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37 चोरी की बाइक बरामद, 5 आरोपी अरेस्ट:नोटरी से फर्जी RC बनाकर ग्रामीणों को बेचते थे, अन्नपूर्णा रसोई में खाने आते थे चोर

कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत दुपहिया वाहन चोर गिरोह के खिलाफ कर्रवाई करते हुए 37 चोरी की बाइक बरामद की हैं। ग्रामीण पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि रामगंजमंडी, इटावा, मोडक थाना पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिलराज उर्फ राकेश भील, टीकम भील, मुबारिक उर्फ अंगुरिया, रमेश कुमार उर्फ रामहेत बैरवा और रवि कुमार बैरवा के रूप में हुई है। सभी आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान जिला कोटा ग्रामीण से चोरी हुई 8, कोटा शहर से 9, बूंदी से 6, झालावाड़ से 4 और मध्यप्रदेश के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी हुई 2 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। जबकि 8 अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में जांच जारी है और उनके मालिकों की पहचान की जा रही है। रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर सुनसान जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की पहले रेकी करते थे और मौका मिलते ही उन्हें चुरा लेते थे। चोरी के बाद वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और उन्हें नोटरी के जरिए वैध दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले लोगों को बेच दिया जाता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते थे। कोई वाहन चोरी करता था, कोई फर्जी आरसी तैयार करता था और अन्य आरोपी चोरी के वाहनों की बिक्री करवाते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए जिले के वाहन चोरी वाले हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और पूर्व में चालानशुदा अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। पहचान छुपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करते थे इसके अलावा अन्नपूर्णा रसोई पर भी निगरानी रखी गई, क्योंकि आरोपी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों से वहां भोजन करने आते थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।
पूरे अभियान में रामगंजमंडी, इटावा, मोडक थाना पुलिस, साइबर सेल और एमओबी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के जरिए पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोरी नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए कई पीड़ितों की चोरी हुई मोटरसाइकिलें वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।

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