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शहादत की रात पाली में गूंजा 'या हुसैन':अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब दिखाए, आज शहर में निकलेगा ताजिया का जुलूस

पाली में मोहर्रम की शहादत की रात गुरुवार को पाली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। शहर के भैरूघाट, पिंजारों का बास और केरिया दरवाजा क्षेत्र में पूरी रात धार्मिक आयोजन और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में लोग देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सीओ सिटी ऊषा यादव के नेतृत्व में भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। शुक्रवार को शहर में ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा। लौटनी की रस्म के साथ इबादत में गुजरी रात मुस्लिम समाज के प्रवक्ता शकील अहमद नागौरी ने बताया कि शहादत की रात हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में दी गई कुर्बानी को याद करने का दिन होता है। इस अवसर पर लौटनी की रस्म अदा की गई। फूल-मालाएं और नोटों के सेहरे चढ़ाए गए तथा चूरमा, मिठाई सहित शिरणी वितरित की गई। मुस्लिम समाज के सदर हकीम भाई और हसन भाटी ने बताया कि समाज के लोगों ने रोजा रखकर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। शहर की मस्जिदों में नमाज अदा की गई, तिलावत-ए-कुरआन हुई, जंगनामा पढ़ा गया और तकरीर व बयान के माध्यम से ईसाले सवाब किया गया। जगह-जगह शरबत, छबील, खीर, हलीम और पुलाव का वितरण भी किया गया। पारंपरिक मार्गों से निकले मोहर्रम, देर रात तक चला आयोजन केरिया दरवाजा से हाजी मोहम्मद उमर लोहार के नेतृत्व में पीठ का मोहर्रम निकला, जो बादशाह का झंडा, जूना हवाला और नाड़ी मोहल्ला होते हुए मिलाद चौक पहुंचा। रुई कटला से मोहम्मद शाहिद पीनू के नेतृत्व में चूड़ीगरों का मोहर्रम प्यारा चौक और रंगणिया मोहल्ला होते हुए अपने मुकाम पहुंचा। पलटन का मोहर्रम मोहम्मद इल्यास कुरैशी के नेतृत्व में जंगीवाड़ा चौक से निकला, जबकि खरादियों का मोहर्रम मोहम्मद इकबाल खेरादी के नेतृत्व में कादरिया चौक से पारंपरिक मार्गों से होकर वापस अपने स्थान पहुंचा। जूनी पाली का मोहर्रम मोहम्मद सलीम पिंजारा के नेतृत्व में जेसी ब्रदर्स भैरूघाट से सोमनाथ लोहारों की हथाई और प्यारा चौक होते हुए वापस अपने मुकाम पहुंचा। अखाड़ों के युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब शहर के सभी अखाड़ों में उस्तादों के नेतृत्व में युवाओं ने ढांड पट्टा, बाजी, आग की बन्नतियां, शमशीर और ढाल के साथ रोमांचक करतबों का प्रदर्शन किया। करतबों के दौरान ‘अली का लश्कर या इमाम हुसैन’, ‘अली की हैदरी, या अली’ और ‘शाबाश तुम्हारे उस्ताद को’ जैसे जोशीले नारों से माहौल गूंज उठा। मोहर्रम कमेटी ने संभाली व्यवस्थाएं मोहर्रम के आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए शहर अखाड़ा कमेटी के सरपरस्त सलीम मिस्कीन, अध्यक्ष इंसाफ सोलंकी, सचिव हाजी इंसाफ मोयल, फैयाज बुखारी, फारूक रंगीला और नजीर सिंधी सहित मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यवस्थाएं संभालीं। पहचान के लिए विशेष बैज पहनकर स्वयंसेवक पूरी रात जुलूस और आयोजनों के संचालन में जुटे रहे।

रणथंभौर नेशनल पार्क में युवक का शव मिला:पेड़ पर फंदे से लटका था, मोबाइल से हुई पहचान; बिहार का रहने वाला था

सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जसदेर तालाब के आगोर की जमीन पर अतिक्रमण का मामला:20 में से सिर्फ 8 बीघा जमीन से हटाए कब्जे,दूसरे दिन कार्रवाई नहीं

शहर के बाड़मेर ग्रामीण ग्राम पंचायत क्षेत्र के जसदेर तालाब के आगोर में प्रशासनिक लापरवाही के कारण सरकारी जमीन पर दुबारा अतिक्रमण शुरू हो गया है। खसरा संख्या 2546/1211 की 20 बीघा आगोर भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंचा दस्ता महज 8 बीघा जमीन खाली कराकर लौट गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमी महिला ने हाथों में पेट्रोल की बोतलें लेकर टीम का कड़ा विरोध किया। मौके पर काफी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद इस उग्र विरोध के आगे अतिक्रमण दस्ता बेअसर साबित हुआ। टीम ने विरोध बढ़ता देख कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वासन दिया था कि वे गुरुवार को दुबारा आकर बची हुई जमीन से अतिक्रमण हटाएंगे। लेकिन गुरुवार देर शाम तक न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही अतिक्रमण दस्ता। 72 भूमिहीन परिवार कतार में, जमीन आवंटित नहीं की अतिक्रमियों ने मौके पर दुबारा कब्जा करना शुरू कर दिया है। एक तरफ दबंगों द्वारा आगोर की जमीन पर कब्जे किए जा रहे हैं, बाड़मेर ग्रामीण ग्राम पंचायत के 72 भूमिहीन परिवार पुनर्वास के इंतजार में हैं। सरपंच ने परिवारों को बसाने के लिए प्रशासन से 10 बीघा जमीन आवंटित करने की मांग की थी। इन 72 परिवारों की फाइलें तैयार है, लेकिन लंबे समय से दफ्तरों में धूल फांक रही हैं।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा:1048 का 15 रुट के लिए चयन, यात्रा कार्यक्रम सितंबर से

गुरुवार को कलेक्ट्रेट में देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना की ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। इस मौके पर 1048 यात्रियों का चयन रेल से यात्रा के लिए हुआ। इसके अलावा 128 का सिलेक्शन हवाई यात्रा के लिए किया गया। इसके अलावा 1176 की प्रतीक्षा सूची भी जारी की गई है। योजना में जिले से 2446 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 15 रेल और एक हवाई मार्ग यात्रा शामिल है। सबसे अधिक वरीयता लोगों ने रामेश्वरम और तिरुपति बालाजी रूट को दी है। सहायक आयुक्त देवस्थान मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि चयनित सभी वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा की सूचना व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। साथ ही यात्रा से संबंधित पूरी जानकारी देवस्थान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी। जिला परिषद की सीईओ मृदुल सिंह, एसी देवस्थान मुकेश कुमार मीणा सहित पर्यटन विभाग आदि के अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। इस योजना में 50 हजार को रेल मार्ग से तथा 6 हजार वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। सबसे अधिक चाह रामेश्वर और तिरुपति की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में पहली यात्रा सितंबर माह में जाने की संभावना है। चूंकि यात्रियों ने प्रथम वरीयता रामेश्वरम को दी है। इसलिए रामेश्वरम-मदुरै रूट पर ट्रेन भेजी जाएगी। अधिकांश यात्रियों को दीपावली से पहले यात्रा कराने का प्लान है।

विकसित पंचायत की कहानी:कभी अरंडी की झाड़ियां थीं पहचान, अब बगीचों से महकता है गांव नगला अंडडुआ, यहां के अमरूद-बेर की कई राज्यों में होते हैं निर्यात

बयाना पंचायत समिति की सीदपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाला नगला अंडडुआ गांव कभी अरंडी के पेड़ों की बहुतायत के कारण अपनी पहचान रखता था। इसका नाम भी इसी के कारण नगला अंडडुआ पड़ा। यह गांव गंभीर नदी के किनारे बसा हुआ है, ऐसे में रेतीली मिट्टी अरंडी के लिए उपयुक्त थी, लेकिन समय बदला, किसानों की सोच बदली और अब यही गांव बागवानी की बदौलत पूरे क्षेत्र में “बगीचों के गांव” के रूप में जाना जाता है। करीब 5 हजार आबादी और लगभग 70 प्रतिशत साक्षरता वाले इस गांव में आज करीब 800 बीघा भूमि पर बागवानी की जा रही है। गांव के खेतों में नींबू, बेर, अमरूद, करौंदा, चीकू, मौसमी और मिर्च की फसलें लहलहा रही हैं। यहां उत्पादित अमरूद और बेर की मांग स्थानीय बाजारों के साथ-साथ दिल्ली, मथुरा और आगरा की मंडियों तक है। बागवानी को बढ़ावा देने में लुपिन संस्था की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था ने गांव को बागवानी गांव घोषित कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। सरकारी संरक्षण की दरकार गांव के किसान बताते हैं कि बागवानी में किसानों के रुझान को देखते हुए इसे अब सरकारी मदद और संरक्षण की जरूरत है। सरकारी स्तर पर बागवानी के लिए किसानों को प्रोत्साहित और आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। इसके साथियों उन्हें बागवानी की नई तकनीक से भी अपडेट करना चाहिए। ग्राम पंचायत का लेखा जोखा गांव बना प्रेरणा सीदपुर ग्राम पंचायत के सरपंच उदयराम कहते हैं, “नगला अंडडुआ आज क्षेत्र के लिए प्रेरणा बना हुआ है। यहां के किसानों ने मेहनत और नवाचार से गांव की तस्वीर बदली है। पंचायत भी सिंचाई, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि बागवानी को बढ़ावा मिल सके।

राजस्थान के 27 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट:30 मिनट की बरसात में जयपुर की सड़कें आधा फीट डूबीं, कोटा-जोधपुर में भी बदला मौसम

राजस्थान में गुरुवार (25 जून) को प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर संभाग के कुछ एरिया में दोपहर बाद आंधी चली, फिर बारिश हुई। जयपुर में गुरुवार को 30 मिनट में 2 इंच बरसात हुई। इससे सड़कें लबालब हो गईं। नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा के भी कुछ इलाकों में 20 से 35MM तक बरसात हुई। मौसम विभाग ने 26 जून (आज) को भी 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने और आगामी 4-5 दिन में मानसून के प्रवेश करने की संभावना है। राजस्थान में मौसम की तस्वीर… ये शहर सबसे गर्म रहे फलोदी, श्रीगंगानगर में 41 डिग्री तापमान दर्ज बारिश से पहले गुरुवार को कुछ शहरों में गर्मी तेज रही। फलोदी, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस फलोदी में दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41, जैसलमेर में 40.8, बाड़मेर में 40.5, बीकानेर में 39.3, चूरू में 39.8, जोधपुर में 39.2, पिलानी (झुंझुनूं) में 39.4, करौली में 39, दौसा में 38.8 और पाली में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कहां, कितनी बारिश हुई पिछले 24 घंटे के दौरान नागौर के सांजू में 25MM, डेगाना में 35, खींवसर में 13, सवाई माधोपुर के बामनवास में 10, बीकानेर के छतरगढ़ में 14, धौलपुर के बसेड़ी में 5, कोटा के चेचट में 17, कानावास में 4, राजसमंद के रेलमगरा में 5, भीलवाड़ा के सहाड़ा में 22, जोधपुर के भोपालगढ़ में 20MM बरसात दर्ज हुई। राजस्थान के बड़े शहरों में मौसम का हाल जयपुर : राजधानी में गुरुवार सुबह से दोपहर तक मौसम ड्राय रहा और तेज उमस रही। दोपहर करीब 3 बजे के बाद बादल छाए और तेज हवा चली। इसके साथ ही बारिश शुरू हो गई। जयपुर कलेक्ट्रेट, चारदीवारी (परकोटा) के आसपास करीब 50MM (2 इंच) पानी बरसा। इन एरिया में सड़कों पर आधा फीट तक पानी बहता नजर आया, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। शहर के अलावा सांगानेर एरिया में 33MM, जेएलएन मार्ग में 11.4, फागी में 15, जालसू में 12, कालवाड़ में 4 और आमेर एरिया में 2MM बारिश हुई। सीकर : गुरुवार को दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ाेतरी हुई, लेकिन शाम होते-होते धूल भरी हवा चलने लगी। शाम को काले बादल छाए। 26 जून तक सीकर समेत शेखावाटी इलाके में आंधी-बारिश का अनुमान है। सीकर के फतेहपुर में कृषि अनुसंधान केंद्र पर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र पर गुरुवार दिन का अधिकतम तापमान 38.0 और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। कोटा : कोटा में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। बादल छाने लगे और हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर : उदयपुर शहर में गुरुवार को मौसम सामान्य रहा, लेकिन दिनभर उमस ने लोगों को परेशान किया। धूप के बीच हवा में नमी बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस था। इसके मुकाबले आज पारे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 0.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री कम रहा। इसके बावजूद उमस के कारण गर्मी का असर बरकरार रहा। अलवर : अलवर में गुरुवार सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर में कुछ समय के लिए धूप भी निकली। बादलों और धूप के बीच लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिन का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। जोधपुर : जोधपुर शहर में गुरुवार सुबह से ही हल्के बादल छाए रहे। दोपहर बाद धूप निकली। दिनभर उसम और गर्मी ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग ने बादल छाए रहने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। अजमेर : अजमेर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.2 और न्यूनतम तापमान 25.5 रहा। शहर में सुबह से ही धूप खिली रही। उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। ——– यह खबर भी पढ़िए… 13 बार मानसून लेट, 7 बार ज्यादा बारिश, 3 बार वक्त से पहले आया तो 25% तक कम बरसा, राजस्थान का 30 साल का एनालिसिस राजस्थान में मानसून की धीमी रफ्तार और देरी चर्चा में है। पिछली बार मानसून 7 दिन जल्दी पहुंच गया था। बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस बार इतनी ही दिन देरी से यहां पहुंचने की आशंका है। इस बीच भास्कर ने 1996 से लेकर 2025 तक यानी 30 साल के डेटा का एनालिसिस किया। पढ़ें पूरी खबर…

हार्ट मरीजों को मिलेगा अलग उपचार केंद्र:हार्ट मरीजों को मिलेगा अलग उपचार केंद्र, मेडिकल आईसीयू पर घटेगा दबाव, गंभीर हृदय रोगियों की होगी विशेष निगरानी

आरबीएम अस्पताल में कार्डियक आईसीयू अलग से खोला जाएगा, जहां हार्ट मरीजों को अलग से उपचार केन्द्र मिलेगा। इससे मेडिकल आईसीयू पर दबाव घटेगा और गंभीर हृदय रोगियों की विशेष निगरानी में इलाज हो सकेगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पताल की सी ब्लाक की नई बिल्डिंग में हृदय रोगियों के लिए फस्ट फ्लोर पर हृदय रोग विभाग है। जहां रूम नंबर 117 में कार्डियोलॉजी ओपीडी है, उसके पास रूम नंबर 116 में 2डी ईको की और रूम नंबर 118 में टीएमटी की जांच तथा रूम 119 में ईसीजी की जांच की सुविधा है। इसके सामने होल्टर जांच शुरू की गई है। आईसीयू में मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं गंभीर हृदय रोगियों की 24 घंटे विशेष निगरानी हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और अनियमित धड़कन वाले मरीजों का उपचार लगातार ईसीजी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर की मॉनिटरिंग कार्डियोलॉजिस्ट व प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में इलाज आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप की सुविधा कैथ लैब शुरू होने के बाद हृदय संबंधी उन्नत उपचार की बेहतर व्यवस्था कार्डियक आईसीयू से मरीजों को होंगे ये फायदे – हार्ट मरीजों को मेडिकल आईसीयू पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी।
– गंभीर हृदय रोगियों को अलग और विशेषज्ञ उपचार मिलेगा।
– मेडिकल आईसीयू पर मरीजों का दबाव कम होगा।
– इलाज के दौरान संक्रमण और जटिलताओं के जोखिम में कमी आएगी।
– मरीजों की निगरानी और उपचार की गुणवत्ता बेहतर होगी।
– कैथ लैब शुरू होने पर एक ही स्थान पर समग्र हृदय उपचार उपलब्ध होगा। कार्डियक आईसीयू जल्दी ही शुरू किया जा रहा है, जिसके शुरू होने से गंभीर हृदय रोगियों को विशेषज्ञ निगरानी और बेहतर उपचार सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध होगा और मेडिकल आईसीयू पर भी दबाव कम होगा। आगामी समय में कैथ लैब शुरू होने से हृदय रोग उपचार सेवाएं और मजबूत होंगी। – डॉ. विवेक भारद्वाज, प्रिंसिपल, एसजेपी मेडिकल कॉलेज, भरतपुर रूम नंबर 144 में का​र्डियक आईसीयू 7 बैड का शुरू करने जा रहे हैं, जिसे जल्दी ही शुरू किया जाएगा। इसके पास ही रूम 145 में 10 बैड का वार्ड होगा, जबकि 139 से 143 तक कैथ लैब का एरिया होगा और उसे मशीन आने के बाद शुरू किया जाएगा। -डॉ नगेंद्र भदौरिया, पीएमओ

अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस विशेष:कभी शराब ने तबाह की जिंदगी, अब 1500 से ज्यादा युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकाला

कभी शराब की लत ने उन्हें परिवार, समाज और खुद की नजरों में गिरा दिया था। जॉन्डिस और लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे नरपत सिंह चौहान के सामने जिंदगी और मौत का सवाल खड़ा था। लेकिन भतीजी के एक मासूम सवाल ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। आज वही नरपत सिंह न केवल खुद नशे से मुक्त हैं, बल्कि अपने आरोग्य सेवा संस्थान उदयपुर के माध्यम से 1500 से अधिक लोगों को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाल चुके हैं। 26 जून अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन किसी भी व्यक्ति को अंधेरे से उजाले की ओर ले जा सकता है। बदलाव की तीन कहानियां, जो उम्मीद जगाती हैं नरपत सिंह बताते हैं कि नशे से बाहर निकलने के बाद उन्होंने अपना जीवन समाज को समर्पित कर दिया। उनके संस्थान से जुड़ी कई कहानियां आज बदलाव की प्रेरक मिसाल हैं और लोगों को नई दिशा दे रही हैं। भतीजी के एक सवाल ने बदल दी जिंदगी नरपत सिंह बताते हैं कि तीन माह की उम्र में पिता का साया उठ गया था। युवावस्था में तनाव दूर करने के लिए शुरू हुई शराब की आदत धीरे-धीरे गंभीर लत बन गई। जॉन्डिस और लिवर संबंधी बीमारियों के बीच नशामुक्ति केंद्र में उपचार के दौरान भतीजी के सवाल-“काकू, तुम शराब क्यों पीते हो?”-ने उन्हें झकझोर दिया। इसके बाद उन्होंने हमेशा के लिए नशा छोड़ने का संकल्प लिया।

पीटीईटी-2026 का परिणाम घोषित:944 बीएड कॉलेजों में नया सत्र जुलाई से, ऑनलाइन काउंसलिंग अगले सप्ताह

राज्य के 944 बीएड कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र जुलाई से शुरू होगा। पीटीईटी-2026 का परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिया गया है। परीक्षा की नोडल एजेंसी वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय ने रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि प्रदेशभर में बीएड की करीब 1.07 लाख सीटों पर प्रवेश ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से दिए जाएंगे। काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है। पीटीईटी की मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क जमा कर ऑनलाइन विकल्प भरने होंगे, जिसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। राज्यभर के निजी और सरकारी बीएड कॉलेजों में प्रवेश इसी प्रक्रिया के जरिए होंगे। मेरिट सूची में कार्तिक कुमार गर्ग (भरतपुर) और जयप्रकाश बिस्सू (चूरू) ने संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। दोनों को 600 में से 509 अंक मिले हैं। दूसरे स्थान पर मनोज नागदा (उदयपुर) रहे, जिन्हें 508 अंक मिले, जबकि तीसरे स्थान पर युवराज (नागौर) रहे, जिन्हें 507 अंक प्राप्त हुए। गौरतलब है कि पीटीईटी-2026 परीक्षा 14 जून को आयोजित हुई थी, जिसमें प्रदेशभर से 1 लाख 7 हजार 500 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अब सभी सफल अभ्यर्थियों की निगाहें काउंसलिंग कार्यक्रम और कॉलेज आवंटन प्रक्रिया पर टिकी हैं।

नशे की तस्करी भी ऑनलाइन:महज 26 हजार रुपए में यूएस से आपके घर तक तीन दिन में कुकीज-गमी के रूप में पहुंचेंगी जानलेवा ड्रग्स

अब कारोबार, पढ़ाई, शॉपिंग ही नहीं नशे की तस्करी भी ऑनलाइन हो गई है। पैडलर्स के पकड़े जाने के डर से अब ड्रग्स का कारोबार भी डिजिटल होता जा रहा है। अब युवा सस्ता नशा करने के लिए ऑनलाइन नशीली दवाएं मंगवा रहे हैं। इंटरनेट की डार्क और एन्क्रिप्टेड दुनिया में अब सीधे मोबाइल ही पैडलर्स बन गए हैं। ड्रग्स तस्कर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए युवाओं तक ड्रग्स पहुंचा रहे हैं। टेलीग्राम पर एक ऐसा ही बड़ा इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क चल रहा है। एक चैनल/ग्रुप के जरिए प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाइयों से लेकर विदेशों से तस्करी कर लाए गए घातक सिंथेटिक ड्रग्स की खुली मंडी चलाई जा रही है। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बना ड्रग चैनल्स से संपर्क किया तो माफिया ने दे दिया ड्रग्स का मेन्यू कार्ड भास्कर रिपोर्टर ने अपना नाम और नंबर छिपाकर बात की, ड्रग्स माफिया ने मेनू कार्ड की तरह ड्रग्स की लिस्ट शेयर कर दी। तस्कर ने दावा किया कि वह महज 26 हजार रुपए में भारत की किसी भी जगह पर तीन दिन में ड्रग्स पहुंचा देगा। कुकीज और गमी के पैकेटों में छिपाकर प्रतिबंधित पेनकिलर्स, मैजिक मशरूम और वेप्स भेजे जा रहे हैं। उन्होंने ट्रामाडोल, अल्प्राजोलम और कोडीन के फोटो भी भेजे। तस्कर ने बिटकॉइन एप पर भुगतान करने को कहा। थोक में ड्रग्स लो तो डिस्काउंट, रीसेल ऑफर भी दे रहे तस्कर
इस नेटवर्क को अलग-अलग देशों से तीन लोग संचालित करते हैं। वह पहचान छिपाकर इस नेटवर्क को चला रहे हैं। वे अपने टेलीग्राम वाले ग्रुप में ग्राहकों को बाकायदा पूरे स्टॉक का ‘मेन्यू कार्ड’ भेज रहे हैं। थोक में माल खरीदने पर डिस्काउंट और रीसेल का ऑफर भी दिया जा रहा है। तस्करी के लिए प्रायोरिटी कूरियर बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। टेलीग्राम से ऑर्डर होता है और विदेश से कुरिअर होता है। तस्कर इसके लिए ‘अज्ञात पार्सल’ या ‘डॉक्यूमेंट्स’ लिखकर डिलीवरी करवा रहे हैं।