के साथ पूछा। यह बणी- ठणी है, हमारे महल की नई सदस्य। ‘रसिक बिहारी’ के नाम से लिखी इनकी रचनाएं सिर्फ शब्द नहीं जादू हैं, बंकावत जी ने राजा को बणी- ठणी का परिचय दिया। राजा की नजर बणी- ठणी पर जैसे कुछ पल ठहर गयी। इस आवाज में गजब की मिठास और आकर्षण है। बणी- ठणी हम चाहेंगे कि आप हमारे दरबार में भी अपनी रचनाएं सुनाएं, ऐसा कहते हुए सावंत सिंह ने बणी- ठणी को और अधिक सुनने की इच्छा जाहिर कर दी। अब राजा रोज बणी- ठणी के कृष्ण भक्ति के मधुर संगीत और कविताएं सुनते, साथ ही उसमें अपनी रचनाएं भी जोड़ते। राजा सावंत और बणी- ठणी दोनों का कृष्ण भक्त होना उन्हें एक अनकही डोर से जोड़ रहा था। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार: किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार, शहज़ाद अली शेरानी ) कल के एपिसोड में जानेंगे ‘नागरी दास’ और ‘रसिक बिहारी’ की भक्ति और प्रेम की जुगलबंदी…

पॉलीहाउस की छत का पानी सहेज कर पूरे साल खेती:चाराें ओर लगे गेंदा से कीट-रोग का पहले पता लग रहा, समय पर कर देते हैं फसल उपचार

जयपुर के किशनगढ़ रेनवाल ब्लॉक का खेड़ी मिलक गांव भूजल के डार्क जोन में है। यहां पानी की कमी है, या फिर खारा है। इस गांव के युवा किसान कानाराम यादव बरसाती खेती पर ही निर्भर रहे। वे अपनी आठ बीघा जमीन पर बाजरा की फसल से ज्यादा कभी कुछ दूसरी फसल ले नहीं पाते थे। इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए सरकारी योजनाओं और कम पानी में होने वाली फसलों का पता लगाया। फार्म पौंड में सालभर के लिए पानी फिर वर्ष 2024 में खेत में पॉलीहाउस लगाया। बारिश में पॉलीहाउस की छत का पानी एकत्र करने के लिए दो फार्म पौंड बना लिए। सिंचाई के लिए पांच एचपी का सोलर पंप भी लगाया है। अब इन दो फार्म पौंड में इतना पानी जमा हो जाता है कि साल भर चार हजार वर्गमीटर क्षेत्र में खीरे और बाकी जमीन पर गेहूं, बाजरा व टमाटर की फसल हो जाती है। खीरे की जैविक खेती कभी उनकी पूरे साल में एक लाख की फसल नहीं हो पाती थी लेकिन इन दिनों वे रोज बीस से पच्चीस हजार रुपए कमा रहे हैं। कानाराम खीरे की खेती भी जैविक ही कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे तीस प्रतिशत तक खर्च घट जाता है। जैविक खीरे के भाव भी अच्छे मिलते हैं। यह दो सप्ताह तक खराब भी नहीं होता। रासायनिक खेती वाला खीरा दो तीन दिन में ही सड़ने लग जाता है। गेंदे की पौध से पहचान रहे रोग वे फसल में रोग की पहचान पहले से ही कर लेते हैं। ताकि नियंत्रण आसानी से किया जा सके। इसके लिए भी वैज्ञानिक तरीका अपनाया है। कानाराम ने बताया कि खीरे की फसल के चारों ओर पॉलीहाउस में गेंदे की पौध लगा देते हैं। गेंदा रोग के मामले में संवेदनशील होता है। कोई भी कीट व रोग का प्रकोप होगा तो इसकी पौध मुरझा जाएगी। इन पौधों में रोग के लक्षण दिखते ही उपचार कर देते हैं। इससे रोग फैलता नहीं और गेंदे के फूल भी आय देते हैं। खुद तैयार करते हैं ऑर्गेनिक खाद कानाराम खुद ऑर्गेनिक खाद तैयार करते हैं। 20 पशु पाल रखे हैं। दूध घी से भी अतिरिक्त आय हो रही है। गोबर से केंचुआ खाद और नीम, गुड़, चूना, बेसन और छाछ सहित अन्य घरेलू नुस्खों से जैविक कीटनाशक तैयार कर रहे हैं। इस खाद से फसल को प्राकृतिक पोषण मिलता है। मिट्टी की गुणवत्ता भी बढ़ाती है। ऑर्गेनिक खाद पौधों को अधिक मजबूती देकर सिंचाई की जरूरत भी कम कर देती है। उन्होंने इन तरीकों से खेती को लाभदायक बना दिया है।

राजस्थान के 9 जिलों में बारिश की संभावना:मानसून पर लगा ब्रेक, 15 जुलाई के बाद फिर एक्टिव होगा सिस्टम; फलोदी सबसे ज्यादा गर्म रहा

राजस्थान में मानसून के पहले दौर के धीमे पड़ने के बाद प्रदेश के अधिकांश जिले रविवार को सूखे रहे। पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले में अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है। केवल 9 जिलों में आंशिक रूप से बारिश हो सकती है। इसमें खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ शामिल हैं। रविवार को भी राज्य में बारिश का ग्राफ काफी नीचे गिरा है। अब 15 जुलाई के बाद ही प्रदेश में मानसून का सिस्टम एक बार फिर एक्टिव हो सकता है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिर्फ बूंदी जिले में 5 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह ड्राय (शुष्क) रहा। पिछले 24 घंटों में फलोदी जिला 41 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म दर्ज किया गया है। सबसे पहले- प्रदेश में बारिश की स्थिति और सैटेलाइट इमेज राजस्थान के मौसम से जुड़ी PHOTOS… राजस्थान के गर्म शहर गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स गर्मी और उमस बढ़ने लगी : बारिश का दौर थमने के साथ ही अब राज्य में गर्मी और उमस बढ़ने लगी है। रविवार को फलोदी में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। यहां न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अलवर में 38, बीकानेर में 38.1, चूरू में 38.5 और श्रीगंगानगर में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। झुंझुनूं के पिलानी में भी पारा 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अब आगे क्या: प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में यदि कोई कमजोर वेदर सिस्टम बनता है, तो मौसम बदल सकता है। 14 से 15 जुलाई के दौरान बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास के जिलों में, 13 और 15 जुलाई को जयपुर और सीकर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अगले दो दिन यानी सोमवार और मंगलवार को जोधपुर और बीकानेर संभाग में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती हैं। फिलहाल प्रदेश में मौसम ड्राय रहेगा, लेकिन अगले दो-तीन दिन कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: मौसम के मिजाज में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। शनिवार की तरह रविवार (12 जुलाई) को भी पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना रहा। यहां अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में कोई बड़ा अंतर नहीं आया है। अधिकतम तापमान शनिवार की तुलना में महज 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान अभी भी सामान्य से करीब डेढ़ डिग्री सेल्सियस ज्यादा बना हुआ है, जिससे रात के समय उमस का अहसास हो रहा है। अलवर: रविवार सुबह से ही तेज धूप खिलने के कारण उमस और गर्मी का असर साफ देखने को मिला। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम तक मौसम सामान्य बना रहा और बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा मौसम सामान्य रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की भी संभावना बनी हुई है। उदयपुर: रविवार को बादलों और हल्की धूप की आंख-मिचौली के बीच मौसम बेहद सुहावना बना रहा, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उमस से थोड़ी राहत मिली। सुबह से ही बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। घने बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले 33 डिग्री सेल्सियस था। जोधपुर: रविवार को मौसम पूरी तरह सामान्य बना रहा। शहर का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक है। शहर में पिछले 24 घंटों के दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई। अजमेर: रविवार को दिनभर मौसम पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। लंबे समय से बरसात का इंतजार कर रहे अजमेरवासियों को रविवार को भी निराशा हाथ लगी। यहां दिनभर बादलों का नामोनिशान नहीं दिखा। अजमेर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रहा। कोटा: रविवार को अधिकतम तापमान 36.1, जबकि न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर उमस रही। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान सामान्य सीमा के भीतर ही बना रहा, लेकिन उमस के कारण लोगों को गर्मी का अहसास ज्यादा हुआ। सीकर: मानसून के कमजोर पड़ने के चलते रविवार को जिले में मौसम पूरी तरह साफ रहा। अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय तीखी धूप का असर देखने को मिला और गर्मी बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी सीकर में बारिश होने का कोई अनुमान नहीं है।

भास्कर अपडेट्स:जम्मू-कश्मीर के रामबन में अमरनाथ यात्रियों की 4 गाड़ियां टकराईं, 18 श्रद्धालु घायल

जम्मू-कश्मीर के रंबन में सोमवार को अमरनाथ यात्रा के काफिले में बड़ा हादसा हो गया। चंदरकोट के लंगर प्वाइंट पर दो SRTC बसें, एक कार और एक प्राइवेट बस आपस में टकरा गईं। हादसे में 18 श्रद्धालु घायल हो गए। सभी को रंबन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक SRTC बस ने आगे चल रही दूसरी SRTC बस को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दूसरी बस आगे चल रही नेक्सा XL6 कार से भिड़ गई। इसके बाद कार सामने चल रही प्राइवेट बस से टकरा गई। घायलों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब के श्रद्धालु शामिल हैं। अब तक 10 लोगों की पहचान हो चुकी है, जबकि 8 अन्य की पहचान की जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 361 मदरसा कर्मचारियों की सरकारी वेतन की मांग खारिज की सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 361 मदरसा शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सरकारी वेतन देने की मांग खारिज कर दी। इन कर्मचारियों ने दावा किया था कि उनकी नियुक्ति नियमित रूप से हुई थी, इसलिए उन्हें राज्य सरकार की ग्रांट-इन-एड योजना के तहत वेतन मिलना चाहिए। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की पीठ ने कहा कि याचिकाओं में कोई दम नहीं है, इसलिए इन्हें खारिज किया जाता है। कोर्ट ने 350 से अधिक याचिकाकर्ताओं में से 13 मामलों की पहले जांच की। अदालत ने कहा कि यदि इन 13 में से किसी एक का दावा सही पाया जाता, तो बाकी मामलों पर भी विचार किया जाता। लेकिन कोई भी याचिकाकर्ता अपने दावे को साबित नहीं कर सका, इसलिए सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं। प्रणब मुखर्जी का राजघाट पर बनेगा राष्ट्रीय स्मारक, केंद्र सरकार ने मंजूरी दी केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का स्मारक बनाने की मंजूरी दे दी है। यह स्मारक दिल्ली के राजघाट स्थित राष्ट्रीय स्मृति परिसर (राष्ट्रीय स्मृति स्थल) में बनाया जाएगा। इससे पहले जनवरी 2025 में सरकार ने स्मारक के लिए भूमि आरक्षित करने का फैसला किया था। प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति बनने से पहले वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक सांसद रहे। उन्होंने वित्त, रक्षा और विदेश मंत्री जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। 2020 में उनका निधन हो गया था। जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में भूकंप के झटके, बारामूला में 3.6 और कामजोंग में 3.9 तीव्रता रही मणिपुर और जम्मू-कश्मीर में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, दोनों राज्यों में फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। मणिपुर के कामजोंग जिले में सुबह 6:32 बजे 3.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 80 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप का केंद्र इंफाल से करीब 31 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। वहीं, जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में रात 2 बजे 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था। फरवरी में भी बारामूला में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र पट्टन क्षेत्र था। बंगाल में ‘खेला होबे दिवस’ की जगह ‘आयुष्मान दिवस’ मनाया जाएगा पश्चिम बंगाल सरकार ने 16 अगस्त को ‘खेला होबे दिवस’ की जगह ‘आयुष्मान दिवस’ मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त राज्य के इतिहास का ‘काला दिन’ है, इसलिए अब इस दिन आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 16 अगस्त 1946 को ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ के दौरान कोलकाता में भीषण सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। इस घटना को ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि उस हिंसा में करीब 4 हजार लोग मारे गए थे, 10 हजार से ज्यादा घायल हुए थे और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। ममता बनर्जी सरकार ने 2021 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद 16 अगस्त को ‘खेला होबे दिवस’ घोषित किया था। इस दिन राज्यभर में फुटबॉल प्रतियोगिताएं कराई जाती थीं और खिलाड़ियों को खेल सामग्री बांटी जाती थी। सरकार का कहना था कि इसका उद्देश्य युवाओं में खेलों को बढ़ावा देना है। दिल्ली में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 16वां दिन, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 24 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। इस प्रदर्शन में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल कर रहे हैं। बुधवार को सोनम वांगचुक की तबीयत खराब हो गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक 11 दिनों में उनका वजन 7 किलो से ज्यादा घटकर 59.4 किलो रह गया है। दिल्ली में 17 साल के लड़के की चाकू मारकर हत्या दिल्ली के बदरपुर में कई बार चाकू मारे जाने से एक 17 साल के लड़के की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है। हत्या के पीछे के मकसद और घटना की वजह बनने वाले घटनाक्रम का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। दिल्ली में 4 बच्चे यमुना में डूबे, दो की मौत दिल्ली के अलीपुर में शनिवार को यमुना नदी में नहाते समय तेज बहाव में चार बच्चों के बह जाने के बाद दो नाबालिग लड़कों की मौत हो गई। एनडीआरएफ के चलाए गए अभियान में दो लड़कों के शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, अंधेरा होने के कारण देर रात बाकी दो बच्चों की तलाश रोक दी गई थी। स्थानीय अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और निवासियों को नदी में न जाने की सलाह दे रहे हैं, विशेष रूप से पानी के खतरनाक स्तर और तेज बहाव को देखते हुए।

बोनस अंकों के आधार पर नौकरी हासिल की:एलडीसी भर्ती-2013 घोटाला: जिला स्तरीय जांच में 145, राज्य स्तरीय जांच में 250 नियुक्तियां संदिग्ध

राज्यस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार जिला परिषद जयपुर में वर्ष-2013 की एलडीसी भर्ती तत्कालीन समय के बड़े भर्ती घोटालों में शामिल होती नजर आ रही है। मेरिट निर्धारण संबंधी दस्तावेजों की जांच में जिला स्तर पर केवल 627 कार्मिकों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया, जबकि राज्य स्तर पर 672 कार्मिकों के रिकॉर्ड सामने आए। 45 कार्मिकों का रिकॉर्ड नहीं मिलने से पूरी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 672 कार्मिकों के दस्तावेजों की जांच में 529 अभ्यर्थियों ने संविदा सेवा के अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर बोनस अंक प्राप्त किए। इनमें 250 से अधिक नियुक्तियों में फर्जी डिग्री, फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र और अन्य अनियमितताएं सामने आईं। जांच समिति ने नियमविरुद्ध नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने, फर्जी दस्तावेज देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ एसीबी और एसओजी से जांच कराने की सिफारिश की थी। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद भी इन सिफारिशों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। इन राज्यों की डिग्रियों पर सबसे ज्यादा खेल संदिग्ध लिपिकों ने शैक्षणिक और कंप्यूटर योग्यता (पीजीडीसीए/डीसीए) के दस्तावेज राजस्थान से बाहर के राज्यों से हासिल किए। इनमें सबसे अधिक डिग्रियां सिक्किम, नागालैंड, मेघालय, मध्यप्रदेश (भोपाल) और छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों की हैं। जांच में इन दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होने का भी खुलासा हुआ। तीन दस्तावेजों के आधार पर हुई भर्ती एलडीसी भर्ती-2013 में न लिखित परीक्षा हुई, न साक्षात्कार और न ही टाइप टेस्ट। मेरिट केवल तीन आधारों सीनियर सेकेंडरी अंक, कंप्यूटर योग्यता और अनुभव प्रमाण-पत्र पर तय हुई। अंतिम चयन इन दस्तावेजों के सत्यापन के अधीन था। मेरिट को मारा.. सिस्टम को बेचा, जांच रिपोर्ट में 672 का हिसाब आया सामने 9 साल में 4 आदेश, कार्रवाई अधूरी जांच समिति की 3 सिफारिशें, आज तक अधूरी