ब्रेकिंग न्यूज़
गुरुग्राम मेदांता हॉस्पिटल में भी प्रोटेस्ट, यहां वांगचुक भर्ती:थ्री लेयर सिक्योरिटी को चकमा देकर घुसे 2 नेता, पुलिस पहुंची तो बैनर उठाकर भागे

लद्दाख के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली पुलिस की टीमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से यहां लेकर पहुंचीं। अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मगर, पुलिस की चकमा देकर समाजवादी पार्टी के दो नेता अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए है। दोनों हाथों में बैनर और तख्ती लिए है। इनमें एक कामेश्वर उर्फ किशन दीक्षित है, जिसने 2022 में प्रधानमंत्री मोदी के खास प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी के खिलाफ साउथ वाराणसी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में तिवारी की जीत हुई थी। इसकी सूचना मिलते ही गुरुग्राम सदर पुलिस एक्टिव हुई और तुरंत ही कई टीमें अस्पताल पहुंची। मगर, इससे पहले ही प्रोटेस्ट कर रहे दोनों सपा नेता अपने बैनर लेकर वहां से खिसक लिए। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल की सिक्योरिटी को और टाइट कर दिया। बिना आईडी और कारण बताए किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। उधर, मेदांता सूत्रों के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल से वांगचुक की मेडिकल हिस्ट्री मिलने के बाद मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। फिलहाल उन्हें ड्रिप के जरिए लिक्विड डाइट दी जा रही है। उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, अभी तक इससे रिलेटेड हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ICU-8 में भर्ती वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। बुधवार दोपहर को दिल्ली पुलिस एक बड़े अधिकारी भी हॉस्पिटल में पहुंचे। बताया गया है कि विपक्षी सांसदों का डेलिगेशन भी वांगचुक से मिलने आ सकता है। मेदांता हॉस्पिटल के बाहर की तस्वीरें… अब जानिए थ्री लेयर सिक्योरिटी में क्या… गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया हाउस अरेस्ट सोनम वांगचुक के गुरुग्राम शिफ्ट होने का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन या उनसे मुलाकात की आशंका को देखते हुए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस ने इन सभी नेताओं को लिखित नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता हॉस्पिटल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा, “आज पूरे देश में तानाशाही का माहौल है। जंतर-मंतर पर लाखों की संख्या में युवा शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन पर लाठीचार्ज कराया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला है। सरकार छात्रों की आवाज से डर रही है, इसलिए पुलिस का सहारा लेकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *