अमेरिकी हमले में मृत आदित्य के परिजन CM से मिले:पिता बोले-बच्चों की हत्या की जांच नहीं दबा दी गई, केंद्र से मामला उठाया जाए
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले हमीरपुर के आदित्य शर्मा (23) के परिजनों ने सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर मामले में न्याय दिलाने की मांग की। आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उनके बेटे की असामयिक मौत का मामला केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाए, क्योंकि अब तक इस मामले में केंद्र स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि वह इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे, ताकि परिवार को न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आदित्य शर्मा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। इस दौरान आदित्य की माता सुषमा शर्मा भी मौजूद रहीं। ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर डेक कैडेट के रूप में तैनात थे आदित्य आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत हड़ेटा के गांव भालू के रहने वाले थे। वह तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर डेक कैडेट के रूप में तैनात थे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए हमले के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे दो अन्य समेत आदित्य शर्मा की भी मौत हो गई थी। हालांकि जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से अधिकांश को सुरक्षित बचा लिया गया था इकलौती संतान थे आदित्य आदित्य अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उन्होंने जालंधर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग और मर्चेंट नेवी का प्रशिक्षण लिया था। 24 नवंबर 2025 को वह मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे और प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही इस जहाज पर तैनात थे। परिजनों ने कंपनी पर लगाए थे उत्पीड़न के आरोप परिजनों का दावा है कि आदित्य ने कुछ समय पहले जहाज पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न की शिकायत की थी और वह अप्रैल में जहाज छोड़ना चाहते थे। परिवार का कहना है कि उनके पास इससे जुड़ी बातचीत का रिकॉर्ड भी मौजूद है। अब परिवार चाहता है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे पहले भी मुख्यमंत्री सुक्खू ने आदित्य के निधन पर गहरा शोक जताते हुए परिजनों से फोन पर बात की थी और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था। अब परिवार की सीधी मुलाकात के बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है।

