दोस्त को लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी:6 महीने से फरार आरोपी को अजमेर से दबोचा, अकाउंट से लोन की किस्त कटी तो खुला राज
जोधपुर में दोस्त को लोन दिलाने के नाम पर आरोपी दोस्त ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर दी। आरोपी ने पीड़ित के डॉक्यूमेंट लगाकर उसके फर्जी साइन कर क्रेटा कार समेत लाखों का इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान लोन पर उठा लिया। जब पीड़ित के अकाउंट से लोन की किस्तें कटी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बासनी थाना पुलिस ने 6 महीने से फरार आरोपी सुनील राव (34) पुत्र साबूराम निवासी मेलाणा खेड़ापा को अजमेर से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। लोन के नाम पर आरोपी ने लिए पीड़ित के डॉक्यूमेंट्स बासनी थानाधिकारी गजेंद्र कुमार की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित हेमराज सोलंकी को पैसों की जरूरत थी। उसने अपने दोस्त सुनील राव से मदद मांगी। सुनील ने हेमराज को पर्सनल लोन दिलवाने का झांसा दिया और उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक पे-स्लिप और खाली चेक ले लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के फर्जी साइन कर बजाज फाइनेंस, आईडीएफसी फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक से क्रेटा कार, एलईडी टीवी, मोबाइल और वाशिंग मशीन फाइनेंस करवा ली और खुद यूज करने लगा। जब हेमराज के खाते से लोन की किस्तें कटने लगीं, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। 6 महीने बाद पुलिस ने अजमेर से आरोपी को दबोचा उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब पीड़ित ने कोर्ट के जरिए बासनी थाने में मामला दर्ज कराया तो आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। करीब 6 महीने की तलाश के बाद पुलिस टीम ने उसे अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। फाइनेंस कंपनी पहले ही जब्त कर चुकी है क्रेटा कार थानाधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी सुनील राव काफी शातिर किस्म का है। लोन चुकता न करने के कारण फाइनेंस कंपनी ने पहले ही क्रेटा कार जब्त कर ली थी। उन्होंने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि फर्जी तरीके से खरीदे गए अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बरामदगी की जा सके। कार्रवाई में एएसआई नैनाराम, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।

