दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना:5 अगस्त तक बैंक लोन के जरिए कर सकेंगे आवेदन, किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा
केंद्र सरकार की दलहन आत्मनिर्भरता मिशन योजना के तहत राजस्थान में फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देने के लिए दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयों (दाल मिल) की स्थापना की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दलहन प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाना है। लाभार्थी योजना के लिए 5 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। ये संस्था-संगठन कर सकेंगे आवेदन बैंक ऋण लेना अनिवार्य, झाड़ोल-कोटड़ा बेल्ट को बड़ी राहत इस योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य किया गया है। इससे आधुनिक दाल मिलों की स्थापना को गति मिलेगी और राज्य में प्रसंस्करण का एक मजबूत नेटवर्क विकसित होगा। उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल झाड़ोल और कोटड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तुअर और उड़द जैसी दलहन फसलों की खेती होती है। अभी यहां कई गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) दलहन का संग्रहण और प्रोसेसिंग कर बाजार में बेच रहे हैं। इस क्षेत्र में नई दाल मिलें स्थापित होने से स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बता दें कि राजस्थान देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां मूंग, उड़द, चना और तुअर की बड़े पैमाने पर खेती होती है। नई दाल मिलें स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण बढ़ेगा, परिवहन लागत घटेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

