ब्रेकिंग न्यूज़
राजस्थान के 35-शहरों में रोबोट से होगी सीवरेज की सफाई:VIDEO में देखें 30 फीट अंदर जाकर कैसे निकालेगा गंदगी; जहरीली गैस होने पर देगा अलर्ट

राजस्थान के कई शहरों में अब सीवरेज चैंबर की सफाई रोबोट से की जा रही है। चैंबर की सफाई के लिए अब न तो किसी कर्मचारी को गंदगी में उतरने की जरूरत पड़ रही है। न ही जिंदगी दांव लगाने की जरूरत पड़ेगी। ये अकेला रोबोट पांच से 6 लोगों का काम कर लेता है। महज 30 से 40 मिनट में पूरे सीवरेज चैंबर की सफाई हो जाती है। खास बात ये है कि इस रोबोट में लगे कैमरे पूरे सीवरेज की लाइव स्ट्रीम स्क्रीन पर बताते रहते हैं। इतना ही नहीं सीवरेज चैंबर में कौनसी जहरीली गैस कितनी मात्रा में है, ये तक बता रहा है। जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट से राजस्थान में 35 से ज्यादा शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। वहीं जोधपुर, भीलवाड़ा में इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट का ट्रायल चल रहा है। राजधानी जयपुर में 3 मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले देखें कैसे काम करता है यह रोबोट अब पढ़ें कैसे काम करता है ये ‘बैंडीकूट’ रोबोट चार कैमरे लगे, सीवरेज चैंबर में 30 फीट तक सफाई इस ‘बैंडीकूट’ रोबोट में चार कैमरे लगे हैं, जो पूरे सीवरेज चैंबर की लाइव स्ट्रीमिंग बाहर लगे मॉनिटर पर दिखाते हैं। साथ ही इसमें एआई बेस्ड लेग और हैंड भी लगे हैं। जो मशीन को खड़ा करने और इसकी सफाई के लिए काम में आते हैं। इनमें एक HD कैमरा ऊपर की तरफ लगा है, जो पूरे सीवरेज चैंबर की फुटेज दिखाता है। वहीं तीन कैमरे नीचे की तरफ लगे हैं। जब रोबोट सीवरेज में उतरता है तो इन कैमरों से सारी लाइव फुटेज बाहर मॉनिटर पर ऑपरेटर को दिखती है। ये रोबोट करीब 30 फीट तक सीवरेज चैंबर में उतर जाता है। इसके AI बेस्ड हैंड सीवरेज के चारों तरफ चार से पांच फीट के कचरे को साफ कर देते हैं। 25 किलो तक वेस्ट बाहर ला सकता सीवरेज में रोबोट अंदर जाता है। इसके बाद स्क्रीन पर सीवरेज का पूरा कचरा और गंदगी दिखाता है। ऑपरेटर पैनल की मदद से उस कचरे को एकत्र करते हैं। रोबोट में ही एक बकैट लगी है, जो इस कचरे को उठाती है। रोबोट की मदद से महज 20 से 25 मिनट में सीवरेज की सफाई की जाती है। इससे नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर तक बाहर निकाले जा सकते हैं। कैमरे में लगे सेंसर, जहरीली गैस की देते जानकारी सीवरेज चैंबर में सफाई के दौरान सबसे बड़ा खतरा जहरीली गैस का रहता है। सीवरेज में सफाई करते हुए इन जहरीली गैस से कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इस रोबोट की खास बात यह है कि सीवरेज चैंबर में कौनसी गैस किस मात्रा में है, ये भी बता देता है। कैमरों के पास सेंसर लगे हैं, जो इन जहरीली गैस को डिटेक्ट कर लेते हैं। सीवरेज से निकला कचरा ऑटोमैटिक डस्टबिन में डाला जाता इस रोबोट को ऑपरेट करने के लिए इसमें एक कम्प्रेशर और जनरेटर लगा है। इस रोबोट के साथ-साथ प्रेशर जेटिंग सिस्टम भी लगा है, जो मेन होल को साफ करने का काम करती है। खास बात ये है कि जब रोबोट बाहर कचरा लेकर आता है तो किसी कर्मचारी को इसे हाथ लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें डस्टबिन लगा है, जो ऑटोमैटिक काम करता है। बटन के ए​क क्लिक पर डस्टबिन रोबोट के नीचे आता है। उसमें सारा कचरा डाल दिया जाता है। राजस्थान के इन शहरों में रोबोट करेगा सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में ये पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश के बड़े और छोटे 35 से ज्यादा शहरों में रोबोट से सीवरेज चैंबर की सफाई होगी। इनमें जयपुर में तीन रोबोट हैं। वहीं पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, बड़ी सादड़ी, सूरतगढ़, करौली, भीलवाड़ा, सुमेरपुर, राजसमंद, फतेहनगर, चिड़ावा, नवलगढ़, कुशलगढ़ और नाथद्वारा जैसे शहरों में भी सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए इस रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि देश के 21 राज्यों में ये प्रोजेक्ट चल रहा है। ग्राफिक्स से समझें: कैसे नाम पड़ा, सफाईकर्मियों को कैसे होगा फायदा जोधपुर में चल रहा ट्रायल, 20 मिनट में रोबोट ने की सफाई जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी के अनुसार- जोधपुर में अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस रोबोट का ट्रायल चल रहा है। जोधपुर नगर निगम की ओर से हाल ही जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी का बैंडीकूट रोबोट खरीदा गया है। दैनिक भास्कर ने रोबोट की सफाई का प्रोसेस जाना। शहर के किंग हॉस्पिटल के पास शुक्रवार को सीवरेज चैंबर की सफाई चल रही थी। रोबोट पहले नाले में पड़े भारी-भरकम पत्थर बाहर निकाल कर लाता है। वहीं दूसरी बार रोबोट को अंदर उतारा तो चैंबर से बड़ी मात्रा में कचरा निकालकर लाया। एक बार में ये 25 किलो तक वेस्ट उठाकर बाहर लाया। वहीं इस दौरान मशीन की मॉनिटर पर सीवरेज में मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड और स्मोक जैसी जहरीली गैस की जानकारी भी दी।
यह खबर भी पढ़ें… जहरीली गैस से दम घुटने के कारण 2 की मौत:जयपुर में सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे, सांस नहीं आने पर चिल्लाने लगे थे जयपुर में अप्रैल 2026 को सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान 2 मजदूरों का जहरीली गैस से दम घुटने लगा, तो दोनों चिल्लाने लगे। (पूरी खबर पढ़ें)

हिरण शिकार के तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग पुलिस संरक्षण में:पद्चिन्ह, खून धब्बों ने खोला वन्यजीव शिकार का राज, गैंग पकड़ने के आश्वासन पर मानें

बालोतरा में कुछ लोगों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दो चिंकारों का शिकार कर दिया। शिकार करने के लिए उन्होंने तेज रोशनी वाली फॉक्स लाइट और लाठियों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान टीम को मौके पर खून के धब्बे और पैरों के निशान मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर वन विभाग आरोपियों तक पहुंचा। शनिवार को कार्रवाई करते हुए विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। इसी दौरान कुछ वन्यजीव प्रेमियों को इसकी भनक लग गई। उन्होंने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन खुद को पकड़ा जाता देख शिकारी वहां से भागने लगे। वन्यजीव प्रेमियों ने उनका करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया। भागते-भागते आरोपी अपने घर पहुंच गए, लेकिन जल्दीबाजी में घर के बाहर चारपाई के पास मरे हुए चिंकारे और शिकार में इस्तेमाल किया गया सामान छोड़कर फरार हो गए। घटना धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भलीसर तेजे की ढाणी गांव में हुई। मामले की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टॉर्च की रोशनी देखकर हुआ था शक दरअसल, गुरुवार रात करीब 12 बजे ग्रामीणों ने सुनसान इलाके में टॉर्च की तेज रोशनी देखी, जिससे उन्हें शक हुआ। मौके पर पहुंचने पर खून के निशान मिले। सूचना मिलने पर वन्यजीव प्रेमी भी वहां पहुंचे और करीब दो किलोमीटर तक पदचिन्हों का पीछा शुरू किया। कुछ ही देर में यह निशान आरोपियों के घर तक पहुंच गए, जहां दो मृत चिंकारा बरामद हुए। उस समय आरोपी घर के बाहर खाट बिछाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद मामले की जानकारी वन विभाग और प्रशासन को दी गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग संरक्षण में क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रीमरा विश्नोई ने बताया कि गणपतराम, रूगनाथराम और देवाराम को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और शिकार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ———————————————————————– इससे जुड़ी खबर पढ़े….. बालोतरा में लाठियों से दो चिंकारा की हत्या:ग्रामीणों ने 2KM किया पीछा, घर के आगे फेंककर भागे; तीन युवक डिटेन, धरने पर बैठे लोग
बालोतरा में फॉक्स लाइट और लाठियों से दो चिंकारों (हिरणों) की हत्या कर दी गई। वन्यजीव प्रेमियों को भनक लगने पर शिकारी मौके से भाग निकले। (पूरी खबर पढ़े)

जयपुर में नाबालिग से रेप, दो महीने की प्रेग्नेंट:मिलने के बहाने बुलाकर किडनैप कर ले गया दोस्त, ढाई महीने पहले हो गई थी लापता

जयपुर में एक दोस्त के नाबालिग लड़की से रेप करने का मामला सामने आया है। मिलने के बहाने बुलाकर नाबालिग दोस्त उसका किडनैप कर ले गया। बंधक बनाकर देहशोषण से नाबालिग दो महीने की प्रेग्नेंट हो गई। पुलिस ने किडनैप नाबालिग को ढूंढ़कर पोक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज कर आरोपी नाबालिग दोस्त को पकड़ लिया। ढाई महीने पहले हो गई लापता पुलिस ने बताया- जयपुर की रहने वाली 16 साल की लड़की करीब ढाई महीने पहले घर से लापता हो गई थी। परिजनों की ओर से नाबालिग बेटी की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं। उसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। नाबालिग दो महीने की प्रेग्नेंट पुलिस की ओर से किडनैपिंग का मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार को नाबालिग लड़की को ढूंढ निकाला। नाबालिग पीड़ित के बयान दर्ज कर मेडिकल करवाने पर वह दो महीने की प्रेग्नेंट निकली। बहला-फुसलाकर ले गया पुलिस जांच में सामने आया कि उसका नाबालिग दोस्त उसको बहला-फुसलाकर किडनैप कर ले गया था। राजस्थान से बाहर ले जाकर उसको बंधक बनाकर देहशोषण किया। प्रेंग्नेंट होने का पता चलने पर वह उसे लेकर वापस आ गया। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर आरोपी नाबालिग दोस्त को भी पकड़ लिया।

जनसंख्या नियंत्रण और जनजागरूकता को लेकर निकाली रैली:हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, सीएमएचओ बोले- बच्चों में सही अंतराल से परिवार बनेगा खुशहाल

जैसलमेर में शनिवार को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जनसंख्या नियंत्रण और समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। आशा सहयोगिनियों और एएनएम (ANM) ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित की गई। इसकी शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने की। उन्होंने स्वास्थ्य भवन (सीएमएचओ कार्यालय) से हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। रैली के माध्यम से शहर के नए और योग्य जोड़ों को छोटा परिवार रखने, बच्चों के जन्म में सही समय का अंतर रखने और बढ़ती आबादी को रोकने के फायदों के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी गई। मुख्य मार्गों से निकली जागरूकता रैली जागरूकता रैली शहर के व्यस्त इलाकों से होकर गुजरी, जिसमें डेडानसर रोड, अचलवंशी कॉलोनी, गीता आश्रम और हनुमान चौराहा शामिल रहे। इन सभी मुख्य रास्तों से होते हुए रैली अंत में श्री जवाहिर अस्पताल परिसर पहुंची, जहां यह एक सभा के रूप में संपन्न हुई। रैली के दौरान सभी प्रतिभागी अपने हाथों में सुंदर और रंग-बिरंगी तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर समाज को सोचने पर मजबूर करने वाले नारे लिखे हुए थे। रास्ते भर लोगों को इन नारों के जरिए छोटे परिवार का महत्व समझाया गया। परिवार नियोजन उपायों का प्रसार करें इस अवसर पर बोलते हुए सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने कहा- जनसंख्या का तेजी से बढ़ना आज पूरे देश के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बढ़ती आबादी के कारण बुनियादी सुविधाएं और साधन लगातार कम होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया- जिला मुख्यालय पर रैली निकालने के साथ-साथ जिले के सभी ब्लॉकों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (BCMO) और अस्पतालों के डॉक्टरों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। वे सभी अपने-अपने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर परिवार नियोजन और जनसंख्या रोकने के उपायों का जोर-शोर से प्रचार करें, ताकि जिले के हर गांव और हर घर तक यह बात आसानी से पहुंच सके और लोग जागरूक हो सकें। ये मौजूद रहे इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा सहयोग रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से यूएनएफपीए (UNFPA) के जिला समन्वयक उमेश आचार्य, परम सुख सैनी, गोल्डी व्यास, अरविंद शुक्ला मौजूद थे। साथ ही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के प्रभारी लोकेश कुमार, सेंटर की वार्डन पूजा, दिनेश कुमार, हीरालाल, धर्मेंद्र सिंह, बाबूगिरी और चिकित्सा विभाग के कई अन्य कर्मचारी भी इस रैली में शामिल रहे और लोगों को छोटे परिवार की अहमियत बताई।

हुकमसिंह रोहट, कूपसिंह सोजत, मोहनलाल होंगे सुमेरपुर के तहसीलदार:प्रदेश भर में 552 तहसीलदारों के ट्रांसफर

राजस्व मंडल राजस्थान अजमेर की ओर से एक लिस्ट जारी की गई। जिसमें 552 तहसीलदारों के ट्रांसफर किए गए। इसके तहत पाली जिले में भी कई तहसीलदार बदले हैं। भागीरथ चौधरी तहसीलदार पीसांगन (अजमेर) का मारवाड़ जंक्शन तहसीलदार पद पर ट्रांसफर किया गया। इस तरह छगनलाल सैन तहसीलदार जिला कलेक्टर ऑफिस पाली का तहसीलदार PWD जोधपुर मुख्यालय, दिलीप सिंह नायब तहसीलदार सोजत से तहसीलदार पीपाड़ शहर (जोधपुर), हुकुम सिंह सिसोदिया तहसीलदार बालेसर (जोधपुर) का तहसीलदार रोहट (पाली), जितेंद्रसिंह राठौड़ तहसीलदार बाली का तहसीलदार उप पंजीयन बाली, कूपसिंह को तहसीलदार सोजत (पाली), महावीरप्रसाद सिलु तहसीलदार लीव रिजर्व तहसील पाली से तहसीलदार डीडवाना कुचामन, मोहनलाल तहसीलदार जुरहरा (डीग) से तहसीलदार सुमेरपुर (पाली), शिवजीराम बावरी तहसीलदार मारवाड़ जंक्शन से उप पंजीयन पाली प्रथम, सूरजपालसिंह तहसीलदार तिवरी से तहसीलदार बाली (पाली), अम्बाराम बोसिया को तहसीलदार रानी (पाली), भंवरसिंह झाला तहसीलदार भू-अभिलेख पाली लगाया गया है।

गांधी सागर बांध से पहली बार सिंचाई का पानी जारी:कोटा-बूंदी के किसानों को राहत, लोकसभा अध्यक्ष बिरला की पहल पर निर्णय

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर गांधी सागर बांध से पहली बार कोटा-बूंदी क्षेत्र के किसानों के लिए सीधे सिंचाई का पानी छोड़ा गया है। शुक्रवार शाम से नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू होने से बूंदी और केशवरायपाटन क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे सूखती फसलों को समय पर पानी मिल सकेगा। इससे पहले गुरुवार को किसानों ने कोटा स्थित बिरला के कार्यालय में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने नहरी पानी की कमी के कारण खरीफ की फसलों के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, बिरला ने तत्काल राजस्थान के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से गांधी सागर बांध से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बिरला के प्रयासों के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश सरकार ने गांधी सागर बांध से सीधे कोटा-बूंदी क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का पानी छोड़ने का निर्णय लिया। यह पहली बार है जब इस बांध से सीधे इन क्षेत्रों के लिए पानी जारी किया गया है, जिससे सिंचाई की समस्या दूर हुई है। नहरों में पानी पहुंचने की सूचना मिलते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल से हजारों किसानों को सीधा लाभ होगा और उनकी फसलें सुरक्षित रहेंगी। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि अन्नदाता की हर समस्या का समय पर समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समृद्धि के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया।

इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही:चांदी ₹13,468 गिरकर ₹2.20 लाख किलो पर आई, 10 ग्राम सोना ₹2,976 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,976 रुपए गिरकर 1.43 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 4 जुलाई को 1.46 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.34 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.20 लाख रुपए पर आ गई है, इसकी कीमत 13,468 रुपए कम हुई। इससे पहले बीते महीने यानी जून में सोना-चांदी में गिरावट रही थी। बीते महीने सोना 15 हजार और चांदी 38 हजार रुपए सस्ती हुई थी। चांदी इस साल 1.66 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 33 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 163 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षाकर्मी अभी नहीं होंगे रिलीव:31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक तबादला पाए कार्मिक भी रुकेंगे

टोंक समेत प्रदेशभर में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) के तहत चल रहे ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सर्वे में नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी संयुक्त निदेशक, सभी संभाग और सभी जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि ओबीसी सर्वे में लगे शिक्षा विभाग के कार्मिकों को वर्तमान में कार्यमुक्त नहीं किया जाए। नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगी है ड्यूटी राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग) की ओर से करवाए जा रहे सर्वे में शिक्षा विभाग के कार्मिकों को नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक के रूप में लगाया गया है। ऐसे में उनके कार्यमुक्त होने से सर्वे कार्य प्रभावित हो सकता है। हाल ही में हुए हैं शिक्षा विभाग में तबादले ज्ञात रहे कि प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेश के बाद शिक्षा विभाग को 3 जुलाई को स्थानान्तरण में शिथिलता दी गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के सैकड़ों अधिकारियों और कार्मिकों के तबादला आदेश जारी किए गए। इनमें कई ऐसे कार्मिक भी शामिल हैं जिनकी ड्यूटी वर्तमान में ओबीसी सर्वे में लगी हुई है। 31 जुलाई या सर्वे पूरा होने तक नहीं होगी कार्यमुक्ति इसको लेकर निदेशक सीताराम जाट ने शुक्रवार शाम को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओबीसी सर्वे कार्य में लगे कार्मिकों को सर्वे पूरा होने तक या 31 जुलाई 2026 तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाए और आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाए। शिक्षक संघ ने आदेश का किया स्वागत शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है और जो वर्तमान में ओबीसी सर्वे में नियुक्त हैं, उन्हें निदेशक के आदेशानुसार सर्वे कार्य पूरा होने अथवा 31 जुलाई तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जिससे सर्वे का काम तय समय में पूरा हो सके।

ट्रक की टक्कर से बाइक सवार 2 दोस्तों की मौत:थोड़ी देर पहले ही ली थी सेल्फी, कोटा-उदयपुर नेशनल हाईवे पर हादसा

बाइक से घूमने निकले 3 दोस्तों को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना 10 जुलाई (शुक्रवार) की रात करीब 11:30 बजे कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर हाईवे (NH-27) पर धाकड़खेड़ी के पास हुई। मृतकों में अभिषेक (19) और मोनू (20) शामिल हैं। दोनों उम्मेदगंज (थाना उद्योगनगर) के रहने वाले थे। तीसरा दोस्त कालू (21) गंभीर रूप से घायल है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। हादसे से चंद मिनट पहले ली थी आखिरी सेल्फी अभिषेक के दोस्त दुर्गा शंकर ने बताया- अभिषेक, मोनू और कालू रात को बाइक से रायपुरा से जगपुरा फोरलेन की तरफ घूमने निकले थे। तीनों दोस्त कैथून रोड फ्लाईओवर पर चढ़ने के बाद झालावाड़ रोड की ओर (कोटा-उदयपुर हाईवे) करीब 500 मीटर ही आगे बढ़े थे। तभी तीनों ने बाइक रोकी। हादसे से कुछ समय पहले ही अभिषेक और मोनू ने मोबाइल से एक सेल्फी ली थी। उस समय घायल कालू पास ही पानी पीने चला गया था। सेल्फी लेने के कुछ ही देर बाद जैसे ही वे आगे बढ़े, पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी बाइक को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों दोस्त सड़क किनारे दूर जा गिरे। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हादसे के बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने तीनों युवकों को लहूलुहान हालत में देखा। ग्रामीणों ने तीनों के परिजनों को सूचना दी और एम्बुलेंस की मदद से हॉस्पिटल पहुंचाया। अभिषेक और मोनू के सिर और हाथ-पैरों में इतनी गंभीर चोटें आई थीं कि उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। मौके पर मिले ट्रक के टायरों के निशान उद्योगनगर थाना एएसआई (ASI) सायर सिंह ने बताया- रात करीब साढ़े 11 बजे कंट्रोल रूम से हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो फोरलेन पुलिया पर तीन युवक अचेत पड़े थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मारी है। मौके पर ट्रक के टायर के घसीटने के निशान भी मिले हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों घरों के चिराग बुझे मोनू (मृतक) के चाचा सुरेंद्र भील ने बताया कि तीनों दोस्त एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। शुक्रवार रात को उनके एक दोस्त ने फोन कर उन्हें जगपुरा बुलाया था। मोनू रात करीब 9 बजे घर से निकला था। मोनू दो भाइयों में बड़ा था। महज 6 महीने पहले ही उसकी मां की मौत हुई थी, जबकि उसके पिता लंबे समय से बीमार रहते हैं। अभिषेक (मृतक) के बड़े भाई रवि ने बताया- अभिषेक भी रात 9 बजे घर से निकला था, लेकिन उन्हें हादसे की खबर रात 2 बजे मिली। अभिषेक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। — यह खबर भी पढ़िए… शादी के 2 महीने बाद विवाहिता की मौत:पति के साथ सांवलियाजी जा रही थी, बाइक अनबैलेंस हुई, सिर के बल गिरी कोटा से सांवलियाजी दर्शन के लिए जा रहे बाइक सवार पति-पत्नी की बाइक अनियंत्रित हो गई। इससे महिला सड़क पर सिर के बल गिर गई। घायल महिला को कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह हादसा कोटा-उदयपुर हाईवे पर हुआ। महिला भगवती (26) कोटा के रोजड़ी की रहने वाली थी। (पूरी खबर पढ़ें)

निर्माणाधीन मकान के टैंक में मिला मजदूर का शव:घर नहीं लौटा तो परिजन तलाश करते हुए पहुंचे, घर वालों को हत्या की आशंका

अजमेर शहर के कृष्णगंज थाना क्षेत्र स्थित बलदेव नगर में शनिवार को एक निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में 28 साल के मजदूर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। वह रोजाना की तरह काम पर निकला था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश में निर्माणाधीन मकान पहुंचे। कमरे में मोबाइल मिलने के बाद जब टैंक का ढक्कन खोलकर देखा गया तो अंदर उसका शव पड़ा मिला। घटना की सूचना पर कृष्णगंज थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने हत्या कर शव टैंक में फेंकने की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गोविंद (28) पुत्र श्रवण सिंह रावत, निवासी किशनपुरा (जवाजा) के रूप में हुई है। गोविंद पिछले कुछ समय से बलदेव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहा था। फोन बजता रहा, लेकिन किसी ने नहीं उठाया मृतक के रिश्तेदार रेवत सिंह ने बताया कि गोविंद शनिवार सुबह हमेशा की तरह काम पर गया था। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर उसकी पत्नी ने कई बार फोन किया। घंटी बजने के बावजूद उसने कॉल रिसीव नहीं की। इससे परिवार को चिंता हुई और परिजन उसकी तलाश में निकल पड़े। परिजन सबसे पहले उसी निर्माणाधीन मकान पहुंचे, जहां गोविंद काम कर रहा था। कमरे की तलाशी लेने पर उसका मोबाइल अंदर मिला। इसके बाद रिश्ते में लगने वाले एक भाई ने शक होने पर पानी के टैंक का ढक्कन खोला तो अंदर गोविंद का शव पड़ा मिला। यह देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों को हत्या की आशंका परिजनों का आरोप है कि गोविंद की हत्या कर उसके शव को टैंक में डाला गया है। उनका कहना है कि शव मिलने के समय उसकी नाक से खून निकल रहा था, जिससे उन्हें घटना संदिग्ध लग रही है। परिवार ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस बोली- हर पहलू से जांच जारी कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंद चारण ने बताया कि बलदेव नगर स्थित निर्माणाधीन मकान के टैंक में मजदूर का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को टैंक से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।