सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत जुलाई में ही अगस्त और सितंबर का गेहूं भी वितरित करने के मुख्यालय के आदेश ने जिले की राशन व्यवस्था को असमंजस में डाल दिया है। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 58,463 राशन कार्डों से जुड़े 2 लाख 34 हजार 288 लाभार्थी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 2 जुलाई को आदेश जारी कर अगस्त और सितंबर के लिए आवंटित गेहूं का वितरण जुलाई के वितरण के साथ-साथ करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पोस मशीन और ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। जिले की अधिकांश उचित मूल्य दुकानों को अभी तक केवल जुलाई का ही गेहूं आवंटित हुआ है। दूसरी ओर पोस मशीन में अगस्त व सितंबर का वितरण करने का विकल्प भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में लाभार्थी तीन माह का राशन लेने दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन दुकानदारों के पास अतिरिक्त स्टॉक नहीं होने से उन्हें सिर्फ जुलाई का गेहूं ही दिया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि रोजाना राशन दुकानों पर उपभोक्ताओं और डीलरों के बीच बहस और नोकझोंक हो रही है। विभाग ने 2 जुलाई को जारी आदेश में पहले जारी किए गए 11 जून के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अगस्त और सितंबर के लिए आवंटित गेहूं का वितरण जुलाई के साथ ही किया जाए, ताकि समय पर उठाव और वितरण पूरा हो सके। आदेश में सभी जिलों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पोस मशीन में आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए थे। मशीन में विकल्प, लेकिन गोदाम खाली : राशन डीलरों का कहना है कि विभाग ने तकनीकी व्यवस्था तो पहले ही कर दी। पोस मशीन में अगस्त और सितंबर का विकल्प खुल गया है, लेकिन गोदाम से केवल जुलाई का गेहूं ही मिला है। ऐसे में मशीन में विकल्प दिखाई देने के बावजूद वितरण संभव नहीं है। डीलरों के अनुसार, जैसे ही उपभोक्ता अंगूठा लगाते हैं, मशीन में तीनों माह का विकल्प दिखाई देता है। इससे लाभार्थियों को लगता है कि तीन माह का राशन उपलब्ध है। जब दुकानदार उन्हें बताते हैं कि अतिरिक्त स्टॉक नहीं आया है तो कई लोग इसे बहाना समझते हैं और विवाद की स्थिति बन जाती है। उचित मूल्य दुकान संचालकों का कहना है कि विभाग के आदेश का पालन करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बिना आवंटन के तीन माह का वितरण कैसे किया जाए। उनका कहना है कि यदि गोदाम से जुलाई, अगस्त और सितंबर तीनों माह का स्टॉक एक साथ मिलता तो उसी दिन से तीन माह का गेहूं वितरित कर दिया जाता। फिलहाल उनके पास केवल जुलाई का स्टॉक है। डीलरों का कहना है कि अतिरिक्त आवंटन कब मिलेगा, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। लाभार्थी रोज सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन दुकानदारों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। शहरी क्षेत्र में 20,708 राशन कार्ड व 88,333 लाभार्थी। ग्रामीण क्षेत्र 37 हजार 755 राशन कार्ड, 1 लाख 45 हजार 955 लाभार्थी। कुल राशन कार्ड 58 हजार 463, कुल लाभार्थी 2 लाख 34 हजार 288 है। वहीं जुलाई माह गेहूं आवंटन शहरी क्षेत्र के लिए 4 लाख 39 हजार 950 किलोग्राम व ग्रामीण क्षेत्र के लिए 7 लाख 34 हजार 550 किलोग्राम सहित कुल आवंटन 11,74,500 किलोग्राम (11.74 लाख किलो) हुआ है।