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इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण के विज्ञापन:सरकार नोटिस भेजकर Meta से पूछेगी- ऐसे विज्ञापन कैसे चले, इन्हें कैसे रोका जाएगा

इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार पैरेंट कंपनी Meta को समन भेजेगी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को यह निर्देश दिए। मंत्रालय Meta से पूछेगा कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन कैसे प्रसारित हुए और उन्हें रोकने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर से क्या कदम उठाए गए। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए कंपनी की क्या कर रही है। दरअसल, बीबीसी ने शुक्रवार को अपनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में बताया था कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापन दिखा रहा है। इससे पहले सरकार ने 1 जुलाई को Meta को नोटिस जारी कर WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर नोटिस भेजा था। इधर, Meta की टीम ने WhatsApp यूजरनेम फीचर को लेकर शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करके विस्तृत जवाब देने के लिए 3 दिन का समय मांगा है। BBC रिपोर्ट- Meta पर यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट सस्ता मिल रहा भास्कर नॉलेज: भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का बनाना, रखना अपराध सवाल: भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री पर क्या कानून है? जवाब: बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बनाना, रखना, देखना, शेयर करना, बेचना या प्रसारित करना अपराध है। सवाल: IT Act की धारा 67B में क्या सजा है? जवाब: पहली बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक जुर्माना। दोबारा अपराध करने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना। सवाल: सोशल मीडिया कंपनियों की क्या जिम्मेदारी है? जवाब: भारत के आईटी, 2021 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अवैध कंटेंट हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी होती है। जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होता है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान और रोकथाम के लिए उचित तकनीकी उपाय करने होते हैं। सवाल: अगर कोई ऐसा कंटेंट दिखे तो क्या करें? जवाब: उसे डाउनलोड, शेयर या फॉरवर्ड न करें। संबंधित प्लेटफॉर्म पर तुरंत रिपोर्ट करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें। सवाल: सरकार इस मामले में क्या कर सकती है? जवाब: सोशल मीडिया कंपनी से जवाब मांग सकती है। प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने का निर्देश दे सकती है। जांच एजेंसियों के जरिए आपराधिक जांच शुरू कर सकती है। नियमों के उल्लंघन पर आईटी कानूनों के तहत कार्रवाई कर सकती है। सवाल: क्या सिर्फ प्लेटफॉर्म ही जिम्मेदार होता है? जवाब: नहीं। ऐसे कंटेंट को अपलोड करने, खरीदने, बेचने, शेयर करने या जानबूझकर प्रसारित करने वाले व्यक्ति भी भारतीय कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई के दायरे में आते हैं। ——————————— ये खबर पढ़ें… यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस, सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

पूर्व उपराष्ट्रपति को CMHO टीम ने गलत ब्लड ग्रुप लिखा:धनखड़ की जयपुर में हुई एंजियोप्लास्टी; SMS हॉस्पिटल भेजे गए लेटर से गलती पकड़ में आई

जयपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की एंजियोप्लास्टी हुई है। वहीं सीएमएचओ टीम से बड़ी चूक भी हो गई। गलत ब्लड ग्रुप रिजर्व रखने के लिए लिख दिया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही गलती सुधार ली गई। दरअसल, धनखड़ के निजी सचिव की तरफ से आए प्रोटोकॉल लेटर में ‘A’ पॉजिटिव ब्लड की व्यवस्था के निर्देश थे। सीएमएचओ ने SMS हॉस्पिटल प्रशासन को O नेगेटिव ब्लड ग्रुप रिजर्व रखने के लिए लिख दिया। दोनों लेटर एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचा तो अलग-अलग ग्रुप देखकर डॉक्टरों ने तुरंत सूचना दी। इसके बाद ‘A’ पॉजिटिव ब्लड के लिए दोबारा लेटर भेजा गया। रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल पहुंचे थे धनखड़ धनखड़ रूटीन चेकअप के लिए शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट से सीधे जवाहर सर्किल स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्हें भर्ती करके ​रूटीन जांचें की गई। हार्ट संबंधी जांच के बाद दोपहर में धनखड़ की एंजियोप्लास्टी की गई। बताया जा रहा है कि धनखड़ की यह विजिट पहले से तय कार्डियक फॉलोअप का हिस्सा थी। हार्ट संबंधी जांच के बाद दोपहर को धनखड़ की एंजियोप्लास्टी की गई। सूत्रों के मुताबिक- धनखड़ के दो स्टेंट लगाए गए हैं। एंजियोग्राफी वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा की देखरेख में की गई। गलती से O निगेटिव ग्रुप लिखा गया जयपुर सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत ने इस चूक को टाइपिंग मिस्टेक बताया। शेखावत ने कहा- O निगेटिव ब्लड धनखड़ की पत्नी का है। गलती से पूर्व उपराष्ट्रपति के लिए उस ग्रुप का ब्लड चढ़ाने के लिए लिख दिया गया था। हमने लेटर में करेक्शन करके दोबारा SMS हॉस्पिटल भिजवा दिया था। अस्पताल में मिलने पहुंचे गहलोत पूर्व उपराष्ट्रपति के हॉस्पिटल में भर्ती होने की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेता हॉस्पिटल पहुंचे और उनकी कुशलक्षेम पूछी। बता दें कि इससे पहले मार्च 2025 में भी हृदय संबंधी समस्या के चलते जगदीप धनखड़ को नई दिल्ली स्थित एम्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। जहां उनका कार्डियक प्रोसीजर हुआ था। इसके अलावा इसी वर्ष 12 जनवरी को अचानक बेहोश होने की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कर एमआरआई जांच कराई गई थी। 5 जुलाई को दिल्ली जाएंगे धनखड़ 3 और 4 जुलाई को जयपुर में ही रहेंगे। वे 4 जुलाई को लोकभवन में ठहरेंगे। वहीं से 5 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। ……………………………………… ये खबरें भी पढ़ें… धनखड़ बोले- सेहत को लेकर लापरवाही नहीं की:कहा- स्वास्थ्य के लिए इस्तीफा दिया; मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। इस्तीफा देते समय मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा था कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो सभी को देनी भी चाहिए। (पूरी खबर पढ़ें) उपराष्ट्रपति-पद से इस्तीफे के बाद पहली बार जयपुर पहुंचे धनखड़:कहा- वाजपेयी के साथ संसदीय डेलिगेशन में 15 दिन यूरोप रहा, वो यादें हमेशा रहेंगी उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ पहली बार जयपुर दौरे पर दिसंबर 2025 को आए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की यादें ताजा की थीं। (पूरी खबर पढ़ें)

कोतवाली-थाने से 100 मीटर की दूरी पर दुकान में चोरी:चोरों ने चुराए 20 हजार रुपए, पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी भी तोड़ गए

टोंक में कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर अज्ञात बदमाशों ने गुरुवार रात को एक दुकान का ताला तोड़कर गल्ले से 20 हजार रुपए चुराकर ले गए। चोरी का पता शुक्रवार सुबह चला। जब पड़ोसी दुकानदारों ने दुकान का ताला टूटा देखा तो मालिक को फोन कर चोरी की सूचना दी। दुकानदार जब दुकान खोलकर देखा तो सारा सामान बिखरा हुआ पड़ा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चोर कैश के अलावा दुकान में रखा सामान भी ले गए। दुकानदार ने कोतवाली पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। चोरों ने दुकान में लगे सीसीटीवी और वायरिंग को भी तोड़ गए। कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर हुई चोरी सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जायजा किया। खास बात यह है कि दुकान कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। चोरों ने रात के समय बेखौफ होकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। स्थानीय लोगों ने कहा- कोतवाली थाने के पास की दुकान से चोर चोरी कर चला गया तो फिर गली मोहल्ले की दुकानें कैसे सुरक्षित रहेगी। पीड़ित दुकानदार महसूद अहमद ने रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद करने की मांग की है। चोरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष बंसल ने कहा- इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है। कहा- जल्द चोरों को गिरफ्तार कर उनसे चुराया गया माल बरामद करके पीड़ित को सौंपे। पीड़ित दुकानदार महसूद अहमद ने बताया- उसकी सुभाष बाजार से पांच बत्ती के बीच मुख्य बाजार में कोतवाली से करीब 100 मीटर दूरी पर ‘RM लाइनिंग डोरा बटन’ की दुकान है। बीती रात अज्ञात चोरों ने शटर काट कर दुकान में रखें गल्ले से नकदी चुरा ले गए। चोरों ने पहचान छुपाने के लिए दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे और उनकी वायरिंग भी तोड़ दी। लगातार बढ़ती चोरियों से नाराज़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष बंसल ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा- अगर चोरी की घटनाओं पर तुरंत अंकुश नहीं लगा, तो व्यापारी चुप नहीं बैठेंगे और शहर में आंदोलन किया जाएगा।

जयपुर में बंद मकान में मिले बाप-बेटी के सड़े-गले शव:5 दिन पुरानी बताई जा रही बॉडी; 95 साल के बुजुर्ग रेलवे से थे रिटायर्ड

राजधानी जयपुर में एक बंद मकान में बाप-बेटी के सड़े-गले शव मिले हैं। दोनों शव करीब 5 दिन पुराने बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुके थे और घर से आ रही तेज बदबू के कारण अंदर घुसना भी मुश्किल हो रहा था। यह मामला जगतपुरा स्थित आनंद विहार रेलवे कॉलोनी का है। रामनगरिया थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया- स्थानीय लोगों को गुरुवार शाम को ही मकान से हल्की दुर्गंध आने लगी थी, लेकिन तब किसी ने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार सुबह तक दुर्गंध बेहद तेज हो गई। इस बीच पड़ोसियों ने गौर किया कि रोजाना गेट के अंदर फेंके जाने वाले अखबार पिछले कई दिनों से वैसे ही पड़े हुए थे। साथ ही, घर में रहने वाली महिला, जो रोज सुबह अखबार उठाती थी और बाउंड्री पर लगे पौधों को पानी देती थी, वह भी कई दिनों से नजर नहीं आई थी। इन सब बातों से पड़ोसियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। 95 साल के बुजुर्ग रेलवे से थे रिटायर्ड सूचना मिलने पर रामनगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मकान अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने महावीर शर्मा के दोनों बेटों की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया। अंदर प्रवेश करने पर महावीर शर्मा (95) और उनकी 55 साल की बेटी के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले हैं। महावीर शर्मा रेलवे से रिटायर्ड हैं और उनके दोनों बेटे भी रेलवे कर्मचारी हैं। थानाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत करीब पांच दिन पहले होना प्रतीत हो रही है। शवों की हालत काफी खराब थी, जिससे माना जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हुई थी। मौके पर एफएसएल (FSL) की टीम बुलवाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। मृतक महिला तलाकशुदा थी और लंबे समय से अपने पिता महावीर शर्मा के साथ इसी मकान में रह रही थी। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही दोनों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

मुस्लिम जज को कत्लेआम की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा:हाईकोर्ट ने DGP से मांगा हलफनामा, 150 अकाउंट से भड़काऊ पोस्ट; 14 हत्यारों को सुनाई थी सजा

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मॉब लिंचिंग केस में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली एडीजे तबस्सुम खान को कत्लेआम की धमकी देने के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने DGP और ACS से तीन दिन के भीतर हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश माना। आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी नाराजगी जताई। संगठन ने कहा कि न्यायिक आदेश को चुनौती अपीलीय अदालत में दी जानी चाहिए। जजों को धमकाना और बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। दिल्ली से सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण दूसरे राज्यों से सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों में दिल्ली के दक्ष चौधरी और बृजबिहारी सरकार (अनिकेत शास्त्री) के नाम सामने आए हैं। बृजबिहारी सरकार ने गो तस्करों और ‘जिहादियों’ को गोली मारने की धमकी देते हुए कहा था- हम पर जो भी कार्रवाई करनी है, कर लो। 13 दिन में आरोपियों की पहचान नहीं एसपी साईं कृष्णा ने बताया कि 13 दिन पहले केस दर्ज हुआ था, लेकिन अब तक आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। धमकी देने वाले दूसरे राज्यों के हैं। बाहरी राज्यों से सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजे ने 12 जून को सुनाया था फैसला 12 जून को एडीजे तबस्सुम खान ने चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद हिंदू संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने वीडियो जारी कर कहा था- 10 दिन में हमारे सभी हिंदू भाई रिहा नहीं होते हैं, तो देश-प्रदेश में कत्लेआम होगा। एक अन्य वीडियो में महिला ने जज को धमकाते हुए कहा था- एक मुस्लिम जज बन गई और उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी जज बन गई। हमारे 14 हिंदू भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा। पुलिस ने 2 अज्ञात पर केस दर्ज किया पुलिस ने वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा ने बताया कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली, धमकी देने वाली और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी। 150 अकाउंट से पोस्ट किए गए भड़काऊ वीडियो एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले 150 अकाउंट चिह्नित किए गए हैं। ऐसी पोस्ट और लिंक हटवाए गए हैं। इन अकाउंट की जानकारी फेसबुक और इंस्टाग्राम से मांगी गई है। उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जज को धमकाने वालों की तस्वीरें देखिए… युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया फैसले के बाद वायरल वीडियो में एक युवक कहता है- हिंदू भाइयों देख लो, आज एक मुस्लिम जज बन गई है, तो हमारे 14 भाइयों को कारावास हो गया है। आगे वह कहता है- सोचो, जिस दिन मुस्लिम पीएम बन गया, तो तुम हिंदुओं का क्या हाल होगा। हालांकि, वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। दूसरे वीडियो में कहा- तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा एक दूसरे वीडियो में वही युवक कहता है- तुम्हें शर्म नहीं आई, तुमने अपना मजहब दिखा दिया। मध्यप्रदेश में 14 लोगों को उम्रकैद सुना दी। मुसलमान होकर के तुमने (जज का नाम) अपना मजहब दिखा दिया। तुम्हारा जिहादी मजहब सिखाता है। इसके बाद वह कहता है- हिंदू भाइयों से कहना चाहता हूं कि नीम और भीम वाले जो संविधान की दुहाई देते हैं, संविधान नहीं है। कहां गया, चंद्रशेखर रावण, वह भी उसी मजहब का है, वह नहीं आएगा। महिला ने भी वीडियो जारी कर फैसले पर सवाल उठाए वहीं एक और वीडियो में एक महिला ने भी कोर्ट के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वह कह रही है कि- एक मुस्लिम को जज बना दिया। उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी ने हमारे 14 भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई दी। 4 साल पुराना मामला, मवेशी से भरी रोकी थी गाड़ी मामला 3 अगस्त 2022 का है, जब महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था। ट्रक में करीब 30 मवेशी थे। आरोप था कि ग्रामीणों और गो-रक्षकों की भीड़ ने ट्रक में सवार 3 लोगों को घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। हमले में घायल ट्रक ड्राइवर शेख लाला ने पुलिस को बताया था कि 50-60 लोग सड़क पर खड़े थे। उन्होंने ट्रक रुकवाया और बिना पूछताछ मारपीट शुरू कर दी। बाद में पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां नाजिर अहमद की मौत हो गई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें भीड़ लाठी-डंडों से हमला करती और “मारो-मारो” चिल्लाती दिखाई दी थी। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत कई धाराओं में दोषी पाया। ……………………………………… 14 हत्यारों को उम्रकैद, मुस्लिम-जज को मर्डर की धमकी, VIDEO मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मॉब लिंचिंग केस में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली मुस्लिम महिला जज तबस्सुम खान (एडीजे) को एक युवक ने कत्ल की धमकी दी है। युवक वीडियो में कह रहा है कि 10 दिन में हमारे सभी हिंदू भाई रिहा नहीं होते हैं, तो देश-प्रदेश में कत्लेआम होगा। पढ़ें पूरी खबर…

गुजरात-एमपी से जैश-ए-मोहम्मद के 8 आतंकी पकड़े गए:गुजरात में टेररिस्ट नेटवर्क फैलाने का काम कर रहे थे, पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है। ये सभी गुजरात में JeM का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया सके। एटीएस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है। सूचना मिलने के बाद, एटीएस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाकर एक बड़ा अभियान चलाया। एटीएस की टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटण और मध्य प्रदेश के देवास से 8 लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के ही रहने वाले हैं और एक पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे। पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था: डीआईजी गुजरात के एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से काफी साहित्य और झंडे भी बरामद हुए। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं। पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे: डीआईजी डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं। सदस्यों की भर्ती के लिए तंजीम नाम का संगठन बनाया था डीआईजी सुनील जोशी ने कहा- आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए गुजरात में एक तंजीम नाम का संगठन बनाया था। वर्तमान में, तंजीम में 8 सदस्य शामिल हो चुके थे और अपने क्षेत्र में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद करके स्थानीय स्तर पर इसकी विचारधारा का प्रचार भी कर रहे थे। आतंकी मसूद अजहर ने 26 साल पहले बनाया JeM जैश ए मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन है। इसे आतंकी मसूद अजहर ने साल 2000 में बनाया था। इस पर भारत समेत कई देशों में आतंकी हमलों को अंजाम देने के आरोप हैं। जैश का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में है। ये संगठन पाकिस्तान के कई इलाकों में ट्रेनिंग कैम्प और आतंकी नेटवर्क संचालित करता है। इसके मुखिया आतंकी मसूद अजहर को साल 1994 में जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद बंधकों की रिहाई के बदले भारत सरकार ने उसे रिहा कर दिया था। 21 अप्रैल 2026: ISIS से जुड़े 2 आतंकी पकड़ाए, सोशल मीडिया से भर्ती कर नेटवर्क बना रहे थे गुजरात ATS ने एंटी-नेशनल साजिश रच रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ATS के मुताबिक, ये आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर देश में “गजवा-ए-हिंद” स्थापित करने की साजिश रच रहे थे। ANI के अनुसार, दोनों आरोपियों को 11 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पूरी खबर पढ़ें… —————————– ये खबर भी पढ़ें… गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

राम मंदिर प्रकरण पर भाजपा पर बरसे मंत्री विक्रमादित्य:बोले- जिन भगवाधारियों ने प्रभु राम को नहीं छोड़ा; वे हिमाचल की जनता को कहां छोड़ेंगे

हिमाचल प्रदेश के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राम मंदिर चोरी मामले में भारतीय जनता पार्टी पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन भगवाधारी भाजपा नेताओं ने प्रभु राम को नहीं छोड़ा, वह हिमाचल की जनता को कहां छोड़ेंगे। ये चूस चूस कर पूरा खून और पैसा दोनों निकाल देंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर भाजपा ने सारा धन लूट लिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई इनका तोता है, इसलिए इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने भी राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट (SC) के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार पर मामले को दबाने और दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। शिमला में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राठौर ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और वहां चढ़ावे में कथित चोरी की घटना से 140 करोड़ भारतीयों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। UP सरकार द्वारा गठित SIT पर उठाए सवाल राठौर ने आरोप लगाया कि यह केवल 100 या 200 करोड़ रुपए का मामला नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपए के चढ़ावे से जुड़ा मामला हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी में सरकार के नामित अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले को दबाने और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी है, जहां 400 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में यदि चोरी हुई है तो इसकी गहन जांच होना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। जानबूझकर RTI के दायरे से ट्रस्ट को बाहर रखा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का निर्माण चुनावी लाभ को ध्यान में रखकर जल्दबाजी में कराया गया, जिसके कारण निर्माण में खामियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट का संचालन ऐसे लोगों को सौंपा गया, जो सत्ताधारी दल के करीबी हैं, जबकि ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया। राठौर ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

यूआईटी ने जमीन से अतिक्रमण हटाया, ग्रामीणों ने किया विरोध:सचिव बोले- ओक्शन के बाद किया था कब्जा, स्टे की कॉपी पेश करें

सवाई माधोपुर के पास जमूलखेड़ा गांव में शुक्रवार को यूआईटी की टीम चारागाह जमीन का पजेशन लेने पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया और यूआईटी टीम के साथ गहमा-गहमी हुई। मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने से स्थिति नियंत्रण में रही। इसके बाद यूआईटी ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटा दिया। मामले में ग्रामीणों और यूआईटी ने अलग-अलग दावे किए हैं। चारागाह जमीन पर कार्रवाई का ग्रामीणों ने किया विरोध जमूलखेड़ा निवासी हीरालाल ने बताया कि रणथंभौर के आसपास की चारागाह जमीन को लेकर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद यूआईटी नगर सुधार और टाउनशिप प्लान के नाम पर चारागाह जमीन होटल और फार्म हाउस के लिए बेच रही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में शुक्रवार को यूआईटी की टीम जमूलखेड़ा की चारागाह जमीन का पजेशन लेने पहुंची थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। पुलिस की मौजूदगी में हटाया अतिक्रमण ग्रामीणों के विरोध के दौरान यूआईटी टीम और ग्रामीणों के बीच गहमा-गहमी हुई। हालांकि मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद होने के कारण ज्यादा विवाद नहीं हुआ। इसके बाद यूआईटी की टीम ने जेसीबी की मदद से जमीन पर किया गया अतिक्रमण हटा दिया। यूआईटी सचिव ने क्या कहा यूआईटी सचिव गौरव बुडानिया ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार यूआईटी क्षेत्र की चारागाह जमीन का स्वामित्व यूआईटी को दिया गया है। इसके बाद इस जमीन का ओक्शन किया गया था। उन्होंने कहा कि ओक्शन के बाद कुछ ग्रामीणों ने इस जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था, जिसे हटाने के लिए टीम भेजी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की ओर से कोर्ट के किसी स्टे ऑर्डर की कॉपी नहीं दिखाई गई है। अगर स्टे है तो उसकी कॉपी पेश करनी चाहिए।

बड़े भाई ने छोटे भाई को पीट-पीटकर मार डाला:क्रिकेट बैट से सिर पर कई वार किए; पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद

बाड़मेर में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। छोटा भाई रुपए के लेन-देन का हिसाब करने अपने बड़े भाई के घर गया था। दोनों भाइयों में किसी बात को बहस होने लगी। आवेश में आकर बड़े भाई ने घर में पड़े क्रिकेट बैट से छोटे भाई के सिर पर कई वार किए। इससे छोटे भाई की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शिव थाना इलाके के पुषड़ गांव में गुरुवार शाम की है। मृतक सुरेश (25) पुत्र तोगाराम खेती करता था। पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बड़े भाई जेठाराम को डिटेन कर लिया। एफएसएल और एमओबी टीमों ने मौके से सबूत जुटाए। पैसे को लेकर दोनों भाइयों में हुआ था विवाद शिव थानाधिकारी मनोहर विश्नोई ने बताया- पुषड़ गांव निवासी तोगा राम का बड़ा बेटा जेठाराम गांव के बाहर बनी ढाणी में पिता और अपने परिवार के साथ रहता है। वहीं छोटा बेटा गांव में रहता था। दोनों भाई खेती करते थे। गुरुवार शाम सुरेश रुपए के लेन-देन को लेकर जेठा राम के घर गया था। वहां दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पिता तोगाराम बड़े बेटे जेठाराम के साथ ही रहते हैं। घटना के समय पिता और जेठाराम की पत्नी घर पर ही थी, दोनों ने विवाद को शांत करवाने का प्रयास किया। जेठाराम ने क्रिकेट बैट से सुरेश के सिर पर वार कर दिया। जिससे सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों भाई तीन साल से अलग रह रहे थे दोनों भाई करीब 3 साल से अलग रह रहे थे। दोनों के घरों में करीब 5 किलोमीटर की दूरी है। हालांकि लेन-देन के विवाद को लेकर फिलहाल जांच जारी है। थानाधिकारी ने बताया- मृतक के पिता तोगाराम ने बड़े बेटे जेठाराम के खिलाफ शुक्रवार को रुपए के लेन-देन को लेकर छोटे बेटे सुरेश का मर्डर करने की रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

दिग्विजय करेंगे उज्जैन से अयोध्या तक 1000 KM पदयात्रा:राम मंदिर चंदे का हिसाब मांगेंगे; कोर्ट में केस करेंगे; सोशल मीडिया नहीं चलाएंगे

यूपी के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तक करीब 1000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें कांग्रेस का प्रचार नहीं होगा और वे यात्रा के दौरान फेसबुक, एक्स (ट्विटर) समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उनके पास आज भी चंदे की रसीद और चेक की प्रति सुरक्षित है। वकीलों से चर्चा के बाद केस करेंगे दायर दिग्विजय ने कहा- 5 या 6 जुलाई को वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। अगर जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। चंदा देने वालों को भी पदयात्रा का न्योता उन्होंने कहा कि पदयात्रा में उन सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। किसी भी राजनीतिक दल का व्यक्ति यदि चंदे में पारदर्शिता चाहता है तो वह यात्रा में शामिल हो सकता है। यात्रा के दौरान वे चंदा देने वालों की रसीद और चेक की प्रतियां भी साथ लेकर चलेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया था। ऐसे में अगर उस धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। कोर्ट अदालत में वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो वे अपना चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को दान कर देंगे। महाकाल मंदिर में बने गेस्ट हाउस पर भी सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान आरएसएस और वीएचपी की आर्थिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र की कीमती जमीन पर आरएसएस से जुड़े ट्रस्ट ने गेस्ट हाउस बनाया। अब वहां 100 कमरों का होटल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वहां ठहरने वालों को वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलती है और चंदे के उपयोग की भी जांच होनी चाहिए। सभी मंदिर ट्रस्टों का हिसाब होना चाहिए उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में आर्थिक पारदर्शिता जरूरी है और राम मंदिर ट्रस्ट सहित सभी धार्मिक ट्रस्टों के चंदे का सार्वजनिक हिसाब होना चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा- मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।
…………………………………. यह खबर भी पढ़ें दिग्विजय पर सवाल उठाने वाली निधि चतुर्वेदी को शो-कॉज नोटिस मध्यप्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के बाद संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश महासचिव एवं पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि चतुर्वेदी और महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…