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हीरापुरा का बे-बस स्टैंड:एंट्री के 50 रुपए, 2 घंटे के 200, 25 निजी बसें ही अंदर जा रहीं…1,324 तो पैसे बचाने को 10 अवैध स्टॉप पर रुक रहीं

करोड़ों रुपए की लागत से बना हीरापुरा बस स्टैंड अब भी बे-बस है। यहां आने के बजाय अधिकांश निजी बसें 50 रुपए का शुल्क बचाने के लिए अजमेर रोड पर बने अस्थायी पिकअप पॉइंट से ही सवारियां बैठाकर रवाना हो जाती हैं। यहां पर दो घंटे के बाद 200 रुपए चार्ज लिया जाता है। 200 फीट चौराहे से हीरापुरा बस स्टैंड तक 3 किमी में 10 अवैध बस स्टैंड बने हैं, जहां से बसें सवारियां उठाती हैं, जबकि करोड़ों की लागत से बने हीरापुरा बस स्टैंड का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान जाने वाली रोडवेज और निजी बसों का संचालन यहीं से करना था, ताकि हाईवे पर बसों के रुकने और सवारियां बैठाने की प्रवृत्ति खत्म हो, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अजमेर रोड पर लगातार दो हादसे में 5 लोगों की मौत के बाद इस पर सवाल खड़े हुए थे। पुलिस ने सख्ती भी दिखाई थी। भास्कर ने फिर इस रूट का रियलिटी चेक किया। जयपुर-अजमेर कॉरिडोर में रोजाना 1,349 निजी बसों का संचालन होता है, लेकिन सिर्फ 25 बसें ही हीरापुरा बस स्टैंड में प्रवेश करती मिलीं। इससे हर महीने करीब 20 लाख रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा। लगातार 2 हादसों में 5 की मौत पर जागी थी पुलिस, अब फिर हाईवे पर रुक रही बसें रिकॉर्ड के अनुसार हीरापुरा बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 210 रोडवेज बसों का संचालन होता है। वहीं 1,349 निजी बसों में से सिर्फ 25 बसें ही नियमित रूप से बस स्टैंड पहुंचती हैं। इनमें अधिकांश बसें खाटूश्यामजी रूट की हैं, जबकि अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और अन्य रूटों की निजी बसें बस स्टैंड तक नहीं जातीं। कैमरे के सामने फिर सक्रियता दिखाने लगी पुलिस भास्कर टीम ने अजमेर रोड और 200 फीट बाईपास क्षेत्र में कई निजी बसों को सड़क किनारे सवारियां बैठाते देखा। बसों के अचानक रुकने से पीछे चल रहे वाहनों को तेज ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। टीम के कैमरे के साथ पहुंचते ही पुलिस सक्रिय हुई और सड़क किनारे सवारियां भर रही निजी बसों के चालान काटने शुरू कर दिए। प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बस कॉरिडोर परिवहन विभाग के अनुसार बीकानेर रूट के बाद जयपुर-अजमेर कॉरिडोर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बस संचालन वाला मार्ग है। यहां करीब 1,349 निजी बसें संचालित होती हैं। इनमें ऑल इंडिया परमिट और स्टेज कैरिज परमिट वाली बड़ी संख्या में बसें शामिल हैं, लेकिन अधिकांश निर्धारित बस स्टैंड से संचालन नहीं कर रहीं। भास्कर एक्सपर्ट हाईवे पर बस रोकना खतरनाक परिवहन विशेषज्ञ सीताराम शर्मा के अनुसार हाईवे पर बसों का अचानक रुकना दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है। इससे पीछे आ रहे वाहन असंतुलित हो जाते हैं और कई बार यात्री सड़क पार करते समय भी हादसे का शिकार हो जाते हैं। निजी बसों का संचालन अनिवार्य रूप से हीरापुरा बस स्टैंड से हो और रास्ते में सवारियां लेने पर सख्ती से रोक लगे, तो हादसे रुक सकते हैं। नियम है, लेकिन पालना नहीं नियमों के अनुसार बसों का संचालन निर्धारित बस स्टैंड से होना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस ने सर्विस लेन को बस संचालन के लिए वन-वे भी बनाया है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश निजी बसें हाईवे पर रुककर सवारियां बैठा रही हैं।

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