स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:संस्कार, कर्तव्य और परंपराओं को बोझ न समझें, ये सबसे बड़ी शक्ति और उन्नति के साधन हैं
आज ऐसा लगता है कि अधिकतर लोग अपने संस्कार, मूल्य, कर्तव्य, परंपराएं और सिद्धांतों को बोझ समझने लगे हैं, जबकि यही हमारे जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और उन्नति के साधन हैं। हमें अपने धर्म, संस्कृति और पहचान को कभी नहीं भूलना चाहिए। कई पश्चिमी देश ऐसे हैं, जहां लोग अपनी आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए जीवन जीते हैं। इसलिए हमें भी भटकने के बजाय अपने कुलदेवता, ग्रामदेवता, क्षेत्रपाल देवता, वास्तु देवता, अपनी भाषा, आहार-विहार और सांस्कृतिक परंपराओं पर गर्व करना चाहिए। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में आगे बढ़ने के लिए क्या करें? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।

