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सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा शुरू, सेंटर पर चूड़ियां उतरवाईं:हाथों में बंधे धागे काटे, सवाई माधोपुर में बिना मेटल डिटेक्टर जांच के एंट्री

राजस्थान में रविवार (12 जुलाई) से सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम शुरू हुआ। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने 27 जिलों में 1221 सेंटर हैं। पहले दिन (आज) 2 पारियों में पेपर होगा। पहली पारी में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य ज्ञान (GK) और दूसरी पारी में दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सोशल साइंस की परीक्षा होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले सेंटर पर महिला अभ्यर्थियों से चूड़ियां उतरवाई गईं। हाथों में बंधे धागे काटने के बाद ही एंट्री दी गई। सवाई माधोपुर शहर के एक सेंटर पर 20 मिनट की देरी से मेटल डिटेक्टर पहुंचा। इससे पहले बिना मेटल डिटेक्टर की जांच के ही अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने के एक घंटे पहले तक ही एंट्री दी गई। परीक्षा के लिए 12 लाख 30 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। यह भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। यह इस साल होने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा में सबसे कम पोस्ट गुजराती में और मैथ्स में सबसे ज्यादा पद हैं। एग्जाम को 4 वर्गों (ग्रुप्स) में बांटा गया है, जो 12 से 18 जुलाई 2026 तक होंगे। परीक्षा केंद्रों की PHOTOS… पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…

कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर'

दैनिक भास्कर के समाधान अभियान के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों से सामने आई पांच नागरिक समस्याओं में से दो का समाधान हो गया, जबकि तीन समस्याएं अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। रोड लाइट लगने और ओवरफ्लो नाली की मरम्मत होने से लोगों को राहत मिली है। वहीं जर्जर लावारिस मकान, खाली प्लॉट में फैला कचरा और महीनों से अधूरा पड़ा नाली निर्माण लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) आज के पब्लिक के स्टार : अरुण झावा आज के हमारे ‘पब्लिक के स्टार’ अरुण झाला, जमादार बने हैं। वीर सावरकर नगर की चांद भाई वाली गली में नाली का गंदा पानी लंबे समय से सड़क पर फैल रहा था। इससे राहगीरों और स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा था। स्थानीय निवासी बादल कुमार ने भास्कर समाधान ऐप पर समस्या पोस्ट की थी। समस्या मिलने के बाद अरुण झावा ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर निगम की टीम से नाली की सफाई और आवश्यक मरम्मत करवाई। समय पर कार्रवाई से गंदे पानी की निकासी सुचारु हुई और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। चित्रेश नगर में गली हुई रोशन
बोरेखेड़ा के चित्रेश नगर में लंबे समय से रोड लाइट नहीं होने के कारण रात के समय पूरी गली अंधेरे में डूबी रहती थी। इससे महिलाओं, बच्चों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती थी। स्थानीय निवासी मुकेश मेहरोता ने समाधान अभियान के जरिए समस्या उठाई। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने गली में रोड लाइट लगवा दी। अब पूरी गली रोशन है और शिकायतकर्ता ने भी समाधान होने की पुष्टि की है। वीर सावरकर नगर में नाली की मरम्मत से खत्म हुआ जलभराव
वीर सावरकर नगर की चांद भाई वाली गली में नाली का गंदा पानी सड़क पर फैल रहा था। इससे राहगीरों और स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता था। स्थानीय निवासी बादल कुमार की समस्या के बाद नगर निगम की टीम ने वार्ड जमादार अरुण झाला की मौजूदगी में नाली की सफाई और मरम्मत करवाई। इसके बाद पानी की निकासी सुचारु हो गई और लोगों को राहत मिली। नयापुरा में जर्जर मकान से हादसे का डर
नयापुरा क्षेत्र में एक लावारिस और जर्जर मकान लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। मकान की दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है और कई हिस्से कमजोर हो गए हैं। स्थानीय निवासी समीर का कहना है कि कई बार नगर निगम को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने बारिश के मौसम को देखते हुए जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। रंगबाड़ी में खाली प्लॉट बना कचरा घर
रंगबाड़ी क्षेत्र के एक खाली प्लॉट में लगातार कचरा डाला जा रहा है। कचरे के कारण गाय और अन्य आवारा पशु सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी कपिल गौतम ने नगर निगम से नियमित सफाई कराने, कचरा हटाने और यहां कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। गिरधरपुरा में चार माह से अधूरा नाली निर्माण
गिरधरपुरा स्थित लक्ष्मी विहार में करीब चार-पांच महीने पहले नाली निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण के दौरान घरों के सामने बनी चबूतरियां तोड़ दी गईं और खुदाई कर दी गई, लेकिन काम आज तक पूरा नहीं हो सका। स्थानीय निवासी शीतल ने बताया कि अधूरे निर्माण के कारण लोगों को घरों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से जल्द निर्माण कार्य पूरा कर सड़क और चबूतरों को पहले जैसी स्थिति में बहाल करने की मांग की है। कीचड़ और बदहाल रास्ते से परेशान आमजन किशोरपुरा दरवाजा क्षेत्र में सड़क नहीं होने और बारिश के दौरान कीचड़ व जलभराव की समस्या से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र निवासी मुकेश कुमार ने दैनिक भास्कर ऐप के माध्यम से समस्या उठाते हुए बताया कि यहां सड़क नहीं होने के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। पास में स्थित सरकारी स्कूल के बच्चों को भी रोजाना घुटनों तक कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना और फिसलने का खतरा बना रहता है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.पार्षद तबस्सुम बनीं ‘पब्लिक की स्टार’:पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 2.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 3.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 4.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 5.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’

भास्कर समाधान: लगातार बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, बिजली, पानी और सफाई की समस्याओं से लोग परेशान

सीकर शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई क्षेत्रों में बंद स्ट्रीट लाइट, नियमित कचरा संग्रहण नहीं होने, पेयजल संकट और जर्जर सड़कों के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक इन समस्याओं को दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ ऐप के माध्यम से लगातार उठा रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान भी किया है, जिससे लोगों को राहत मिली है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… बार-बार खराब हो रही स्ट्रीट लाइट, अंधेरे से लोग परेशान जाट कॉलोनी निवासी सरजीत पूनिया ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र की रोड लाइट बार-बार खराब हो जाती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं होने से रात के समय पूरी सड़क अंधेरे में डूबी रहती है। अंधेरे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी होती है, वहीं दुर्घटना और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने नियमित रखरखाव और स्थायी समाधान की मांग की है। कचरा गाड़ी नहीं आने से कॉलोनी में फैली गंदगी गोकुलपुरा तिराहा स्थित मानव सिटी रेजिडेंसी निवासी एन.के. सैनी ने बताया कि कॉलोनी में कई दिनों से नियमित कचरा गाड़ी नहीं पहुंच रही है। इसके कारण लोग मजबूरी में खाली भूखंडों और सड़क किनारे कचरा डाल रहे हैं। कचरे के ढेर लगने से दुर्गंध फैल रही है और बारिश के मौसम में मच्छरों तथा संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पेयजल संकट और अस्थायी बिजली कनेक्शन से बढ़ी परेशानी सालासर रोड स्थित बालाजी विहार कॉलोनी निवासी प्रकाश चंद सैनी ने बताया कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोगों को घरेलू कार्यों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा कॉलोनी में कई स्थानों पर अब भी अस्थायी बिजली कनेक्शन हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती रहती है। क्षेत्रवासियों ने पेयजल और बिजली दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। आरटीओ कार्यालय के सामने सड़क जर्जर, हादसे की आशंका आरटीओ ऑफिस रोड स्थित रामगोपाल सिटी निवासी सुशील कुमार ने बताया कि आरटीओ कार्यालय के सामने सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश के दौरान पानी भर जाता है। इससे गड्ढों का पता नहीं चल पाता और दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। लगातार बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या का समाधान राधा किशनपुरा निवासी विक्रम ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार बिजली कट रही थी। साथ ही कम वोल्टेज के कारण कूलर, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे। शिकायत के बाद विद्युत विभाग ने आवश्यक तकनीकी सुधार कर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी। अब बिजली कटौती बंद हो गई है और वोल्टेज की समस्या का भी समाधान हो गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। बिजली पोल की बंद लाइट हुई चालू, लोगों को मिली राहत रिलायंस मॉल के सामने सुनील कुमार सैनी ने भास्कर समाधान ऐप पर समस्या पोस्ट की थी कि बिजली पोल पर लगी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी थी। इसके कारण रात के समय सड़क पर अंधेरा रहता था और राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त कर चालू कर दिया। अब क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी होने से लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है। आज के स्टार ऑफिसर : एईएन विवेक ओला राधा किशनपुरा निवासी विक्रम ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार बिजली कट रही थी। साथ ही कम वोल्टेज के कारण कूलर, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या मिलने के बाद एईएन विवेक ओला ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से आवश्यक तकनीकी सुधार करवाए। समय पर कार्रवाई से बिजली आपूर्ति सुचारु हुई, कम वोल्टेज की समस्या दूर हुई और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.भास्कर ‘समाधान’: शिकायत के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट:गड्ढे, गंदगी और आवारा पशुओं से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 2.सीकर में जनता की समस्याओं पर जागा प्रशासन:जर्जर सड़कें, सीवर और नंगे तारों की शिकायतों पर अधिकारियों ने की कार्रवाई 3.सीकर में बहानेबाजी पर भारी पड़ा ऐक्शन:कहीं सिस्टम की सुस्ती से बढ़ा खतरा, तो कहीं ‘स्टार अफसर’ ने दूर की जनता की परेशानी 4.भास्कर समाधान: पोस्ट करने के 4 घंटे में हुआ समाधान:सीवर समस्या सुलझी; नाला, जलभराव और आवारा पशु बने परेशानी, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 5.सीकर शहर की समस्याएं भास्कर समाधान पर पहुंचीं:कहीं टूटी सड़क तो कहीं जलभराव और नाली की परेशानी, सुरेंद्र गोदारा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6.भास्कर समाधान: लाइट की समस्या का हुआ समाधान:सीकर में पानी, बिजली, सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 7.भास्कर समाधान: कचरा हटने पर लोगों को मिली राहत:आवारा पशुओं का आतंक, अंधेरे में डूबी गलियां और सड़क पर गहरे गड्ढे से बढ़ी परेशानी 8.सीकर में नाली, सड़क से जुड़ी समस्याओं का हुआ समाधान:नालों की सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समस्याओं से लोग परेशान 9.भास्कर समाधान : स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुई हल:शहर में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पानी की समस्याओं से परेशान, सुरेंद्र जाट बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 10.भास्कर समाधान: गोकुलपुरा में खुले में फैला कचरा हटाया:पेयजल रिसाव, गंदी नालियां, टूटी सड़कें और बंद स्ट्रीट लाइट से शहरवासी परेशान, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’

भास्कर समाधान: स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुआ समाधान:अव्यवस्थित पार्किंग, गड्ढे और बंद स्ट्रीट लाइट से लोग परेशान, राकेश गहलोत बने आज के 'स्टार ऑफिसर'

अजमेर शहर में भास्कर समाधान पर उठाई गई समस्याओं का समाधान लगातार हो रहा है। कहीं बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें दोबारा चालू कर दी गईं तो कहीं सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाकर सफाई करवाई गई। वहीं सड़क पर बने गड्ढे की मरम्मत और कॉलोनी में रोशनी की व्यवस्था होने से स्थानीय लोगों को राहत मिली है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर : राकेश गहलोत आज के हमारे स्टार ऑफिसर राकेश गहलोत बने हैं। पुष्कर रोड स्थित नोसर घाटी निवासी योगेश जाटोलिया ने भास्कर समाधान ऐप पर शिकायत पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र की सभी स्ट्रीट लाइटें रात के समय बंद रहती थीं, जिससे अंधेरे में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलने के बाद राकेश गहलोत ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से सभी स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करवाईं। समय पर कार्रवाई से क्षेत्र में रोशनी बहाल हुई और लोगों को राहत मिली। उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्यशैली के लिए उन्हें आज का ‘स्टार ऑफिसर’ चुना गया। स्ट्रीट लाइट चालू होने से लोगों को मिली राहत पुष्कर रोड स्थित नोसर घाटी निवासी योगेश जाटोलिया ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र की सभी स्ट्रीट लाइटें रात के समय बंद रहती थीं। अंधेरे के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए सभी स्ट्रीट लाइटें चालू करवा दीं। अब क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी होने से लोगों को राहत मिली है। दरगाह क्षेत्र से सार्वजनिक स्थान पर फैला कचरा हटाया डिग्गी बाजार निवासी सौद अली ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि दरगाह क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंका जा रहा था, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर सफाई कराकर जमा कचरा हटवाया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र साफ हो गया और लोगों को गंदगी से राहत मिली। चंद्रवरदाई नगर में दुरुस्त हुई स्ट्रीट लाइट, अंधेरे से मिली राहत अजमेर के चंद्रवरदाई नगर एफ ब्लॉक में लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान हो गया है। क्षेत्र निवासी मृत्युंजय ने इस संबंध में समस्या पोस्ट की थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर कार्रवाई करते हुए स्ट्रीट लाइट को ठीक कर दिया। अब रात के समय क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी रहने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी और सुरक्षा भी बेहतर होगी। विनायक विहार मार्ग पर भरा गया गड्ढा, राहगीरों को मिली राहत अजमेर रोड स्थित विनायक विहार, कंकड़ भैरव क्षेत्र में सड़क पर बने बड़े गड्ढे को भरकर दुरुस्त कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर दिलीप कुमार शर्मा ने समस्या पोस्ट कराई थी और बताया था कि गड्ढे के कारण आए दिन वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे थे। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने सड़क की मरम्मत कर गड्ढा भर दिया। इससे अब वाहन चालकों और राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है तथा दुर्घटना की आशंका भी कम हो गई है। अजमेर शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग से आवागमन बाधित हो रहा है तो कहीं सड़क के बीच बने गड्ढे से हादसे का खतरा बना हुआ है। कई क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग से लोगों की बढ़ी परेशानी सुभाष नगर रोड स्थित अशोक विहार कॉलोनी निवासी विनोद भारद्वाज ने भास्कर समाधान पर बताया कि कॉलोनी में वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े किए जा रहे हैं। इससे रास्ता संकरा हो जाता है और लोगों व वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने सड़क पर व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था कराने की मांग की है। सड़क के बीच गड्ढा, हादसे का खतरा शांतिपुरा निवासी रोहित चौधरी ने बताया कि सड़क के बीच गहरा गड्ढा बन गया है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने जल्द गड्ढा भरवाकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। 15 दिन से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में आवागमन बिहारीगंज निवासी अनिल खंडेलवाल ने भास्कर समाधान पर बताया कि उनकी गली की स्ट्रीट लाइट पिछले 15 दिनों से बंद पड़ी है। रात के समय पूरी गली अंधेरे में डूब जाती है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट जल्द ठीक कराने की मांग की है। स्ट्रीट लाइट बंद, क्षेत्र में पसरा अंधेरा दानमल माथुर कॉलोनी निवासी त्रिलोक ने बताया कि उनके क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी है। रात के समय अंधेरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से स्ट्रीट लाइट जल्द चालू कराने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:आनासागर झील में डाल रहे नाले का पानी, सड़क पर गड्‌ढे से हादसे का डर, सामुदायिक भवन की सुविधाएं खस्ताहाल 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 3.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 4.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 5.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 6.अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 7.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 8.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर

PM के पंजाब दौरे से पहले ट्रेन में खालिस्तानी नारे:आतंकी पन्नू ने वीडियो जारी किया; खालड़ा का भी जिक्र, इन्हीं पर बनी 'सतलुज' बैन हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने जारी किया है। वीडियो में दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन के डिब्बों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘मोदी मुर्दाबाद’ जैसे नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। SFJ के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर पंजाब में आतंकवाद के दौर के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की विरासत का जिक्र करते हुए कथित एनकाउंटर मामलों को उठाया। हालांकि, दैनिक भास्कर पन्नू के वीडियो की पुष्टि नहीं करता। जसवंत सिंह खालड़ा पर ही दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज बनी थी, जिसे रिलीज होने के दूसरे दिन ही OTT से हटा दिया गया था और अब पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। इधर, वीडियो सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने रात के अंधेरे में ट्रेन के डिब्बों पर ये नारे लिखे। पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है। पीएम का 15 और 17 जुलाई को लुधियाना और जालंधर दौरा प्रस्तावित हैं। पीएम इन दो दिन में किसी भी दिन आ सकते हैं। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन की नई बनी बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे। इसी दिन वे चंडीगढ़ में भी 4 प्रोजेक्टों का उद्घाटन कर सकते हैं। वीडियो में आतंकी पन्नू ने ये बातें कही… जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानिए, जिनका पन्नू ने जिक्र किया जसवंत सिंह खालड़ा अमृतसर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में डायरेक्टर थे। इसके साथ ही वो शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार विंग से जुड़े थे। उनके साथी और बैंककर्मी प्यारा सिंह एक दिन अचानक गायब हो गए। उनकी तलाश में ही एक दिन जसवंत श्मशान घाट पहुंचे। तब उन्हें बड़ी संख्या में लाशों को लावारिस बताकर जलाने का पता चला था। जब उन्होंने पड़ताल आगे बढ़ाई तो पुलिस के फेक एनकाउंटर का सच सामने आया। इसके बाद जसवंत और उनके साथी जे.एस. ढिल्लो ने 1995 में एक प्रेस नोट तैयार किया। जे.एस. ढिल्लो भी शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार विंग से जुड़े थे। ये प्रेसनोट 16 जनवरी 1995 को जारी किया गया, जिसकी हेडलाइन थी- ‘DISAPPEARED CREMATION GROUNDS’। इसमें लिखा था- ‘अमृतसर और इसके आसपास के जिलों की पुलिस नियमित तौर पर शवों को श्मशान घाटों पर ले जाती है। वहां लावारिस बता कर उनका अंतिम संस्कार किया जाता है। पट्टी नगर पालिका श्मशान घाट पर ऐसी 400 लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां 40 किमी दूर खालड़ा गांव से लाशें लाई गईं। साथ ही 10 किमी दूर कैरों, 15 किमी दूर हरिका और 30 किमी दूर वल्टोहा से भी लाई गईं।‘ ‘तरनतारन नगर पालिका श्मशान घाट पर 700 लावारिस लाशें लाईं गईं। इनकी जानकारी का सिर्फ एक ही रिकॉर्ड है- रसीद बुक। इसमें शवों को जलाने के लिए लगने वाली लकड़ी का जिक्र है। रसीद बुक पर लाए गए शवों की तारीख और संख्या दर्ज है।‘ ‘अमृतसर में 1 जून 1984 से 1994 के अंत तक करीब 2000 शवों का लावारिस के तौर पर अंतिम संस्कार किया गया। सबसे ज्यादा 900 लावारिस लाशें दुर्गियाना मंदिर के श्मशान घाट लाई गईं थीं।‘ इस प्रेस नोट के कुछ महीनों बाद जसवंत सिंह एक दिन घर के बाहर से गायब हो गए। सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ क्या है… ——————- ये खबर भी पढ़ें: दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन: ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज अब पूरी तरह बैन हो गई है। इसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की ग्लोबल कैटेगरी से भी हटा दिया गया है। इस फिल्म को अब विदेश में भी नहीं देखा जा सकेगा। इसी के साथ फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए गठित केंद्रीय समिति ने भी सिफारिश कर दी है कि फिल्म को बैन ही रहने दिया जाए। क्योंकि, फिल्म भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है। सरकारी सूत्रों से हवाले से यह जानकारी शनिवार को न्यूज एजेंसी PTI ने दी। (पढ़ें पूरी खबर)

3.81 करोड़ के फॉरेक्स ट्रेडिंग महाघोटाले में बैंक-खाता सप्लायर गिरफ्तार:जयपुर के डॉक्टर से करोड़ों की थी ठगी, नागपुर से अंतरराज्यीय-गिरोह ने टेलीग्राम ग्रुप 'CMC Global CS' के जरिए वारदात

राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रक्षक राहुल गजभिये के रूप में हुई है, जिसे ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई 3 करोड़ 81 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में की गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग टेलीग्राम ग्रुप “CMC Global CS” के माध्यम से लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते थे। मामले की जांच उप महानिरीक्षक साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने की। गूगल सर्च से शुरू हुई ठगी मालवीय नगर निवासी डॉ. प्रेम रतन (45) ने 5 अक्टूबर 2025 को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि निवेश के विकल्प तलाशने के दौरान गूगल पर CMC Global CS नामक फॉरेक्स ट्रेडिंग वेबसाइट सर्च की। इसके कुछ समय बाद खुद को कंपनी का कस्टमर केयर बताने वाले लोगों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया। आधार-पैन लेकर बनाया फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट साइबर ठगों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर डॉक्टर से आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त किए। इसके बाद एक फर्जी वर्चुअल ट्रेडिंग पोर्टल पर उनका ट्रेडिंग अकाउंट बनाकर यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया गया। पहले छोटा मुनाफा, फिर करोड़ों की ठगी शुरुआत में आरोपियों ने कम राशि का निवेश करवाकर उस पर वास्तविक रिटर्न लौटाया, जिससे पीड़ित का भरोसा जीत लिया। इसके बाद भारी मुनाफे का लालच देकर लगातार बड़ी रकम निवेश करवाई गई। फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल के डैशबोर्ड पर निवेश की राशि और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया जाता रहा, जबकि यह पूरा आंकड़ा सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार किया गया था। जब निवेश की कुल राशि 3 करोड़ 81 लाख रुपये तक पहुंच गई और डॉक्टर ने रकम निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से तुरंत हटा दिया, चैट डिलीट कर दी और सभी तरह का संपर्क समाप्त कर दिया। तकनीकी जांच से नागपुर तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर एसपी सुमित मेहरड़ा के नेतृत्व में विशेष तकनीकी टीम बनाई गई। टीम ने संदिग्ध बैंक खातों, टेलीग्राम ग्रुप, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस महाराष्ट्र के नागपुर पहुंची, जहां गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी रक्षक राहुल गजभिये को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को नागपुर की अदालत में पेश कर ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह के मुख्य सरगनाओं और देशभर में फैले साइबर नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होंगे।

सराड़ा में 1600 सीताफल के पौधे लगाए गए:केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके बोले- परियोजना से मिलेगा रोजगार, किसानों को मक्का बीज भी बांटे

सलूम्बर जिले के सराड़ा उपखंड की नाल हल्कार ग्राम पंचायत में शनिवार को संसदीय संकुल विकास परियोजना के तहत महावृक्षारोपण कार्यक्रम हुआ। इसमें केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए और करीब 1600 सीताफल के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, जनजाति क्षेत्रीय विकास (टीएडी) मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत, सलूम्बर विधायक शांता देवी मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष (देहात) पुष्कर तेली और ग्राम पंचायत प्रशासक (सरपंच) वर्षा देवी मौजूद रहे। मंत्री बोले- अंधाधुंध कटाई से बढ़ रहा तापमान केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा – दुनिया में बढ़ते तापमान और जल संकट का मुख्य कारण अंधाधुंध वृक्षों की कटाई है। पहाड़ों पर लगाए गए वृक्ष वर्षा जल को धरती में संचित रखते हैं, जिससे जलस्रोत जीवित रहते हैं। इसके माध्यम से देशभर के जनजातीय क्षेत्रों में खाली पहाड़ियों को हराभरा बनाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। 1600 सीताफल पौधे रोपे, किसानों को मक्का बीज भी बांटे कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से करीब 1600 सीताफल के पौधे लगाए गए। विशेषज्ञों ने किसानों को पौधों के संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को मक्का बीज भी वितरित किए गए। सरपंच वर्षा देवी ने रखीं कई मांगें कार्यक्रम की शुरुआत में ग्राम पंचायत प्रशासक वर्षा देवी ने क्षेत्र के विकास के लिए कई मांगें रखीं। इनमें खेरकी, घाटीवाला और भुराघाटी तालाबों का पुनर्जीवन, नहरों का सुदृढ़ीकरण, नई डामरीकरण सड़कों का निर्माण, जर्जर एनीकटों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, बागवानी-पशुपालन को बढ़ावा और मोबाइल नेटवर्क समस्या का समाधान शामिल था।

भीलवाड़ा में आज तीन से साढ़े चार घंटे बिजली बंद:इलेक्ट्रिसिटी मेंटेनेंस वर्क के चलते होगी बिजली कटौती, जानें कौनसे क्षेत्र होंगे प्रभावित

भीलवाड़ा के कई इलाकों में रविवार को इलेक्ट्रिसिटी मेंटेनेंस वर्क के चलते बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। कुछ क्षेत्रों में साढ़े चार घंटे और कुछ क्षेत्रों में तीन घंटे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जरूरी काम निर्धारित समय से पहले निपटा लें ताकि परेशानी से बचा जा सके। टेलीफोन एक्सचेंज फीडर से जुड़े क्षेत्रों में साढ़े चार घंटे पावर कट एवीएनएल के सहायक अभियंता नीरज शर्मा ने बताया कि 11 केवी टेलीफोन एक्सचेंज फीडर से जुड़े महेश नगर, गुप्ता जी की फैक्ट्री पांसल रोड, करणी मार्केट, वसंता, जम्बेश्वर नगर, मुखीजा हाउस, रामनगर, हनुमान मंदिर, कांच गोदाम के पास, कल्याण एलुमिनियम, सामुदायिक भवन पुलिस लाइन के पास, वायरलेस, मेस, पुलिस लाइन एरिया, होमगार्ड, हजीमंजिल, संतोषी माता मंदिर, भवानी नर्सरी, संतोष कॉलोनी, खडेश्वर मंदिर, गोकुल धाम सोसायटी, अनुकंपा अपार्टमेंट और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। पावरहाउस फीडर क्षेत्र में तीन घंटे बिजली बंद रहेगी 11 केवी पावरहाउस फीडर से जुड़े मराठा कॉलोनी, जवाहर नगर नहर के पास, बालाजी की बगीची, हरिजन बस्ती, हनुमान नगर, संस्कृति विहार पांसल रोड, बालाजी अपार्टमेंट, ग्रीनवेली स्कूल के पीछे, रौनक विहार, कंचन देवी कॉलेज, धर्मकांटा 80 फीट रोड, रोटोमेक और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक तीन घंटे बिजली सप्लाई बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से कहा है कि वे पावर कट से पहले अपने जरूरी कार्य पूरे कर लें, ताकि बिजली बंद रहने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

21 साल की लिंडा नोस्कोवा बनीं विंबलडन चैंपियन:कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया; करियर की बेस्ट रैंकिंग 7 पर पहुंचेंगी

चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में नौवीं सीड नोस्कोवा ने अपनी ही हमवतन और पेरिस ओलिंपिक की डबल्स पार्टनर कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। विंबलडन के इतिहास में यह पहली बार था जब दो चेक खिलाड़ियों के बीच फाइनल मैच खेला गया। इस जीत के साथ ही नोस्कोवा को करीब 38.5 करोड़ रुपए (£3.6 मिलियन) की इनामी राशि मिली और वे अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 7वीं रैंकिंग पर पहुंच जाएंगी। 4 साल में तीसरी चेक चैंपियन बनीं लिंडा नोस्कोवा लिंडा नोस्कोवा पिछले चार सालों में विंबलडन महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली तीसरी चेक खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले मार्केटा वोंद्रोसोवा ने 2023 और बारबोरा क्रेजिकोवा ने 2024 में यह खिताब जीता था।

मैच पॉइंट गंवाने के बाद कांपने लगी थीं नोस्कोवा
मैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब नोस्कोवा आसानी से जीत की तरफ बढ़ रही थीं। वे दूसरे सेट में 6-2, 5-2 से आगे थीं। इसके बाद 10वीं सीड मुहोवा ने जोरदार वापसी की और लगातार 5 गेम जीतकर दूसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस दौरान दबाव में नोस्कोवा का बॉडी लैंग्वेज देखने लायक था। वे क्राउड के शोर से बचने के लिए कानों में उंगलियां डालती दिखीं और चेंजओवर के समय विंबलडन के तौलिये में अपना चेहरा छिपा लिया। हालांकि, तीसरे सेट में उन्होंने खुद को संभाला और जीत कर इतिहास रच दिया।
आसमान की तरफ चूमा हाथ: दो साल पहले विंबलडन से ठीक पहले मां को खोया था
जीत के बाद नोस्कोवा कोर्ट पर ही बैठ गईं और भावुक हो गईं। ट्रॉफी मिलने के बाद स्पीच के दौरान वे रो पड़ीं। उन्होंने आसमान की तरफ देखते हुए फ्लाइंग किस किया और अपनी दिवंगत मां को याद किया।
नोस्कोवा ने कहा,’दो साल पहले विंबलडन की शुरुआत से ठीक पहले मेरी मां इवाना का निधन हो गया था। मैं उनके बिना आज यहां नहीं होती। मैं अपने पिता को भी धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मेरे लिए फ्लाइट का डर होने के बावजूद यहां मैच देखने आए।’ मुहोवा ने मजाकिया अंदाज में कहा- लिंडा मेरी ‘एक्स-फ्रेंड’ हैं
हार के बाद भावुक मुहोवा ने उपविजेता की ट्रॉफी लेते समय रोते हुए कहा,’शब्द ढूंढना मुश्किल है, लेकिन मैं अपनी ‘पूर्व दोस्त’ (एक्स-फ्रेंड) लिंडा से शुरुआत करूंगी। आपने जिस तरह से दबाव को संभाला और खेला, वह अविश्वसनीय था। आप इस जीत की हकदार हैं।’
उन्होंने आगे कहा,’मैं आगे भी लड़ती रहूंगी। मुझे यह ट्रॉफी चाहिए और उम्मीद है कि मैं फिर से फाइनल में पहुंचकर इसे जीतूंगी।” बता दें कि मुचोवा पिछले कुछ समय से कलाई की गंभीर चोट से जूझ रही थीं, जिसके कारण उन्हें एक समय सिंगल-हैंडेड बैकहैंड से खेलना पड़ा था। मैच पॉइंट बचाकर चैंपियन बनने वाली तीसरी खिलाड़ी: वीनस और सेरेना के क्लब में हुईं शामिल
नोस्कोवा इस पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर आगे बढ़ी हैं। वे इस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में रोमानिया की सोराना सिर्स्टिया के खिलाफ मैच पॉइंट से पिछड़ रही थीं, लेकिन वहां से वापसी कर उन्होंने मैच जीता। विंबलडन के इतिहास में मैच पॉइंट बचाकर खिताब जीतने वाली वे केवल तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा वीनस विलियम्स (2005) और सेरेना विलियम्स (2009) ही कर सकी थीं। ————————————- जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल हारे, 25वां ग्रैंडस्लैम जीतने का सपना टूटा:15 साल छोटे सिनर ने सीधे सेटों में हराया, तेंदुलकर-गिल रोजर फेडरर से मिले 39 साल के दिग्गज टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैट जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। वे विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खुद से 15 साल छोटे 24 साल के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार गए। सर्बिया के जोकोविच ने पिछला ग्रैंड स्लैम 3 साल पहले 2023 में जीता था। तब वे यूएस ओपन में चैंपियन बने थे। पूरी खबर

पूर्व MLA ने घूंघट में लगाई EO की क्लास:बिन गाय गोशाला वाले 'माननीय विधायक'; पूर्व सरपंच रंगे हाथ पकड़े गए

नमस्कार, पूर्व विधायक ने घूंघट निकालकर नगर पालिका के EO को ढंग से झाड़ दिया। पूर्व सरपंच चोरी करते रंगे हाथों धरा गया और विधायक की बिना गाय वाली गोशाला पर बुलडोजर चल गया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. घूंघट में पूर्व MLA ने लगा दी ‘क्लास’ कान्स फिल्म फेस्टिवल में एक मॉडल घूंघट में रेड कार्पेट पर उतरी थी। उसने घूंघट निकालकर घूंघट का विरोध किया था। कुप्रथा बताया था। गीतकार इंदीवर साहब ने एक खूबसूरत गाना लिखा था- दिल को देखो, चेहरा न देखो, चेहरे ने लाखों को लूटा, दिल सच्चा और चेहरा झूठा। कुछ लोगों का चेहरा बिना घूंघट भी ढका होता है। कुछ चेहरे पर चेहरा लगाकर घूमते हैं। एक चोर ने तो प्रधानमंत्रीजी का चेहरा लगाकर वारदात कर दी। घूंघट, नकाब या हिजाब मान्यताओं के नाम हैं, परंपराओं के नाम हैं, रिवाज के नाम हैं। संविधान ने अपनी परंपराओं को निभाने की आजादी दी है। घूंघट का विरोध करने कान्स पहुंचीं मोहतरमा को पश्चिमी देशों की ‘ब्राइडल वेल’ परंपरा का विरोध भी करना चाहिए था। इसमें दुल्हन सफेद जालीदार घूंघट पहनती है। ताकि उसे किसी की बुरी नजर न लगे। खैर, बात है उदयपुर के वल्लभनगर से विधायक रहीं प्रीति गजेंद्र शक्तावत की। बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने और खुद विधायक रह लेने के बावजूद उन्होंने परंपरा का साथ नहीं छोड़ा है। घूंघट उनकी नजर में अदब का हिस्सा है। उन्हें पता चला कि भिंडर नगर पालिका का EO जनता के काम अटका रहा है। तो वे उसके दफ्तर पहुंचीं और फर्राटेदार अंग्रेजी में लताड़ पिला दी। अधिकारी सकपका गया। अधिकारी को फटकारते वक्त भी पूर्व विधायक घूंघट में थीं। स्वागत हो या फिर विरोध प्रदर्शन, उनका घूंघट कायम रहता है। EO साहब अब बता सकते हैं- क्या घूंघट कमजोरी की निशानी है? 2. कब होंगे पंचायत चुनाव.. कानून मंत्रीजी ने कहा है कि सरकार तो पंचायत चुनाव कराने की मंशा रखती है। सारा काम भी मुकम्मल कर दिया है। अब चुनाव आयोग को फैसला करना है। चुनाव की गेंद इस पाले से उस पाले में उछल रही है। इधर निवर्तमान और पूर्व हो चुके नेताओं के धैर्य की परीक्षा हो रही है। कुछ का जवाब दे गया है। बूंदी के नैनवां में बामनगांव के पूर्व सरपंच साहब टोंक जिले के रायपुरिया गांव में बाइक चुराते रंगे हाथों धरे गए। गांव के लोगों ने पहले तो उन्हें पिलर से बांधकर पीटा। फिर कपड़े उतार कर कैंची से बाल काट डाले। पंचायती के चुनाव वक्त पर हुए होते तो हो सकता है कि वे चुनाव लड़ते। संभव है जीत भी जाते। फिर उन्हें दूर गांव जाकर बाइक चुराने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे पहले कि राजनीति में दम-खम दिखाने की ललक रखने वाले दूसरे क्षेत्रों में जोर-आजमाइश करें, चुनाव हो ही जाने चाहिए। 3. चलते-चलते.. राजनीति में रहते हुए अगर आपने जमीन-जायदाद नहीं बनाई तो खाक राजनीति में रहे। लेकिन हब्बड़-तब्बड़ नहीं होनी चाहिए। भीलवाड़ा के शाहपुरा से विधायक लालारामजी ने कई पीढ़ियों का जुगाड़ सोचा था। इसके लिए उन्हें सबसे मुफीद लगी गाय। गाय की पूंछ पकड़कर वे भव सागर से पार उतरना चाहते थे। इसलिए गो रक्षा आंदोलन चलाया। गाय की रक्षा को देश की रक्षा से जोड़ा। इसके बाद हाईवे किनारे बढ़िया 20 बीघा सरकारी जमीन देखी। गोचर जमीन को वे गोशाला के रूप में देखने लगे। गोशाला के लिए एक संस्था बना ली। संस्था में खुद सचिव बन गए। बड़े बेटे को अध्यक्ष बना दिया। छोटा बेटा कोषाध्यक्ष बन गया। और तमाम रिश्तेदार कुछ न कुछ बन गए। संस्था के जरिए सहकारिता विभाग से उसी जगह गोशाला की जमीन का आवंटन करा लिया। इसके बाद रातों रात तारबंदी कराई, बिजली कनेक्शन ले लिया, टिनशेड का ढांचा खड़ा कर दिया। फाइल कलेक्टर की टेबल पर पहुंची तो आवंटन में कई खामियां मिली। गोशाला में गाय तो एक भी नहीं थी। तीन साल का गोशाला का अनुभव नहीं था। मामला रद्द हो गया। इस बीच पत्रकारों ने पोल खोल दी। जो जमीन आवंटित ही नहीं हुई उस पर बिजली कनेक्शन कैसे मिल गया? आनन-फानन में प्रशासन ने बिजली काटी और फिर ढांचे पर बुलडोजर चला दिया। माननीय ने फेसबुक पर एक पर्चा पोस्ट किया जिसमें लिखा था कि संस्था के सचिव पद से त्यागपत्र देता हूं। सफाई में विधायकजी बोले-संस्था से मेरा लेना-देना नहीं। मैंने तो इस्तीफा दे दिया था। तो माननीय किससे पूछें? बेटा अध्यक्ष है। उसने इस्तीफा मंजूर किया या नहीं? इनपुट सहयोग- मनीष जैन (भीलवाड़ा), मुकेश हिंगड़ (उदयपुर), मुकेश नागर (बूंदी)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।