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सेंसेक्स 443 अंक गिरकर 77,709 पर आया:निफ्टी 96 अंक नीचे 24,239 पर बंद, प्राइवेट बैंक और ऑटो शेयर्स में बिकवाली रही

शेयर बाजार में आज यानी 20 जुलाई को गिरावट रही। सेंसेक्स 443 अंक की गिरावट के साथ 77,709 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 96 अंक की गिरावट रही, ये 24,239 पर आ गया है। आज के कारोबार में प्राइवेट बैंक, ऑटो और IT शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही। वहीं सरकारी बैंक और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। एशियन मार्केट में मिलाजुला कारोबार: साउथ कोरिया का इंडेक्स 4% गिरा शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में भी गिरावट रही इन 6 वजहों से गिरा बाजार शुक्रवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ था शुक्रवार 17 जुलाई को सेंसेक्स 964 अंक की तेजी के साथ 78,151 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 261 अंकों की तेजी है, ये 24,334 पर बंद हुआ। कारोबार में IT, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई।

नगरपरिषद कर्मचारी से मारपीट करने वालों को बाजार में घुमाया:जोधपुर में छुपकर काट रहे थे फरारी, लौटते ही चार बदमाशों को पुलिस ने दबोचा

बाड़मेर शहर के मुख्य बाजार में नगर परिषद के कर्मचारी के साथ बेरहमी से मारपीट करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार शाम पुलिस ने आरोपियों को कोतवाली थाने से पैदल घटनास्थल तक ले जाकर मौका तस्दीक कराई। वारदात के बाद आरोपी करीब 10 दिन तक जोधपुर समेत अलग-अलग जगहों पर छिपे रहे। वापस बाड़मेर लौटने पर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। मुख्य बाजार में हुई थी मारपीट कोतवाली थाना प्रभारी (सीआई) मनोज कुमार ने बताया – 8 जुलाई को अहिंसा सर्किल के पास नगर परिषद कर्मचारी कमल घारू पर कुछ बदमाशों ने हमला कर दिया था। मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इस घटना से इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि पीड़ित और आरोपियों के बीच काफी समय से आपसी विवाद चल रहा था, जिसके चलते यह वारदात हुई। टीमें बनाकर चारों आरोपियों को पकड़ा सीआई ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आयुष पुत्र रोशन, हेमंत उर्फ टकिया पुत्र हरिकिशन, हेमंत उर्फ टनिया पुत्र धर्मेंद्र, तीनों निवासी बापू कॉलोनी, तथा विकास पुत्र तुलसीदास निवासी रेलवे कुआं नंबर-3, बाड़मेर को गिरफ्तार किया है। 10 दिन जोधपुर में छिपे रहे, लौटते ही दबोचे गए पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी जोधपुर सहित अन्य स्थानों पर छिपकर फरारी काटते रहे। करीब 10 दिन बाद जब वे वापस बाड़मेर लौटे तो ग्रामीण थाना क्षेत्र में छिप गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ, हथियार की तलाश जारी पुलिस फिलहाल चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मारपीट में इस्तेमाल किए गए हथियार समेत अन्य साक्ष्य बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, घायल कर्मचारी की तबीयत अब ठीक है। कोतवाली से घटनास्थल तक पैदल ले जाकर कराई तस्दीक रविवार शाम पुलिस आरोपियों को कोतवाली थाने से पैदल घटनास्थल तक लेकर गई। वहां वारदात की जगह पर मौका तस्दीक कराई गई। इसके बाद चारों आरोपियों को दोबारा पैदल ही थाने लाया गया। — इससे जुड़ी खबर पढ़े… स्कूटी पर जा रहे युवक को लाठी-डंडों से पीटा, VIDEO:हॉस्पिटल में सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट के बाद किया हमला पुरानी रंजिश के चलते शाम को एक पक्ष ने हॉस्पिटल स्वीपर के साथ मारपीट कर दी। इससे गुस्साए इसके साथियों ने कुछ देर बाद रात करीब 9 बजे अहिसा सर्किल पर सरेआम नगर परिषद के कर्मचारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पढ़ें पूरी खबर

जूस सेंटर संचालक पर लोहे के पाइप-डंडों से हमला:सिर में 12 टांके आए, 2 राहगीर भी घायल; पुरानी रंजिश में शराबियों ने मचाया उत्पात

जयपुर के राजापार्क क्षेत्र में सोमवार अल सुबह करीब 3 बजे शराब के नशे में धुत कार सवार बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। कार (RJ 45 CD 5250) में सवार दो बदमाशों ने एक जूस सेंटर में घुसकर संचालक वैभव पर लोहे के पाइप और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल वैभव को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके सिर पर 12 टांके लगाए गए। दुकान में घुसते ही किया हमला घायल वैभव ने बताया कि वह अपनी दुकान पर बैठा था और स्टाफ सफाई कर रहा था। इसी दौरान कार से आए दो युवकों ने बिना किसी बातचीत के उस पर लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने बचाव की कोशिश की, लेकिन हमले के दौरान उसका चश्मा गिर गया और बदमाश लगातार वार करते रहे। वैभव का आरोप है कि हमलावरों ने उसे जान से मारने की नीयत से हमला किया। पहले देखिए घटना के PHOTOS… भागते समय दो लोगों को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वारदात के बाद दोनों बदमाश कार लेकर भागने लगे। तेज रफ्तार कार ने राजापार्क निवासी कुणाल भाटिया और दुकानदार समीर को टक्कर मार दी, जिससे दोनों घायल हो गए। इसके बाद कार बेकाबू होकर एक दुकान में जा घुसी। कार में बीयर के कैन मौजूद थे। राहगीरों पर भी किया हमला हादसे के बाद जब आसपास मौजूद लोगों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने कार से डंडे और सरिए निकालकर राहगीरों पर भी हमला कर दिया। हंगामे के बीच आरोपी अपनी कार मौके पर छोड़कर फरार हो गए। आदर्श नगर थाना पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। दो महीने पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और घायल वैभव के बीच करीब दो महीने पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपी अपने साथी के साथ जूस सेंटर पहुंचे और वैभव पर हमला कर फरार हो गए। पुलिस पुरानी रंजिश सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

हाईवे पर भेड़ों को कुचला, 11 की मौत:6 से ज्यादा घायल; सड़क क्रॉस करते समय हुआ हादसा

भीलवाड़ा-मांडल नेशनल हाईवे-158 पर रविवार देर रात सड़क पार कर रहे भेड़ों के झुंड को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने कुचल दिया। हादसे में 11 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद हाईवे पर बड़ी मात्रा में खून फैल गया और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। हादसा मांडल थाना क्षेत्र का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भेड़ों का झुंड हाईवे पार कर रहा था। इसी दौरान तेज गति से आए एक अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई भेड़ों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। लाखों का नुकसान, एक घंटे तक प्रभावित रहा यातायात इस हादसे में पशुपालक किसान को लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस दौरान स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। हादसे के कारण करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में स्थानीय लोगों ने मृत और घायल भेड़ों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारु कराया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना कर अज्ञात वाहन और उसके ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसा करने वाले वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। ड्राइवर और वाहन की पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इनपुट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल।

स्पेन को फुटबॉल वर्ल्डकप जिताने वाले 7 हीरो:गोलकीपर सिमोन ने सिर्फ एक गोल खाया, रोड्री ने 803 पास दिए; टोरेस का फाइनल में गोल

स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप का दूसरा खिताब जीता। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका दमदार डिफेंस रहा। उसके खिलाफ पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल हुआ। टीम ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 5450 पासेज दिए। इनमें से 4930 पासेज कम्प्लीट हुए। उनका एक्यूरेसी पर्सेंटेज 90 पर्सेंट रहा। इस टूर्नामेंट में स्पेन की पूरी टीम एकजुट होकर खेली। टीम के पास लामिन यमाल जैसा स्टार था। वहीं कप्तान रोड्री ने मिडफील्ड से गेम को कंट्रोल किया। टूर्नामेंट के बेस्ट गोलकीपर रहे उनाई सिमोन के खिलाफ सिर्फ एक गोल हुआ। स्पेन के 7 खिलाड़ी, जिनके दम पर स्पेन वर्ल्ड चैंपियन बना 1. फेरन टोरेस : फाइनल में गोल दागा टोरेस फाइनल में 62वें मिनट में ओयारजाबाल की जगह उतरे। उन्होंने पेड्रो पोरो के क्रॉस पर निको विलियम्स के हेडर से मिली गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। वे किसी वर्ल्ड कप फाइनल में विनिंग गोल करने वाले दूसरे सब्स्टीट्यूट बने। क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ उनके पास पर मिकेल मेरिनो ने स्टॉपेज टाइम में निर्णायक गोल किया था। 2. लामिन यमाल: 30 सफल ड्रिबल किए यमाल ने सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ यमाल ने फाउल हासिल किया। इस पर पेनल्टी मिली और ओयारजाबाल ने गोल किया। महज 19 साल 1 दिन उम्र वाले यमाल ने टूर्नामेंट में 30 सफल ड्रिबल किए। यह इस टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी के किए गए सबसे ज्यादा ड्रिबल हैं। 3. रोड्री- मिडफील्ड से गेम चलाया रोड्री ने टूर्नामेंट में सबसे अधिक 803 पास दिए। इसमें उनकी एक्यूरेसी 94% रही। यह टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी द्वारा दिए सबसे ज्यादा पास हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और माइकल ओलिसे को आधे घंटे तक एक-दूसरे को पास तक नहीं करने दिया। उन्हें गोल्डन बॉल अवॉर्ड दिया गया। 4. मिकेल ओयारजाबाल- टीम के टॉप स्कोरर ओयारजाबाल ने टूर्नामेंट में 5 गोल और 1 असिस्ट के साथ टीम के टॉप गोल स्कोरर रहे। वर्ल्ड कप में नॉकआउट मैच में दो गोल करने वाले पहले स्पेनिश खिलाड़ी बने। 5. पॉ क्यूबार्सी- बेस्ट यंग प्लेयर चुने गए क्यूबार्सी को टूर्नामेंट का बेस्ट यंग प्लेयर चुना गया। वे टूर्नामेंट में 857 मिनट खेले। उन्होंने 97% एक्युरेसी के साथ 690 पास दिए। फाइनल मैच में क्यूबार्सी को अर्जेंटीना के फर्नांडेज ने गिराया और फर्नांडेज को रेड कार्ड मिला। अर्जेंटीना एक्स्ट्रा टाइम में 10 खिलाड़ियों से खेली और इसी दौरान स्पेन ने गोल किया। 6. उनाई सिमोन- टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाए सिमोन टूर्नामेंट के बेस्ट गोलकीपर चुने गए। उन्हें गोल्डन ग्लव अवॉर्ड दिया गया। सिमोन ने पूरे 857 मिनट मैदान पर बिताए। उन्होंने 14 गोल रोके। उन्होंने पेनल्टी एरिया के अंदर 120 और बाहर 93 इंटरसेप्ट किए। पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया, वह भी क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ। 7. निको विलियम्स: असिस्ट कर टीम को फाइनल जिताया विलियम्स को पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ 159 मिनट मिले। उन्होंने फाइनल में उनके हेडर ने ही गेंद टोरेस तक पहुंचाई, जिस पर विनिंग गोल हुआ। दो साल पहले यूरो 2024 फाइनल में वे खुद गोल करके प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। —————————————————– फाइनल मैच की पूरी खबर पढ़ें… स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता:फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। तब टीम ने नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। पूरी खबर पढ़ें…

पत्थर से सिर कुचलकर नाबालिग स्टूडेंट की हत्या:जंगल में प्लास्टिक के कट्टों से ढका मिला शव, ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे किया जाम

धौलपुर जिले के बाड़ी में 16 साल के नाबालिग छात्र की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। नाबालिग का शव जंगल में प्लास्टिक के कट्टों से ढका हुआ मिला। घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रात में ही बाड़ी-बसेड़ी स्टेट हाईवे जाम कर दिया। ट्रैक्टर में शव रखकर सोमवार को भी स्टेट हाईवे पर प्रदर्शन किया। परिजनों ने मुआवजे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान मौके पर तीन थानों की पुलिस मौजूद रही। कलेक्टर और एसपी के आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण माने। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। देखें घटना से जुड़ी PHOTOS… पशु चराने गया था, जंगल में मिली लाश मृतक के चचेरे भाई ने बताया- नाबालिग रविवार दोपहर करीब 2 बजे पशु चराने गया था। शाम 7 बजे तक वह घर नहीं लौटा तो तलाश शुरू की। परिजन सहित ग्रामीण जंगल में उसे ढूंढने निकले। रात 9 बजे जंगल में उसका शव प्लास्टिक के कट्टों से ढका हुआ मिला। उसके सिर पर पत्थरों से वार किए गए थे। पत्थरों से बेरहमी से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। पिता ने बताया- मेरे हाथ में फ्रैक्चर हुआ था। पत्नी और छोटा बेटा मुझे धौलपुर के हॉस्पिटल में इलाज के लिए लेकर गए थे। बड़ा बेटा घर पर अकेला था। मेरी पत्नी रोज पशु चराने जाती थी। पत्नी घर पर नहीं थी, इसलिए बेटा पशु लेकर गया था। मुझे हॉस्पिटल में घटना का पता चला। वह ग्रेजुएशन कर रहा था। ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर लगाया जाम ग्रामीण बाड़ी-बसेड़ी स्टेट हाईवे पर रविवार रात धरने पर बैठे गए। एसपी और कलेक्टर को मौके पर बुलाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी श्रवण कुमार, बाड़ी सीओ महेंद्र कुमार, एसडीएम अमित कुमार वर्मा और तहसीलदार जगवीर सिंह बेनीवाल मौके पर पहुंचे। इधर, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामेंद्र मीणा भी ग्रामीणों के समर्थन में घटनास्थल पर पहुंचे। सोमवार सुबह बाड़ी के पूर्व विधायक गिर्राज मलिंगा भी पहुंचे और उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। कलेक्टर ने 10 दिन में खुलासा करने का दिया भरोसा 11 घंटे चले प्रदर्शन के बाद धौलपुर जिला कलेक्टर श्रीनिधी बीटी और एसपी विकास सांगवान सोमवार सुबह करीब 10 बजे बाड़ी पहुंचे। एडिशनल एसपी कार्यालय में उन्होंने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने बताया- परिजनों ने परिवार के सदस्य को संविदा पर नौकरी, मुआवजा राशि और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, मृतक की बहन की शादी में सहायता राशि दिलाए जाने और घटनाक्रम का खुलासा किए जाने की मांग की। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि घटनाक्रम का 10 दिन में खुलासा कर दिया जाएगा। साथ ही नियमानुसार विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि दी जाएगी। ग्रामीण और प्रशासन के बीच हुई वार्ता में सहमति के बाद शव को बाड़ी अस्पताल की मॉर्च्युरी लाया गया। यहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमाॅर्टम करवाया गया।

स्पोर्ट्स अपडेट:न्यूजीलैंड ने चौथे वनडे में वेस्टइंडीज को 1 विकेट से हराया: बांग्लादेश ने जिम्बाब्वे को 2-1 से हराकर टी-20 सीरीज अपने नाम की

न्यूजीलैंड ने बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल में चौथे वनडे में वेस्टइंडीज को 1 विकेट से हराकर 5 मैचों की सीरीज में 3-1 की बढ़त बना ली है। इसके साथ ही सीरीज भी अपने नाम कर लिया।
189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम 149/6 पर संकट में थी, लेकिन कप्तान मिचेल सैंटनर की नाबाद 34 रन की पारी ने टीम को जीत दिलाई। कैच छूटा, अगले ओवर में मैच खत्म जीत के लिए 3 रन चाहिए थे और न्यूजीलैंड के 9 विकेट गिर चुके थे। 44वें ओवर में सैंटनर का आसान कैच अकीन ऑगस्टे और जस्टिन ग्रीव्स की टक्कर के कारण छूट गया। इसके बाद 45वें ओवर की पहली गेंद पर सैंटनर ने चौका लगाकर मैच खत्म कर दिया। चापमैन ने पारी संभाली 6 रन पर 2 विकेट गिरने के बाद मार्क चापमैन ने 82 गेंदों में 80 रन बनाकर पारी संभाली। उनके आउट होने के बाद गुडाकेश मोती ने लगातार विकेट लेकर कीवी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। मोती ने 5 विकेट लिए, लेकिन सैंटनर आखिर तक टिके रहे और 11वें नंबर के जेडन लेनोक्स के साथ जीत दिला दी। सैंटनर ने गेंदबाजी में भी 2 विकेट लिए। वेस्टइंडीज 188 रन पर ऑलआउट पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज 188 रन पर सिमट गई। आमिर जांगू और गुडाकेश मोती ने 81 रन की साझेदारी की, लेकिन टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। न्यूजीलैंड की ओर से सांटनर और मैथ्यू फिशर ने 2-2 विकेट लिए। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने जिम्बाब्वे को 3 मैचों की टी-20 (T20I) सीरीज में 2-1 से हराकर सीरीज अपने नाम की बांग्लादेश ने बुलावायो में खेले गए तीसरे और निर्णायक टी-20 में जिम्बाब्वे को हराकर 3 मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 0-1 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए बांग्लादेश ने 2026 की अपनी पहली टी-20I सीरीज जीती। वहीं, जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का 314वां इंटरनेशनल मैच हार के साथ खत्म हुआ। रजा जिम्बाब्वे के लिए तीनों फॉर्मेट मिलाकर सबसे ज्यादा 314 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। मायर्स की फिफ्टी, फिर डेथ ओवरों में बांग्लादेश का कमबैक पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे 150 रन से पहले ही सिमट गया। डिओन मायर्स ने अर्धशतक लगाया और ब्रायन बेनेट के साथ 71 रन की साझेदारी की, लेकिन आखिरी 4 ओवर में बांग्लादेश ने सिर्फ 25 रन देकर 4 विकेट झटक लिए। मोहम्मद सैफुद्दीन ने 2 विकेट लिए। तंजीद हसन ने दिलाई जीत
लक्ष्य का पीछा करते हुए तंजीद हसन ने 45 गेंद में अर्धशतक जड़ा। यह उनके टी20 करियर का 13वां 50+ स्कोर रहा, जिसके साथ उन्होंने शाकिब अल हसन की बराबरी कर ली। उन्होंने परवेज हुसैन इमोन और तौहीद हृदॉय के साथ अहम साझेदारियां कर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। आखिरी ओवर में हाई-वोल्टेज ड्रामा
अंतिम ओवर में ब्रैड इवांस ने लगातार दो विकेट लेकर मैच रोमांचक बना दिया। इसके बाद मेहदी हसन मिराज के खिलाफ LBW की अपील ‘डेड बॉल’ करार दिए जाने पर खिलाड़ियों और अंपायर के बीच बहस हुई। हालांकि, अगली ही गेंद पर चौका लगाकर बांग्लादेश ने 2 गेंद शेष रहते जीत दर्ज कर ली। भारत दौरे से पहले जिम्बाब्वे की चिंता
जिम्बाब्वे ने टेस्ट और वनडे सीरीज जीती, लेकिन टी20 सीरीज गंवा दी। निर्णायक मुकाबले में मिडिल ऑर्डर की नाकामी टीम के लिए चिंता का विषय रही, खासकर अगले हफ्ते भारत के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले।

CJP प्रोटेस्ट में भास्कर रिपोर्टर पर लाठीचार्ज:पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर पीटा, युवक बोला- और मारो; सुरक्षाबल फायरिंग पोजीशन में; 30 PHOTOS-VIDEOS

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च जारी है। प्रदर्शनकारी संसद के पास पहुंच गए हैं। इस दौरान भास्कर रिपोर्टर उदय भटनागर को भी लाठी पड़ी है। इससे वे घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले दागे हैं। इसमें कई लोग घायल हुए हैं। इधर, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन में घुस गए हैं। वहां उन्होंने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। सोमवार के प्रदर्शन के लिए लोग रविवार रात 11 बजे से ही जंतर-मंतर पर जुटने लगे थे। उन्होंने फुटपाथ पर ही रात गुजारी। सुबह जब मार्च शुरू हुआ, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। रविवार रात से सोमवार सुबह तक क्या कुछ हुआ, देखें 30 PHOTOS-VIDEO में भास्कर रिपोर्टर से मारपीट के बाद की तस्वीरें 1. संसद मार्च की 12 तस्वीरें 2. लोग रात में ही जंतर-मंतर पहुंचे, प्रदर्शन शुरू हुआ, 5 तस्वीरें 3. लोगों ने फुटपाथ पर रात बिताई, 2 तस्वीरें 4. पुलिस ने बैरिकेडिंग की, प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी, 5 तस्वीरें 5. सोमवार सुबह मार्च की तैयारी, 3 तस्वीरें ————————– ये खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज:भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ी, संसद मार्च में देरी; दीपके बोले- हमें कोई नहीं रोक सकता कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के पहले पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए हैं। पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। जंतर-मंतर पर भारी भीड़ मौजूद है। पूरी खबर पढ़ें…

पानी के लिए 74 गांवों में 20-साल तक रहा विवाद:ग्रामीणों की बीच पहुंची भास्कर टीम; लोग बोले- राजनीति ने लड़ाई बड़ी बनाई, नेता भड़काते हैं

राजस्थान की 5 नदियों से मिलकर बना पांचना बांध, जिसके पानी के लिए 74 गांवों के बीच 20 साल लंबा संघर्ष चला। जब भी पानी छोड़ने की बारी आती 39 गांव उसके हक में तो 35 गांव विरोध में खड़े हो जाते। एक दूसरे के खिलाफ धरने पर बैठ जाते, लेकिन अब ये ‘जंग’ खत्म हो गई है। हाल ही में बांध के सभी 7 गेट खुलने के बाद सबसे पहले दैनिक भास्कर टीम उस जगह पहुंची, जहां से ये विवाद शुरू हुआ था। आमने-सामने होने वाले दोनों पक्ष के किसानों से बात कर जाना कैसे एक बांध से पानी की जंग इतनी लंबी चली? कैसे पानी को तरसते हजारों किसान कर्ज में डूब गए? पढ़िए ये ग्राउंड रिपोर्ट… ‘जीने लायक पानी को लेकर थी जंग’ करौली जिले के गुड़ला गांव में बने पांचना बांध को मिट्टी का सबसे बड़ा डैम कहा जाता है। डैम से निकलते पानी की तेज आवाज दूर तक सुनाई दे रही थी। वर्षों बाद बहती इस धारा को देखने के लिए सैकड़ों लोग भी बांध के आसपास पहुंच रहे थे। यहीं हमारी मुलाकात डैम के सबसे करीब गांव गुड़ला के निवासी और गुड़ला संघर्ष समिति के सदस्य भानूप्रताप से हुई। उन्होंने बताया- 35 गांव पांचना बांध के कमांड एरिया में आते हैं। हमारे 39 गांव बांध के बेहद नजदीक हैं। हमने बांध के पास होकर भी पानी की कमी उतनी ही झेली है, जितनी कमांड एरिया के किसानों ने झेली है। हमारे यहां ऐसे किसान हैं जिनकी तीन-तीन पीढ़ियां पानी के अभाव में कर्ज में डूब गईं। पानी का मारा इंसान क्या नहीं करता। हमने कभी किसी से लड़ाई नहीं चाही। हमारी मांग सिर्फ इतनी थी कि पहले हमें भी जीने लायक पानी मिल जाए। भानूप्रताप बताते हैं कि वर्षों तक सरकारों ने चंबल का पानी डैम तक लाने और लिफ्ट परियोजना पूरी करने के वादे किए। 39 गांवों को पानी देने की बात हुई। लेकिन लाभ सिर्फ 13 गांवों तक सीमित रह गया। डैम के आसपास के गांवों को पानी की सप्लाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर नहर बनाई गई थी। वह नहर ऐसी थी कि उससे बड़ी तो नाली होती है। खेतों तक पानी ही नहीं पहुंचता था। अब सरकार ने कहा है कि सितंबर तक लिफ्ट परियोजना का वर्क ऑर्डर जारी कर देंगे। अगर अगले 18 महीने में लिफ्ट परियोजना पूरी हो गई तो किसी को पानी देने से हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। ग्रामीण बोले- नेता आते हैं, लोगों को भड़काते हैं बांध से कुछ दूरी पर स्थित गुड़ला गांव में एक सामाजिक कार्यक्रम चल रहा था। कई लोग चौपाल में बैठे थे। हमने पांचना विवाद की बात छेड़ी। बुजुर्ग भरत सिंह ने बताया- पानी की इस जंग को गुर्जर वर्सेस मीणा का रूप दिया गया। क्योंकि कमांड एरिया में आने वाले 35 गांव मीणा बहुल हैं। बांध के नजदीक 39 गांव हम गुर्जरों के हैं। हमारी लड़ाई कभी मीणा किसानों से नहीं थी। हम तो सिर्फ इतना चाहते थे कि सरकार हमारी लिफ्ट योजना पूरी कर दे। भाईचारा पहले भी था, आज भी है। राजनीति ने विवाद को बड़ा बना दिया। नेता आते हैं, लोगों को भड़काते हैं और फिर वही समझौता कराने भी पहुंच जाते हैं। भरत सिंह बताते हैं कि वर्षों तक बांध का पानी रोके जाने से इलाके में भूजल स्तर जरूर बढ़ा और कई कुओं में पानी आया। लेकिन इसका दूसरा पक्ष ये भी था कि बांध बनने के कारण कई गांवों के किसानों की जमीन चली गई। हजारों लोग विस्थापित हुए। फिर भी उन्हें सिंचाई का पूरा लाभ नहीं मिला। अगर चंबल का पानी पांचना डैम तक आ जाए तो नहर भी चले, नदी भी बहे और दोनों पक्षों के किसानों को फायदा मिले। तब विवाद की जरूरत ही नहीं रहेगी। किसान बोले- धरना मजबूरी थी गुड़ला गांव के सूबेदार श्याम सिंह बताते हैं कि आंदोलन किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा नहीं था। वे कहते हैं- दो साल से बारिश अच्छी हुई है, इसलिए हालात कुछ संभले हैं। इससे पहले डैम में पानी का स्तर लगातार गिर रहा था। हमारी बात कोई सुन नहीं रहा था, इसलिए धरना देना पड़ा। अब सरकार ने लिफ्ट परियोजना का भरोसा दिया है। अगर यह सही तरीके से लागू हो जाती है तो कमांड एरिया के किसानों तक पानी छोड़े जाने पर हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। हां, अगर भविष्य में कम बारिश हुई और बांध में पानी की कम आवक हुई तो फिर सभी को पानी चाहिए होगा। इसलिए स्थायी समाधान यही है कि चंबल का पानी पांचना बांध तक लाया जाए। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है, ये एक अच्छा संकेत है। हमने सिर्फ आंदोलन देखे हैं- युवा किसान गांव के युवा पिंटू गुर्जर बताते हैं- हमने बचपन से गांव में पानी को लेकर संघर्ष और आंदोलन ही देखे हैं। बुजुर्ग बताते थे कि पहले नहर बनी थी। लेकिन उससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। पानी की कमी से खेती कमजोर होती चली गई। रोजगार के लिए युवाओं को बाहर जाना पड़ा। अब अगर सच में पानी मिलेगा तो गांव भी बदलेगा। एक अन्य किसान जितेंद्र सिंह ने बताया- हमारा पुराना गांव इस बांध के डूब क्षेत्र में आ गया था। इसलिए जमीन छोड़नी पड़ी… पूरा गांव उजड़ गया और हम दूसरी जगह बस गए। बचपन से सुनते आए थे कि यह बांध किसानों के लिए बना है, लेकिन हमें उसका लाभ नहीं मिला। हम तो कुएं के पास रहकर भी प्यासे रहे। सरकारी सौगात के नाम पर मिली नाली जैसी नहर गुड़ला गांव में किसानों से बात कर हम उस लिफ्ट नहर पर पहुंचे, जिसे बांध क्षेत्र के किसानों के लिए बनाया गया था। कागजों में यह योजना पानी पहुंचाने का समाधान थी, लेकिन जमीन पर तस्वीर बिल्कुल अलग मिली। कई जगहों पर नहर गांव के बीच से गुजरती है। कई जगह नहर का लेवल खेतों से भी नीचे है। यही कारण है कि नहर से पानी का फ्लो नहीं बन पाता। किसानों ने बताया- हमने शुरुआत से ही इसकी शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। युवा किसान सुदामा गुर्जर नहर की ओर इशारा करते हुए कहते हैं- इसे नहर मत कहिए, यह तो नाली जैसी है। सिर्फ यह दिखाने के लिए बना दी गई कि सरकार ने काम कर दिया। हमारे खेत तक इसका कोई फायदा नहीं पहुंचता। एक-दो बार पानी छोड़ा गया, लेकिन खेती के लिए यह कभी उपयोगी नहीं रही। अब खुद सरकार ने इसे गलत मानते हुए रिजेक्ट कर दिया है। कमांड एरिया में 20 साल बाद लौटी उम्मीद, किसान बोले- अब खेती कर सकेंगे कमांड एरिया में आने वाले 35 गांव सवाई माधोपुर जिले के हैं। यहां के हजारों किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी का रास्ता अब साफ हो गया है। इन गांवों से जुड़े करीब 11 अन्य गांवों को भी इस पानी का फायदा मिलेगा। करीब दो दशक से कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। पानी नहीं मिलने के कारण हजारों बीघा जमीन पर खेती प्रभावित होती रही। कई किसान कर्ज में डूब गए। खंडीप गांव निवासी किसान बृजभूषण मीणा कहते हैं- करीब 20 साल से यह मुद्दा चला आ रहा था। अब नहरों में पानी आने से बड़ी राहत मिलेगी। कमांड एरिया में खेती बढ़ेगी, पैदावार अच्छी होगी और किसानों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। युवा भी खेती की ओर लौटेंगे। इस इलाके के किसानों को पानी की कमी के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जमीन बंजर हो गई थी। कहां से शुरू हुआ पांचना जल विवाद? पांचना जल विवाद की शुरुआत 2006 में हुई। हालांकि इसकी पृष्ठभूमि पहले ही बन चुकी थी। 1987 से पांचना बांध की नहरों में नियमित पानी छोड़ा जा रहा था। 2006 में बांध के आसपास के 39 गांवों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि नहरों में लगातार पानी छोड़ने से बांध का जलस्तर घटेगा और उनके कुएं, ट्यूबवेल व पेयजल स्रोत प्रभावित होंगे। उन्होंने पहले गुड़ला लिफ्ट सिंचाई योजना से आसपास के गांवों को पानी देने की मांग की। वहीं, कमांड एरिया के 35 गांवों के किसानों का कहना था कि बांध सिंचाई के लिए बना है, इसलिए नहरों में नियमित पानी छोड़ना उनका अधिकार है। यही विवाद आगे चलकर करीब 20 साल लंबे सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी संघर्ष में बदल गया। कल पार्ट-2 में पढ़िए- कैसे पानी की जंग ने छेड़ा आंदोलन, अदालत और राजनीति के 20 साल क्या होगा भविष्य

वर्ल्डकप फाइनल में स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ी भिड़े, 2 को रेडकार्ड:मेसी रोए, फिर यमाल को गले लगाया; शकीरा-बीबर का परफॉर्मेंस, 15 PHOTOS

स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हार के बाद भावुक हो गए। उन्होंने अपने से 20 साल छोटे स्पेनिश स्टार लामिन यमाल को गले लगाकर बधाई दी। 2007 में मेसी ने यमाल को गोद में खिलाया था और अब दोनों वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने नजर आए। फाइनल से पहले हुई क्लोजिंग सेरेमनी में शकीरा और जस्टिन बीबर ने परफॉर्म किया। अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पेन को विजेता ट्रॉफी दी। मैदान पर खिलाड़ी भिड़े, वीडियो देखिए वर्ल्ड कप फाइनल की टॉप-15 फोटोज… पहली तस्वीर वर्ल्ड चैंपियंस की स्पेन के प्लेयर्स का सेलिब्रेशन इमोशनल मोमेंट्स शकीरा का परफॉर्मेंस क्लोजिंग सेरेमनी की फोटो… मैच के 2 फोटो ———————————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल की मैच रिपोर्ट भी पढ़िए… स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता, फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। तब टीम ने नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। पढ़ें पूरी खबर